जश्न ए उर्दू… संस्कृति के कई रंग बिखेरता शुरू हुआ, तीन दिन चलेगा सिलसिला

खान आशु
भोपाल। राजधानी भोपाल में संस्कृति और साहित्य के कई रंग एक साथ बिखेरता एक आयोजन शनिवार को शुरू हुआ। मप्र उर्दू अकादमी के तीन दिवसीय जश्न ए उर्दू में पिरोई गई कड़ियों के साक्षी बनने के लिए देश दुनिया के साहित्यकार, फनकार, कलमकार और शायर पहुंचने वाले हैं। शनिवार को हुई जश्न की शुरुआत के पहले दिन कई आयोजन के साथ ऑल इंडिया मुशायरा भी हुआ।
मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी संस्कृति परिषद, संस्कृति विभाग के तत्त्वावधान में “वसुधैव कुटुंबकम” की अवधारणा पर आधारित तीन दिवसीय जश्ने उर्दू  शनिवार को गौहर महल भोपाल में प्रारंभ हुआ। आयोजन की शुरुआत करते हुए उर्दू अकादमी की निदेशक डॉ नुसरत मेहदी ने कहा कि हर वर्ष के समान इस वर्ष भी उर्दू अकादमी द्वारा एक उद्देश्यपूर्ण आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई है। यह आयोजन उर्दू अकादमी के लिए एक मार्गदर्शक सिद्ध होगा, जिससे अकादमी न केवल उर्दू भाषा और साहित्य को बढ़ावा दे सकेगी, बल्कि इसे सांस्कृतिक एकता और वैश्विक भाईचारे के संदेश का और अधिक सशक्त माध्यम भी बना सकेगी। यह हमारा “वसुधैव कुटुंबकम” के दर्शन को उर्दू के माध्यम से वैश्विक स्तर पर फैलाने का एक सशक्त आधार तैयार करने का प्रयास है।

ऐसा रहा पहला दिन
प्रथम सत्र में उर्दू गान एवं वसुधैव कुटुंबकम गीत उमेश तरकसवार और उनके समूह द्वारा प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तत्पश्चात दूसरे सत्र में साहित्यिक बैतबाज़ी (अंत्याक्षरी) आयोजित हुई, जिसमें विद्यालयीन और महाविद्यालयीन छात्र छात्राओं द्वारा भाग लिया गया। प्रतियोगिता में क्रमशः  टीम शैरी भोपाली प्रथम, टीम हसरत मोहानी द्वितीय एवं टीम जगन्नाथ आज़ाद तृतीय रहे। विजेताओं को आयोजन के समापन अवसर पर पुरस्कार और प्रमाण पत्रों से सम्मानित किया जाएगा। इस प्रतियोगिता के निर्णायक भोपाल के वरिष्ठ शायर फ़ारूक़ अंजुम और वरिष्ठ शायरा ख़ालिदा सिद्दीक़ थे। तीसरे सत्र में भोपाल की प्राचीन लोक परंपरा पर आधारित चारबैत आयोजित हुई। इसके अंतर्गत भोपाल के वरिष्ठ चारबैत पार्टियों अंजुमन ए गुलिस्तान ए चारबैत, बज़्मे शाहिद चारबैत के साथ भोपाल की महिला चारबैत कलाकारों की प्रस्तुति हुई। सभी ने उत्कृष्ट साहित्यिक कलाम पेश किए और ख़ूब वाहवाही लूटी। इसके सत्र में “फ़िल्म, थिएटर, टेलीविजन और उर्दू का सामंजस्य और वसुधैव कुटुंबकम” विषय पर संवाद हुआ। जिसमें सिने जगत थिएटर और टेलीविजन से जुड़ी मशहूर हस्तियों, राजीव वर्मा, शाहबाज़ खान मुंबई, सलीम आरिफ़ मुंबई और लुबना सलीम से प्रख्यात शायर व उद्घोषक अज़हर इक़बाल ने बातचीत की। इसके अंतर्गत प्रसिद्ध अभिनेता राजीव वर्मा ने कहा कि उर्दू भाषा “वसुधैव कुटुंबकम” जैसे भारतीय दर्शन को विश्व मे आम करने हेतु एक आदर्श माध्यम है। क्योंकि विश्व के लगभग सभी देशों में उर्दू बोली, पढ़ी और समझी जाती है। प्रख्यात अभिनेता शाहबाज़ ख़ान ने कहा कि फिल्म, थिएटर और डिजिटल मीडिया के माध्यम से उर्दू और इसके मानवतावादी संदेश को अधिक से अधिक प्रचारित किया जा सकता है। इस हेतु फिल्में बनती रही हैं अब इसकी और अधिक आवश्यकता है क्योंकि वैश्विकता के इस युग मे हम अपनी संस्कृति भूलते जा रहे हैं। इस दौरान सलीम आरिफ़ ने कहा कि विशेष रूप से हमारी चिंताओं में युवा पीढ़ी शामिल होनी चाहिए। आज ऐसी फिल्मों के निर्माण की ज़रूरत है जो युवा पीढ़ी को वैश्विक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों के संतुलन को समझा सके। उन्होंने इस मौक़े पर ये भी कहा कि बच्चे पहले बुज़ुर्गो के पास जाते थे क्योंकि वे ज्ञान देते थे अब बच्चे इसलिए बुज़ुर्गो के पास नहीं जाते क्योंकि वे ज्ञान देते हैं। उसके बाद इक़बाल मसूद द्वारा पूरे तीन दिन चलने वाले इस आयोजन की रूपरेखा, स्वरूप और इसके विषय के बारे में वक्तव्य प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि मानवीय इतिहास की सुब्ह के साथ ही भारत में ज्ञान एवं सभ्यता का उजाला फैलना शुरू हो गया था और आज दस, पंद्रह हज़ार साल गूज़र जाने के बावजूद हमारे सनातन विचार, बुद्धिमत्ता जीवित है और इस सदियों पुराने विचार का निचोड़ एक वाक्य में सिमट आया है “वसुधैव कुटुम्बकम” ये एक रौशन लकीर की तरह पूरी दुनिया को राह दिखा रहा है।
वसुधैव कुटुम्बकम के वाक्य का अनुवाद न तो वैश्विक से हो सकता है और ना ही आलमियत इसका का हक़ अदा कर सकता है और न ग्लोबल विलेज इसका प्रतिनिधि है कि वो एक परिवार के प्रेम, भाईचारे से वंचित है, वास्तव में ये शक्ति, शांति, प्रीत की ताक़त है जो हम आज भी अपने सनातन विचार एवं सभ्यता के साथ ज़िन्दा हैं, सर उठा उठाकर भारत के अभिमान एवं ज्ञान से सरशार हैं उर्दू इसी प्रीत एवं ज्ञान का निशान है जो संस्कृत का अंतिम आधुनिक रूप है जिसमें संस्कृत की सुन्दरता, हिन्दी की मासूमियत है जो भारत की मिट्टी की तरह उपयुक्त है।

