खान आशु
भोपाल। सिंहस्थ 2028 को लेकर बनाई गई मंत्री मंडलीय समिति की बैठक में करीब 6 हजार करोड़ रुपए के विभिन्न कामों की मंजूरी दी है। विभिन्न विभागों द्वारा किए जाने वाले कामों के बीच मप्र पुरातत्व विभाग को भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुखद अनुभव देने की मंशा के साथ यह काम किए जाना है। उज्जैन के अलावा आसपास के क्षेत्रों में पुरातत्विक महत्व वाले स्थानों पर यह काम होंगे।
सिंहस्थ 2028 की मंत्री मंडलीय समिति ने गत दिनों बैठक आयोजित की। इस दौरान पिछले स्वीकृत कामों की समीक्षा की गई। साथ ही सिंहस्थ आयोजन के लिए होने वाले नए कार्यों की स्वीकृति भी दी गई। इस दौरान गृह, नगरीय प्रशासन, जल संसाधन, ऊर्जा, लोक निर्माण, पुरातत्व, संस्कृति, पर्यटन विभाग आदि के कामों के लिए 5,995 करोड़ के 19 काम शामिल हैं। पुरातत्व विभाग के कई कार्य भी शामिल हैं।
यह कर रहा पुरातत्व
पुरातत्व विभाग सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी धरोहर की सुंदर छवि दिखाने के प्रयास कर रहा है। इसके लिए उज्जैन और इसके आसपास स्थित पुरातात्विक संपदा के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के काम किए जा रहे हैं। इन कामों में वीर दुर्गादास की राजसी छतरी, राम जनार्दन मंदिर, श्री चौबीस खंबा मंदिर, प्राचीन चामुंडा मंदिर आदि शामिल हैं। पुरातत्व विभाग यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं की व्यवस्था करने में जुटा है। विभाग यहां शौचालय, पानी की व्यवस्था, बैठने के लिए बैंच, जल निकास प्रणाली आदि शामिल हैं।
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भाजपा भोपाल नगर रविन्द्र यति तो भोपाल ग्रामीण से तीरथ सिंह मीणा होंगे अध्यक्ष।
18 और बीजेपी जिलाध्यक्षों की घोषणा
जीतेन्द्र सेन
भोपाल।। भारतीय जनता पार्टी के संगठन चुनाव वर्ष 2024 के लिये जिलाध्यक्ष के निर्वाचन प्रक्रिया अंतर्गत सोमवार को 16 जिला जिसमे देवास अशोकनगर भोपाल नगर एवं ग्रामीण की घोषणा की गई। आपको बता दें कि रविवार रात्रि में विदिशा एवं उज्जैन नगर के जिलाध्यक्षों की घोषणा की गई थी अभी इन 18 जिलों को छोड़कर बाकी की घोषणा होना बाकी हैं। जिसमें देवास के लिये रायसिंह सेंधव एवं अशोकनगर के लिये आलोक तिवारी को जिलाध्यक्ष घोषित किया गया हैं। प्रदेश चुनाव अधिकारी विवेक शेजवलकर की सहमति से ये घोषणा की गई है अन्य जिलों में भोपाल ग्रामीण के लिए तीरथ सिंह मीणा भोपाल नगर के लिये रविन्द्र यति मऊगंज के लिये डॉ. राजेन्द्र मिश्रा मैहर कमलेश सुहाने रतलाम प्रदीप उपाध्याय शिवपुरी जसमंत जाटव श्योपुुर शंशाक भूषण जबलपुर राजकुमार पटेल गुना धर्मेन्द्र सिकरवार हरदा राजेश वर्मा नीमच वंदना खण्डेलवाल को जिलाध्यक्ष घोषित किया गया हैं
वही बुरहानपुर मनोज माने पन्ना बृजेन्द्र मिश्रा छतरपुर चन्द्रभान सिंह गौतम, खण्डवा राजपाल सिंह तोमर, उज्जैन ग्रामीण राजेश धाकड़ को जिलाध्यक्ष बनाया गया हैं। भोपाल के जिलाध्यक्ष रविन्द्र यति घोषित भारतीय जनता पार्टी म.प्र. संगठन चुनाव 2024 के अंतर्गत जिलाध्यक्ष का निर्वाचन पूर्ण कर प्रदेश चुनाव अधिकारी विवेक शेजवलकर की सहमति से पार्टी की प्रदेश महामंत्री जिला चुनाव अधिकारी व सांसद सुश्री कविता पाटीदार ने भोपाल के जिलाध्यक्ष रविन्द्र यति की घोषणा की है।
रविंद्र यति अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में 1990 से 2002 तक खंडवा के जिला संगठन मंत्री, खंडवा विभाग के विभाग संगठन मंत्री एवं प्रांत सह मंत्री के पद पर पदस्थ थे। 2003 में भारतीय जनता युवा मोर्चा में जिला उपाध्यक्ष 2011 एवं 12 में भाजपा उत्सव प्रकोष्ठ में प्रदेश संयोजक भोपाल ग्रामीण में जिला उपाध्यक्ष एवं 2003 से लगातार मध्यप्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के सदस्य एवं वर्तमान में जिला महामंत्री के पद पर पदस्थ है। यति भोपाल की सबसे बड़ी सामाजिक संस्था कोलार हिंदू उत्सव समिति में सचिव एवं कोलार व्यापारी महासंघ एवं सरदार वल्लभभाई पटेल धार्मिक महोत्सव समिति के संस्थापक भी हैं। रविन्द्र यति जनप्रतिनिधि के रूप में 2007 से लगातार नगर पालिका में पार्षद हैं। वर्तमान में नगर निगम भोपाल में महापौर सदस्य एवं एमबीएम महाविद्यालय की जनभागीदारी में अध्यक्ष है।
