MP News : वेतन के बदले मिली दुत्कार, सुनना पड़े जाति सूचक शब्द, अब थाने से भी हो रही टाल मटोल… लगी अदालत में गुहार, जानिए क्या है मामला

खान आशु
भोपाल। मामला झुग्गी बस्ती में रहने वालों के बीच होता तो इसको आम मान लिया जाता। किस्सा उच्च शिक्षित और डॉक्टरी जैसे पेशे से जुड़ा हुआ है। एक अनुबंध के तहत दी गईं सेवाओं के बदले पार्टनर को गलियों से नवाजा गया, उसे जाति सूचक शब्दों से जलील किया गया और उसकी एक मोटी रकम भी दबा ली गई। न्याय की आस में पीड़ित व्यक्ति  अजाक थाने पहुंचा तो उसे वहां से भी हिला हवाली से ज्यादा कुछ हाथ नहीं लगा। मजबूर होकर पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उम्मीद जताई है कि उसके साथ हुए धोखे के बदले कसूरवारों को सजा मिले, उसके अपमान और तिरस्कार के लिए दोषियों पर कार्यवाही भी हो। साथ ही उसके अधिकार की राशि उसे सम्मान के साथ लौटाई जाए।
मामला राजधानी भोपाल से जुड़ा हुआ है। जहां चिकित्सा जैसे स्वस्थ पेशे में संलग्न लोगों ने इस तरह के हालात बनाए हैं। पीड़ित डॉक्टर सुमित कुमार ने बताया कि उन्होंने अद्वितीय अमेजिंग सेंटर कंपनी के अधीन काम करने वाली संस्था संकेत अमेजिंग सेंटर के साथ कुछ तयशुदा शर्तों पर काम शुरू किया था। उनका अनुबंध संस्था के डायरेक्टर डॉ राजीव मिश्रा के साथ हुआ था, जो इस कंपनी के समान अंश के हिस्सेदार हैं। मई 2024 में हुए इस अनुबंध के तहत डॉ राजीव मिश्रा ने डॉ सुमित को सेवा के बदले प्रति माह 4.50 लाख रुपए देने का समझौता किया था।

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पहले टालते रहे, फिर हुए उग्र
डॉ सुमित वर्मा अपनी नियुक्ति के बाद से अद्वितीय अमेजिंग सेंटर के लिए होशंगाबाद स्थित सेंटर पर भी सेवाएं देते रहे हैं। इसके बदले जब उन्होंने अपने वेतन की मांग की तो डॉ राजीव पहले उन्हें टालते रहे। लेकिन कई बार तगादा करने पर वे उखड़ गए और डॉ सुमित को भला बुरा कहते हुए गाली गलौज करने लगे। उन्होंने डॉ सुमित को उनकी अनुसूचित जाति से जोड़कर भला बुरा कहा और उन्हें ओकात याद दिलाने और सामाजिक एवं आर्थिक बहिष्कार करने की धमकी भी दी।

थाने से नहीं हुई कार्यवाही
डॉ सुमित वर्मा ने बताया कि वे अनुसूचित जाति से संबद्ध होकर कोरी समाज से वास्ता रखते हैं। उनके साथ हुई अभद्रता, सामाजिक तिरस्कार और साख पर लगे दाग को लेकर वे आदिम जाति कल्याण थाने पर अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। लेकिन पुलिस ने न तो उनके आवेदन पर विचार किया और न ही दोषियों के खिलाफ किसी कार्यवाही को आगे बढ़ाया। इसके बाद डॉ सुमित ने इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने डॉ राजीव मिश्रा  के खिलाफ अदालत में मामला दायर किया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण से संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य के साथ अदालत से न्याय की गुहार लगाई है।

