Medical News : लिफ्ट बीमार, सीढ़ियां लाचार, मरीजों की फजीहत, जानें क्या है गैस पीड़ितों के बड़े अस्पताल के हाल

खान आशु
भोपाल। दुनिया की सबसे बड़ी त्रासदी के बीमारों को इलाज मिलना मुश्किल भरा होता जा रहा है। इनके लिए बने भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में सुविधाओं का संकट गहराता जा रहा है। सीढ़ियों से लेकर लिफ्ट तक बीमार पड़े हैं, जिनसे यहां आने वाले मरीजों की फजीहत हो रही है। गंभीर बीमारों के लिए यहां इलाज कराने आना मौत से दो चार होने जैसा हो गया है।
सूत्रों का कहना है कि BMHRC में मौजूद लगभग सभी लिफ्ट कई दिनों से खराब पड़ी हैं। इनमें जो इक्का दुक्का लिफ्ट काम कर रही हैं, उनमें भी तकनीकी खराबी के हालत मौजूद हैं, जो कई बार आधे रास्ते ही अटक जाती हैं। अस्पताल आए गंभीर बीमार और उनके परिजन इस वजह से भी परेशान हैं कि अस्पताल की सीढ़ियां और रेलिंग भी जर्जर हो गई हैं। उनके इस्तेमाल में सावधानी बरतने की सूचनाओं ने भी मरीजों को खौफ से भर रखा है।

मजबूरी यह बनी हुई
अपने परिजन के इलाज के लिए पहुंचे शकील खान कहते हैं कि लिफ्ट बंद हैं और सीढियां जर्जर। इसके चलते मरीजों को विभिन्न जांचों के लिए यहां वहां ले जाना मुश्किलभरा हो गया है। शकील कहते हैं कि मरीजों को पलंग, कुर्सी या स्ट्रेचर पर लेकर दौड़ लगाना पड़ रहा है।

सुविधाओं में हो रही कटौती
शहर के हजारों गैस पीड़ितों की सुविधा के तैयार किए गए भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल में डॉक्टर, स्टॉफ और दवाओं की किल्लत कई दिनों पुरानी है। जांचों के लिए लंबे समय तक इंतजार करना या बाहरी सेंटरों तक मरीजों को ले जाने की मजबूरी यहां बनी हुई है। अस्पताल से बड़ी तादाद में डॉक्टर्स का अन्य हॉस्पिटल में पलायन कर जाना भी यहां के मरीजों की मुश्किल बना हुआ है। केंद्र सरकार की व्यवस्था के अधीन इस बड़े अस्पताल की तरफ प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग का ध्यान न दिया जाना भी गैस पीड़ितों की मुश्किलें बढ़ा रहा है।

इनका कहना है
अस्पताल में सिर्फ एक लिफ्ट बंद है। उसका मेंटेनेंस प्रस्ताव CPWD को भेजा गया है।
सीढ़ियों को न छूने की हिदायत कोविड के समय लगाई गई थी। अस्पताल में लिफ्ट की संख्या ज्यादा है, मरीजों को दिक्कत नहीं है।
कीर्ति चतुर्वेदी,
जनसंपर्क अधिकारी,
भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर

MP News : गौवर्धन पूजा के सरकारी आदेश पर किलकिल, मसूद ने जताया ऐतराज, जानें क्या बोले कांग्रेस विधायक

खान आशु
भोपाल। त्योहारी खुशियों में भी सियासी घालमेल होता दिखाई देने लगा है। मप्र सरकार द्वारा जारी किए गए गौवर्धन पूजा को सरकारी तौर पर मनाए जाने के आदेश पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि सरकार को ऐसे आयोजन करने की बजाए उन गाय की फिक्र और व्यवस्था करना चाहिए, जो सड़कों पर भटक रही हैं।
राजधानी भोपाल की मध्य विधानसभा के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सरकारी तौर पर गौवर्धन पूजा किए जाने पर ऐतराज जताया है। मसूद ने कहा कि त्यौहारी व्यवस्थाएं करना सरकार का काम है, न कि इस तरह सरकारी खर्च पर त्यौहार मनाना। मसूद ने कहा कि प्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार इवेंट करने में इतनी व्यस्त है कि वह विकास और मूलभूत सुविधाओं को भूल गई है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई त्यौहारों का सरकारीकरण और इससे बढ़कर भाजपाकरण किया जा चुका है। लेकिन न तो यह सरकार की संवैधानिक व्यवस्था के अनुकूल है और न ही इस तरह की कोई जरूरत आमजन को है। मसूद ने कहा कि गौवर्धन पूजा के लिए मंत्रियों को निर्देशित करने की जरूरत नहीं थी। इससे बेहतर तो यह होता कि सड़कों पर परेशान हो रहीं गौ माता के लिए उचित प्रबंधन किए जाते।

