महिला मोर्चा और युवा मोर्चा संगठन की उर्जा, हर बूथ पर मिलेगी मजबूती- रविन्द्र यति

अटल भवन में महिला मोर्चा और युवा मोर्चा की संयुक्त बैठक को किया संबोधित

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी जिला भोपाल के जिला अध्यक्ष श्री रविंद्र यति की अध्यक्षता में जिला कार्यालय अटल भवन में भाजपा महिला मोर्चा एवं भाजपा युवा मोर्चा के जिला पदाधिकारियों की संयुक्त कामकाजी बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य संगठनात्मक मजबूती, बूथ सशक्तिकरण तथा आगामी कार्यक्रमों की प्रभावी रणनीति तैयार करना रहा। बैठक को महापौर श्रीमती मालती राय ने भी संबोधित किया।

बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष रविंद्र यति ने कहा कि मजबूत संगठन की नींव बूथ स्तर पर ही रखी जाती है। “मेरा बूथ सबसे मजबूत, बूथ जीता, चुनाव जीता” केवल नारा नहीं, बल्कि भाजपा की कार्य संस्कृति है। प्रत्येक कार्यकर्ता को अपने बूथ को सक्रिय, संगठित और सशक्त बनाने के लिए पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता से कार्य करना होगा। यति ने कहा कि मतदाता ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है, इसलिए जनसंपर्क को और अधिक व्यापक तथा प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने मतदाता जागरूकता अभियानों को गति देने, नए मतदाताओं को जोड़ने तथा पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित रूप से दर्ज कराए जाए। उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा और युवा मोर्चा संगठन की ऊर्जा हैं और इनकी सक्रिय भूमिका से हर बूथ पर संगठन को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने संगठनात्मक गतिविधियों में महिलाओं एवं युवाओं की भागीदारी को और सशक्त बनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष मनोज राठौर, जिला मंत्री राजकुमार विश्वकर्मा, भाषित दीक्षित, भाजपा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष अजय पाटीदार,  नवल प्रजापति,  राजेश साहू,  रामाश्रय सिंह एवं अशोक शुक्ला महेश मकवाना सहित महिला मोर्चा पदाधिकारी एवं युवा मोर्चा के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

सीएम के हाथों डॉ. यशोधर मठपाल को मिला 19वां डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय सम्मान

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने ख्यातनाम पुरातत्वविद डॉ. यशोधर मठपाल को प्रशस्ति पत्र के साथ 2 लाख रूपए का चेक भेंट कर 19 वें डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया। राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में एक संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम 11 जनवरी तक जारी रहेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी का कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा कुम्हार के चाक पर स्वयं शिवलिंग की प्रतिकृति का निर्माण कर भारतीय संस्कृति, कला एवं शिल्प परंपरा के प्रति सम्मान व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने रातापानी अभयारण्य का नामकरण डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर जी के नाम पर करने का निर्णय किया है। उत्खनन के क्षेत्र में उनका योगदान अभूतपूर्व है।
आयोजन संस्कृति विभाग के अंतर्गत संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा किया गया था। इस अवसर पर प्रसिद्ध पुरातत्वविद् पद्मश्री डॉ. यशोधर मठपाल को पुरातत्व के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। डॉ. मठपाल द्वारा 400 से अधिक प्राचीन गुफाओं की खोज की गई है। उन्होंने शैल चित्र संरक्षण की पद्धतियों में भी अग्रणी कार्य किया है। जिसके चलते उनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर ख्याति है।

बात हुई पुरातत्व की प्रगतियों पर
इस अवसर पर “पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विज्ञान के क्षेत्नों में अद्यतन प्रगतियां” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी को देशभर से प्रख्यात विषय विशषज्ञों, वरिष्ठ प्रशासकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं विरासत विशेषज्ञों ने संबोधित किया।