सजी मुशायरा महफिल
कार्यक्रम के अंतिम चरण में अंतर्राष्ट्रीय मुशायरा सम्पन्न हुआ। जिसकी अध्यक्षता भोपाल के उस्ताद शायर ज़फ़र सहबाई ने की। मुशायरे का संचालन शकील जमाली द्वारा किया गया। मुशायरे में नामवर शायरों ने अपने कलाम पेश किए।


ज़फ़र सहबाई
बदन को रूह से कैसे जुदा किया जाये
वतन लिबास नहीं है बदल लिया जाये

राजेश रेड्डी
शाम को जिस वक़्त ख़ाली हाथ घर जाता हूँ मैं
मुस्कुरा देते हैं बच्चे और मर जाता हूँ मैं

इक़बाल अशहर
यही जुनून यही एक ख़्वाब मेरा है
वहां चराग़ जला दूं जहां अंधेरा है

मदनमोहन दानिश
नहीं छोड़ा पुरानेपन को अपने
इसी से फिर नया होना था मुझको

शकील जमाली
रास आ जाती है तन्हाई भी
एक दो रोज़ बुरा लगता है

दीप्ति मिश्र
शब्द नहीं अहसास लिखा है
जो था मेरे पास लिखा है
भला-बुरा अब दुनिया जाने
मैंने तो बिंदास लिखा है

डॉ परवीन कैफ़
काबा ए दिल में ढूँढना मुझको
मैं मिलूंगी तवाफ़ करती हुई

अज़हर इक़बाल
जाने वो बच्चे कहाँ किन रास्तों पर खो गए
जो बढ़े बूढ़ों को जाते थे नमन करते हुए

बद्र वास्ती
हम इनसां हैं तो फिर ऐसा मिज़ाज अच्छा नहीं होता
मुहब्बत से जो ख़ाली हो समाज अच्छा नहीं होता।।

सालिम सलीम
वो मिलने आया मगर अपने ही ख़याल में गुम
मैं सारी रात रहा नश्शाए मलाल में गुम

सैयद सरोश आसिफ़
उसके हाथ में ग़ुब्बारे थे , फिर भी बच्चा गुमसुम था
वो ग़ुब्बारे बेच रहा हो , ऐसा भी हो सकता है

रंग यह भी बिखरे
उपरोक्त के अतिरिक्त एक समानांतर मंच पर 2 बजे से 5 बजे तक साहित्यिक ओपन माइक, युवाओं के समूह “छतनारा” के सहयोग से आयोजित हुआ। इस खुले मंच के माध्यम से भी शायरी, गायन, एवं कहानी के क्षेत्र में कई नई प्रतिभाओं ने अपनी प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर आयोजित पुस्तक मेला भी लोगो के आकर्षण का केंद्र बना रहा और बड़ी संख्या में पुस्तक प्रेमी पुस्तकें ख़रीदते हुए देखे गए।अंत में आभार प्रदर्शन मुमताज़ ख़ान ने किया।