करोड़ों का अनुदान, गौमाता फिर भी परेशान
विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि प्रदेश में मौजूद दर्जनों गौ शालाओं के लिए करोड़ों रुपए का सरकारी अनुदान दिया जा रहा है। लेकिन चंद लालची लोगों के हाथों में मौजूद इस व्यवस्था का नतीजा यह है कि पैसा लोगों की जेब में है और गौवंश सड़कों पर हैं। इसका असर यह है कि गौमाता भी परेशान हैं और आमजन भी। विधायक मसूद ने कहा सड़कों पर खुलेआम विचरण कर रहे पशुओं की वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं। कई एजेंसियों से जारी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा भी हो चुका है, लेकिन सरकार इस तरफ से आँखें बंद किए बैठी है।

क्या है आदेश
प्रदेश की डॉ मोहन सरकार के दौर में त्यौहारों के सरकारी आयोजन की नई परम्परा शुरू की गई है। जन्माष्टमी से लेकर गौवर्धन पूजा तक के लिए सरकारी व्यवस्था की जा रही हैं। इस गौवर्धन पूजा के लिए भी सभी मंत्रियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अपने क्षेत्र की गौशाला में विशेष पूजन व्यवस्था करें। इस आयोजन को सरकारी स्वरूप में मनाने के लिए कहा गया है।

MP News : देवा शरीफ में “अदब अवार्ड” से नवाजे गए भोपाल के डॉ अंजुम, जानें पूरा आयोजन

खान आशु
भोपाल। करीब सौ बरस पुराना हो चुके देवा शरीफ(उप्र) के सालाना उर्स आयोजन में इस बार भी भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ऑल इंडिया मुशायरा हुआ। इसमें मप्र के अंतरराष्ट्रीय शायर डॉ अंजुम बाराबंकवी को “अदब अवार्ड” से नवाजा गया। कार्यक्रम के मेहमानों में खासतौर से फिल्म अभिनेता राज बब्बर मौजूद थे।


सारे विश्व में अपने अनुयाई रखने वाले मशहूर सूफी संत

हाजी वारिस अली शाह के आस्ताने पर वर्ष 1924 से लगातार उर्स मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस सालाना कार्यक्रम के 100वें आयोजन पर ऑल इंडिया मुशायरा आयोजित किया गया। महफिल ए अदब सजने से पहले मंच द्वारा अंतरराष्ट्रीय शायर डॉ अंजुम बाराबंकवी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मेहमानों  में  फिल्म अभिनेता राज बब्बर, उप्र के पूर्व कार्यवाहक मुुख्यमंत्री   डॉ अम्मार रिजवी, पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप, न्यायमूर्ति फैज आलम, चौधरी तालिब, चौधरी वकार आदि ने डॉ अंजुम बाराबंकवी को अदब अवार्ड से नवाजा। महफिल ए मुशायरा में दुनिया के मशहूर और अदब की महफिलों की रौनक माने जाने वाले शायर मौजूद थे। इनमें प्रो वसीम बरेलवी, मंजर भोपाली, ताहिर फराज, इकबाल अशहर, अजहर इकबाल, शबीना अदीब, नदीम शाद, खुर्शीद हैदर, आयशा अय्यूब, अकील नोमानी, फैज खुमार , उस्मान मिनाई, बिलाल सहारनपुरी, मकसूद पयामी, अकरम वारसी आदि शामिल थे।

डॉ अंजुम की खिदमत
डॉ अंजुम बाराबंकवी शिक्षा जगत का पुराना और पहचाना नाम है। मंच से भी उनका इतना ही गहरा नाता है। अपने फन ओ कलाम से उनको अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सतत सम्मान मिलता रहा है। डॉ अंजुम के दस से अधिक गजल संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। मूलतः उप्र के बाराबंकी शहर से ताल्लुक रखने वाले अंजुम पिछले कई दशक से मप्र की कर्मभूमि पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