बताओ तो साहब, तलब किए गए थे या सफाई देने गए थे…

पटियेबाजी

अब लोग कह रहे, कम से कम अपने ओहदे का तो मान रखा होता…

भारत भूषण विश्वकर्मा
7400794801

कहीं थोकबंद मौतों पर भी आंकड़ों में न उलझने की बातें तो कहीं मरने वालों के प्रति दुःख जताने के जतन… कभी “जो हुआ सो हुआ” जैसे मुहावरे भी बड़बोले होने के सबूत के साथ सुनाई दे गए तो कहीं से खुद को ईमानदार दिखाने की कोशिशें ही पत्रकारों को धौंस देती दिखाई पड़ीं… वो चेहरा जिसे कभी मजाकिया जुमलों और हंसी का पर्याय बताया जाता था, आज तंग सुरक्षा घेरे में महफूज़ लेकिन गंभीर ही नजर आया… इंदौर में प्रशासनिक नाकामी के चलते घटी घटना पर सबके अपने तर्क हैं, लेकिन खुद के बचाव में… एक वरिष्ठ पत्रकार को मिले अश्लील जवाब पर जो प्रतिक्रिया सामने आई वह भी सबने देखी है, और अपने आका को मुश्किलों से राहत देने वाले सवाल भी सभी ने सुने हैं… सवालिया तीरों की बारिश में जवाबी ढाल से लैस सियासी जिम्मेदारों की असल कलई भी पूरी तरह खुल चुकी है… अधिकारी हमारी नहीं सुनते जैसे उद्गार उन श्री मुखों से झर रहे हैं जो जरा सी बात पर भी बतंगड़ बनाने में माहिर हैं… लेकिन ये भी ठीक ही हुआ जो सूबे की आवाम को भी आज समझ आया कि, पूरी ऐंठ में शीशे बंद गाड़ियों में रौब गांठने वाले हमारे भाईसाब को निम्न स्तर के कर्मचारी भी गंभीरता से नहीं लेते… इस प्रकरण में लगातार फ्रंट लाइन पर खेलने वाले बड़े साहब का लेटेस्ट डिफेंस अब जनता के बीच कानाफूसी का विषय बन चुका है… कभी राहत टैंकरों के पानी चखकर लोगों में भरोसा जगाने वाले बड़े साहब फिलवक्त किसी बड़े दबाव में दिख रहे हैं… लोगों में उत्सुकता यह जानने की है कि बड़े साहब दरबार में सफाई देने गए थे या उन्हें भी दरबार में तलब किया जाने लगा है… हालांकि वजह जो भी हो बड़े साहब का दरबारी बनना न सिर्फ जनता बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों का भी नुकसान है… लेकिन अपन कर भी क्या सकते हैं, न तो बड़े साहब पर अपना जोर है और न ही दरबार से भिड़ने लायक सामर्थ्य है… मौजूदा सरकार में जमे लोगों और भाजपा की राजनीति करने वालों का दरबार जाना सुहाता है, लेकिन आम आदमी और नियमों के प्रति जिम्मेदार बड़े साहब का ऐसा करना हज़म नहीं हो रहा… दरबारी बनने की असल वजह जो भी रही हों लेकिन कानाफूसी में माहिर लोगों को नया मसाला मिल गया है, जिसमें लोग अपने अपने स्वाद से तड़का लगा रहे हैं…

खैर सियासी लोगों की तो अपनी दुनिया होती है, हो सकता है बड़े साहब भी उसी चमक दमक के प्रभाव में हों…

08-01-2026

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा का पत्रकारों से आत्मीय संवाद…

पुलिस–पत्रकार नव वर्ष मिलन समारोह संपन्न

जीतेन्द्र सेन
भोपाल:- पुलिस और मीडिया के बीच आपसी समन्वय को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में “पुलिस एवं पत्रकार नव वर्ष मिलन समारोह – 2026” का आयोजन गुरुबार को पुलिस ऑफिसर्स मेस, भोपाल में किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया संस्थानों से जुड़े वरिष्ठ एवं युवा पत्रकारों के साथ-साथ पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा जनसंपर्क विभाग के अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने उपस्थित पत्रकारों एवं अधिकारियों से आत्मीय भेंट कर सभी को नव वर्ष 2026 की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पत्रकारों से वन-टू-वन संवाद किया और मीडिया तथा पुलिस के बीच बेहतर समन्वय, सूचनाओं के जिम्मेदाराना संप्रेषण तथा जनहित से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

संवाद के दौरान पुलिस महानिदेशक ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और पुलिस तथा मीडिया के बीच पारस्परिक विश्वास, पारदर्शिता एवं सकारात्मक सहयोग समाज में सकारात्मक संदेश देता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी पुलिस और मीडिया मिलकर जनहित, कानून व्यवस्था और सामाजिक जागरूकता के लिए कार्य करते रहेंगे।
नव वर्ष मिलन समारोह का मुख्य उद्देश्य पुलिस एवं मीडिया के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों को मजबूती देना, संवाद को प्रोत्साहित करना तथा आपसी सहभागिता को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम सौहार्द, गरिमा और सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें पुलिस और मीडिया के सहयोग की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली!