युवा दिवस पर राजधानी में हुए अनेक आयोजन, किया गया झांकी समितियों का सम्मान
भोपाल। स्वामी विवेकानंद की जन्म जयंती को युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। युवा दिवस के उपलक्ष्य में शासन प्रशासन के साथ ही अन्य संगठनों द्वारा भी कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी तारतम्य में स्वामी विवेकानंद युवा समिति द्वारा आनंद नगर राम मंदिर में युवा दिवस मनाया गया। आयोजन में स्वामी विवेकानंद के जीवन संकल्प और संघर्ष पर बोलते हुए प्रांतीय पदाधिकारी मुकेश गुप्ता ने कहा कि भारत के प्रत्येक युवा को विवेकानंद के अध्यात्म से प्रेरणा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे स्वामी विवेकानंद ने निज जीवन राष्ट्र और धर्म की सेवा में अर्पित किया उससे हम सभी को प्रेरणा लेना चाहिए। वहीं कार्यक्रम में मौजूद राजेश विश्वकर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद के जीवन के शिकागो भाषण प्रसंग, युवाओं को संबोधन, मन को निर्भय करने जैसे प्रसंगों को याद किया। कार्यक्रम में आयोजन समिति के प्रांतीय पदाधिकारी मुकेश गुप्ता, राजेश विश्वकर्मा, दीपक चौकसे, जीतेन्द्र कोरी बंटी, रमेश यादव, वीरेन्द्र मीना, गगन बैरागी, अंकित विश्वकर्मा, विष्णु राय, राधेश्याम समेत सैकड़ों कार्यकर्ता वा स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय युवा दिवस विशेष: भारतीय संस्कृति और संस्कारों के संरक्षण के अग्रदूत बनें युवा
दीपेश कुमार अहिरवार
भारत का युवा वर्ग न केवल समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है, बल्कि स्वामी विवेकानंद के विचारों के अनुसार यह देश के भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाता है। इनके उभरने से देश को ना सिर्फ तरक्की मिलती है, बल्कि देश की संस्कृति, संस्कारों और विभिन्न क्षेत्रों का विकास भी इन्हीं के क्रियाकलापों से तय होता है। देश के इन युवाओं के उचित मार्गदर्शन और प्रेरणा के लिए सन् 1985 से प्रत्येक वर्ष 12 जनवरी को युवा प्रेरणा के प्रतीक स्वामी विवेकानंद का जन्मदिन राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में युवाओं को प्रेरित करने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से मनाया जाता है । स्वामी विवेकानंद अपने व्यक्तित्व, विचारों और अपने राष्ट्र प्रेम के आदर्शों के लिए पूरी दुनिया में पहचाने जाते हैं, वह भारत के ऐसे संस्कृति प्रतिनिधि थे, जिन्होंने युवाओं में वीरता और साहस का भाव जगाते हुए डर एवं कमजोरी को पाप कहा और अपनी आध्यात्मिक प्रेरणा से उनमें आत्मविश्वास जाग्रत किया। उन्होंने अपने विचारों और आदर्शों से न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया में लोगों को प्रेरित किया। उनका मानना था कि युवा समाज के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने युवाओं में साहस, आत्मविश्वास और राष्ट्रप्रेम का भाव जगाया। उनका कहना था, “उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो।” स्वामी विवेकानंद ने अपने विचारों से यह सिखाया कि सफलता का मूल आधार शिक्षा, चरित्र बल और परिश्रम है। आज के वर्तमान परिदृश्य में भी हमें यह समझना होगा कि युवा, राष्ट्र और समाज के प्राण होते हैं, और उनकी ऊर्जा और उत्साह सही दिशा में प्रयोग होने पर समाज को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है।