MP News: एक शाम राहत वाली… राहत इंदौरी की 75वीं सालगिरह का जश्न, होंगे कई आयोजन

खान आशु
भोपाल। दुनिया के चहेते शायर डॉ राहत इंदौरी की 75वीं सालगिरह का जश्न कुछ खास आयोजनों के साथ मनाया जाएगा। राहत की बात, उनकी पुस्तक का विमोचन और उनकी ग़ज़लों से सजी सूफियाना महफिल इस दौरान होगी। इस मौके पर एक ऑल इंडिया मुशायरा भी होगा, जिसमें देश और दुनिया के नामवर शायर अपना कलाम पेश करेंगे।
राहत इंदौरी फाउंडेशन के फैसल राहत और सतलज राहत इंदौरी ने बताया कि दुनियाभर ने अपने महबूब शायर को उनकी बरसों की मंचीय खिदमत के दौरान खूब चाहा, सराहा, पसन्द किया और कामयाबी के शिखर पर रखा है। राहत के कलाम और खास अंदाज अब सोशल मीडिया पर अपनी खास पहचान और पहुंच बनाए हुए हैं। राहत के कलामों से सजी दर्जनों पुस्तकें भी उनके चाहने वालों को सुकून देने का काम आज भी कर रही हैं। फैसल और सतलज ने कहा कि अब जब राहत साहब भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं तो यह हम सब खैरख्वाहों की जिम्मेदारी है कि हम उनकी यादों को संजोए रखें। राहत साहब की 75वीं सालगिरह पर कुछ ऐसे ही लम्हे जुटाने की कोशिश की जा रही है, जिनसे राहत साहब का दशकों का वास्ता भी रहा और जिनमें उनका दिल रमता था।

यह होंगे आयोजन
राहत इंदौरी की 75वीं सालगिरह का जश्न एक जनवरी 2025 को उनके पैतृक शहर इंदौर में मनाया जाएगा। इसकी शुरुआत सूफियाना महफिल से होगी। मशहूर सूफी गायक आफताब कादरी और उनकी टीम सूफीवादी असेंबल नामक एक कार्यक्रम प्रस्तुत करेगी। जिसमें डॉ राहत इंदौरी की चुनिंदा गजलों पर आधारित कव्वाली का प्रोग्राम होगा। इस खास प्रस्तुति को कलाम ए राहत नाम दिया गया है।

दास्तान ए राहत
शाम 5 बजे होने वाले इस खास कार्यक्रम की बागडोर साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त लखनऊ के मशहूर दास्तानगो डॉ हिमांशु वाजपेई के हाथ होगी। डॉ राहत इंदौरी की जिंदगी और जिंदगी के बाद के खास लम्हों को संजोकर तैयार किए गए इस कार्यक्रम में डॉ हिमांशु, डॉ राहत इंदौरी की जिंदगी की कहानी सुनाएंगे। अपनी कला और फन के माहिर डॉ हिमांशु ने इसे दास्तान ए राहत नाम दिया है।

खिलेंगी ख्वाब की खेती
कार्यक्रम की अगली कड़ी में मशहूर एंकर डॉ दीपक रूहानी राहत के कुछ खास खैरख्वाह से विशेष बातचीत करेंगे। उनके साथ मंच पर राहत के बेटे सतलज राहत होंगे। इसने साथ ही डॉ अजीज इरफान और हिदायत उल्लाह भी इस चर्चा ए खास का हिस्सा बनेंगे। इस मौके पर डॉ अजीज इरफान की किताब ख्वाब की खेतियां का विमोचन भी किया जाएगा। मौके को और खास बनाते हुए रेखता पब्लिकेशन की नई पुस्तक “डॉ राहत इंदौरी समग्र=मैं जिंदा हूं” का विमोचन भी इस दौरान किया जाएगा।

और सजेगी महफिल ए मुशायरा
डॉ राहत इंदौरी की जिंदगी का अधिकतम हिस्सा मंचों और मुशायरा महफिलों में बीता है। उनकी सालगिरह के बेस्ट गिफ्ट के तौर पर राहत इंदौरी फाउंडेशन ने एक बड़ी महफिल सजाने की तैयारी की है। इस मुशायरा महफिल में प्रो वसीम बरेलवी, नवाब देवबंदी, नईम अख्तर खादमी, इकबाल अशर, ताहिर फराज, मंजर भोपाली, नदीम फर्रूख, शबीना अदीब, शाहिद अंजुम, अल्ताफ जिया, लियाकत जाफरी, आसिफ सरोश, सतलज राहत अपना कलाम पेश करेंगे।

