हजयात्रा 2026 : दो हजार अकीदतमंदों की राह आसान, क्लियर हुई वेटिंग

प्रदेश को पहले मिल चुका है 4 हजार से ज्यादा का कोटा

भोपाल। प्रदेश के हाजियों के लिए खुशखबर है। पहले से तय 4 हजार से अधिक के कोटे में 2060 सीटों का इजाफा किया गया है। वेटिंग लिस्ट में शामिल इन लोगों को हज कमेटी ऑफ इंडिया ने खर्च की पहली किश्त जमा करने के लिए कहा है।
सेंट्रल हज कमेटी ने प्रतीक्षा सूची में शामिल हाजियों की पहली लिस्ट जारी की है। इसके  मुताबिक प्रतीक्षा सूची के एक से 2060 नंबर के शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक प्रदेश के
करीब 10 हजार से ज्यादा आवेदकों ने हज आवेदन किया था। इनमें से करीब 4 हजार लोगों का नाम कुर्रे द्वारा निकाला गया था। इसके बाद भी बड़ी संख्या में लोग प्रतीक्षा सूची में रखे गए थे। पहली प्रतीक्षा सूची क्लियर होने के बाद अब प्रदेश का  हज कोटा 6 हजार से अधिक हो गया है।

इस तरह मिलेगा प्रदेश के जिलों को कोटा
इंदौर 613
भोपाल 375
उज्जैन 180
धार 165
देवास 106
खरगोन 74
बड़वानी 70
रतलाम 60
ईस्ट निमाड़ 47
जबलपुर 45
शाजापुर 42
सीहोर 37
रायसेन 35
राजगढ 29
मंदसौर 27
झाबुआ 22
बैतूल 16
छिंदवाड़ा 15
शहडोल 15
अलीराजपुर 14
हरदा 12
सागर 12
नर्मदापुरम 11
अनूपपुर 08
छतरपुर 08
बालाघाट 07
श्योपुर 05
नरसिंहपुर 04
डिंडोरी, मंडला और नीमच 02-02

11 अक्टूबर तक जमा करें किश्त
प्रतीक्षा सूची क्लियर होने के साथ ही सेंट्रल हज कमेटी ने चुने गए आवेदकों से पहली किश्त जमा करने का फरमान जारी कर दिया है। इसके लिए उसने 11 अक्टूबर की तारीख तय की है।

हज कमेटी को मिलेंगे करोड़ों रुपए
हज कमेटी ऑफ इंडिया को हाजियों से पहली किश्त के रूप में करोड़ों रुपए जमा करने की जल्दबाजी है। उसके चलते उसने ऐसे आवेदकों के आवेदन खारिज कर दिए हैं, जिन्होंने किश्त की राशि जमा नहीं कराई थी। अब प्रतीक्षा सूची क्लियर कर नए आवेदकों से पैसों की मांग की गई है। इस प्रक्रिया से उसे अकेले मप्र से 3 अरब, 13 करोड़, 73 लाख, 8 हजार रुपए प्राप्त होंगे। इसके अलावा वह पूरे देश के हाजियों से भी हजयात्रा के 8 महीने पहले राशि जमा करवा कर बैंक ब्याज कमाने की मंशा रखता है।

किसानों के लोन को भ्रष्टाचार की दीमक : आवेदक को पता ही नहीं, बैंक ने कर दिया लाखों का लोन

भोपाल। एक तरफ सरकार किसान कल्याण के लिए भरसक प्रयास कर रही है। तरह तरह की योजनाओं से उन्हें संबल देने की कोशिश कर रही है। लेकिन दूसरी तरफ सरकारी एजेंसियां इन योजनाओं को पलीता लगाने पर जुटी हुई हैं। रायसेन जिले के एक सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने केसीसी धारक एक व्यक्ति के नाम पर धोखाधड़ी का लोन पास कर दिया है। लाखों रुपए के इस लोन की संबंधित खाता धारक को जानकारी ही नहीं है। उस सितम यह कि अब उक्त ऋण की किस्तें अदा न करके खाताधारक का सिविल स्कोर भी बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।
मामला रायसेन जिले की तहसील सलामतपुर का है। यहां बैंक ऑफ इंडिया की शाखा की एक ग्राहक निशात शाहरीक पत्नी शारिक बसीर, निवासी 102, राजीव नगर, कोहेफिजा, भोपाल ने इस बारे में बैंक की शाखा में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बैंक मैनेजर को कानूनी नोटिस भेज कर कहा है कि उनकी स्वत्व एवं स्वामित्व की कृषि भूमि जिसका खसरा क्रमांक 67, 68, 72, 83, 90, 92, 96, 105 उनके भाइयों के साथ संयुक्त खाते की भूमि थी। उक्त भूमि ग्राम शाहपुर, तहसील रायसेन, पर स्थित है।