देश विदेश की 25 महिला विभूतियों को ऊर्जस्विता सम्मान

जयश्री कियावत को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार

भोपाल! अनुनय एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी के तत्वावधान में भारतीय होटल प्रबंधन संस्थान भोपाल में बुधवार को 25 महिला विभूतियों को ऊर्जस्विता सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया ने की और मुख्य अतिथि की भूमिका पशुपालन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने निभाई। महापौर मालती राय और भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे विशेष अतिथि के तौर पर मौजूद थे। इस अवसर पर कई जिलों में कलेक्टर की भूमिका निभाने वाली जयश्री कियावत को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया।महिला एवं बाल विकास मंत्री भूरिया ने कहा कि महिलाएं घर का काम तो करती हैं, लेकिन जब बाहर निकलती हैं तो औरों को भी प्रेरणा देने का काम करती हैं। आज जिन महिलाओं को सम्मानित किया गया है, वह अपने-अपने क्षेत्रों में अलग मुकाम बना चुकी है। इससे निश्चित ही बड़ी संख्या में महिलाओं को और भी बेहतर काम करने की प्रेरणा मिल रही है। हमारी सरकार भी महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर योजनाओं को क्रियान्वित कर रही हैं।
इस अवसर पर पटेल ने कहा कि भागवत कथा का आयोजन हो या समाज की बेहतरी के लिए कुछ अन्य आयोजन, बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी उसमें होती है। इस तरह के आयोजन होते रहना चाहिए, जिससे महिलाओं को प्रेरणा मिलती है। अनुनय संस्था की अध्यक्ष माही भजनी ने संस्था के साथ ही पुरस्कारों की जानकारी दी। संस्था के सचिव रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी डॉ. एके भट्टाचार्य ने पुरस्कार के लिए चुनी गई महिलाओं के साथ ही प्रक्रिया की जानकारी दी। इस अवसर पर पार्षद अरविंद वर्मा भी मौजूद थे।
इन महिला विभूतियों का किया गया सम्मानः स्विट्जरलैंड से इजाबेल (इकोटूरिज्म), इंदौर से डॉ. सीमा अलावा (प्रशासनिक सेवा), उज्जैन से महामंडलेश्वर देवी माँ शिवांगी नंद गिरी जी (अध्यात्म), उत्तराखंड से अनुपमा जोशी (डिफेंस सर्विसेस), नीतू शर्मा (सामाजिक नेतृत्व), नर्मदापुरम से डॉ. स्मिता रिछारिया (लेखक), यूके से सोफी हार्टमैन (कम्युनिटी डेवलपमेंट), ग्वालियर से डॉ. महिमा तारे (महिला सशक्तिकरण), छत्तीसगढ़ से तान्या मरावी (आदिवासी कला) और दीप्ति ओग्रे (जनजातीय संस्कृति एवं उद्यमिता), शाजापुर से अनुज्ञा शर्मा (स्पोर्ट्स), भोपाल से  डॉली शर्मा (समाज सेवा), प्रीति शर्मा जैन (प्रिंट मीडिया), डॉ. प्रिया सिंह कुशवाह (स्वास्थ्य सेवा) ,  गुंजन चौकसे (राजनीति) , विनीता सिंह तोमर (समाज सेवा) , जया शर्मा (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) , मुद्रा केसवानी (इन्फ्लुएंसर) , तरु सक्सेना (आतिथ्य शिक्षा) , अविशी श्रीवास्तव (शिक्षा और प्रशिक्षण), डॉ. मनेन्द्र कटियार (लोक स्वास्थ्य), डॉ. राखी माहेश्वरी (स्वास्थ्य सेवा प्रशासन), दिल्ली से नमिता छेत्री (सामाजिक उद्यमिता), छतरपुर से डॉ. श्वेता गर्ग (सामुदायिक विकास)।

भोपाल में पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय करेगा विज्ञान पर राष्ट्रीय संगोष्ठी

