Iztima News : आपदा में अवसर की जुगत : इज्तिमा के नाम पर चंदा उगाई की कोशिश, मामला बिगड़ा तो लिए कदम पीछे, जानें क्या है मामला

खान आशु
भोपाल। चंदे का धंधा हमेशा लोगों के लिए कमाई का जरिया रहा है। तीज, त्योहारों और विभिन्न अवसरों पर लोग इसका  फायदा उठाते रहे हैं। इंतहा तब हो गई, जब एक रजिस्टर्ड सामाजिक संस्था (NGO) ने आलमी तबलीगी इज्तिमा को के नाम पर ही चंदा उगाई की अपील कर डाली। जबकि करीब 77 बरस पुराने इस आयोजन का सूत्र कभी भी किसी तरह के चंदा उगाई का नहीं रहा है। “अल्लाह की राह में, अपने कदमों से, अपने खर्च पर” की धारणा के साथ यह आयोजन होता रहा है। सही समय पर इज्तिमा प्रबंधन के एक्शन लेने का असर यह हुआ कि एनजीओ ने अपनी अपील वापस ले ली और दानदाताओं से माफी मांग ली है।

पहले हुआ यह…
सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अशरफ हुसैन नामक एक व्यक्ति ने एक पोस्ट शेयर की। उन्होंने फेथ एंड केयर वेल्फेयर फाउंडेशन के नाम से एक अपील आगे बढ़ाई थी। इसमें कहा गया था कि आलमी तबलीगी इज्तिमा में आने वाले लाखों लोगों के लिए मुफ्त खाने और पानी की बॉटल का इंतजाम संस्था द्वारा किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने चार दिन के इज्तिमा आयोजन में होने वाले खर्च के लिए लोगों से दान करने की अपील भी की।

इज्तिमा प्रबंधन ने लिया संज्ञान
सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस चंदा उगाई के मैसेज को इज्तिमा कमेटी ने तत्काल संज्ञान लिया। कमेटी के मीडिया को ऑर्डिनेटर डॉ उमर हफीज ने एक वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि इज्तिमा आयोजन के दौरान आने वाले जमातियों को मुफ्त में खाना या कोई और वस्तु देने का कभी कोई प्रावधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यहां आने वाला हर व्यक्ति अपने खर्च पर ही सफर करते हैं। डॉ उमर हफीज ने यह भी कहा कि इज्तिमा प्रबंधन की तरफ से किसी व्यक्ति या संस्था को इस तरह की गतिविधि की कोई आ अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने इस मामले में पुलिस कंप्लेन करने की बात भी कही।

और हट गए पीछे कदम
डॉ उमर ने सोशल मीडिया पर वायरल अशरफ की पोस्ट पर कमेंट करते हुए इस पोस्ट को तत्काल डीलिट करने अथवा इसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की बात कही। जिस पर अशरफ ने इस मामले से खुद को अलग बताते हुए मामला फेथ एंड केयर वेल्फेयर फाउंडेशन का बताया। कुछ देर बाद उन्होंने सोशल मीडिया से अपनी पोस्ट हटा भी ली। डॉ उमर हफीज ने बताया कि बाद में चर्चा के बाद NGO ने भी अपनी पोस्ट हटाते हुए अपने दानदाताओं से माफी मांग ली है।



यह होता है इज्तिमा में
देश दुनिया से आने वाले लाखों जमातियों के ठहरने के इंतजाम इज्तिमगाह पर किए जाते हैं। यहां खानपान के लिए कई जोन लगाए जाते हैं। जिनमें रियायती दरों पर वेज और नॉनवेज खाना उपलब्ध होता। चाय, नाश्ते और पीने के पानी को बॉटल भी यहां कम कीमत पर उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन फ्री भोजन वितरण का यहां कभी कोई इंतजाम नहीं किया जा जाता है।