45 से ज्यादा विधाओं पर काम करेगा संस्कार भारती, आयोजन में दिखाई देगा पंच परिवर्तन

युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए शैक्षणिक संस्थाओं के साथ होगा एमओयू

भोपाल। संस्कार भारती संगठन की जयपुर में हुई अखिल भारतीय साधारण सभा में विधाओ और संगठनत्मक ढांचे में बदलाव करने के साथ कार्यक्षेत्र को बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इस बारे में आज भोपाल स्थित संस्कार भारती के योगेंद्र सभागार में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। पत्रकारों को संबोधित करते हुए लोक कला विभाग के राष्ट्रीय संयोजक निरंजन पांडा ने बताया की नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जोड़ने के लिए संस्कार भारती कई नए क्षेत्रों में भी अपने कार्य का विस्तार करने जा रहा है। पंडा ने बताया कि संस्कार भारती के संगठन में अब केंद्रीय प्रांतीय और जिला स्तर पर समितियां गठित की जाएगी।  उन्होंने कहा कि पहले 8 विधाओं में संगठन काम करता था लेकिन अब लगभग 45 विधाओं को पांच विभागों में बांटकर काम किया जाएगा। सभी विभागों के लिए अलग टोली बनाकर विभिन्न विधाओं के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे यह कार्यक्रम प्रदेश से जिला और तहसील स्तर तक होंगे। पंडा ने बताया कि अखिल भारतीय साधारण सभा की बैठक में निर्णय लिया गया कि अप्रैल 2025 से कार्यकर्ताओं के लिए नई सदस्यता व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि भरत मुनि स्मरण दिवस नटराज पूजन और 26 जनवरी को भारत माता पूजन उत्सव मनाया जाएगा। राष्ट्रीय संयोजक पांडे ने बताया कि संस्कार भारती के बैनर पर आयोजित सभी कार्यक्रमों में कुटुंब प्रबोधन सामाजिक समरसता पर्यावरण रक्षा स्वदेशी जीवन शैली और नागरिक कर्तव्य का भाव समाहित होगा। इसके साथ ही विभिन्न विधाओं के कलाकारों को उनके हुनर को निखारने के उद्देश्य से प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी और शैक्षणिक संस्थाओं के साथ मिलकर संस्कार भारती युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करेगी। लोक कला के राष्ट्रीय संयोजक पंडा के मुताबिक भारतीय संविधान की मूल प्रति में बने 22 चित्र देश की संस्कृति मूल्य इतिहास और आदर्श को प्रकट करते हैं जिन्हें पिछले कुछ साल में हटा दिया गया था लेकिन अब फिर से इन चित्रों का समावेश कर संविधान की नई प्रतियां प्रकाशित की जा रही हैं। पत्रकार वार्ता में भोपाल जिला संस्कार भारती की अध्यक्ष अरुणा शर्मा के अलावा कार्यकारी अध्यक्ष प्रकाश गलगले और महामंत्री नीरव प्रधान मौजूद रहे।

Bhopal News : MLB कॉलेज में हुआ “कहो कहानी” आयोजन, पशु पक्षियों की हुई चिंता, जानें क्या था आयोजन

भोपाल। चाहे वह खरगोश, बिल्ली, गाय, श्वान हो या तोता, पशु-पक्षी मनुष्य से कुछ बहुत ज़्यादा नहीं माँगते, एक रोटी, कुछ दाने, पानी, थोड़ी-सी जगह और स्नेह-बस, लेकिन आज इंसान की सोच इतनी सिकुड़ गई है कि वह अपने अलावा और किसी के बारे में सोचना ही नहीं चाहता।
राजधानी भोपाल के महारानी लक्ष्मीबाई स्वशासी कन्या महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने यह विचार व्यक्त किए।  करुणा-क्लब, हिंदी विभाग और साहित्यिक समिति के संयुक्त तत्वावधान में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
‘कहो कहानी’ नामक इस प्रतियोगिता में छात्राओं ने अपने पालतू और आसपास के पशु-पक्षियों से जुड़े हुए प्रसंग साझा किए। कार्यक्रम में 16 छात्राओं ने सहभागिता की। इस अवसर पर पाठ्यक्रम में सम्मिलित महादेवी वर्मा के ‘गिल्लू गिलहरी’ संस्मरण पर आधारित एनीमेशन फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। इस अवसर पर क्लब प्रभारी डॉ. संगीता सक्सेना, डॉ. अणिमा खरे एवं डॉ. विजयलक्ष्मी राय उपस्थित थीं।

