50 वर्ष हुए पूरे, पुरातत्व विभाग मनाएगा उत्सव

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23 दिसंबर को होंगे 50 स्वर्णिम वर्षों पर केंद्रित कार्यक्रम


भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत की धरोहर को राष्ट्रीय गौरव की पुनर्स्थापना तथा भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम मानते हैं। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आधुनिक तकनीक के उपयोग, अनुसंधान को प्रोत्साहन तथा जन-सहभाग के माध्यम से विरासत स्थलों के संरक्षण एवं संवर्धन को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं।
राज्य अभिलेखागार की स्थापना वर्ष 1975 में की गई थी तथा दीर्घ अवधि के उपरांत वर्ष 1994 में इसे पुरातत्व एवं संग्रहालय संचालनालय में सम्मिलित किया गया। इस संस्था का प्रमुख दायित्व राष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत के रूप में ऐतिहासिक अभिलेखों का संरक्षण करना तथा भावी पीढ़ियों के उपयोग हेतु उन्हें सुरक्षित रखना है। इसके अंतर्गत प्रदेश में संचालित 47 संग्रहालय, 499 से अधिक राज्य संरक्षित स्मारक तथा अभिलेखागार अनुभाग में संधारित 6.88 करोड़ से अधिक अभिलेख शामिल हैं।
23 दिसंबर को IMAM के अभिलेखागार विभाग की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में स्वर्ण जयंती समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह समारोह सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक राज्य संग्रहालय, भोपाल में आयोजित होगा। इस अवसर पर अभिलेखागार की 50 स्वर्णिम वर्षों की यात्रा को दर्शाने वाले विभिन्न विषय-वस्तु आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें दुर्लभ एवं विशिष्ट अभिलेखीय दस्तावेजों की प्रदर्शनी प्रमुख आकर्षण होगी। इस ऐतिहासिक अवसर को चिन्हित करने हेतु अभिलेखागार अनुभाग के दो पूर्व निदेशक एसडी गुरु एवं  आरके नायक तथा पूर्व उप संचालक डॉ. गीता सबरवाल को सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंतर्गत अभिलेखागार के मूल उद्देश्य से जुड़े विषय पर एक थॉट लीडरशिप व्याख्यान श्रृंखला का भी आयोजन किया जाएगा। इस व्याख्यान श्रृंखला का विषय अभिलेखों का संरक्षण एवं वैज्ञानिक पद्धतियों से रख-रखाव होगा। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ वक्ता शामिल होंगे। इनमें केके सिद्धा, संजय गर्ग,  राजीव लोचन साहू आदि शामिल हैं।
यह महत्वपूर्ण आयोजन अभिलेखागार में संरक्षित प्राचीन एवं ऐतिहासिक अभिलेखीय धरोहर पर आधारित एक लघु वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म) के प्रदर्शन के साथ संपन्न होगा।
इस अवसर पर निलेश लोखंडे  ने कहा कि हमारी स्वर्ण जयंती के अवसर पर इतिहास स्वयं अपने साक्ष्यों के साथ उत्सव का रूप लेगा। अभिलेखागार विभाग में संरक्षित समृद्ध और प्राचीन दस्तावेजों के माध्यम से मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक विरासत को जनमानस के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। मध्यप्रदेश वास्तव में पुरातात्विक और अभिलेखीय धरोहरों से समृद्ध एक विशिष्ट राज्य है।

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