आयोजन : 29 नवंबर से
कितने दिन : 4 दिन
दुआ ए खास : 2 दिसंबर को

कितने लोग : 10 लाख से अधिक लोगों के आने की संभावना

इज्तिमागाह पर : खानपान के कई जोन, विभिन्न समाजों द्वारा संचालित, नो लॉस नो प्रॉफिट के आधार पर बिक्री

Bhopal News : जीवन देने वाले अस्पताल के कड़वे बोल, यहीं पे गाड़ दूंगी… धर्मांतरण का केस लगवाकर अंदर करवा दूंगी….! जानिए अभद्रता भरे बोल की दास्तां देखें वीडियो

खान आशु
भोपाल। बीमारों के लिए डॉक्टर धरती का भगवान और अस्पताल उसके लिए मंदिर समान। लेकिन विश्वास के इस मंदिर में मरीज के परिजनों को जिंदा गाड़ देने की धमकियां दी जाने लगें तो…! यहां लोगों की जान बचाने वाले खुद यह कहते नजर आएं कि ज्यादा तेज चले तो धर्मांतरण का केस लगवा कर जेल भिजवा दूंगी….! तो कोई पीड़ित किस दर पर दस्तक देने जाएगा।
मामला पुराना भोपाल में मौजूद ABM अस्पताल का है। यहां पहुंचे एक मरीज के परिजन के साथ अभद्रता भरा व्यवहार करने वाली भी एक महिला है। इस अस्पताल की सीईओ सोनाली चौकसे मरीज के परिजनों से दुर्व्यवहार इस लिए करती नजर आईं कि इन लोगों के मरीज की जान अस्पताल की लापरवाही से चली गई। यह लोग अपना विरोध दर्ज कराने अस्पताल पहुंचे थे।



क्या क्या कह गईं महिला सीईओ
… ए सुन बे… यहीं पे गाड़ दूंगी!

…. बदतमीजी कैसे कर रहा है बे तू…?

… धर्म परिवर्तन करने का दबाव डाल रहा है, कहकर जेल भिजवा दूंगी…!

…. मैं ही हूं अस्पताल की मालिक!

क्या हुआ था
मोहम्मद सरफराज नामक युवक ने थाना शाहजहानाबाद थाना में शिकायत देते हुए बताया कि वे 18 नवंबर की रात करीब 11.30 बजे अपने पिता को ABM हॉस्पिटल लेकर गए थे। वहां तैनात डॉक्टर द्वारा ईसीजी की गई। कुछ समय बाद  सरफराज से कहा गया कि तुम अपने पिता को और कोई अस्पताल लेकर चले जाओ। इसका कोई उचित कारण भी नहीं बताया और उनके पिता का उपचार करने से मना कर दिया।सरफ़राज़  द्वारा अस्पताल में ईसीजी के लिए 300/- रूपये एवं 200/- रूपये की डॉक्टर की फीस जमा की थी, जिसकी भी रसीद एवं अन्य किसी भी प्रकार का कागजात अस्पताल के द्वारा मांगे जाने पर भी नहीं दिए गए। इसके बाद सरफ़राज़ द्वारा अपने पिताजी को चिरायु अस्पताल ले जाया जा रहा था, इसी बीच रास्ते में ही उनका निधन हो गया।

पहुंचे अस्पताल तो हुआ विवाद
20 नवम्बर को शाम करीब 7.30 बजे सरफ़राज़ के बड़े भाई बासित और मृतक के अन्य परिजन एबीएम अस्पताल पहुंचे तो उन्हें वहां पर अस्पताल की सीओई सोनाली चौकसे मिलीं। मृतक के परिजन द्वारा उनको पूरी घटना से अवगत करवाया गया और पूछा कि उनके द्वारा मरीज का उपचार
करने का इनकार क्यों गया तो इस पर सीईओ सोनाली चौकसे भड़क गईं और मृतक के परिजन को जमकर खरी खोटी सुना दी। मृतक के बेटे बासित को दाढ़ी और टोपी पहने देखकर बोलीं कि तुम मौलाना हो और यहां से चले जाओ, नहीं तो मैं तुम्हें  धर्म परिवर्तन के झूठे प्रकरण में फंसवा दूंगी।