बस्तर संभाग से राजधानी लौटी राइड फ़ॉर पीस बुलेट रैली

रैली संयोजक नितिन लॉरेंस ने जताया मुख्यमंत्री साय का आभार, सुरक्षा एवं सहयोग के लिए दिया धन्यवाद

रायपुर। राजधानी रायपुर से 20 अक्टूबर को निकली राइड फ़ॉर पीस रैली 2024, 24 अक्टूबर को देर शाम बाइक रैली नारायणपुर से वापिस रायपुर पहुची।  डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ द्वारा 06 दिवसीय शांति संदेश यात्रा बस्तर संभाग के सातों जिलों में निकाली गई।बस्तर के अनेक स्थानों पर रैली में शामिल सदस्यों द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विभिन्न सामाजिक बुराइयों से संबंधित जागरूकता का संदेश दिया गया । जिसमें स्थानीय शासन-प्रशासन का सहयोग राइड फ़ॉर पीस के सदस्यों को प्राप्त हुआ।बस्तर संभाग के लिए निकली राइड फ़ॉर पीस में राइडर्स तथा सपोर्ट टीम सहित करीब 100 से अधिक लोग शामिल रहे।
25 अक्टूबर दिन शुक्रवार को सुबह नारायणपुर बस स्टैंड में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशा मुक्ति का संदेश देते हुए नुक्कड़ नाटक किया गया। नशे को ना,  जिंदगी को हां , स्लोगन के साथ संगीतमय प्रस्तुति रेव. शमशेर  सैम्यूल के निर्देशन में किया गया जिसका समापन सामूहिक गान से हुआ जिसमें उपस्थित सभी नागरिकों ने एक स्वर में “हम होंगे कामयाब – हम होंगे कामयाब” गाया , साथ में स्वच्छता, पर्यावरण रक्षा, नशा उन्मूलन, एकता व शांति का संकल्प लिया। रैली के संयोजक नितिन लॉरेंस ने राइड फ़ॉर पीस में सहयोग के लिए बस्तर संभाग के समस्त जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को विशेष धन्यवाद और आभार व्यक्त किया जिनके दिशा-निर्देश पर बस्तर संभाग के अधिकारियों के द्वारा रैली को सभी जगह सुरक्षा और सहयोग प्राप्त हुआ।
उल्लेखनीय है कि सर्व धर्म, सर्व समाज के गणमान्य जनों के सहयोग व सहभागिता से रविवार 20 अक्तूबर को बुलेट रैली राजधानी रायपुर से शुरू होकर, कोंडागांव, जगदलपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर होते हुए 25 अक्टूबर की सुबह नारायणपुर से निकलकर फरसगांव, कांकेर होते वापिस रायपुर में आकर समाप्त हुई। रैली में हर उम्र वर्ग के प्रतिभागियों के साथ महिलाएं व युवतियां भी शामिल रही।  बस्तर संभाग के अपनी इस यात्रा को अभूतपूर्व व अविस्मरणीय बताते हुए कुछ प्रतिभागियों ने कहा कि कुछ जगह के अलावा सभी जगह की सड़कें बढ़िया थी, बस्तर की हरियाली देखने लायक है। जिसका आनंद बाइक की यात्रा से ही लिया जा सकता है। कई स्थानों पर ठहर कर नजर भर कर देखते रहने का मन कर रहा था, सचमुच हमारा बस्तर बहुत सुन्दर है, यहां के लोग भी बहुत सहयोगी हैं, इसमें कोई दो मत नही है।

निरीक्षण के दौरान लिए गए नमूने, 50 किलो मावा जब्त !

भोपाल । त्यौहार के आने से पहले मिलावट करने वाले सक्रिय हो जाते हैं, मिलावटी सामग्री बेचकर मोटा मुनाफा कमाने वालों पर लगातार कार्यवाही जारी है।

मिठाई और नमकीन की  दुकानों पर निरीक्षण के दौरान जिला खाद्य प्रशाशन की टीम ने 50 किलो मावा जब्त किया है।इस अभियान के दौरान पुराना भोपाल, नर्मदापुरम रोड, शाहजहांनाबाद, बैरसिया, कोहेफिजा, जहांगीराबाद, करोंद और मिसरोद में 14 प्रतिष्ठानों की जांच की गई और नमूने लिए गए, इस दौरान 50 किलो मावा जब्त कर नमूने जांच के लिए भेजे गए।