5 जनवरी 2025 को आयोजित होने वाले कार्यक्रम
प्रथम सत्र दोपहर 2:30 बजे- कथा साहित्य का सार्वभौमिक संदेश और वसुधैव कुटुंबकम
वक्ता – डॉ अली अब्बास उम्मीद भोपाल, अबरार मुजीब जमशेदपुर, इशरत नाहीद लखनऊ, स्तुति अग्रवाल सिरोंज

द्वितीय सत्र – शाम 4 बजे प्रादेशिक मुशायरा

तृतीय सत्र – शाम 7:30 बजे सांगीतिक सभा सलीम अल्लाहवाले भोपाल
क़व्वाली आफ़ताब क़ादरी इंदौर

वसुधैव कुटुंबकम् की धारणा को पूरा करेगा मप्र उर्दू अकादमी का तीन दिवसीय जश्न ए उर्दू !

अमित सेन
8085661177

भोपाल। पुरातत्विक खासियतों से लबरेज राजधानी भोपाल का गौहर महल सांस्कृतिक रंगों से सजा दिखाई देने वाला है। नए साल के पहले हफ्ते के तीन दिन जश्न ए उर्दू के नाम होंगे। मप्र उर्दू अकादमी ने इसे वसुधैव कुटुंबकम् की धारणा से ओतप्रोत करने के लिहाज से कार्यक्रम की कड़ियां संजोई हैं। बहु आयामी आयोजन 4 जनवरी से शुरू होकर 6 जनवरी को अपने खास संदेश के साथ पूर्णतः का रूप लेगा।
मप्र उर्दू अकादमी निदेशक डॉ नुसरत मेहदी ने बताया कि जश्न ए उर्दू अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, इसकी गरिमा, शामिल होने वाले मेहमान और कलाकारों के अलावा कार्यक्रमों को ताकत देने वाले श्रोताओं की वजह से महज अपने शहर या प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश में अलग पहचान रखता है। इसकी विविधता और सर्वमान्यता को केंद्र में रखते हुए इस बार जश्न ए उर्दू की थीम वसुधैव कुटुंबकम् पर आधारित रखी गई है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम 4 से जनवरी तक गौहर महल में आयोजित किया जाएगा। इसकी साहित्यिक और सांस्कृतिक कड़ियों को करीब से महसूस करने के लिए विभागीय मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, विभाग के सचिव शिवशेखर शुक्ला और  संस्कृति विभाग के संचालक एनपी नामदेव भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम को विविधता का रंग देने के लिए देश दुनिया के कलाकार, साहित्यकार, फनकार, रंगकर्मी और कलाप्रेमी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे।

गागर में सागर समेटने की कोशिश
निदेशक डॉ नुसरत मेहदी ने बताया कि तीन दिन के संक्षिप्त समय में कार्यक्रम की कई लड़ियां सजाने की कोशिश की जा रही है। इस दौरान उर्दू शायरी में वैश्विक एकता, उर्दू साहित्य, कथा साहित्य, अनुवाद और उनका प्रभाव, प्रवासी उर्दू साहित्य का योगदान, सिनेमा, थिएटर, टेलीविजन और उर्दू भाषा का सामंजस्य एवं इसका वैश्विक प्रभाव जैसे विषयों से वसुधैव कुटुंबकम् की धारणा मजबूत करने की कोशिश की जाएगी।

अदनान पेश करेंगे सिने साहित्य पर एकल अभिनय
राजधानी भोपाल की अग्रणी रंगकर्म संस्था रंग मोहल्ला सोसायटी फॉर परफॉर्मिंग आर्ट जश्न-ए-उर्दू में एक नया रंग भरने वाली है। संस्था सचिव अदनान खान के निर्देशन से सजी एक एकल नाट्य प्रस्तुति मिर्जा साहब और सिनेमा का इश्क के साथ इस जश्न में हाज़िर रहेंगे।

साहित्यकारों और फनकारों का समागम
मप्र उर्दू अकादमी निदेशक डॉ नुसरत मेहदी ने बताया कि
आयोजन प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से प्रारम्भ होगा। इसमें प्रसिद्ध साहित्यकारों मनोज श्रीवास्तव, अब्बास रज़ा नैयर, नौमान ख़ान, शायरों ज़फ़र सहबाई, फ़रहत एहसास, राजेश रेड्डी, इक़बाल अशहर, मदनमोहन मिश्रा दानिश, शकील जमाली, दीप्ति मिश्रा एवं कलाकारों शिंजिनी कुलकर्णी, आफ़ताब क़ादरी के साथ सिने जगत से प्रसिद्ध अभिनेता शाहबाज़ ख़ान मुम्बई, राजीव वर्मा भोपाल, आरिफ़ सलीम मुम्बई, लुबना सलीम मुम्बई इत्यादि शिरकत करेंगे।