इंसान नहीं था, आज है, कल नहीं रहेगा… जब तक हैं, भले काम करें : शहर काजी

भोपाल। दुनिया का निजाम है, सदियों से यूंही चल रहा है, कयामत तक ऐसे ही चलता रहेगा। इंसान कल नहीं था, आज है, कल नहीं रहेगा…! मतलब जो आया है, उसे लौटकर अल्लाह की तरफ जाना है। दुनिया और आखिरत की बेहतरी के लिए जरूरी है कि हम जब तक दुनिया में हैं, अल्लाह की रजा के लिए काम करते रहें।
काजी ए शहर सैयद मुश्ताक अली नदवी ने यह बात कही। वे शनिवार को इज्तिमगाह पहुंचे थे। उन्होंने यहां अगले सप्ताह शुरू होने वाले आलमी तबलीगी इज्तिमा की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए खुशी और फख्र की बात है कि इस शहर करीब 77 बरस से यहां आलमी तबलीगी इज्तिमा का इंतजाम किया जा रहा। शहर काजी ने कहा कि इज्तिमा का मकसद ही लोगों को जिंदगी गुजारने के तरीके सिखाना है। उन्होंने कहा कि भलाई के काम करते रहें, यही अल्लाह को राजी रखने का आसान तरीका है।

अल्लाह ने भेजा इबादत के लिए
शहर काजी ने कहा कि अल्लाह ने हमें इस दुनिया में इबादत के लिए भेजा है। इसीलिए हम सभी पर फर्ज है कि एक एक लम्हे को अच्छे कामों, लोगों की भलाई, इबादत में गुजारें। उन्होंने कहा कि इंसान एक दूसरे के लिए अच्छे ख्याल रखे। किसी इंसान का दूसरे इंसान को मुस्कुरा कर देखना भी अल्लाह की इबादत जैसा ही है। उन्होंने कहा कि एक दूसरे को देखकर नाराज होना, बुरा मानना, उसके लिए नुकसान का सबब बनना किसी जानवर का किरदार हो सकता है, यह इंसानी फितरत नहीं कही जा सकती।

शिरकत करें, दूसरों को भी दावत दें
शहर काजी ने कहा कि शहर के बाशिंदों के लिए अहम और फख्र करने जैसा मौका है, जब उनके शहर में इज्तिमा आयोजन हो रहा है। इसमें सभी लोगों को पाबंदी से शिरकत करना चाहिए। साथ ही बाकी लोगों को भी इसके लिए दावत देना चाहिए। उन्होंने इज्तिमा की कामयाबी की दुआ की। साथ ही इस काम को पूरा करने में जुटे लोगों की बेहतरी की भी दुआ की।

क्रिसमस से पहले तैयारियों का दौर, IHM ने सजाया “स्पाइस एंड स्वीट हार्मनी”