भोपाल। संस्कृति विभाग के अंतर्गत संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा 9 से 11 जनवरी तक कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में प्रतिष्ठित ‘डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय पुरस्कार’ समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रसिद्ध पुरातत्वविद् पद्मश्री डॉ. यशोधर मठपाल को पुरातत्व के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। डॉ. मठपाल द्वारा 400 से अधिक प्राचीन गुफाओं की खोज, शैल चित्र संरक्षण की पद्धतियों में अग्रणी कार्य तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त प्रतिष्ठा उनके योगदान को विशेष रूप से उल्लेखनीय बनाती है।
इस अवसर पर “पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विज्ञान के क्षेत्नों में अद्यतन प्रगतियां” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का भी आयोजन किया जा रहा है। इस संगोष्ठी को देशभर से प्रख्यात विषय विशषज्ञों, वरिष्ठ प्रशासकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं विरासत विशेषज्ञों की व्यापक सहभागिता प्राप्त हुई है।
इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्नी डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम में पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी की उपस्थिति भी रहेगी। यह आयोजन विरासत संरक्षण, अनुसंधान एवं जनसहभागिता के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विज्ञान के क्षेत्र में यह संगोष्ठी एक मील का पत्थर सिद्ध हो ऐसा उद्देश्य है। संगोष्ठी का मंथन उभरती चुनौतियों, वैज्ञानिक नवाचारों तथा संस्थागत सर्वोत्तम कार्य पद्धतियों पर राष्ट्रीय स्तर पर संवाद का मंच प्रदान करेगा, ऐसा प्रयास किया गया है।



संगोष्ठी के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय स्तर के प्रख्यात विचारकों एवं विशेषज्ञों द्वारा सहभागिता की जाएगी, जिनमें कल्याण कुमार चक्रवर्ती (आईएएस), प्रो. रवि कोरिसेट्टर, अरुण सिंघल (आईएएस सेवानिवृत्त), हर सहाय मीणा (आईएएस), प्रो. आलोक त्रिपाठी एवं डॉ. राजेंद्र यादव आदि प्रमुख हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण एवं राष्ट्रीय अभिलेखागार जैसे राष्ट्रीय संस्थानों के वरिष्ठ विशेषज्ञ इन सत्रों का मार्गदर्शन करेंगे, जिससे अकादमिक गहनता एवं बौद्धिक विमर्श सुनिश्चित होगा।

संगोष्ठी में पुरातत्व एवं पुरातत्वमिति में नवीन उपलब्धियाँ, अभिलेखागार एवं रिकॉर्ड प्रबंधन में उभरती प्रौद्योगिकियाँ, तथा विरासत संसाधनों के संरक्षण, उपलब्धता एवं डिजिटल क्यूरेशन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम के अंतर्गत नीति निर्माण से जुड़े व्यावहारिक सुझावों हेतु चर्चा सत्न भी आयोजित किए जाएंगे।

समाधान योजना में लापरवाही पर ट्रांसफर नहीं डिमोशन होगा: ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर

किसानों को 10 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें ऊर्जा मंत्री ने की समाधान योजना की प्रगति की समीक्षा


जीतेन्द्र सेन
भोपाल।। समाधान योजना में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार उपलब्धि नहीं प्राप्त होने तथा कार्य में लापरवाही पर अधिकारियों का ट्रांसफर नहीं डिमोशन किया जायेगा। ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह बात समाधान योजना की प्रगति की ऑनलाइन समीक्षा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि रबी सीजन में किसानों को हर हाल में 10 घंटे की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। मंत्री तोमर ने सर्किलवार योजना की प्रगति की समीक्षा की वही
समाधान योजना में अव्वल आने पर मिलेंगे 50 हजार
ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि समाधान योजना में जो सर्किल सबसे अच्छी उपलब्धि अर्जित करेगा, उसके अधीक्षण यंत्री को 50 हजार रूपये का इनाम दिया जायेगा। कंपनी क्षेत्रार्न्तगत प्रथम सर्किल को 25 हजार रूपये और सर्वश्रेष्ठ सहायक यंत्री को 11 हजार रूपये का पुरस्कार दिया जायेगा। संबंधित के गोपनीय चरित्रावली में भी इसकी इंट्री की जायेगी।
2 लाख से अधिक के बकायादारों से सीई,एसई बात करें
ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के 2 लाख रूपये से अधिक के बिजली बिल बकाया हैं, उनसे मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता स्वयं बात करें। इसका डिटेल मंत्री कार्यालय को भी दें। उन्होंने कहा कि प्रथमत: बड़े बकायादारों से सख्ती से वसूली करें। कंपनी की आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए यह कार्य जरूरी है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार फील्ड का भ्रमण करें। गौहरतब हैं कि अभी तक जमा हुये 578 करोड़ रूपये समाधान योजना में अभी तक 578 करोड़ 22 लाख रूपये जमा हुए हैं। बिजली उपभोक्ताओं के 264 करोड़ 17 लाख रूपये के सरचार्ज माफ किये गए हैं। सर्वाधिक 382 करोड़ 72 लाख रूपये मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्र में जमा हुए हैं। योजना का प्रथम चरण 31 जानकारी तक चलेगा।
सचिव ऊर्जा विशेष गढ़पाले ने कहा कि लंबित बिजली बिल जमा नहीं करने वालों के बिजली कनेक्शन काटे जायें। उन्होंने कहा कि लक्ष्य के अनुसार वसूली जरूरी है। इस दौरान एम.डी. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी  अनय द्विवेदी, एम.डी. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अनूप सिंह सहित सभी अधिकारी बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए!