अपने शायर के लिए दीवाना शहर, जश्न ने छुई बुलंदियां, याद आया राहत के दौर का आयोजन

खान आशु
भोपाल। शहर इंदौर ने एक जश्न चंद सालों मनाया था, जिसकी कामयाबी की पताकाएं इतने ऊंचे तक लहरा गईं थीं कि उनका मुकाबला अब तक किसी मुशायरा महफिल से नहीं हो पाया। यह दुनिया के मकबूल शायर डॉ राहत इंदौरी की 70वीं सालगिरह का जश्न था, जो उनके जीवनकाल में मनाया गया था। इसके पांच बरस बाद जब जब अमृत महोत्सव मनाने का मौका आया, तो राहत अपने। चाहने वालों के बीच मौजूद नहीं हैं। लेकिन शहर ए इंदौर ने अपनी मुहब्बत का परचम लहराए रखा और शायर की याद में मनाए जाने वाले आयोजन को यादगार कार्यक्रम का तमगा थमा दिया।
राहत इंदौरी फाउंडेशन और इंदौर शहर के साथ पूरे प्रदेश एवं देश की मिलीजुली कोशिशों का नतीजा था, जश्न ए राहत : बात राहत की। राहत साहब से जुड़ी और उनकी पसंद की विभिन्न गतिविधियों से सजे इस आयोजन का हिस्सा बनने की लोगों की ललक वैसी ही थी, जैसे राहत साहब के दौर वाले जश्न में रही थी। तब राहत साहब को सुनने की होड थी, अब उनके बारे में बातें सुनने, जानने, समझने और अपने मन मस्तिष्क में सहेजने की कसक ने उन्हें कार्यक्रम स्थल तक पहुंचा दिया था।

सोशल मीडिया प्रचार ने बढ़ाया उत्साह
नए साल की पहली शाम को होने वाले आयोजन के लिए सोशल मीडिया प्रचार लंबे समय से जारी था। राहत इंदौरी फाउंडेशन के इस आयोजन को एप्रिशिएट करने के लिए जहां बड़े साहित्यकारों, शायरों और राहत को जानने वालों ने अपनी गुड विशेज सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर शेयर की, वहीं फिल्मों, टीवी और रंगकर्म से जुड़ी बड़ी हस्तियों ने भी राहत साहब के लिए अपने मन की बात कही और इस प्रोग्राम का हिस्सा बनने की अपील की। शहर इंदौर से आगे चलकर प्रदेश के कई शहरों तक इस कार्यक्रम के पोस्टर्स की मौजूदगी ने भी लोगों में उत्साह भर दिया। यही वजह रही कि पहले आओ, पहले जगह पाओ की आसानी के बावजूद एंट्री पास हासिल करने की होड मच गई। आयोजकों को हॉल की सीटिंग क्षमता से अधिक पास बांटने की मजबूरी तक बन गई। लाभ मंडपम के बैठक हॉल के अलावा बाहर भी बड़े स्क्रीन और बैठक व्यवस्था भी करने की स्थिति बन गई।

शाम से रात तक चलीं महफिलें
जश्न ए राहत अपने नियत समय शाम चार बजे से थोड़ी देर से शुरू हुआ। प्रसिद्ध उद्घोषक संजय पटेल की सुरमई आवाज के साथ पहला बातचीत सत्र शुरू हुआ। शमा रौशन करने की रस्म अदायगी के बाद राहत साहब के बड़े भाई एमए कुरैशी ने अतिथियों का शॉल, स्मृति चिन्ह और पुष्प गुच्छ से मेहमानों का इस्तकबाल किया। डॉ अजीज इरफान, डॉ दीपक रूहानी और हिदायत उल्लाह की इस स्वागत बेला में राहत साहब के दोनों बेटे फैसल राहत और सतलज राहत भी शामिल रहे। इस दौरान डॉ राहत इंदौरी पर पीएचडी करने वाले डॉ अजीज इरफान की किताब ख्वाब की खेतियां का विमोचन भी किया गया।

राहत जानते थे लोगों तक कैसे पहुंचे शायरी : डॉ दीपक रूहानी
जश्न ए राहत के पहले चरण में डॉ राहत इंदौरी की शख्सियत और फन पर बात हुई। कार्यक्रम के सूत्रधार बने सतलज राहत को जवाब देते हुए डॉ दीपक रूहानी ने कहा कि राहत साहब ने यह फन था कि अपने श्रोताओं तक शायरी कैसे पहुंचाई जाए। उन्होंने राहत इंदौरी को राहत ए दुनिया बनने में शहर इंदौर की बड़ी भूमिका बताई। उन्होंने कहा कि राहत साहब की शायरी को साम्प्रदायिक सौहाद्र वाली शायरी कहा जा सकता है। डॉ दीपक का मानना है कि जो भी शख्स राहत साहब से दो मिनट भी मिल लेता तो उनका होकर रह जाता था। अपने से छोटों को सम्मान देने का हुनर भी उनमें खूब रहा है। डॉ इरफान अजीज और हिदायत उल्लाह ने भी डॉ राहत इंदौरी की कई अनछुई बातों को साझा किया।