अमित सेन
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भोपाल। त्यौहार के मायने ही आनंद हैं। इनकी रंगतरंग में डूबे लोग इससे पहले तैयारियों में खुद को आनंदित करते हैं और इसके दौरान खुशियों से प्रफुल्लित होते हैं। इसी कड़ी में अब अगले महीने मनाए जाने वाले क्रिसमस पर्व की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। सांता क्लॉस से मनचाहे गिफ्ट की कल्पना मन में संजोए लोग उनके स्वागत के लिए दिल ओ जान से कुछ खास करने में जुटे हैं।
राजधानी भोपाल के इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) ने “स्पाइस एंड स्वीट हार्मनी” नामक केक मैसेरेशन समारोह का आयोजन किया। इस दौरान केक संरक्षण और सजावट की कला का प्रदर्शन किया गया। भिगोए गए ड्राईफ्रूट्स को पारंपरिक क्रिसमस केक बनाने के लिए उपयोग किया जाएगा। आयोजन के दौरान स्टूडेंट्स ने
अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन करके जिंजरब्रेड, क्रोकेम्बोचे और रॉयल आइसिंग के साथ दर्शकों को प्रभावित किया।आईएचएम भोपाल के प्रिंसिपल, डॉ रोहित सरीन ने बताया कि समारोह में शहर के विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों से प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। उन्होंने आईएचएम भोपाल के पारंपरिक पाक कला परंपराओं को बढ़ावा देने के प्रयासों की प्रशंसा की। डॉ रोहित सरीन ने कहा कि आईएचएम भोपाल का केक मैसेरेशन समारोह समुदाय के साथ त्योहार मनाने की एक उत्कृष्ट पहल है। जिसमें स्टूडेंट्स किसी के लिए “सीक्रेट सांता” बनकर योगदान देते हैं, जिससे समुदाय के प्रति कृतज्ञता की भावना पैदा होती है।

Iztima News : “महाकुंभ” की बेदखली के जवाब में “इज्तिमा” में सबके स्वागत की तैयारी, जानें क्या है मामला

खान आशु
भोपाल। महाकुंभ से लेकर दतिया के आयोजन तक में मुस्लिम व्यापारियों की बेदखली की आवाज़ें उठी हुई हैं। सनातन  के पैरोकार बने संतों से लेकर कई कथा वाचकों ने इस अभियान की कमान संभाल रखी है। ऐसे में आलमी तबलीगी इज्तिमा के वैश्विक आयोजन के दौरान लगने वाले मेले में सभी धर्मों के कारोबारियों को शामिल किए जाने का ऐलान किया गया है। इज्तिमा में लगने वाले बाजार के माध्यम से नफरत का जवाब मुहब्बत से देने की बात कही जा रही है।
ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी के संरक्षक मंडल में शामिल जफर आलम ने कहा कि बांटने की सियासत को हवा दे रहे लोग एक तरफ बंटोगे तो कटोगे… का नारा बुलंद कर रहे हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि गंगा जमुनी तहजीब के इस देश को कई टुकड़ों में बांटने की कोशिश में यही लोग सबसे आगे हैं। आलम ने कहा कि मिल जुलकर त्यौहार और खुशियां मनाने वालों के बीच धर्म की गहरी खाई खोदी जा रही है। लेकिन यह कोशिशें परवान नहीं चढ़ेंगी, क्योंकि हमारे देश में एक दूसरे के हाथ मजबूती से थमे हुए हैं, जिनको आसानी से अलग करना संभव नहीं हो सकता।

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इज्तिमा बाजार में आएं हर धर्म के व्यापारी
त्यौहार कमेटी की तरफ से जफर आलम ने कहा कि आलमी तबलीगी इज्तिमा के मुख्य आयोजन के समापन के बाद 3 दिसंबर से ताजुल मसाजिद परिसर में एक बड़ा मेला और व्यापारिक बाजार आयोजित किया जाएगा। करीब दो माह चलने वाले इस बाजार का इतिहास इतना ही पुराना है, जितनी उम्र इज्तिमा आयोजन की है। इस मेले में लगने वाली हजारों दुकानों में सभी धर्मों के कारोबारी पूरे देश से आकर अपना व्यापार करते हैं। जफर आलम ने कहा कि इन दिनों देश के विभिन्न हिस्सों से उठ रही साधु, संतों और कथा वाचकों की आवाजों में किसी भी सनातनी कार्यक्रम में मुस्लिम समुदाय के कारोबारियों को शामिल न किए जाने की बात कही जा रही है। लेकिन इज्तिमा आयोजन के दौरान ऐसी कोई पाबंदी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इस मेले में बरसों की परम्परा बरकरार रहेगी। यहां सभी धर्मों के व्यापारियों को पहले की तरह अपनी दुकानें लगाने की स्वतंत्रता रहेगी।