बिना आवेदन हो गया लोन
निशात के वकील ने लिखा है कि उक्त भूमि पर किसी व्यक्ति अथवा संस्थान के द्वारा आपके बैंक से केसीसी ऋण लिया गया है। जबकि निशात द्वारा उक्त भूमि पर कभी भी ऋण हेतु न तो आवेदन दिया गया है, न ऋण प्राप्ति हेतु कोई दस्तावेज आदि हस्ताक्षरित कर बैंक अथवा किसी व्यक्ति को दिए हैं। न ही ऋण प्राप्त नहीं किया गया है। उन्होंने लिखा है कि इस बारे में दिनांक 08/04/2025 को आपके बैंक की सलामतपुर शाखा में लिखित में शिकायत की जा चुकी है। लेकिन उसपर वर्तमान में भी किसी प्रकार की कोई कार्रवाई बैंक द्वारा नहीं की गई है।

अदायगी भी गुल
शिकायत में कहा गया है कि उक्त ऋण लेने वाले व्यक्ति के द्वारा ऋण की किस्तों की अदायगी समय पर नहीं की जा रही है। इस कारण मेरे निशात बसीर के सिविल स्कोर पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। इस प्रकार निशात के साथ धोखाधड़ी बैंक के माध्यम से हुई है। बैंक द्वारा ऋण देने की प्रक्रिया के समय यदि सूक्ष्मता से जांच करवाकर ऋण की प्रक्रिया की जाती तो यह लोन जारी नहीं होता। लेकिन इस मामले में फर्जी लोन आवेदकों और बैंक की सांठगांठ के चलते ही यह मामला हो पाया है।

इनके नाम हुए लाखों
जानकारी के मुताबिक बैंक की सांठगांठ से यह किसान क्रेडिट लोन असलम उल्लाह खान और अशरफ उल्लाह खान के नाम पर हुआ है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ग्राम रूपनगर शाहपुर (सलामतपुर) की सांठगांठ से इसको अंजाम दिया गया है। आमतौर पर जहां किसानों को लोन लेने के लिए बैंक के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं, धोखाधड़ी के इस लोन को आसानी से अंजाम दे दिया गया है।

कागजों पर हो गया फर्जीवाड़ा
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में सबसे रोचक तथ्य यह है कि जिस जमीन के नाम पर लाखों रुपए का गोंडोबल किया गया है, असल में उस तरह की जमीन भौतिक रूप से मौजूद ही नहीं है। कहा जा रहा है कि बैंक और लोन लेने वालों ने जिस खसरा नंबर को आधार बनाया है, वह भूमि नजूल के खसरा रिकार्ड में मौजूद ही नहीं है। वास्तविकता यह है कि लोन लेने के लिए यह खसरे फर्जी तरीके से कागजों पर पैदा किए गए हैं। लोन लेने वालों की इससे बैंक का सरकारी पैसा हड़पने की मंशा थी। लेकिन बैंक की गलती यह है उसने न व्यक्ति की जांच की, न खसरों का सत्यापन किया और न ही जमीन पर जाकर भौतिक सत्यापन करने की कोशिश की। इस कर्मकांड ने जहां सरकार को लाखों रुपए का चूना लगाया है, वहीं असल लोन चाहतमंदों को मुश्किलों में डाला है।

अज़ान में वह, नमाज़ में वह, दुआओं में वही, हजरत मुहम्मद हर जगह मौजूद : मौलाना शराफत नदवी

सिलसिला-ए-अदब समर्पित रहा पैगम्बर हजरत मुहम्मद के नाम, नामवर शायरों ने सुनाए नातिया कलाम

भोपाल। सिलसिला-ए-अदब का महाना प्रोग्राम इस बार कुछ अलग रंगत लिए हुए था। पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब को समर्पित इस प्रोग्राम में मौजूद शहर के नामवर शायरों ने नातिया कलाम पेश कर महफिल को रूहानी बना दिया। इस मौके पर मेहमान-ए-खुसूसी के तौर पर मौजूद उलेमाओं इकराम ने भी हजरत मुहम्मद साहब की जिंदगी, आज के हालात और आम लोगों द्वारा किए जा रहे व्यवहार का जिक्र किया।