वर्तमान में समय बदलने के साथ तकनीक, वैश्वीकरण और आधुनिकता ने युवाओं को नई संभावनाओं और अवसरों से परिचित कराया है, जिससे इनकी सफलता के मायने भी बदल गए हैं । यदि इन अवसरों का सही दिशा में उपयोग किया जाए और युवा अपनी वास्तविकता को पहचानें, तो यह बदलाव सकारात्मक रूप से उनके जीवन में नए आयाम जोड़ सकता है। युवाओं को यह समझना होगा कि केवल आर्थिक सफलता व दिखावटी उपलब्धियों को ही सब कुछ मान लेना सही दृष्टिकोण नहीं है, बल्कि असल जीवन परिश्रम, धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और मानसिक संतुलन के साथ सामंजस्य से अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में निहित है । यदि वे सकारात्मक सोच, सशक्त चरित्र और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ें, तो आधुनिकता और तकनीक का प्रभाव उनके जीवन को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।
युवा शक्ति का सदुपयोग
राष्ट्र निर्माण में युवाओं की अहम जिम्मेदारी और अवसर
स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और विचारों को ध्यान में रखते हुए, युवाओं के लिए राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को समझना और उसे निभाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवाओं को अपनी ऊर्जा और साहस का सही दिशा में उपयोग करना चाहिए, ताकि वे अपने राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें और उनकी जिम्मेदारी केवल अपनी व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें समाज और राष्ट्र की भलाई में भी योगदान देना चाहिए। इसके लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देना आवश्यक है:
शिक्षा और अनुभव से सीखना शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित समझें, बल्कि इसे वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ना जरूरी है। युवाओं को यह समझना होगा कि किताबों में दी गई जानकारी को वे कैसे व्यावहारिक जीवन में लागू कर सकते हैं। इसके लिए कार्यशालाओं, इंटर्नशिप, और स्वयंसेवक कार्यों में भाग लेकर अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। यह न केवल कौशल को बढ़ाता है, बल्कि समाज की सेवा में भी योगदान देता है।
महिला सम्मान और सुरक्षा: युवाओं को महिलाओं के सम्मान और उनकी सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए । यह केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक सामाजिक और नैतिक दायित्व भी है। युवाओं को महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करना और उनके लिए सुरक्षित और समान वातावरण का निर्माण करना चाहिए।
व्यक्तित्व विकास और कौशल प्रशिक्षण
शैक्षिक योग्यता के साथ-साथ युवाओं का व्यक्तित्व विकास भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। आत्मनिर्भर बनने के लिए नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल, और तकनीकी ज्ञान का विकास करना आवश्यक है। यह उन्हें न केवल व्यक्तिगत बल्कि पेशेवर जीवन में भी सफलता की दिशा में मार्गदर्शन करेगा।
समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी
युवा अपने समय का सदुपयोग समाज में जागरूकता लाने और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में कर सकते हैं। समाज के प्रति जिम्मेदारी का अहसास और पर्यावरण की रक्षा की दिशा में योगदान करने से वे राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
राजनैतिक जागरूकता विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं को राजनीति और सरकार की प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक होने के प्रयास करना चाहिए। सही जानकारी, तर्कपूर्ण सोच, और संवाद कौशल के माध्यम से युवा राजनीति के माध्यम से देश की प्रगति में योगदान दे सकते हैं। इससे न केवल राष्ट्र निर्माण में मदद मिलेगी, बल्कि एक जागरूक और सशक्त नागरिक समाज की नींव भी रखी जाएगी।
साइबर सुरक्षा और AI का सदुपयोग