कहां लगेगा मेला
आलमी तबलीगी इज्तिमा के शुरुआती दौर से ही ताजुल मसाजिद परिसर में व्यापारिक मेला लगता है। करीब दो माह चलने वाले इस मेले की खासियत यहां रियायती दामों पर मिलने वाले गर्म कपड़े होते हैं।

एक शिकायत मानवाधिकार आयोग में
राजधानी भोपाल के एक सामाजिक कार्यकर्ता और अभिभाषक दीपक बुंदेले ने मध्य प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग को एक शिकायत की है। उन्होंने दमोह में स्वरोजगार और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के मकसद से आयोजित स्वरोजगार मेले में मुसलमान व्यापारियों से धार्मिक आधार पर भेदभाव करते हुए मेले से निकालने पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की है।
एडवोकेट दीपक ने कहा कि दमोह मेले के आयोजकों द्वारा कथित तौर पर कहा गया है कि यहां मुसलमानों को स्टॉल लगाने की अनुमति नहीं है। उन्होंने विभिन्न समाचार पत्र और न्यूज चैनलों की खबरों का हवाला देते हुए आयोग को बताया कि आगरा और लखनऊ के मुस्लिम व्यापारियों द्वारा निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद भी उन्हें बाजार से बाहर निकाल दिया गया है। एडवोकेट
दीपक ने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 15 के अनुसार देश के किसी भी नागरिक के साथ धार्मिक आधार पर भेद-भाव नहीं किया जा सकता। संयुक्त
राष्ट्र महासभा द्वारा स्वीकृत घोषणा पत्र दिनांक 10 दिसंबर 1948 के अनुसार के अनुच्छेद 2 के अनुसार भी धर्म, नस्ल, भाषा, लिंग आदि के आधार पर भी भेदभाव नहीं किया जा सकता। उन्होंने धार्मिक आधार पर मुसलमान व्यापारियों से भेद-भाव करने वालों के खिलाफ एवं मेले के आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

कर्कश जमीन से उपजा एक मखमली फूल, “इबारत” ने लिया आकार, 23 को होगा विमोचन

भोपाल। आमतौर पर पुलिस महकमे से जुड़े लोगों को उनकी कर्कषता, सख्त व्यवहार, बेदिली से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन इस विभाग से जुड़े कुछ लोगों का साहित्य रुझान भी देखा जा सकता है। ऐसे ही एक पुलिस अधिकारी ने अदब की महफिलों से नाता रखते हुए सफर यहां तक पहुंचाया कि अब एक संकलन के साथ मंजर ए आम पर है। इस काव्य संग्रह का विमोचन  23 नवम्बर को होगा। प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल की मौजूदगी में होने वाले इस आयोजन के दौरान एक मुशायरा भी आयोजित किया जाएगा।
जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर निगम के संयुक्त आयोजन के दौरान काव्य संग्रह इबारत का विमोचन किया जाएगा। इस पुस्तक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डॉ महेंद्र सिंह सिकरवार ” समीर” की कविताओं और गजलों को समेटा गया है। पुलिस की व्यस्तता भरी जिंदगी से कुछ समय खुद के लिए संजोकर डॉ सिकरवार ने इन कविताओं और गजलों को मूर्त रूप दिया है। कार्यक्रम 23 नवम्बर को रीवा के कृष्ण राज कपूर ऑडिटोरियम में शाम 7 बजे होगा। इसके मुख्य अतिथि के रूप में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल मौजूद रहेंगे।