अधिकारियों की निगरानी में बिकेंगी आतिशबाजी, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे

निगरानी टीमों का हुआ गठन, एसडीएम बनाए गए प्रभारी।

भारत भूषण विश्वकर्मा
7400794801

भोपाल। राजधानी भोपाल में दीपावली पर्व को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जहां पटाखा बाजार पर अधिकारियों की पैनी नजर रहेगी। अनाधिकृत रूप से ज्यादा आवाज़ आवाज़ वाले पटाखों की बिक्री और पटाखा बाजार में सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम और निगरानी के लिए  भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने अलग-अलग क्षेत्र के एसडीएम को निगरानी टीम का प्रभारी बनाया गया है। इस दल में पुलिस नगर निगम और विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को शामिल किया गया है। बैरागढ़ एसडीएम आदित्य जैन को बैरागढ़ और बैरसिया वृत्त की जिम्मेदारी दी गई है। वही एसडीएम रविश श्रीवास्तव गोविंदपुरा, लक्ष्मीकांत खरे एमपी नगर एसडीएम,  अर्चना शर्मा टीटीनगर एसडीएम,  विनोद सोनकिया हुजूर एसडीएम, रविशंकर राय कोलार एसडीएम,  आशुतोष शर्मा शहर वृत्त की निगरानी करेंगे।

नियमों की अनदेखी पड़ेगी भारी
शहर एसडीएम आशुतोष शर्मा ने कहा कि निर्धारित दिशा निर्देश का पालन सुनिश्चित करने की दशा में ही पटाखे बेचने की अनुमति जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा जारी नियमों की अवहेलना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं बैरागढ़ एसडीएम आदित्य जैन ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक हर इंतज़ाम पटाखा बाजारों में किया जाएगा। इसके साथ ही दुकानदारों को भी इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था और अन्य बिंदुओं पर लगातार निरीक्षण किया जाएगा।

अब ब्यूटी पार्लर और साड़ी सेंटर से 20 हजार रूपये महीना कमाती हैं पूनम…

सफलता की कहानी

भोपाल! हालात कितने ही बदतर क्यूं न हों, जिंदगी अपना रास्ता खुद ढूंढ ही लेती है। जिंदगी की यही तासीर ही इसे और भी रुहानी (जानदार) बनाती है। जैसे तपते रेगिस्तान में भी कोई एक नन्हा सा बीज हालातों से लड़कर अंकुरित हो ही जाता है। बहरहाल, बेइंतेहा बेचारगी और बेबस जिंदगी से लाचार पूनम को कहीं भी ठौर न मिला, तो वे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के एक स्व-सहायता समूह से जुड़ गयीं। बस, यहीं से उसकी जिंदगी में उम्मीद का नया उजाला आने लगा। बुरे दिन फ़ना हुये और अच्छे दिनों की आमद हुई। नई ऊर्जा से सराबोर पूनम अब पूरी तरह स्वावलंबी हो गयी हैं।
बुरहानपुर जिले के संग्रामपुर गांव में रहने वाली किसान दीदी पूनम महाजन का जीवन एक समय कठिन दौर से गुज़र रहा था। ठेठ खेती-किसानी में उसका मन न लगता, पर उसे कहीं कोई राह दिखाई नहीं दे रही थी। रोजाना की चुनौतियों से जूझते हुए भी पूनम ने कभी हार नहीं मानी।
जब पूनम को कहीं कोई रास्ता नहीं मिला, तो वे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बनाये गये एक स्व-सहायता समूह से जुड़ गयीं। समूह से जुड़ना उनके जीवन का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। मिशन का उद्देश्य ग्रामीण लोगों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना है। अब पूनम को यहां जिंदगी की नई राह दिखने लगी।
पूनम बताती हैं कि समूह से जुड़ने से पहले वे परम्परागत खेती-किसानी करती थीं। पर अब सिलाई-कढ़ाई के साथ-साथ ब्यूटी पार्लर का भी काम करती हैं। इसके अलावा साड़ी सेंटर भी चलाती हैं। वे बताती हैं समूह से जुड़ने के बाद उन्हें प्रशिक्षण दिया गया। ग्राहक पहचान फाईल (सीआइएफ) के तहत मिले 10 हजार रूपये से उसने सिलाई का काम शुरू किया। इससे उसकी आमदनी बढ़ने लगी। अब वे हर महीना लगभग 15 से 20 हजार रूपये तक कमा लेती हैं। वे कहती हैं कि महिलाओं को सशक्त और आत्म-निर्भर बनाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है।
 अब पूनम न केवल अपने परिवार का ही भरण-पोषण कर रही हैं, वरन् पूंजी भी बचा रही हैं। पूनम का यह काम पूरे गांव के लिए प्रेरणास्रोत बन गया और पूनम की मेहनत और लगन ने उन्हें एक नया जीवन दे दिया है। पूनम के संघर्ष की कहानी बताती है कि हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, जिंदगी हमेशा नई राह खोज लेती है।