महमूद जकी फाउंडेशन और दैनिक नया नजरिया के
मासिक कार्यक्रम सिलसिला-ए- अदब में इस माह नातिया महफिल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मेहमान-ए- खास मौलाना शराफत नदवी थे। इस मौके पर मुफ्ती मोहम्मद अहमद और मौलाना नेमत उल्लाह नदवी भी बतौर मेहमान मौजूद थे। मौलाना शराफत ने इस मौके पर कहा कि शायरी की जुबान अल्लाह तआला भी सुनता है। उन्होंने इस्लाम के आखिरी पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब का जिक्र करते हुए कहा कि उनका नाम अज़ान, नमाज और दुआ तक में शामिल है। मौलाना ने कई हदीस के हवाले से भी पैगम्बर की जिंदगी पर रौशनी डाली।

इस अवसर पर मौजूद शायरों ने अपने नातिया कलाम पढ़कर महफिल को रूहानी बना दिया।  कार्यक्रम में शायर अजीज रौशन, बद्र वास्ती, विजय तिवारी विजय, खलील असलम कुरैशी, कासिम अजहर आदि ने कलामों की रौशनी में हुजूर-ए- पाक की शान में तारीफ बयान की और खूब दाद लूटी। डॉ. नजर महमूद के किए गए इंतजामों को खूब सराहा गया और सिलसिला-ए-अदब की अब तक की बेहतरीन कड़ी इस कार्यक्रम को करार दिया गया। डॉ. महताब आलम के संचालन में हुए इस प्रोग्राम में दुनियाभर के लोगों ने ऑनलाइन जुड़कर कार्यक्रम का मजा लिया। इस मौके पर डॉ. अंजुम बाराबंकवी, डॉ. कमर अली शाह, इकबाल मसूद, डॉ. अहसान आज़मी, डॉ. नसीम अहमद, रजा दुर्रानी, खालिद महमूद, शमीम अख्तर, फरहान खान, अनवर खान एडवोकेट, तौफीक अहमद, खलील खान, नमीर नजर महमूद आदि मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में मेहमानों का शुक्रिया अदा करते हुए डॉ. नजर महमूद ने कहा कि यह कार्यक्रम का समापन नहीं, बल्कि कुछ वक्त के रोका गया एक लम्हा है, अगली बार नए जोश, उत्साह और एजेंडा के साथ सिलसिला-ए-अदब जारी रखा जाएगा।

अजीम प्रेम जी , JNCT , मानसरोवर , LNCT , महर्षि , शुभम ज्ञानवीर सहित कई अन्य यूनिवर्सिटी डिफाल्टर घोषित

एमपी की ये 10 प्राइवेट यूनिवर्सिटी डिफॉल्टर घोषित

भोपाल|मध्यप्रदेश की 10 प्राइवेट यूनिवर्सिटियों को यूजीसी ने डिफॉल्टर घोषित किया है। बड़ी चौंकाने वाली बात यह है कि इन संस्थानों ने अपनी आवश्यक जानकारी तक आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड नहीं की थी। देशभर में चलाए गए इस अभियान के दौरान कई राज्यों की कुल 54 यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई हुई, जिसमें एमपी की 10 यूनिवर्सिटी भी शामिल हैं।
यूजीसी ने साफ निर्देश दिए हैं कि विश्वविद्यालयों को अपने कोर्स, फैकल्टी, एडमिशन, फीस स्ट्रक्चर और अन्य अनिवार्य जानकारियां सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। नियमों का पालन न करने वाली यूनिवर्सिटी पर आगे और सख्त कार्रवाई भी हो सकती है।छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि प्रवेश लेने से पहले यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट और मान्यता संबंधी जानकारी ज़रूर जांचें।

इन यूनिवर्सिटीज़ ने अपनी वेबसाइट पर जरूरी जानकारी अपलोड नहीं की और लोकपाल की नियुक्ति नहीं की, जो यूजीसी के नियमों के अनुसार अनिवार्य है।

डिफॉल्टर यूनिवर्सिटी की सूची:

भोपाल
– अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी
– जेएनसीटी यूनिवर्सिटी
– शुभम यूनिवर्सिटी
सीहोर
– आर्यावर्त यूनिवर्सिटी
– मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी
इंदौर
– एलएनसीटी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी
जबलपुर
– महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय
– महाकौशल यूनिवर्सिटी
सागर
– ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी
शिवपुरी
– प्रीति ग्लोबल यूनजी