Iztima News : आपदा में अवसर की जुगत : इज्तिमा के नाम पर चंदा उगाई की कोशिश, मामला बिगड़ा तो लिए कदम पीछे, जानें क्या है मामला

खान आशु
भोपाल। चंदे का धंधा हमेशा लोगों के लिए कमाई का जरिया रहा है। तीज, त्योहारों और विभिन्न अवसरों पर लोग इसका  फायदा उठाते रहे हैं। इंतहा तब हो गई, जब एक रजिस्टर्ड सामाजिक संस्था (NGO) ने आलमी तबलीगी इज्तिमा को के नाम पर ही चंदा उगाई की अपील कर डाली। जबकि करीब 77 बरस पुराने इस आयोजन का सूत्र कभी भी किसी तरह के चंदा उगाई का नहीं रहा है। “अल्लाह की राह में, अपने कदमों से, अपने खर्च पर” की धारणा के साथ यह आयोजन होता रहा है। सही समय पर इज्तिमा प्रबंधन के एक्शन लेने का असर यह हुआ कि एनजीओ ने अपनी अपील वापस ले ली और दानदाताओं से माफी मांग ली है।

पहले हुआ यह…
सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अशरफ हुसैन नामक एक व्यक्ति ने एक पोस्ट शेयर की। उन्होंने फेथ एंड केयर वेल्फेयर फाउंडेशन के नाम से एक अपील आगे बढ़ाई थी। इसमें कहा गया था कि आलमी तबलीगी इज्तिमा में आने वाले लाखों लोगों के लिए मुफ्त खाने और पानी की बॉटल का इंतजाम संस्था द्वारा किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने चार दिन के इज्तिमा आयोजन में होने वाले खर्च के लिए लोगों से दान करने की अपील भी की।

इज्तिमा प्रबंधन ने लिया संज्ञान
सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस चंदा उगाई के मैसेज को इज्तिमा कमेटी ने तत्काल संज्ञान लिया। कमेटी के मीडिया को ऑर्डिनेटर डॉ उमर हफीज ने एक वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि इज्तिमा आयोजन के दौरान आने वाले जमातियों को मुफ्त में खाना या कोई और वस्तु देने का कभी कोई प्रावधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यहां आने वाला हर व्यक्ति अपने खर्च पर ही सफर करते हैं। डॉ उमर हफीज ने यह भी कहा कि इज्तिमा प्रबंधन की तरफ से किसी व्यक्ति या संस्था को इस तरह की गतिविधि की कोई आ अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने इस मामले में पुलिस कंप्लेन करने की बात भी कही।

और हट गए पीछे कदम
डॉ उमर ने सोशल मीडिया पर वायरल अशरफ की पोस्ट पर कमेंट करते हुए इस पोस्ट को तत्काल डीलिट करने अथवा इसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की बात कही। जिस पर अशरफ ने इस मामले से खुद को अलग बताते हुए मामला फेथ एंड केयर वेल्फेयर फाउंडेशन का बताया। कुछ देर बाद उन्होंने सोशल मीडिया से अपनी पोस्ट हटा भी ली। डॉ उमर हफीज ने बताया कि बाद में चर्चा के बाद NGO ने भी अपनी पोस्ट हटाते हुए अपने दानदाताओं से माफी मांग ली है।



यह होता है इज्तिमा में
देश दुनिया से आने वाले लाखों जमातियों के ठहरने के इंतजाम इज्तिमगाह पर किए जाते हैं। यहां खानपान के लिए कई जोन लगाए जाते हैं। जिनमें रियायती दरों पर वेज और नॉनवेज खाना उपलब्ध होता। चाय, नाश्ते और पीने के पानी को बॉटल भी यहां कम कीमत पर उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन फ्री भोजन वितरण का यहां कभी कोई इंतजाम नहीं किया जा जाता है।

आयोजन : 29 नवंबर से
कितने दिन : 4 दिन
दुआ ए खास : 2 दिसंबर को

कितने लोग : 10 लाख से अधिक लोगों के आने की संभावना

इज्तिमागाह पर : खानपान के कई जोन, विभिन्न समाजों द्वारा संचालित, नो लॉस नो प्रॉफिट के आधार पर बिक्री