हिमांशु ने सुनाई दास्तां
दुनिया के मशहूर दास्तानगो डॉ हिमांशु वाजपेई ने राहत साहब की जिंदगी के विभिन्न पहलुओं को रोचक दास्तान में पिरोकर सुनाया। उन्होंने राहत साहब के पहले मुशायरे से लेकर शिखर सम्मान तक से जुड़े किस्से सुनाए।

और मिला यह बड़ा तोहफा
डॉ राहत इंदौरी के शायरी जीवन में कागज से उतरी पंक्तियों से लेकर मंचों पर सुनाई गजलों के बीच कुछ सुखद और अनकहे पढ़े शेर ऐसे भी हैं, जो मंजर ए आम पर नहीं आ पाए। राहत इंदौरी फाउंडेशन ने इन सभी बचे हुए लम्हों को एक किताब की शक्ल दी है। जश्न ए राहत के दौरान रेखता पब्लिकेशन की इस किताब “मैं जिंदा हूं” का विमोचन भी किया गया। इस नई किताब से राहत साहब के कई नए कलाम उनके चाहने वालों को पढ़ने को मिलेंगे।

सूफियाना महफिल और गजलों की बारिश
जश्न ए राहत के दौरान कलाम ए राहत के दौरान आफताब कादरी और साथियों ने राहत साहब की ग़ज़लों को सूफियाना अंदाज़ में पेश किया।  जश्न के आखिरी रंग में महफिल ए मुशायरा सजाई गई। जिसमें देश दुनिया के नामवर शायरों ने अपने कलाम पेश किए।

जरूरतमंदों को शाल वितरण कर मनाई जाएगी बापू मालदेव राणा की पुण्यतिथि

आगामी 1 जनवरी को मेर शिरोमणि बापू मालदेव राणा जी की पुण्यतिथि का कार्यक्रम श्री शिव हनुमान मंदिर मेर समाज नारियलखेड़ा, भोपाल में आयोजित किया जाएगा। सर्वप्रथम मंदिर धर्मशाला पर बाबू मालदेव राणा के चित्र पर पुष्पांजलि कार्यक्रम किया जाएगा इसके बाद जरूरतमंदों को शॉल दान किए जाएंगे। जिससे गरीबों को ठंड से राहत मिले कार्यक्रम में मेर समाज के सभी समाज बंधुओ को आमंत्रित किया जाता है।

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में होगा कोलार दानिश चौराहे  का नया नामकरण – सौरभ गर्ग

दानिश चौराहे का नाम बदलकर होगा अग्रसेन चौराहा, वृंदावन के कलाकार देंगें प्रस्तुति

भोपाल। राजधानी भोपाल के दानिश चौराहे का नाम बदलकर अग्रसेन चौराहा होने जा रहा है। 5 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम के लिए भोपाल का अग्रवाल समाज तेजी से तैयारी में जुटा हुआ है। गुरुवार को गोविंदपुरा स्थित एक निजी कार्यालय में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अग्रवाल समाज कोलार के अध्यक्ष शरद अग्रवाल ने बताया कि सीएम डॉ मोहन यादव एवं हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा की मौजूदगी में दानिश चौराहा’ कोलार रोड़,भोपाल का नाम बदलकर ” अग्रसेन चौराहा” किया जा रहा है। इस मौके पर कार्यक्रम में वृंदावन की समिति द्वारा श्रीकृष्ण लीला, फूलों की होली एवं भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि पहली बार संपूर्ण अग्रवाल समाज मिलकर कार्यक्रम का आयोजन करने जा रहा है। वही युवा समाज सेवी गौरव गर्ग एवं अग्रवाल समाज कोलार से विशाल गोयल, शैलेश अग्रवाल, सौरभ गुप्ता, सोनू मंगल, सौरव गर्ग, मनोज अग्रवाल, संदेश अग्रवाल एवं साथियों ने जानकारी दी के समाज के सभी लोगों के अथक प्रयासों एवं एकजुटता की वजह से अग्रवाल समाज का युवा जागरूक हो पा रहा है। और उसी जागरूकता और एकजुटता के चलते भोपाल के अग्रवाल समाज द्वारा की जा रही मांग 5 जनवरी को पूरी होने जा रही है।

बैरसिया जनपद पंचायत सभाग्रह में शिविर लगाकर जाति प्रमाण पत्र बनाए गए

घुमक्कड़ अर्ध घुमक्कड़ समुदाय के ऐसे लोग इनके कभी जाति प्रमाण पत्र नहीं बने थे ऐसे करीब तीस लोगो के जाति प्रमाण पत्र बनाए गए।

जीतेन्द्र सेन
बैरसिया।। मुख्यमंत्री जन कल्याण पर्व के अंतर्गत बैरसिया जनपद पंचायत सभाग्रह में मंगलवार को शिविर आयोजित कर घुमक्कड़ एवं अर्ध घुमक्कड़ समाज के लोगो के जाति प्रमाण पत्र बनाए गए इस दौरान करीब 30 ऐसे लोगो के जाति प्रमाण पत्र बनाए गए जिनके वर्षों से जाति प्रमाण पत्र नहीं बने थे। इस अवसर पर बैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा तहसीलदार करुणा दण्डोतिया पार्षद नीरज नामदेव पार्षद प्रतिनिधि रज्जु कुशवाह समाजसेवी हाशिम अली सहित प्रशासनिक अमला मौजूद रहा।

Bhopal News : जश्न ए बाब में साहित्य के कई रंग खिले… किताबों का विमोचन, अफ़सांचे, बातें और मुलाकातें….!