यूजीसी ने इन यूनिवर्सिटीज़ को डिफॉल्टर घोषित करने के पीछे का कारण पब्लिक सेल्फ डिस्क्लोजर गाइडलाइन्स का पालन न करना है। इन यूनिवर्सिटीज़ को अंतिम नोटिस जारी कर दिया गया है और उन्हें तुरंत नियमों का पालन करना होगा

माता हरसिद्धि के दरबार में उमड़ रहा भक्तोंगणों का जन सैलाब

बड़ी संख्या में दर्शनों को पहुंच रहे श्रद्धालु

जीतेन्द्र सेन
बैरसिया।। कई जिलों में प्रसिद्ध बैरसिया क्षेत्र के तरावली कला गांव में स्थित मां हरसिद्धि का प्राचीन मंदिर। यहां मैया के दरबार में बड़े-बड़े नेता राजनेता जनप्रतिनिधि माथा टेकने आते हैं बताया जाता है कि चैत्र,और अश्विन माह के नवरात्रि में माता रानी की महिमा कुछ अलग ही होती है मां हरसिद्धि के महंत मोहनगिरी महाराज बताते है कि देवी मां ने उज्जैन के राजा विक्रमादित्य की आराधना से प्रसन्न होकर उन्हें दर्शन दिए थे। कहा जाता है कि देवी मां का मस्तक उज्जैन में,चरण काशी में और धड़ तरावली कला में है यहां आने वाले  भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। मां हरसिद्धि के दरबार में नवरात्रि पर भव्य मेले का आयोजन होता है जो 1 महीने तक चलता रहता है। राजधानी भोपाल से करीब 40 किमी दूर तरावली कला गांव में स्थित है प्राचीन मां हरसिद्धि माता मंदिर। यहां पहुंचने के लिए बैरसिया रोड से करीब दस किमी अंदर जाना होता है।

इस मंदिर का ऐतिहासिक महत्व है। यहां साल भर भक्तों का तांता लगा रहता है।ऐसी मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु यहां सच्चे भक्ति-भाव से आता है, माता रानी उसकी हर  मनोकामना अवश्य पूर्ण करती है चैत्र नवरात्र ओर अश्विन नवरात्रि के अवसर पर यहां विशेष आयोजन किए जाते हैं। ओर विशाल मेला लगता है। यहां माता रानी के दर्शन करने विभिन्न जिलों के अलावा  दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों से भी हजारों की संख्या में भक्तगण नंगे पैर पैदल चुनरी यात्राओं के साथ अपनी मनोकामना लेकर मां के दरबार में आते हैं। आपको बता दें कि यहां रात के समय मंदिर का नजारा देखने लायक होता है। जहां रंग-बिरंगी रोशनी में नहाया यह मंदिर अद्भुत छटा बिखेरता है। मां हरसिद्धि के दरबार में लगातार 9 दिनों तक विभिन्न समाज के सामाजिक संगठनों को सेवाधारी के रूप में सेवा करने का अवसर मिलता है।

जहां इसी कड़ी में शनिवार को सेन समाज संगठन तहसील बैरसिया जिला भोपाल सेन समाज संगठन को सेवा करने का अवसर मिला जिसमें सुबह 7 बजे से शाम 7बजे तक समस्त सेन समाज के लोगों द्वारा मां के दरबार में सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ। जिसमें सेन समाज समेत कई सामाजिक संगठनों के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