Bhopal News : जीवन देने वाले अस्पताल के कड़वे बोल, यहीं पे गाड़ दूंगी… धर्मांतरण का केस लगवाकर अंदर करवा दूंगी….! जानिए अभद्रता भरे बोल की दास्तां देखें वीडियो

खान आशु
भोपाल। बीमारों के लिए डॉक्टर धरती का भगवान और अस्पताल उसके लिए मंदिर समान। लेकिन विश्वास के इस मंदिर में मरीज के परिजनों को जिंदा गाड़ देने की धमकियां दी जाने लगें तो…! यहां लोगों की जान बचाने वाले खुद यह कहते नजर आएं कि ज्यादा तेज चले तो धर्मांतरण का केस लगवा कर जेल भिजवा दूंगी….! तो कोई पीड़ित किस दर पर दस्तक देने जाएगा।
मामला पुराना भोपाल में मौजूद ABM अस्पताल का है। यहां पहुंचे एक मरीज के परिजन के साथ अभद्रता भरा व्यवहार करने वाली भी एक महिला है। इस अस्पताल की सीईओ सोनाली चौकसे मरीज के परिजनों से दुर्व्यवहार इस लिए करती नजर आईं कि इन लोगों के मरीज की जान अस्पताल की लापरवाही से चली गई। यह लोग अपना विरोध दर्ज कराने अस्पताल पहुंचे थे।



क्या क्या कह गईं महिला सीईओ
… ए सुन बे… यहीं पे गाड़ दूंगी!

…. बदतमीजी कैसे कर रहा है बे तू…?

… धर्म परिवर्तन करने का दबाव डाल रहा है, कहकर जेल भिजवा दूंगी…!

…. मैं ही हूं अस्पताल की मालिक!

क्या हुआ था
मोहम्मद सरफराज नामक युवक ने थाना शाहजहानाबाद थाना में शिकायत देते हुए बताया कि वे 18 नवंबर की रात करीब 11.30 बजे अपने पिता को ABM हॉस्पिटल लेकर गए थे। वहां तैनात डॉक्टर द्वारा ईसीजी की गई। कुछ समय बाद  सरफराज से कहा गया कि तुम अपने पिता को और कोई अस्पताल लेकर चले जाओ। इसका कोई उचित कारण भी नहीं बताया और उनके पिता का उपचार करने से मना कर दिया।सरफ़राज़  द्वारा अस्पताल में ईसीजी के लिए 300/- रूपये एवं 200/- रूपये की डॉक्टर की फीस जमा की थी, जिसकी भी रसीद एवं अन्य किसी भी प्रकार का कागजात अस्पताल के द्वारा मांगे जाने पर भी नहीं दिए गए। इसके बाद सरफ़राज़ द्वारा अपने पिताजी को चिरायु अस्पताल ले जाया जा रहा था, इसी बीच रास्ते में ही उनका निधन हो गया।

पहुंचे अस्पताल तो हुआ विवाद
20 नवम्बर को शाम करीब 7.30 बजे सरफ़राज़ के बड़े भाई बासित और मृतक के अन्य परिजन एबीएम अस्पताल पहुंचे तो उन्हें वहां पर अस्पताल की सीओई सोनाली चौकसे मिलीं। मृतक के परिजन द्वारा उनको पूरी घटना से अवगत करवाया गया और पूछा कि उनके द्वारा मरीज का उपचार
करने का इनकार क्यों गया तो इस पर सीईओ सोनाली चौकसे भड़क गईं और मृतक के परिजन को जमकर खरी खोटी सुना दी। मृतक के बेटे बासित को दाढ़ी और टोपी पहने देखकर बोलीं कि तुम मौलाना हो और यहां से चले जाओ, नहीं तो मैं तुम्हें  धर्म परिवर्तन के झूठे प्रकरण में फंसवा दूंगी।