आधुनिकता की नई होड़… अब किसी के इंतकाल की सूचना भी  ग्रीटिंग कार्ड से

पाकिस्तान से शुरु हुआ सिलसिला अब भोपाल भी आ पहुंचा

खान आशु
भोपाल। शादी, ब्याह, बर्थडे, खतना या अकीका के लिए सुंदर और आकर्षक कार्ड आपने खूब देखे होंगे। लेकिन कभी किसी के इंतकाल की सूचना कार्ड से मिलने लगे, तो ताज्जुब होना लाजमी है। लेकिन आधुनिकता के इस दौर में यह परम्परा भी धड़ल्ले से चल पड़ी है। पाकिस्तान से शुरु हुई यह प्रक्रिया अब हमारे देश में भी दौड़ गई है। अपने प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी इसका पालन किया जा रहा है।
पाकिस्तान के शहर इस्लामाबाद  से वायरल हुआ एक कार्ड चर्चा का विषय बन हुआ था। यह किसी मांगलिक आयोजन की खुश खबर देने वाला कार्ड नहीं था, बल्कि इस कार्ड के मार्फत किसी के इंतकाल की सूचना दी गई थी। सरताज शहाबुद्दीन नाम की महिला के इंतकाल पर भेजे गए इस कार्ड में नमाज ए जनाजा का टाइम और जगह का उल्लेख किया गया था। साथ ही कार्ड द्वारा दफन की जगह और टाइम भी बताया गया था। कार्ड में शोक आतुर बेटों और भाइयों के नाम का भी जिक्र किया गया था। इस तरह के कार्ड को लेकर अपने देश में खासी लानत मलानत की जा रही थी। इधर उलेमाओं ने भी इस परंपरा को गलत और बेजा करार दिया था। उन्होंने इस परंपरा को गैर शरई और गुनाह के करीब भी बताया था।

अब भोपाल में भी शुरुआत
पाकिस्तान में शुरू हुए अजीब चलन को लेकर फिलहाल भारत में तरह तरह की बातें की ही जा रही थीं, ऐसे में भोपाल में भी इस रिवाज की शुरुआत हो गई है। जानकारी के अनुसार भोपाल के पुराने इलाके में इस परंपरा को दोहराया गया। यहां पुतलीघर क्षेत्र में एक महिला के इंतकाल की सूचना ऐसा ही ग्रीटिंग कार्ड छपवाकर दी गई है। मस्जिद फखरुद्दीन में होने वाली नमाज ए जनाजा और मरहूम के लिए की जाने वाली दुआ ए मगफिरत में शामिल होने की गुजारिश की गई थी।

तकनीक ने किया आसान
ग्रीटिंग कार्ड बनाना अब पहले से आसान हो गया है। लोग आसानी से इसे मोबाइल या लैपटॉप पर भी बना लेते हैं। आमतौर पर किसी के इंतकाल की सूचना टेलीफोनिक या मस्जिदों में ऐलान से दी जाती है। ऐसे में किसी ब्रॉड कास्ट लिस्ट के जरिए आसानी से कई लोगों को सूचना पहुंचा दी जाती है। लेकिन ऐसे कार्ड को तैयार करने के लिए घर के ही किसी व्यक्ति को संलग्न होना पड़ता है, जिसे मरहूम से संबंधित सभी जानकारी हो। सुपुर्द ए खाक के बारे में भी पूरी जानकारी उसे होना चाहिए। सबसे अहम उसके पास सभी संबंधित रिश्तेदारों के नाम और कॉन्टेक्ट नंबर होना भी जरूरी है।

इनका कहना है
इंतकाल को इस तरह गैर शरई कामों से जोड़ना ठीक नहीं है। ऐसे फितनों से बचना चाहिए।
काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी
काजी-ए-शहर