सजेगी मुशायरा महफिल
इस मौके पर एक महफिल ए खास भी आयोजित की जाएगी। जिसमें देश के नामवर शायर अपना कलाम पेश करेंगे। इनमें मंजर भोपाली, डॉ विष्णु सक्सेना, कर्नल वीपी सिंह, सरिता शर्मा, डॉ महेंद्र सिंह “समीर” मदन मोहन समर, डॉ अंजुम बाराबंकवी, नदीम फर्रूख, पपलू लखनवी, डॉ महताब आलम, डॉ भुवन मोहिनी, जफर सहबाई, अमित शुक्ला आदि शामिल रहेंगे।

विश्व धरोहर सप्ताह : विरासत जानने की ललक, कैनवास पर बिखरे रंग

भोपाल। अपनी धरोहर को करीब से जानने, उसको निहारने और उसके लिए समग्र जानकारी जुटाने के लिए एक बहु आयामी आयोजन किया जा रहा है। विश्व धरोहर सप्ताह के शीर्षक से आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश पुरातत्त्व, अभिलेखागार और संग्रहालय संचालनालय द्वारा विभिन्न विधाओं को उकेरा जा रहा है।
19 से 25 नवंबर तक मनाए जा रहे विश्व धरोहर सप्ताह के अंतर्गत बुधवार को एक चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता “पुरातत्व धरोहर एवं संग्रहालय में प्रदर्शित पुरावशेष पर आधारित” थी।

प्रतियोगिता दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक आयोजित की गई और इसमें प्रदेशभर के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता का सबसे अनोखा पहलू यह था कि विद्यार्थियों को संग्रहालय में रखी मूर्तियों के सामने बैठकर प्रेरणा लेने का अवसर मिला, ताकि वे पुरातत्विक धरोहर से जुड़े अपनी कलात्मक रचनाएँ प्रस्तुत कर सकें।
प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं को हमारे सांस्कृतिक धरोहर और पहचान को समझने के लिए प्रेरित करना था, ताकि वे अपने इतिहास और संस्कृति के महत्व को जानें और उसे संजोकर रखें। यह आयोजन विद्यार्थियों के बीच पुरातत्व धरोहर के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
चित्रकला प्रतियोगिता के परिणाम “विश्व धरोहर सप्ताह” के अंतिम दिन 25 नवम्बर को घोषित किए जाएंगे।

कलेक्टर के निर्देश पर विशेष अभियान में निपटी 90 CM हेल्पलाइन

बीते दिनों Sdm शर्मा ने की थीं खाद्य पर बड़ी कार्यवाही,अब कलेक्टर ने किया निरीक्षण

अमित सेन
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भोपाल:- राजधानी भोपाल और आस पास के कई जिलों में खाद की किल्ल्त को लेकर विपक्ष सरकार और प्रशासन दोनों को घेरता हुआ नजर आ रहा है। मगर प्रशासन भी पूरी मुस्तेदी से किसानों के लिए सुचारु व्यवस्था बनाने में जुटा है और खाद्य की किल्ल्त को खत्म करने के लिए हर संभव प्रयास करता हुआ नजर आप रहा है। वहीं खाद से जुड़ी मिल रहीं शिकायतों पर भी तुरंत कार्यवाही भी कर निराकरण कर रहा है

कलेक्टर ने ली अधिकारीयों की बैठक दिए सख्त निर्देश

कलेक्टर कौशेलेन्द्र विक्रम सिंह द्वारा तहसील बैरसिया के मीटिंग हॉल में तहसीलदार नायब तहसीलदार बैरसिया के साथ राजस्व महा अभियान 3.0 एवं सीएम हेल्पलाइन की प्रगति का निरीक्षण किया एवं साथ ही उपस्थित पटवारीयों को राजस्व महा अभियान के सभी बिंदुओं पर शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने हेतु निर्देशित किया
कलेक्टर द्वारा समय सीमा बैठक में सोमवार को सीएम हेल्पलाइन में तहसील बैरसिया की न्यून प्रगति पर असंतोष जाहिर करते हुए दो दिवस के अंदर उक्त स्थिति में सुधार हेतु निर्देशित किया था जिसके परिपालन में आशुतोष शर्मा SDM बैरसिया द्वारा कल एवं आज विशेष अभियान चलाकर सामान्य प्रशासन विभाग एवं राजस्व विभाग की कल 90 शिकायतों का संतुष्टि पूर्वक निराकरण दर्ज कराया गया !