इंसान नहीं था, आज है, कल नहीं रहेगा… जब तक हैं, भले काम करें : शहर काजी

भोपाल। दुनिया का निजाम है, सदियों से यूंही चल रहा है, कयामत तक ऐसे ही चलता रहेगा। इंसान कल नहीं था, आज है, कल नहीं रहेगा…! मतलब जो आया है, उसे लौटकर अल्लाह की तरफ जाना है। दुनिया और आखिरत की बेहतरी के लिए जरूरी है कि हम जब तक दुनिया में हैं, अल्लाह की रजा के लिए काम करते रहें।
काजी ए शहर सैयद मुश्ताक अली नदवी ने यह बात कही। वे शनिवार को इज्तिमगाह पहुंचे थे। उन्होंने यहां अगले सप्ताह शुरू होने वाले आलमी तबलीगी इज्तिमा की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए खुशी और फख्र की बात है कि इस शहर करीब 77 बरस से यहां आलमी तबलीगी इज्तिमा का इंतजाम किया जा रहा। शहर काजी ने कहा कि इज्तिमा का मकसद ही लोगों को जिंदगी गुजारने के तरीके सिखाना है। उन्होंने कहा कि भलाई के काम करते रहें, यही अल्लाह को राजी रखने का आसान तरीका है।

अल्लाह ने भेजा इबादत के लिए
शहर काजी ने कहा कि अल्लाह ने हमें इस दुनिया में इबादत के लिए भेजा है। इसीलिए हम सभी पर फर्ज है कि एक एक लम्हे को अच्छे कामों, लोगों की भलाई, इबादत में गुजारें। उन्होंने कहा कि इंसान एक दूसरे के लिए अच्छे ख्याल रखे। किसी इंसान का दूसरे इंसान को मुस्कुरा कर देखना भी अल्लाह की इबादत जैसा ही है। उन्होंने कहा कि एक दूसरे को देखकर नाराज होना, बुरा मानना, उसके लिए नुकसान का सबब बनना किसी जानवर का किरदार हो सकता है, यह इंसानी फितरत नहीं कही जा सकती।

शिरकत करें, दूसरों को भी दावत दें
शहर काजी ने कहा कि शहर के बाशिंदों के लिए अहम और फख्र करने जैसा मौका है, जब उनके शहर में इज्तिमा आयोजन हो रहा है। इसमें सभी लोगों को पाबंदी से शिरकत करना चाहिए। साथ ही बाकी लोगों को भी इसके लिए दावत देना चाहिए। उन्होंने इज्तिमा की कामयाबी की दुआ की। साथ ही इस काम को पूरा करने में जुटे लोगों की बेहतरी की भी दुआ की।

क्रिसमस से पहले तैयारियों का दौर, IHM ने सजाया “स्पाइस एंड स्वीट हार्मनी”

अमित सेन
8085661177

भोपाल। त्यौहार के मायने ही आनंद हैं। इनकी रंगतरंग में डूबे लोग इससे पहले तैयारियों में खुद को आनंदित करते हैं और इसके दौरान खुशियों से प्रफुल्लित होते हैं। इसी कड़ी में अब अगले महीने मनाए जाने वाले क्रिसमस पर्व की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। सांता क्लॉस से मनचाहे गिफ्ट की कल्पना मन में संजोए लोग उनके स्वागत के लिए दिल ओ जान से कुछ खास करने में जुटे हैं।
राजधानी भोपाल के इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) ने “स्पाइस एंड स्वीट हार्मनी” नामक केक मैसेरेशन समारोह का आयोजन किया। इस दौरान केक संरक्षण और सजावट की कला का प्रदर्शन किया गया। भिगोए गए ड्राईफ्रूट्स को पारंपरिक क्रिसमस केक बनाने के लिए उपयोग किया जाएगा। आयोजन के दौरान स्टूडेंट्स ने
अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन करके जिंजरब्रेड, क्रोकेम्बोचे और रॉयल आइसिंग के साथ दर्शकों को प्रभावित किया।आईएचएम भोपाल के प्रिंसिपल, डॉ रोहित सरीन ने बताया कि समारोह में शहर के विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों से प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। उन्होंने आईएचएम भोपाल के पारंपरिक पाक कला परंपराओं को बढ़ावा देने के प्रयासों की प्रशंसा की। डॉ रोहित सरीन ने कहा कि आईएचएम भोपाल का केक मैसेरेशन समारोह समुदाय के साथ त्योहार मनाने की एक उत्कृष्ट पहल है। जिसमें स्टूडेंट्स किसी के लिए “सीक्रेट सांता” बनकर योगदान देते हैं, जिससे समुदाय के प्रति कृतज्ञता की भावना पैदा होती है।