डिजिटल युग में साइबर अपराधों का बढ़ना एक गंभीर चिंता का विषय है। युवाओं को साइबर सुरक्षा के महत्व को समझना चाहिए, जैसे पासवर्ड सुरक्षा, गोपनीयता, और सुरक्षित नेटवर्क उपयोग । इसके माध्यम से युवा अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं और समाज में जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बन सकते हैं। इसके साथ ही, AI का सही दिशा में उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्रों में नए अवसर उत्पन्न कर सकता है। हालांकि, इसका उपयोग जिम्मेदारी से किया जाना चाहिए, ताकि इसका प्रभाव सकारात्मक हो और समाज में लाभकारी बदलाव आए।
अपने रोल मॉडल का सही चुनाव
हमारी आदतें और पसंद अक्सर हमारे रोल मॉडल से मिलती हैं, यही कारण है कि रोल मॉडल हमारी असली क्षमता को पहचानने में मदद करता है और जीवन में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करता है। इसलिए युवाओं को अपने रोल मॉडल का चयन करते समय यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह उनके लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक हो न कि लक्ष्यों से भटकाने वाला। ध्यान रखें कि सही व्यक्ति की संगत ही समाज और राष्ट्र के लिए एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत कर सकती है।
उपरोक्तानुसार स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाकर, हम न केवल अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं, बल्कि हमारे सामूहिक प्रयास राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। स्वामी विवेकानंद के विचारों और आदर्शों से प्रेरित होकर, हमें यह समझना होगा कि हमारी संस्कृति, संस्कार और नैतिक मूल्य ही हमारे समाज और राष्ट्र की वास्तविक शक्ति हैं। यह दिवस हमें यह अहसास दिलाता है, कि युवा शक्ति का सदुपयोग राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाता है, और यदि वे स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाकर, सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हैं, तो वे न केवल अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
(लेखक युवा समाजसेवी हैं। वे
राष्ट्रपति पुरस्कार (इंदिरा गांधी राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार) से सम्मानित हैं)
अशोकनगर से तस्करी कर भोपाल लाया जा रहा था गौवंश, ट्रक में भरे थे दर्जनों गाय बछड़े !
भारत भूषण विश्वकर्मा
7400794801
भोपाल :- लगातार चलती कार्यवाही के बाद भी गौ तस्करों के हौसले बुलंद ही नजर आ रहे हैं। गौ वंश तस्करी से जुड़े लोग लगातार बेखौफ होकर संगठित रूप से इस घिनौने कृत्य में लिप्त हैं। राजधानी में एक बार फिर गौ तस्करी का मामला सामने आया है। ताजा मामला सुखी सेवनिया थाना क्षेत्र का है जहां हिंदूवादी संगठन राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की सूचना पर पुलिस ने गौ वंश तस्करी कर रहे आरोपित को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सफेद रंग के अशोक लीलैंड ट्रक MP04 YA 2638 में गौ वंश भरकर ले जाने की सूचना पर कार्यवाही करते हुए ट्रक ड्राइवर अकबर को मौके से गिरफ्तार किया गया है जबकि अकबर का सहयोगी शाहरुख फरार हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपित अकबर अशोकनगर जिले के आरोन से गौवंश भरकर भोपाल के बुधवारा क्षेत्र में ले जा रहा था। ट्रक में एक गाय एक बछड़ा मृत अवस्था में पाया गया जबकि लगभग 36 जीवित गाय बछड़ों को जीवदया गौशाला में रखा गया है। इतनी मात्रा में गौवंश का अवैध परिवहन करने का मुख्य कारण जांचने में पुलिस जुटी हुई है। ट्रक के मालिक तथा फरार आरोपित शाहरुख के विषय में भी पुलिस की विवेचना जारी है।
गौ तस्करों पर सख्त कार्यवाही की मांग