कलेक्टर ने बैरसिया तहसील और मंडी का किया भ्रमण एवं निरीक्षण

कलेक्टर भोपाल द्वारा मंडी परिसर में स्थित खाद्य वितरण का भी निरीक्षण किया गया एवं समुचित निर्देश दिए गए जिसके परिपालन में मंडी में उपस्थित शिक्षकों को टोकन वितरित किए गए एवं उनके विश्राम हेतु कुर्सियों की व्यवस्था की गई तथा उन्हें चाय भी पिलाई गई ताकि  किसान बिना किसी परेशानी के खाद प्राप्त कर सके, उन्होंने उपसंचालक कृषि को भी खाद की सतत आपूर्ति एवं शांति व्यवस्था के साथ वितरण हेतु निर्देशित किया !
तत्पश्चात कलेक्टर द्वारा बैरसिया के ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व महा अभियान 3.0 के अंतर्गत किए जाने वाले कार्यों का निरीक्षण किया इस कार्यक्रम में वे ग्राम पंचायत जमूसर कला के ग्राम भूरी पठार एवं ग्राम सोहाय पहुंचे जहां पर उन्होंने हल्का पटवारी से राजस्व महा अभियान 3.0 के अंतर्गत संपादित किए जाने वाले EKYC एवं  फार्मर रजिस्ट्री के कार्य का निरीक्षण किया एवं हल्का पटवारीयों को निर्देशित किया कि उक्त कार्य ग्रामीणों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए शत प्रतिशत निराकृत करें !

Cmo को दिए निर्देश,सड़क किनारे हो साफ सफाई

कलेक्टर भोपाल द्वारा बैरसिया तहसील में निरिक्षण करते समय मुख्य नगर पालिका अधिकारी बैरसिया को निर्देशित किया गया कि मुख्य मार्गों पर साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें मुख्य मार्गों पर धूल और गंदगी एवं कचरा इत्यादि ना हो !

शुभ और मंगल के प्रारंभ का पर्व है देवउठनी एकादशी- चेतन सिंह

बाल विद्यार्थियों के बीच मनाया त्यौहार, भेंट किये कंबल, खूब हुई आतिशबाजी

भोपाल। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य और वरिष्ठ भाजपा नेता चेतन सिंह ने बजरिया स्टेशन क्षेत्र बालक छात्रावास में विद्यार्थियों के साथ देवउठनी एकादशी का त्यौहार मनाया। बता दें कि चेतन सिंह विगत कई वर्षों से बाल विद्यार्थियों के साथ दीपोत्सव मनाते आ रहे हैं। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए चेतन सिंह ने देवउठनी एकादशी को शुभता और मंगल का वाहक पर्व बताया, इसके साथ ही उन्होंने तुलसी शालिग्राम विवाह प्रसंग पर भी विस्तृत व्याख्या की। कार्यक्रम में बाल विद्यार्थियों ने जमकर आतिशबाजी की और एक दूसरे को देवउठनी एकादशी की शुभकामनाएं दीं वहीं कार्यक्रम में चेतन सिंह द्वारा जरूरतमंद विद्यार्थियों को कंबल भेंट किये गए।