खान आशु
भोपाल। दौर बदल रहा है… मिजाज बदल रहा और शौक भी बदल रहे हैं…! बदलाव ने लंबी अवधि की मूवी का आकार छोटा कर दिया… क्रिकेट के स्वरूप को ट्वेंटी ट्वेंटी और सीमित ओवर तक समेट दिया…! साहित्य भी इस बदलाव से अछूता कैसे रखता…! लंबी तहरीरें, नॉवेल और मोटे ग्रंथों की जगह अफ़सांचे(लघु कथाओं) ने ले लिया…! इसी जरूरत और इसकी अहमियत को देखते और समझते हुए आकार लिया बज़्म ए अफसांचा ने। चार बरस के इस सफर में कई बड़े आयोजनों की दहलीज सजा चुके इसी बज्म ए अफसांचा ने अपने सालाना कार्यक्रम की महफिल सजाई। जिसमें कई रंग सजाए गए।
बज्म ए अफसांचा का सालाना कार्यक्रम राजधानी भोपाल में हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मप्र उर्दू अकादमी की निदेशक डॉ नुसरत मेहदी थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता मशहूर शायर डॉ अली अब्बास उम्मीद ने की। मशहूर साहित्यकार इकबाल मसूद इस कार्यक्रम के मेहमान ए खास थे। कार्यक्रम की रूपरेखा बज्म ए अफसांचा के अध्यक्ष डॉ मोहम्मद आजम ने बताई। संचालन की जिम्मेदारी बद्र वास्ती ने पूरी की।

हुआ किताबों का विमोचन
बज़्म-ए-अफ़सांचा भोपाल के इस आयोजन में डॉ मोहम्मद आज़म की खोजपरक किताब “शायराना तअल्ली” का विमोचन हुआ। इस दौरान
नफीसा सुल्ताना अना की तीन किताबों का विमोचन भी किया गया। इनमें “सिरात” (सफ़र नामे “तुम्हारे नाम ” (मजमूआ नज़म और “दश्त-ए-ग़म”
(नावल) शामिल हैं।

इन्हें मिला खास एजाज
पिछले दिनों मशहूर-ओ-मारूफ़ शायर और नस्र निगार ज़िया फ़ारूक़ी साहब का इंतक़ाल हो गया था। उन की याद में बज़्म ने इस साल से “ज़िया फ़ारूक़ी ऐवार्ड” देने का फ़ैसला किया है। पहले अवार्ड से मप्र उर्दू अकादमी की निदेशक डॉ नुसरत मेहंदी को नवाजा गया।

सम्मान इन्हें भी मिला
इस दौरान अखबारों के जरिए साहित्य सेवा कर रहे मीडियाकर्मियों को भी एजाज से नवाजा गया। इनमें पत्रकार खान आशु, रिजवान शानू, जाहिद मीर, सलमान खान, शाहिद समर, सलमान गनी आदि शामिल थे।

MP NEWS : हेट स्पीच बिगाड़ रही समाज का माहौल, किसी को इसकी इजाजत न मिले, मुस्लिम महासंघ ने लगाई राज्यपाल से गुहार, जानें क्या है मामला