हिंदूवादी संगठन राष्ट्रीय बजरंग दल के महानगर अध्यक्ष राजा भैया का कहना है कि गौवंश तस्करी करने वाले आरोपियों पर रासुका जैसी गंभीर कार्यवाही होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने गौ तस्करी में उपयोग होने वाले ट्रक के मालिक तथा फरार आरोपित शाहरुख को भी जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है, संगठन के अन्य पदाधिकारियों प्रांतीय अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ठाकुर, महानगर अध्यक्ष राजा भैया, अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिला कोषाध्यक्ष पंडित राजीव द्विवेदी, राष्ट्रीय बजरंग दल के जिला उपाध्यक्ष अनुज ठाकुर, बजरंग दल के जिला गौरक्षा प्रमुख बलवीर सिंह यादव, महामंत्री विवेक पांडे, मंत्री गोलू गोस्वामी, रोहित कुशवाह आदि ट्रक को राजसात करने की कार्यवाही की मांग को लेकर जिला कलेक्टर से जल्द भेंट करेंगे।
सरकार को वेयरहाउस ऑनर्स एसोसिएशन की चेतावनी, किराया चुकाओ या विरोध झेलो
भोपाल। मध्यप्रदेश वेयरहाउस ऑनर्स एसोसिएशन की आम सभा की बैठक होटल रेवा रिजेंसी एम पी नगर जोन-2 में शुक्रवार को संपन्न हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार बैठक में एसोसिएशन के सभी सक्रिय सदस्य सम्मिलित हुए। बैठक में वेयरहाउस संचालकों ने विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की। इसके साथ ही सदस्यों द्वारा खरीदी नीति में सरकार को देने योग्य सुझावों पर भी चर्चा हुई। प्रदेश अध्यक्ष नवनीत रघुवंशी के अनुसार बैठक में एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा एकमत होकर यह निर्णय लिया कि पूर्व में दिए गए ज्ञापनों के बाद भी सरकार वेयरहाउस संचालकों के 2-3 वर्षों से लंबित गेहू, चना,मूँग, धान का किराया नही देती है तो एसोसिएशन लंबी लड़ाई लड़ेगी।प्रथम चरण में एसोसिएशन ने यह तय किया कि 23 जनवरी को समस्त वेयरहाउस संचालक मध्यप्रदेश वेयरहाउस ऑनर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में अपने अपने जिला मुख्यालयों पर अधिक से अधिक संख्या में एकत्रित होकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देंगे। यदि इसके बाद भी किराए का भुगतान सरकार नही करती है तो धरना प्रदर्शन आंदोलन किया जाएगा।
भारत के उत्थान की प्रेरणा है राष्ट्र मंदिर
श्रीराम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ पर विशेष
हितानंद शर्मा
अद्भुत, अकल्पनीय और अविस्मरणीय वह अभिजीत मुहूर्त, जब प्राण-प्रतिष्ठा कर रामलला के नेत्रों से पट्टिका हटाई गई तब पूरे विश्व में सनातन संस्कृति के उपासकों के नेत्रों में श्रद्धा, आस्था, आनंद और प्रतीक्षा के आँसू थे। पौष शुक्ल द्वादशी, 22 जनवरी 2024 केवल अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के उत्सव का दिवस नहीं, बल्कि संपूर्ण हिंदू समाज की दृष्टि और विचारों के परिवर्तन की उपलब्धि का दिन है। पीढ़ियों की तपस्या, त्याग, बलिदान और प्रतीक्षा के बाद अयोध्या ने इस शुभ घड़ी का स्वागत किया था।
भगवान श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा से आनंदित, उत्साहित यह वही अयोध्या है जिसके परिचय में अथर्व वेद में उल्लेख आता है कि –
अष्ट चक्रा नव द्वारा देवाना पू: अयोध्या।
तस्या हिरण्यमय: कोश स्वर्गो ज्योतिषावृत:।।
अयोध्या, जिसका अर्थ ही है जो अजेय, अपराजित है। सहस्त्रों वर्षो तक अयोध्या अपने स्वर्णिम इतिहास के लिए जानी जाती रही। वही अयोध्या जहाँ हिन्दू समाज के आराध्य श्रीराम जी का जन्म सकल लोक के मंगल हेतु हुआ। इसीलिए गोस्वामी तुलसीदास जी अयोध्या का वर्णन कुछ इस प्रकार करते हैं-
विप्र धेनु सुर संत हित लीन्ह मनुज अवतार।
निज इच्छा निर्मित प्रभु माया गुन गो पार।।
हिन्दू समाज की आस्था के केंद्र, समरसता, नैतिकता व कर्तव्यपालन का बोध कराने वाले श्रीराममंदिर का कालांतर में विध्वंस कर मुगल आक्रांताओं द्वारा गुलामी के प्रतीक के रूप में बाबरी मस्जिद बना दी गई। इसके बाद 1528 से ही आरंभ हुए श्रीराममंदिर आंदोलन का 9 नवम्बर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय पर विराम हुआ। 5 अगस्त 2020 को भूमिपूजन के साथ करोड़ों लोगों ने अपनी भावनाओं ने विविध प्रकार से अभिव्यक्त्ति की।