Iztima News : “महाकुंभ” की बेदखली के जवाब में “इज्तिमा” में सबके स्वागत की तैयारी, जानें क्या है मामला

खान आशु
भोपाल। महाकुंभ से लेकर दतिया के आयोजन तक में मुस्लिम व्यापारियों की बेदखली की आवाज़ें उठी हुई हैं। सनातन  के पैरोकार बने संतों से लेकर कई कथा वाचकों ने इस अभियान की कमान संभाल रखी है। ऐसे में आलमी तबलीगी इज्तिमा के वैश्विक आयोजन के दौरान लगने वाले मेले में सभी धर्मों के कारोबारियों को शामिल किए जाने का ऐलान किया गया है। इज्तिमा में लगने वाले बाजार के माध्यम से नफरत का जवाब मुहब्बत से देने की बात कही जा रही है।
ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी के संरक्षक मंडल में शामिल जफर आलम ने कहा कि बांटने की सियासत को हवा दे रहे लोग एक तरफ बंटोगे तो कटोगे… का नारा बुलंद कर रहे हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि गंगा जमुनी तहजीब के इस देश को कई टुकड़ों में बांटने की कोशिश में यही लोग सबसे आगे हैं। आलम ने कहा कि मिल जुलकर त्यौहार और खुशियां मनाने वालों के बीच धर्म की गहरी खाई खोदी जा रही है। लेकिन यह कोशिशें परवान नहीं चढ़ेंगी, क्योंकि हमारे देश में एक दूसरे के हाथ मजबूती से थमे हुए हैं, जिनको आसानी से अलग करना संभव नहीं हो सकता।

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इज्तिमा बाजार में आएं हर धर्म के व्यापारी
त्यौहार कमेटी की तरफ से जफर आलम ने कहा कि आलमी तबलीगी इज्तिमा के मुख्य आयोजन के समापन के बाद 3 दिसंबर से ताजुल मसाजिद परिसर में एक बड़ा मेला और व्यापारिक बाजार आयोजित किया जाएगा। करीब दो माह चलने वाले इस बाजार का इतिहास इतना ही पुराना है, जितनी उम्र इज्तिमा आयोजन की है। इस मेले में लगने वाली हजारों दुकानों में सभी धर्मों के कारोबारी पूरे देश से आकर अपना व्यापार करते हैं। जफर आलम ने कहा कि इन दिनों देश के विभिन्न हिस्सों से उठ रही साधु, संतों और कथा वाचकों की आवाजों में किसी भी सनातनी कार्यक्रम में मुस्लिम समुदाय के कारोबारियों को शामिल न किए जाने की बात कही जा रही है। लेकिन इज्तिमा आयोजन के दौरान ऐसी कोई पाबंदी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इस मेले में बरसों की परम्परा बरकरार रहेगी। यहां सभी धर्मों के व्यापारियों को पहले की तरह अपनी दुकानें लगाने की स्वतंत्रता रहेगी।

कहां लगेगा मेला
आलमी तबलीगी इज्तिमा के शुरुआती दौर से ही ताजुल मसाजिद परिसर में व्यापारिक मेला लगता है। करीब दो माह चलने वाले इस मेले की खासियत यहां रियायती दामों पर मिलने वाले गर्म कपड़े होते हैं।