खान आशु
भोपाल। सभी धर्मों को समान अधिकार देने वाले देश में किसी भी व्यक्ति को इस बात का अधिकार नहीं है कि वह किसी अन्य धर्म को लेकर अनर्गल टिप्पणी करें। संवैधानिक दायरों में बंधे लोगों को इस बात का ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत है। हाल में ही में हुए इस तरह के मामलों को लेकर मुस्लिम समुदाय में नाराजगी है। राजधानी भोपाल में इसको लेकर मुस्लिम महासभा ने नाराजगी जताई। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन राज्यपाल को सौंपा। उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग भी की है।
मुस्लिम महासभा मध्य प्रदेश ने प्रदेश अध्यक्ष मुनव्वर अली खान ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज शेखर यादव के हेट स्पीच के खिलाफ महामहिम राष्ट्रपति के नाम   मध्य प्रदेश के महामहिम राज्यपाल के ADC शशांक कुमार को राजभवन जाकर सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि ज्ञापन में बताया गया है कि जज शेखर यादव ने विश्व हिंदू परिषद के एक कार्यक्रम में मुस्लिम समाज के खिलाफ हेट स्पीच दी है और अपशब्द बोले हैं। यह बयान न्यायपालिका के एक सदस्य के रूप में उनके पद के अनुकूल नहीं है और समाज में विभाजन और तनाव पैदा करने वाला है।
मुस्लिम महासभा मध्य प्रदेश ने ज्ञापन में जज शेखर यादव के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है और न्यायपालिका के सदस्यों को ऐसी बातें नहीं करने के लिए निर्देश देने की मांग की है जो समाज में विभाजन और तनाव पैदा न करें।
न्याय पालिका संविधान की संरक्षण करती है जज साहब ने भी संविधान की शपथ लेकर ही न्याय पालिका के उच्च पद पर आसीन है l
न्यायपालिका के एक सदस्य के रूप में, जज शेखर यादव को ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए जो समाज में विभाजन और तनाव पैदा करें। हमारा यह मानना है कि न्यायपालिका को समाज में एकता और सौहार्द को बढ़ावा देना चाहिए, न कि विभाजन और तनाव को बढ़ावा देना चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष मुनव्वर अली खान ने कहा कि भारत के लोकतंत्र का न्याय पालिका चौथा स्थंभ है जिसमें समता समानता की शपथ ली जाती ऐसे शिर्ष पद पर नियुक्त  न्यायधीश द्वारा दिया गया बयान लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा हैl
मुस्लिम महासभा के कानूनी सलाहकार एडवोकेट वहीद खान न बताया के जस्टिस शेखर यादव के भाषण में संविधान के निम्न लिखित अनुच्छेदों का उल्लंघन किया गया  है :
-अनुच्छेद 14 : समानता का अधिकार। जस्टिस शेखर यादव के भाषण में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ भेदभावपूर्ण टिप्पणियाँ की गईं।
-अनुच्छेद 15 : धर्म, जाति, लिंग, जन्मस्थान या भाषा के आधार पर भेदभाव का निषेध। जस्टिस शेखर यादव के भाषण में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ भेदभावपूर्ण टिप्पणियाँ की गईं।
-अनुच्छेद 19 : अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार। जस्टिस शेखर यादव के भाषण में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया गया।
-अनुच्छेद 21 : जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार। जस्टिस शेखर यादव के भाषण में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हिंसा और भेदभाव को बढ़ावा देने वाली टिप्पणियाँ की गईं।

महामहिम राष्ट्रपति  के समक्ष मुस्लिम महासभा मध्य प्रदेश ने  निम्नलिखित मांगें रखी गई हैं
1. जज शेखर यादव के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
2. न्यायपालिका के सदस्यों को ऐसी बातें नहीं करने के लिए निर्देश दिए जाएं जो समाज में विभाजन और तनाव पैदा करें।
3. समाज में एकता और सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए जाएं।
4. ऐसी कार्यवाही की जाय के आगे किसी की भी उच्च पद पर रहते संविधान की गरिमा को कलंक करने की न सोचेl
  इस अवसर पर मुस्लिम महासभा मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष मुनव्वर अली खान, प्रदेश महासचिव इरशाद अली खान, सचिव युसुफ खान, भोपाल संभाग प्रभारी मोहम्मद कलीम खान, रमीज खान भोपाली आदि शामिल थे।

MP News : एक कदम शिक्षा की तरफ… वक्फ बोर्ड कर रहा लगातार प्रयास, प्रदेशभर में चल रहा अभियान

खान आशु
भोपाल। शिक्षा के बिना समाज सुधार न तो संभव है और न देश प्रदेश की कल्पना की जा सकती है। मप्र वक्फ बोर्ड ने इसी धारणा को आगे रखते हुए शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान देने का बीड़ा उठाया है। इस मंशा को पूरा करने के लिए वक्फ संपत्तियों से होने वाली आमदनी का आधा हिस्सा जरूरतमंद विद्यार्थियों पर खर्च करने का फैसला लिया है। प्रदेश के कई बड़े वक्फ से इसकी तहरीर लिखी चुकी है। बाकी बड़े शहरों में भी यह कोशिश जारी है।
मप्र वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ सनव्वर पटेल ने बताया कि इस मुहिम से उन गरीब और जरूरतमंद बच्चों को फायदा मिल रहा है, जो अपनी शिक्षा के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते इसको पूरा नहीं कर पा रहे हैं।

अगला कदम उज्जैन में
मप्र वक्फ बोर्ड का शिक्षा विस्तार का अगला चरण उज्जैन में पूरा किया जाएगा। इसके तहत जिला वक्फ कमेटी एवं प्रबंध समितियों द्वारा वर्ष 2023-24 में कक्षा 10वीं में 65%या उससे अधिक अंक लाने वाले छात्र-छात्राओं को
आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस दौरान कक्षा 11वीं एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं तथा नीट(NEET) आदि की तैयारी करने वाले
छात्र-छात्राओं को भी छात्रवृत्ति दी जाएगी। मप्र वक्फ बोर्ड मेंबर फैजान खान ने बताया कि
यह शैक्षणिक मदद जिला स्तरीय मेरिट के आधार पर भौतिक सत्यापन के पश्चात उनकी इन्टीटूयूट को बैँकिंग के माध्यम से दी जानी है। छात्रवृत्ति हेतु आवेदन फॉर्म एवं विस्तृत जानकारी मप्र वक्फ बोर्ड द्वारा बनाए गए जिला इकाई कार्यालय मदार गेट कॉम्प्लेक्स, तोपखाना, उज्जैन
स्थित कार्यालय से कार्यालयीन समय सुबह 11 से  शाम 5 बजे तक प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आवेदन फार्म जमा करने की अंतिम तिथि 23 दिसंबर तय की गई है। विस्तृत जानकारी के लिए दूरभाष 9691232299 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