यह एक ऐसा आंदोलन रहा जिसमें साधु-संतों ने युद्ध भी किया और वे आध्यात्मिक जागरण के केंद्र भी बने। बैरागी अभिराम दास (योद्धा साधु), राममंदिर आंदोलन के शलाका पुरुष महंत रामचन्द्र परमहंस, महंत अवैद्यनाथ व देवरहा बाबा ने संपूर्ण आंदोलन को एक दिशा प्रदान की। कोठारी बन्धुओं के बलिदान को हिन्दू समाज भला कैसे विस्मृत कर सकता है? विष्णु डालमिया, अशोक सिंहल वे तेजपुंज हैं, जिन्होंने सनातन ऊर्जा को संग्रहीत कर इस पवित्र कार्य से जोड़ा।
मंदिर आंदोलन के मूल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका से सभी भलीभांति परिचित ही हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने पूरे आंदोलन में जनजागरण करते हुए आस्था के उच्चतम प्रतिमानों को विश्वव्यापी स्वरूप दिया। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सहित विचार परिवार के सभी संगठनों ने अपनी पूर्ण सामर्थ्य के साथ तत्कालीन सरसंघचालक बालासाहब देवरस की मंशा के अनुरूप धैर्यपूर्वक योजनाबद्ध आंदोलन किए। भारतीय जनता पार्टी द्वारा लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में देशव्यापी रथयात्रा ने पूरे भारत में वातावरण का निर्माण किया तो असंख्य कारसेवकों के बलिदान ने राम राष्ट्र के इस यज्ञ में समिधा का कार्य किया।
मंदिर आंदोलन के इतिहास में अनेक बलिदानियों के रक्त व उनके परिजनों के त्याग का बिंदु समाहित है। राममंदिर के प्रति समाज की आस्था इतनी प्रबल रही है कि जब श्रमदान आवश्यक था तब श्रमदान किया। वहीं राष्ट्रमंदिर को भव्यता और दिव्यता देने के लिए निधि समर्पण अभियान में जाति, वर्ग, दल, समूह के सभी बंधनों को ध्वस्त करते हुए जिससे जो बन पड़ा उसने भगवान श्रीराम के चरणों में समर्पण किया।
भारतीय पंचांग के अनुसार पौष शुक्ल द्वादशी को आज ही के दिन जो पिछले वर्ष 22 जनवरी 2024 को थी, भगवान के विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा हुई थी। संपूर्ण भारत की आस्था के केंद्र श्रीराम मन्दिर के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना को बल मिला और देशवासियों में स्वाभिमान का जागरण हुआ। वहीं जो लोग मन्दिर निर्माण का विरोध कर रहे थे उनके सारे अवरोधों का प्रति उत्तर भी इस एक वर्ष में मिला। प्राण-प्रतिष्ठा से आज प्रथम वर्षगांठ तक असंख्य दर्शनार्थियों ने न केवल रामलला के दर्शन किए बल्कि अयोध्या सहित आस-पास के क्षेत्र के आर्थिक तंत्र को मजबूत करने में महत्व पूर्ण भूमिका निभाई है।
नागर शैली में निर्मित अलौकिक सुंदरता से परिपूर्ण श्रीराम मंदिर की लंबाई पूर्व से पश्चिम 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट व ऊंचाई 161 फीट है। भव्य तीन मंजिला मंदिर में 392 स्तंभ और 44 द्वार हैं। भूतल में प्रभु श्रीराम का मोहक बाल रूप तो प्रथम तल में श्रीराम दरबार का गर्भगृह है। नृत्य मंडप, रंग मंडप, सभा मंडप, प्रार्थना व कीर्तन मंडप है। उत्तरी भुजा में मां अन्नपूर्णा व दक्षिणी भुजा में हनुमान जी विराजित हैं। मंदिर के समीप ही पौराणिक काल का सीताकूप रहेगा। 732 मीटर लंबे व 14 मीटर चौड़े चहुंमुखी आयताकार परकोटे के चार कोनों पर भगवान सूर्य, मां भगवती, गणपति व भगवान शिव का मंदिर बनेगा। मंदिर परिसर में ही महर्षि वाल्मिकी, महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषादराज, माता शबरी व देवी अहिल्या के मंदिर प्रस्तावित हैं।
यह मात्र एक मंदिर नहीं बल्कि भारत की संस्कृति और अस्मिता का प्रतीक है। एक स्वाभिमानी राष्ट्र अपने ऐसे ही प्रतीकों से ऊर्जा प्राप्त करता है। राम मंदिर भारत की चेतना का पर्याय है और इसका भी कि राम जन-जन की स्मृति में कितने गहरे रचे-बसे हैं। यह आधुनिक विश्वऔ के इतिहास में पहली बार है, जब किसी समाज ने अपने प्रेरणा पुरुष के जन्मस्थान एवं उनके उपासना स्थल को अतिक्रमण और अवैध कब्जे से न्यायपूर्वक छुड़ाने में सफलता प्राप्त की।