TSM मशीन सुविधा या मुसीबत , किसान परेशान कहीं नाप रहें नदी तो कहीं नाप आए बेदरा…

किसानों की मांग जरीब से हो जमीनों का सीमांकनरामभाई मेहर


जीतेन्द्र सेन
बैरसिया।। आजकल खेती किसानी करना दिन ब दिन और कठिन होता जा रहा है वहीँ फ़सल बोने से लेकर काटने तक किसान तमाम तरह की समस्याओं से जूझता है वहीं कर्मचारी और अधिकारी लगवाते है तो सिर्फ और सिर्फ दफ्तरों के चक्कर… वहीं राजधानी से लगी हुई तहसील बैरसिया में किसानों का गुस्सा तब फूट पड़ा ज़ब ज़ब बैरसिया विधानसभा के किसान कांग्रेस नेता रामभाई मेहर अपने क्षेत्र में भ्रमण पर निकले और उनके गाँव पहुँच गए… रामभाई मेहर बैरसिया विधानसभा क्षेत्र के जमीनी कार्यकर्त्ता होने के साथ ही किसान कांग्रेस के अध्यक्ष भी है वह निरंतर विभिन्न गांवों का दौरा कर रहे हैं जिसमें सबसे ज्यादा समस्याएं उन्हें किसानों द्वारा बताई रही है ! किसानों ने मेहर को बताया की हमें राजस्व विभाग द्वारा टीएसएम मशीन के जरिये जो सीमांकन किया जा रहा है उसमें सबसे ज्यादा छोटे किसान बहुत दुखी एवं परेशान है और लगभग हर किसान के खेत की मेड़ दूसरे अन्य किसान के खेत में पहुंच रही है। इतना ही नहीं किसी किसान की जमीन नदी में नाप रहे है तो किसी की नाले में  तक नाप रहें है इतना ही नहीं किसानों ने बताया की टीएसएम मशीन के जरिये नपती होने से भूमि विवाद बड़े है और नईं तकनीक में जमीन की नपती के लिए टोटल स्टेशन मशीन (टीएसएम) का उपयोग किया जा रहा है। जिसे जीपीएस से जोड़कर एक निश्चित स्थान तय कर सर्वें किया जाता है। इसे पूर्व से प्रचलित नक्शे में सुपर इंपोज किए जाने पर जमीनों की सरहद (मेड़ ) सीमांकन के दौरान स्थापित मौके की मेड़ से हट रही है और जमीनी विवाद निरंतर बढ़ रहे हैं किसान कांग्रेस नेता रामभाई मेहर ने किसानों से आश्वासन दिया है की जल्द ही आपकी इन समस्याओं को प्रशासन के सामने रखेंगे और निराकरण का प्रयास भी करेंगे।

*इनका कहना*

बैरसिया क्षेत्र के किसानों को सीमांकन में उपयोग की जाने वाली टीएसएम मशीन पर विश्वास नहीं हो रहा है। किसान कांग्रेस किसानों के साथ है। हम इन मशीनों की विश्वसनीयता का सत्यापन और सटीकता का परीक्षण शासन-प्रशासन से लीगल मेट्रोलॉजी विभाग से करवाने की मांग करेंगे।

रामभाई मेहर
अध्यक्ष किसान कांग्रेस भोपाल ग्रामीण

शासकीय माध्यमिक शाला चौपड़ा कलां में स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत रैली एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन

भोपाल |शासकीय माध्यमिक शाला चौपड़ा कलां के छात्र-छात्राओं द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त गाँव बनाने के उद्देश्य से आज जागरूकता रैली निकाली गई।

रैली के दौरान बच्चों ने दुर्गा जी की झांकी स्थलों एवं गाँव के विभिन्न स्थानों पर पहुँचकर सिंगल यूज़ प्लास्टिक से होने वाले दुष्प्रभावों पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। साथ ही नागरिकों को कपड़े की थैली का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर विद्यालय के HM प्रेम सिंह कीर, शिक्षिकाएँ नंधिनी एवं दीपिका उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की सफलता में SRF Foundation से प्रोग्राम ऑफिसर विष्णु वर्मा,  निशा सैनी एवं राखी कुशवाहा का विशेष सहयोग रहा।

शिक्षा, रोजगार, राष्ट्र निर्माण के लिए जुटेगा MRM, आयोजन 27 को

भोपाल। शिक्षा, रोजगार, एकता और राष्ट्र निर्माण में सहभागिता की भावना के साथ मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) दिल्ली में एक महा सम्मेलन करने वाला है। संगठन के अगुआ इंद्रेश कुमार इस कार्यक्रम में खासतौर से शामिल होंगे। आरएसएस और भाजपा संगठन के बड़े नेता भी इस मौके पर मौजूद रहेंगे।
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े इरफान अहमद ने बताया कि आज के समय में शिक्षा की अत्यंत आवश्यकता है। इसके अभाव में समुदाय रोजगार से पिछड़ रहा है। उन्होंने कहा कि महा सम्मेलन के दौरान देशभर से जमा हुए लोग शिक्षा के महत्व पर चर्चा करेंगे। साथ ही इसके व्यापक प्रसार की भी कोशिश करेंगे। इरफान अहमद ने कहा कि देश में बने हुए हालात में मुस्लिम समुदाय अलग थलग मान लिया गया है। जबकि सरकारें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से सबके उद्धार के लिए संकल्पित है। महा सम्मेलन के दौरान सभी आगंतुकों को राष्ट्र निर्माण में सहभागिता करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। मंच के मप्र इकाई के फारुख खान ने बताया कि महा सम्मेलन में प्रदेश से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आमजन शामिल होंगे। आयोजन 27 सितम्बर को दिल्ली के ताल कटोरा स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। समाज और देश की बेहतरी के संकल्प के साथ मुस्लिम राष्ट्रीय मंच और पसमांदा मुस्लिम समाज यह आयोजन कर रहा है।