एक शिकायत मानवाधिकार आयोग में
राजधानी भोपाल के एक सामाजिक कार्यकर्ता और अभिभाषक दीपक बुंदेले ने मध्य प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग को एक शिकायत की है। उन्होंने दमोह में स्वरोजगार और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के मकसद से आयोजित स्वरोजगार मेले में मुसलमान व्यापारियों से धार्मिक आधार पर भेदभाव करते हुए मेले से निकालने पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की है।
एडवोकेट दीपक ने कहा कि दमोह मेले के आयोजकों द्वारा कथित तौर पर कहा गया है कि यहां मुसलमानों को स्टॉल लगाने की अनुमति नहीं है। उन्होंने विभिन्न समाचार पत्र और न्यूज चैनलों की खबरों का हवाला देते हुए आयोग को बताया कि आगरा और लखनऊ के मुस्लिम व्यापारियों द्वारा निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद भी उन्हें बाजार से बाहर निकाल दिया गया है। एडवोकेट
दीपक ने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 15 के अनुसार देश के किसी भी नागरिक के साथ धार्मिक आधार पर भेद-भाव नहीं किया जा सकता। संयुक्त
राष्ट्र महासभा द्वारा स्वीकृत घोषणा पत्र दिनांक 10 दिसंबर 1948 के अनुसार के अनुच्छेद 2 के अनुसार भी धर्म, नस्ल, भाषा, लिंग आदि के आधार पर भी भेदभाव नहीं किया जा सकता। उन्होंने धार्मिक आधार पर मुसलमान व्यापारियों से भेद-भाव करने वालों के खिलाफ एवं मेले के आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

कर्कश जमीन से उपजा एक मखमली फूल, “इबारत” ने लिया आकार, 23 को होगा विमोचन

भोपाल। आमतौर पर पुलिस महकमे से जुड़े लोगों को उनकी कर्कषता, सख्त व्यवहार, बेदिली से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन इस विभाग से जुड़े कुछ लोगों का साहित्य रुझान भी देखा जा सकता है। ऐसे ही एक पुलिस अधिकारी ने अदब की महफिलों से नाता रखते हुए सफर यहां तक पहुंचाया कि अब एक संकलन के साथ मंजर ए आम पर है। इस काव्य संग्रह का विमोचन  23 नवम्बर को होगा। प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल की मौजूदगी में होने वाले इस आयोजन के दौरान एक मुशायरा भी आयोजित किया जाएगा।
जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर निगम के संयुक्त आयोजन के दौरान काव्य संग्रह इबारत का विमोचन किया जाएगा। इस पुस्तक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डॉ महेंद्र सिंह सिकरवार ” समीर” की कविताओं और गजलों को समेटा गया है। पुलिस की व्यस्तता भरी जिंदगी से कुछ समय खुद के लिए संजोकर डॉ सिकरवार ने इन कविताओं और गजलों को मूर्त रूप दिया है। कार्यक्रम 23 नवम्बर को रीवा के कृष्ण राज कपूर ऑडिटोरियम में शाम 7 बजे होगा। इसके मुख्य अतिथि के रूप में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल मौजूद रहेंगे।

सजेगी मुशायरा महफिल
इस मौके पर एक महफिल ए खास भी आयोजित की जाएगी। जिसमें देश के नामवर शायर अपना कलाम पेश करेंगे। इनमें मंजर भोपाली, डॉ विष्णु सक्सेना, कर्नल वीपी सिंह, सरिता शर्मा, डॉ महेंद्र सिंह “समीर” मदन मोहन समर, डॉ अंजुम बाराबंकवी, नदीम फर्रूख, पपलू लखनवी, डॉ महताब आलम, डॉ भुवन मोहिनी, जफर सहबाई, अमित शुक्ला आदि शामिल रहेंगे।

अधिक मूल्य पर खाद्य बिक्री की शिकायत पर निरिक्षण करने पहुंचें SDM शर्मा

शिकायत सही पाए जाने पर सील की गई गोदाम

भोपाल/ बैरसिया में शासकीय मूल्य से अधिक मूल्य पर खाद बेचे जाने की शिकायत प्राप्त होने पर एसडीएम बैरसिया द्वारा तहसीलदार बैरसिया एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी को मौके पर शिकायत का सत्यापन करने भेजा गया। मौके पर यह पाया गया कि गौर कृषि सेवा केंद्र के संचालक द्वारा डीएपी खाद जिसका जिसका शासकीय विक्रय मूल्य रुपए 1350/- रुपए प्रति बोरी है उसे विक्रेता द्वारा 1850/- रुपए में बेचा गया एवं यूरिया खाद का बोरा जिसका शासकीय विक्रय मूल्य 267/- रुपए है उसे विक्रेता द्वारा खरीदार को ₹340/- में बेचा गया !