निशातपुरा स्टेशन शुरू नहीं होने से सांसद आलोक शर्मा नाराज

यात्रियों की सुविधा बढ़ाने पर शर्मा का फोकस भोपाल से लखनऊ, पुणे, मुंबई, पटना के लिए सीधी ट्रेन चलाने का दिया प्रस्ताव

भोपाल! शुक्रवार को राजधानी के ताज होटल में पश्चिम-मध्य रेलवे की भोपाल मंडल परिक्षेत्र के सांसदों की बैठक संपन्न हुई। बैठक में भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने पश्चिम मध्य रेलवे जोन की महाप्रबंधक शोभना बंदोपाध्याय से सवाल पूछा कि निशातपुरा रेलवे स्टेशन कब तक बनकर तैयार होगा? इसकी टाइम लिमिट क्या है? सांसद शर्मा ने प्रस्ताव रखा कि भोपाल की जनसंख्या लगातार बढ़ रही है। ट्रेनों में रिजर्वेशन मिलने में यात्रियों को बड़ी कठिनाई होती है। कई लोग मेरे पास पत्र लिखवाने आते हैं। खासतौर पर पुणे जाने वाले छात्र और जॉब करने वाले लोगों को बड़ी परेशानी होती है।

भोपाल से रेलवे ट्रैफिक का दबाव कम होना चाहिए। इसके लिए सांसद शर्मा ने भोपाल से पुणे और बेंगलुरु, भोपाल से लखनऊ, भोपाल से मुंबई, भोपाल से पटना के लिए नई ट्रेन चलाने का प्रस्ताव दिया। भोपाल इटारसी के बीच अप-डाउनर्स एवं यात्रियों की डिमांड को ध्यान में रखते हुए भोपाल और इटारसी के बीच मेमू ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रखा। बैरसिया में नई रेलवे लाइन का सर्वे कार्य कराने पर चर्चा की। सांसद शर्मा ने कहा कि मुंबई जाने वाली ट्रेन निशातपुरा से संत हिरदाराम नगर, सीहोर, उज्जैन, बड़ौदा, सूरत होकर चलाई जाए। ऐसा करने से भोपाल और रानी कमलापति पर दबाव कम होगा। साथ ही इटारसी, खंडवा होकर जाने वाले रूट के लिए विकल्प भी तैयार होगा। सांसद शर्मा ने पिछले दिनों उनसे मिले कुलियों के प्रतिनिधिमंडल द्वारा बताई गई समस्याओं को भी महाप्रबंधक के समक्ष रखा। सांसद शर्मा ने कहा कि कुलियों की समस्याओं का निराकरण होना चाहिए।

सीहोर स्टेशन पर अंबेडकर नगर से प्रयागराज के बीच चलने वाली ट्रेन का स्टॉपेज होना चाहिए। संत हिरदाराम नगर में ट्रेनों का स्टॉपेज और साफ सफाई संबंधी समस्याऔर सुझावों से अवगत कराया। बैठक में देवास- शाजापुर सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी, खंडवा सांसद  ज्ञानेश्वर पाटिल, ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाहा, पश्चिम-मध्य रेलवे की महाप्रबंधक शोभना बंदोपाध्याय, उप महाप्रबंधक अनुराग पांडे, डीआरएम भोपाल, देवाशीष त्रिपाठी, राज्यसभा सांसद माया नारोलिया, नर्मदापुरम सांसद दर्शन सिंह चौधरी, सागर सांसद डॉक्टर लता वानखेड़े सहित डब्ल्यूसीआर रेलवे, रेल मंत्रालय भारत सरकार रेलवे बोर्ड के बेस्ट सेंट्रल रेलवे मंडल के सलाहकार समिति सदस्य अंशुल तिवारी और मंडल के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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