मीकैप्स के तत्वावधान में रहमानी 30 परीक्षा का सफल आयोजन

भोपाल। मुस्लिम एजुकेशन एंड करियर प्रमोशन सोसाइटी (MECAPS) की ओर से बच्चों के लिए रहमानी 30 परीक्षा का सफल आयोजन किया गया, जिसमें कक्षा 7 से 10वीं तक के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। उल्लेखनीय है कि पूरे देश में 4 जनवरी 2026 को रहमानी फाउंडेशन, बिहार द्वारा इस परीक्षा का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में स्कूली विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
इस परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतिस्पर्धी कार्यक्रमों के तहत NEET, JEE और CLAT की तैयारी के लिए निःशुल्क हॉस्टल के साथ प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसके पिछले वर्षों में बहुत अच्छे परिणाम सामने आए हैं।
इस अवसर पर मानद सचिव डॉ. ज़फ़र हसन ने कहा कि MECAPS का मूल उद्देश्य बच्चों में शैक्षणिक जागरूकता पैदा करना और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना है। उन्होंने बताया कि सोसाइटी न केवल रहमानी 30 जैसी परीक्षाओं का आयोजन करती है, बल्कि क्विज़ प्रतियोगिता, टैलेंट सर्च एग्ज़ाम और अन्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के माध्यम से भी छात्रों की प्रतिभा को निखारने का कार्य करती है।
डॉ. ज़फ़र हसन ने आगे कहा कि MECAPS पिछले 40 वर्षों से जरूरतमंद और प्रतिभाशाली बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान कर रहा है, ताकि आर्थिक कठिनाइयाँ शिक्षा के मार्ग में बाधा न बनें। परीक्षा के सफल आयोजन पर अभिभावकों और विद्यार्थियों ने सोसाइटी की इस शैक्षणिक पहल की सराहना की।

युवाओं को मिला नेतृत्व, संपादक आचार्य ने संभाली युवा प्रदेश अध्यक्ष की कमान |

राजधानी भोपाल में संपन्न हुआ सेन समाज विकास संगठन का प्रांतीय महाधिवेशन

भोपाल| मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सेन समाज विकास संगठन का भव्य प्रांतीय महाधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर खुलासा न्यूज़ के संपादक सुरेश आचार्य को संगठन का युवा प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। जैसे ही आचार्य को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई, पूरे प्रदेश के युवाओं और नारी शक्ति में नया जोश और ऊर्जा देखने को मिली।
कार्यक्रम स्थल पर “आचार्य जी संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं” के गगनभेदी नारों से वातावरण उत्साह और आत्मविश्वास से भर गया। आचार्य के पदभार ग्रहण करते ही प्रदेशभर से उनके शुभचिंतकों, समाजजनों और युवाओं की बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व ने उन्हें युवा प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपते हुए समाज और संगठन में सकारात्मक परिवर्तन की उम्मीद जताई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रेलवे भोपाल मंडल के सदस्य कमलेश सेन रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता डी.एस. राजौरिया ने की। मंच का सफल संचालन नव नियुक्त युवा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश आचार्य ने किया तथा आभार प्रदर्शन प्रदेश अध्यक्ष रामरतन सेन ने किया।

इस अवसर पर प्रदेश संरक्षक रमेश सेन (सतना) ने संगठन के विकास और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला। वहीं युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक बंदेवार ने संगठन में एक सशक्त राजनीतिक प्रकोष्ठ के गठन पर जोर देते हुए कहा कि समाज के योग्य और सक्षम लोगों को राजनीतिक क्षेत्र में भी आगे आना चाहिए।

राष्ट्रीय अध्यक्ष डी.एस. राजौरिया ने अपने संबोधन में संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने और समाज की अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक सहयोग पहुँचाने का आह्वान किया।

नव नियुक्त युवा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश आचार्य ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा,
“मैं यहाँ केवल भाषण देने नहीं, बल्कि एक संदेश, एक आह्वान और एक ललकार लेकर आया हूँ। हमारा समाज मेहनती, ईमानदार और योग्य है, लेकिन हमें और अधिक संगठित होने की आवश्यकता है। हमारे बच्चे प्रतिभावान हैं, पर उन्हें अवसर नहीं मिल पाते, हमारी बेटियाँ सक्षम हैं, लेकिन उनके सपनों को पूरा करने के लिए मजबूत सिस्टम का अभाव है। अब समय आ गया है बदलाव का, और यह बदलाव आप और हम मिलकर लाएँगे।”



इस प्रांतीय महाधिवेशन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में युवाओं और नारी शक्ति की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिसने कार्यक्रम को ऐतिहासिक और प्रेरणादायक बना दिया।

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