स्वदेशी खिलौना एवं व्यंजन प्रदर्शन  और खाद्य पदार्थ के उपयोग के बारे में जागरूकताकार्यक्रम का आयोजन

भोपाल पोषण माह के अंतर्गत कजागृति विद्या मंदिर हाई सेकेंडरी स्कूल, जे.पी. नगर, भोपाल में स्वदेशी खिलौने एवं व्यंजन प्रदर्शन का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास परियोजना से अधिकारी श्री धर्मेंद्र अग्रवाल एवं पर्यवेक्षक संगीता मंडराई मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्कूल के प्रिंसिपल, शिक्षकगण, बच्चों के माता-पिता तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता – हेमा, शांति जाटव, प्रवीण, प्रिया, यशोदा, आशा, भारती, धनेश, कृष्णा सहित समस्त सहायिकाएँ सक्रिय रूप से शामिल रहीं। इसके अतिरिक्त एस.आर.एफ. फाउंडेशन से निशा सैनी और अर्जुन सिंह ने भी सहभागिता की।

निशा सैनी ने पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत ईसीसीई (अर्ली चाइल्ड केयर एंड एजुकेशन) पर विशेष चर्चा की। उन्होंने बताया कि बच्चों द्वारा निर्मित स्वदेशी खिलौनों के माध्यम से उनकी मांसपेशियों, रचनात्मकता, क्रियात्मकता एवं संवेगात्मक विकास को प्रोत्साहन मिलता है।

कार्यक्रम में माताओं को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता दी गई। “कम नमक, कम चीनी, कम तेल” के महत्व पर चर्चा की गई। साथ ही बालिकाओं के लिए बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) जाँच शिविर आयोजित कर मोटापे की पहचान एवं रोकथाम की जानकारी दी गई।
इस प्रदर्शन में विद्यार्थियों ने स्वयं निर्मित स्वदेशी खिलौनों और पारंपरिक व्यंजनों का आकर्षक प्रदर्शन कर स्थानीय संस्कृति एवं नवाचार का संदेश दिया।

सेवा पर्व में होगा शक्ति स्पंदन, आयोजन आज से शुरू, 30 तक चलेगा

भोपाल। संस्कृति विभाग का पुरातत्त्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय सेवा पर्व 2025 मना रहा है। इस दौरान बहु आयामी आयोजन शक्ति स्पंदन किया जाएगा। जिसमें दर्शकों को अतीत के शक्ति स्पंदन के साथ आधुनिक शक्तिशाली भारत की अवधारणा के दर्शन होंगे।
यह आयोजन 20 से शुरू होकर 30 सितम्बर तक सुबह 10 बजे से शाम तक चलेगा।
इस दौरान शक्ति स्पंदन प्रदर्शनी का आयोजन राज्य संग्रहालय, भोपाल में किया जाएगा। यह प्रदर्शनी इंदौर के केन्द्रीय संग्रहालय में भी लगाई जाएगी। साथ ही त्रिवेणी संग्रहालय उज्जैन और रानी दुर्गावती संग्रहालय जबलपुर में इसका आयोजन किया जाएगा।

चित्रकला प्रतियोगिता
इस अवसर पर एक चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन भी होगा। जो यशोधर्मन संग्रहालय मंदसौर, राज्य संग्रहालय भोपाल, गुजरी महल ग्वालियर, महाराजा छत्रसाल संग्रहालय, धुबेला तुलसी संग्रहालय, रामवन में आयोजित की जाएगी। इसी दौरान प्रदेश के
जिला पुरातत्व संग्रहालय विदिशा, पन्ना, होशंगाबाद, शहडोल, मंडला, रीवा, राजगढ़ देवास, धार, कसारवाड़ खरगोन, ओरछा निवाड़ी, सागर, दमोह आदि में भी विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। इन सभी कार्यक्रमों के दौरान  महिलाओं के लिए प्रवेश निःशुल्क रहेगा।

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