सेन शक्ति महा संगठन द्वारा म.प्र.के प्रत्येक संभाग में होगा प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन.राजेश्वर सेन

जीतेन्द्र सेन
भोपाल:- मध्य प्रदेश सेन शक्ति महा संगठन भोपाल संभाग की बैठक शनिवार को भोपाल में आयोजित की गई जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सेन समाज के उत्थान और एकता एवं समाज की विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश के प्रत्येक संभाग में सेन शक्ति महा संगठन द्वारा प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा वही इस कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ समाजसेवियों व प्रतिभागियों छात्र-छात्राओं और समाज की प्रतिभाओं का सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा जिसमें समाज की प्रमुख मांगे इस प्रकार हैं.1.सेन समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करना या कर्पूरी फार्मूला अति पिछड़ा वर्ग लागू कराना 2.संत शिरोमणि सेन जी महाराज की जन्मस्थली बांधवगढ़ में सेन स्मारक का निर्माण अति शीघ्र हो 3.केश शिल्पी बंधुओं के लिए दुकानें आवंटित की जाएं 4.राजधानी भोपाल में सेन समाज का आवासीय मंगल भवन बनाया जाए 5.राजनीतिक दलों में सेन समाज के लोगों की हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाए उक्त अन्य मांगों को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिसमें वैवाहिक सम्मेलन परिचय सम्मेलन भी आयोजित होंगे बैठक में संगठन के विस्तार को लेकर भोपाल संभाग के सभी पदाधिकारीयो को नियुक्ति पत्र दिए गए तथा बाकी अन्य समाजसेवियों को भी अति शीघ्र जिम्मेदारी दी जाएगी और इसी तरह संभाग द्वारा बैठकर करके संगठन का विस्तार किया जाएगा समाज संगठन के विस्तार के लिए सदस्यता अभियान भी चलाया जा रहा जो भी समाज बंधु संगठन में रहकर समाज सेवा करना चाहते हैं वह अवश्य इस संगठन में जुड़े तथा संगठन के विगत कार्यक्रमो के बारे में लोगों को जानकारी दी और समाज के अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक संगठन पहुंचे और समाज के लोगों की लड़ाई लड़ सके इसके लिए संगठन की अति आवश्यक बैठक में पदाधिकारीयो ने अपने अपने विचार रखें और सभी नवनियुक्त पदाधिकारी को प्रदेश अध्यक्ष राजेश्वर सेन द्वारा नियुक्ति पत्र देकर  पुष्पमालयों से सम्मानित किया गया इस अवसर पर शंभू दयाल सेन महिला प्रदेश अध्यक्ष कामिनी सेन प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष दर्शन सेन प्रदेश सचिव रघुवीर सराठे प्रदेश मीडिया प्रभारी संकेत सेन प्रदेश संगठन मंत्री कैलाश चंद्र सेन प्रदेश उपाध्यक्ष कामता प्रसाद सराठे भगत राम सेन घनश्याम सराठे राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त मनोज सेन  महिला उपाध्यक्ष माया सराठे मीना सराठे प्रदीप वर्मा इंदू सेन सतीस श्रीवास कविता सेन मलखान सेन नेहा सोनपुर सुनीता सेन नवीन सराठे नंदकिशोर श्रीवास विनोद सेन शुभम सेन गुरु सेन जीतू सेन बबलू सेन सुनील सराठे जिला अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद सराठे बबलू भैया संभाग अध्यक्ष हेमराज सराठे मनोहर सेन संजय सेन  जीपी सोनपुर पत्रकार जीतेन्द्र सेन बैरसिया पत्रकार कमल सेन बैरसिया पत्रकार श्याम कुमार सेन वल्लभनगर मनोहर लाल श्रीवास गुनगा केतु सराठे माखनलाल सेन रामपाल सेन नंदराम सेन अरविंद सेन सुरेश सेन देवेंद्र श्रीवास पप्पू श्रीवास गोविंद प्रसाद सेन विक्की सेन संतोष सेन चोपड़ा निलेश सारथी सुनील सेन रघुवीर सेन जयदेव सेन राजेश सेन रिंकू सेन नर्मदा प्रसाद सराठे रवि सराठे नर्मदा पुरम गिरधर सेन सहित बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित मौजूद रहे।

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