दुकान सील करते अधिकारी

शिकायत सही पाए जाने पर नरसिंहगढ़ रोड बैरसिया स्थित गौर कृषि सेवा केंद्र के संचालक कमल सिंह गौर के खिलाफ बैरसिया थाने में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी गोयल के द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 एवं धारा 7 के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई एवं गौर कृषि सेवा केंद्र का नरसिंहगढ़ रोड स्थित गोदाम भी सील किया गया। शासन के निर्देश पर कलेक्टर भोपाल कौशलेंद्र विक्रम सिंह द्वारा सभी अनुविभागीय अधिकारियों को विक्रय मूल्य से अधिक मूल्य पर खाद विक्रय करने अथवा खाद की कालाबाजारी करने वाले खाद विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया गया था। जिसके परिपालन में अनुभाग बैरसिया में एसडीएम आशुतोष शर्मा के निर्देशन पर तहसीलदार बैरसिया करुणा दंडोतिया वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पी एस गोयल, हल्का पटवारी सुरेन्द्र सिंह दांगी एवं टीम ने उक्त कार्यवाही को अंजाम दिया !

बैकुंठ चतुर्दशी के अवसर पर जागृत हिंदू मंच ने शीतलदास की बगिया पर किया दीप दान

भोपाल। बैकुंड चतुर्दशी के अवसर पर जागृत हिंदू मंच द्वारा भोपाल स्थित शीतलदास की बगिया पर दीप दान का आयोजन किया गया। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और जागृत हिंदू मंच के संरक्षक डॉ. दुर्गेश केसवानी ने बताया कि बैकुंठ चतुर्दशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। साल में यह एक दिन ऐसा होता है जब भगवान विष्णु और भगवान शिव की आराधना एक साथ की जाती है। डॉ. दुर्गेश केसवानी ने कहा की यह वर्ष भारत देश के लिए अति महत्वपूर्ण है, इस वर्ष भगवान श्री राम अयोध्या में वापस से विराजे हैं। इसलिए हर दिल हर्षित और पुलकित है। बैकुंड चतुर्दशी के अवसर पर जागृत हिंदू मंच द्वारा दीपदान के आयोजन में कोठारी बंधुओं को भी याद किया गया। केसवानी बोले कि कोठारी बंधुओं और हजारों ऐसे कार्यकर्ताओं के बलिदान के बाद ही आज राम मंदिर बन पाया है।

आयोजन में उपस्थित जागृत हिंदू मंच के संयोजक एडवोकेट सुनील जैन ने बताया कि जागृत हिंदू मंच हिंदुओं में धार्मिक भावना और अपने सनातन धर्म के प्रति आस्था की वृद्धि के लिए समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से हिंदुओं को धर्म से जोड़ने का प्रयास करता है। आयोजन में जागृत हिंदू मंच के महामंत्री राजा भैया ने बताया कि मंच बड़ी तेजी से पूरे प्रदेश में कार्य कर रहा है और हिंदुओं को जागृत करने तथा संगठित करने हेतु सतत प्रयासरत है तथा सनातन धर्म और संस्कृति के प्रचार प्रसार में प्राणपण से जुटा हुआ है। राजा भैया ने बताया कि समय-समय पर बैठकों का आयोजन हो रहा है और इकाइयां गठित कर कार्यक्रम लगातार किये जा रहे हैं। आपको बतादें कि देव दीपावली के मौके पर भगवान भोलेनाथ के आंगन को एक हजार दीप प्रज्वालित कर रौशन किया गया। इस दौरान आतिशबाजी कर पटाखे भी फोड़ कर उत्साह जा प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर एडवोकेट सुनील जैन राजा भैया पंडित राजीव द्विवेदी विवेक पांडे रोहित कुशवाहा ऋषभ द्विवेदी जगदीश प्रसाद शर्मा किरण शर्मा त्रिदेव शर्मा ट्विंकल डॉ गौतम गोस्वामी डॉक्टर उषा गोस्वामी अमित गुप्ता नितिन मूलचंदानी योगेंद्र अमित वर्मा सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

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