MP News : AIMIM से छिटकी टीम IUML की झोली में, तौकीर बने प्रदेश प्रवक्ता

खान आशु
भोपाल। प्रदेश के मुस्लिम मतदाताओं को सहेजने की कोशिश में जुटी ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) पैर पसारने से पहले ही सिमट गई। इसकी बिखरी हुई छुटपुट टीम भी यहां वहां पलायन करती नजर आने लगी है। इसी बीच प्रदेश में एक नई आमद के तौर पर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने अपनी जमावट शुरू कर दी है। AIMIM को प्रदेश और राजधानी भोपाल में खास पहचान देने वाले तौकीर निजामी के हाथों प्रदेश में अपनी बात रखने की जिम्मेदारी सौंपकर IUML ने अपनी नई और सफल पारी खेलने की तरफ कदम बढ़ा लिए हैं।
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने हाल ही में अपने प्रदेश पदाधिकारियों का ऐलान किया है। राजधानी भोपाल में हुई एक बैठक के दौरान तौकीर निजामी को प्रदेश प्रवक्ता घोषित किया गया। पार्टी के ज्वाइंट सेक्रेटरी डॉ एम यासिर राज ने उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपते हुए इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग IUML का परचम थमाया। इस मौके पर तौकीर निजामी के साथ बड़ी तादाद में कार्यकर्ताओं ने अपनी आस्था इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग IUML के साथ दिखाते हुए पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। कार्यक्रम के दौरान डॉ राज ने डॉ आसिफ अली को प्रदेश के संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी सौंपी। बैठक में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग IUML के प्रदेश अध्यक्ष जावेद खान के अलावा कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।

निजामी पर इसलिए भरोसा
सूत्रों का कहना है कि AIMIM की प्रदेश में शुरुआती यात्रा के दौरान तौकीर निजामी ने महती भूमिका निभाई है। पार्टी मुखिया असद उद्दीन ओवैसी की प्रदेश की इकलौती आमसभा से लेकर प्रदेश के निकाय चुनावों में परिणाम लाने वाले प्रदर्शन का जिम्मा भी उन्होंने ही निभाया है। विपक्ष की भूमिका निभाते हुए सत्ता पक्ष को घेरने के लिए मुखर रहना भी तौकीर की खासियतों में शामिल है। सूत्रों का कहना है कि IUML पहले तौकीर को प्रदेश में किसी बड़े पद पर आसीन करने का मन बना चुकी थी, लेकिन उनकी क्षमताओं और पार्टी की जरूरत के लिहाज से उन्हें प्रवक्ता की भूमिका में उतारा गया है।

IUML का भविष्य
दक्षिण भारत में कुछ सांसद, कई विधायक और राज्यसभा सांसद रखने वाली IUML प्रदेश के मुस्लिम बहुल विधानसभा क्षेत्रों में अपना वर्चस्व स्थापित कर सकती है। भाजपा से उपेक्षित और कांग्रेस से ठगे हुए मुस्लिम वोटर्स के लिए यह एक बेहतर विकल्प हो सकता है। प्रदेश की करीब 45 विधानसभा में अपना बाहुल्य रखने वाले मुस्लिम समुदाय को अपना वोट एकमुश्त दिखाकर अपनी ताकत दिखाने का मौका IUML के साथ मिल सकता है।

यहां है मुस्लिम बहुलता
प्रदेश की कई विधानसभा सीटों पर मुस्लिम वोट प्रतिशत हार जीत का फैसला करने के हालत रखता है। इंदौर संभाग के धार, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन के अलावा इंदौर की आधी विधानसभा सीटों पर मुस्लिम समुदाय का वर्चस्व है। इसी तरह उज्जैन संभाग में रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, शुजालपुर में भी बड़ी तादाद में मुस्लिम मतदाता मौजूद हैं। प्रदेश की राजधानी भोपाल की तीन विधानसभा मुस्लिम बहुल मानी जाती हैं। जबकि इस संभाग के राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, बैरसिया में भी मुस्लिम वोटर्स की बड़ी तादाद मौजूद है। इधर सागर, जबलपुर, सतना, ग्वालियर जैसे कई जिलों में भी मुस्लिम वोटर्स मौजूद हैं।

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