प्राण-प्रतिष्ठा उत्सव में उमड़ा भावनाओं का ज्वार ऐसे अनेक प्रश्नों का उत्तर दे रहा था कि राम मंदिर का निर्माण क्यों आवश्यक था और हिंदू समाज उसके लिए इतनी व्यग्रता से क्यों प्रतीक्षा कर रहा था? अच्छा होता कि यह प्रतीक्षा स्वतंत्रता के बाद ही पूरी हो जाती, किंतु संकीर्ण राजनीतिक कारणों और कथित सेक्युलरिज्म की विजातीय-विकृत अवधारणा के चलते ऐसा नहीं हो सका। यह विडंबना ही रही कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की हिंदू समाज की सदियों पुरानी स्वाभाविक अभिलाषा की अनदेखी की गई।
जिस अयोध्या को अवनी की अमरावती और धरती का बैकुंठ कहा गया, वह सदियों तक अभिशप्त थी, उपेक्षित रही, सुनियोजित तिरस्कार झेलती रही। अपनी ही भूमि पर सनातन आस्था पद दलित होती रही, किंतु राम का जीवन हमें संयम की शिक्षा देता है और भारतीय समाज ने संयम बनाए रखा। समय के साथ समाज का संकल्प भी दृढ़ होता गया और आज समस्त सृष्टि अयोध्या के वैभव को निहार रही है। यह धर्म नगरी विश्व की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में प्रतिष्ठित हो रही है।
संकल्प और साधना की सिद्धि के लिए, हमारी प्रतीक्षा की इस समाप्ति के लिए और संकल्प की पूर्णता के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों का भी अभिनंदन है। एक दूरद्रष्टि लेकर भारत के न भूतो न भविष्यलति के स्वर्णिम अवसर को साकार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। श्री राम जन्मभूमि मंदिर की स्थापना भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का आध्यात्मिक अनुष्ठान है। यह राष्ट्र मंदिर है। अब भारत को भव्य बनाने के संकल्प को पूर्ण करने की बारी है और भगवान श्रीराम का मंदिर इसकी प्रबल प्रेरणा है। ऐसा होना निश्चित ही है क्योंकि इस प्राण प्रतिष्ठा से समस्त दिशाओं से शुभ संकेत मिलना आरंभ हो ही चुका है। गोस्वामी तुलसीदास जी की इन पंक्तियों के साथ-
“मोरे जिय भरोस दृढ़ सोई, मिलहि राम सगुन सुभ होई.’’ शुभमस्तु ।

हर समस्या का समाधान, मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान – जनकल्याण शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का तुरंत हुआ निदान !
अमित सेन
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भोपाल। बीते मंगलवार को जनसुनवाई में ग्राम पनिया के अनेक ग्रामीण अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से भेंट करने पहुंचे थे। ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता लेते हुए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और भोपाल जिला पंचायत सीईओ ऋतुराज ने बैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा को तत्काल ग्राम पनिया में शिविर लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के निर्देश जारी किए। ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान हेतु गुरुवार को जमूसर कला ग्राम पंचायत के ग्राम पनिया में ब्लाक स्तरीय जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में एसडीएम बैरसिया आशुतोष शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बैरसिया दिलीप कुमार जैन, तहसीलदार बैरसिया करुणा दंडोतिया सहित सभी विभागों के खंड स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर के दौरान ग्रामीणों ने वन भूमि पर स्थित ग्राम को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने, ग्राम में पेयजल की समस्या होने, ग्राम के शमशान घाट में टीन शेड न होने, इमरजेंसी होने पर ग्राम की माता एवं बहनों की सुरक्षा के लिए जननी सुरक्षा वाहन के ग्राम में ना पहुंच पाने एवं ग्राम में मुख्य मार्ग से ग्राम तक डामर रोड निर्माण तथा गांव के अंदर ही सीसी रोड के निर्माण की मुख्य मांगे रखी गई। कलेक्टर के आदेश पर पीएचई विभाग की एसडीओ सुश्री अपराजिता पांडे द्वारा तत्काल बोरिंग मशीन बुलवाई गई एवं गांव में पेयजल की समस्या के निवारण हेतु बोर खनन का काम तत्काल शुरू कराया गया। उक्त कार्य पीएचई विभाग के द्वारा कल ही प्रारंभ कर दिया गया था परंतु एक बोर