भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने ख्यातनाम पुरातत्वविद डॉ. यशोधर मठपाल को प्रशस्ति पत्र के साथ 2 लाख रूपए का चेक भेंट कर 19 वें डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया। राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में एक संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम 11 जनवरी तक जारी रहेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी का कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा कुम्हार के चाक पर स्वयं शिवलिंग की प्रतिकृति का निर्माण कर भारतीय संस्कृति, कला एवं शिल्प परंपरा के प्रति सम्मान व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने रातापानी अभयारण्य का नामकरण डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर जी के नाम पर करने का निर्णय किया है। उत्खनन के क्षेत्र में उनका योगदान अभूतपूर्व है।
आयोजन संस्कृति विभाग के अंतर्गत संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा किया गया था। इस अवसर पर प्रसिद्ध पुरातत्वविद् पद्मश्री डॉ. यशोधर मठपाल को पुरातत्व के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। डॉ. मठपाल द्वारा 400 से अधिक प्राचीन गुफाओं की खोज की गई है। उन्होंने शैल चित्र संरक्षण की पद्धतियों में भी अग्रणी कार्य किया है। जिसके चलते उनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर ख्याति है।

बात हुई पुरातत्व की प्रगतियों पर
इस अवसर पर “पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विज्ञान के क्षेत्नों में अद्यतन प्रगतियां” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी को देशभर से प्रख्यात विषय विशषज्ञों, वरिष्ठ प्रशासकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं विरासत विशेषज्ञों ने संबोधित किया।