के असफल होने के बाद दूसरा बोर तत्काल खनन करने का कार्य शुरू कराया गया ताकि ग्रामीणों की पेय जल की समस्या का त्वरित निराकरण हो सके। वहीं जनपद पंचायत बैरसिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा ग्राम पनिया के शमशान घाट में टीन शेड निर्माण की स्वीकृति तथा शीघ्र निर्माण की घोषणा की गई। इसी प्रकार गांव में निवासरत महिलाओं के स्वास्थ की चिंता करते हुए बैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा ने वहां उपस्थित खंड चिकित्सा अधिकारी को तत्काल निर्देशित किया गया कि आवश्यकता पड़ने पर गांव में तत्काल जननी सुरक्षा का वाहन भेजा जाए ताकि ग्रामीण जनों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो सके। शिविर में ग्रामीण जनों द्वारा आंगनवाड़ी खोले जाने की मांग पर बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रियंका दीवान द्वारा बताया गया कि उक्त संबंध में प्रस्ताव पूर्व में प्रेषित किया जा चुका है एवं पुनः एक बार शासन को प्रस्ताव प्रेषित किया जाएगा।
जनसेवा को प्राथमिकता देते हुए राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरण करें: राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा
लापरवाही बरतने वालों पर कठोर कार्यवाही होगी
जीतेन्द्र सेन
भोपाल।। हुजूर तहसील में राजस्व से जुड़े केस पेंडिंग होने पर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा नाराज हो गए। उन्होंने तहसीलदार अनुराग त्रिपाठी को फटकार लगा दी। उन्होंने जिले के अधिकारियों को हिदायत दी कि काम में लापरवाही की तो सस्पेंड कर दूंगा।
मंत्री वर्मा ने बुधवार को भोपाल जिले के प्रशासनिक अधिकारियों की मीटिंग ली और राजस्व महा-अभियान 3.0 की समीक्षा की। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह,जिपं सीईओ ऋतुराज सिंह समेत सभी एडीएम एसडीएम तहसीलदार और नायब तहसीलदार मौजूद थे।
वही विधायक भगवान दास सबनानी और आतिफ अकील भी मीटिंग में पहुंचे। मंत्री वर्मा ने तहसीलवार समीक्षा की और पेंडिंग केस होने पर नाराजगी जताई। अभियान में जिले की रैंकिंग 21 है। जिसे सुधारने को कहा। अभी बुरहानपुर नंबर-1 पर है।
कुछ मामलों में भोपाल की स्थिति बेहतर है पर हुजूर तहसील में पेंडिंग केस की वजह से रैंकिंग का ओवरऑल आंकड़ा कम है। इस वजह से मंत्री वर्मा तहसीलदार पर नाराज दिखाई दिए। उन्होंने कहा, कलेक्टर के कहने पर छोड़ रहा हूं। आगे से ध्यान रखें और पेंडिंग केस निपटाए।
वही इस दौरान जिला पं उपाध्यक्ष ने उठाया अवैध कॉलोनी का मुद्दा मीटिंग लेने पहुंचे मंत्री वर्मा के साथ जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट ने अवैध कॉलोनियों का मुद्दा उठाया उन्होंने कहा कि खामखेड़ा अचारपुरा जगदीशपुर कलखेड़ी अरवलिया ईंटखेड़ी गोलखेड़ी बीनापुर निपानिया जाट देवलखेड़ी, पिपलिया बाज खां, इमलिया रायपुर रतुआ धमारा परवलिया सड़क सहित कई पंचायतों में अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। लेकिन कोई भी सख्त कार्रवाई नहीं हो रही। इसके अलावा ईंटखेड़ी समेत कई गांवों में सरकारी स्कूल की जमीनो पर अवैध कब्जा हो रहा है। इसे तुरंत हटाया जाना चाहिए। मंत्री वर्मा ने कलेक्टर से कार्रवाई करने को कहा।
15 दिन बाद फिर से समीक्षा करूंगा
राजस्व मंत्री वर्मा ने जिले के सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार को लंबित राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से न रोका जाए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि कार्य में लापरवाही करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। भोपाल जिले को राजस्व प्रकरणों के निराकरण और राजस्व महा-अभियान में प्रदेश में नंबर एक पर लाना है। उन्होंने अधिकारियों से लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने और जनसेवा को प्राथमिकता देने की बात कही। मंत्री वर्मा ने कहा, 15 दिन बाद वे पुनः समीक्षा करेंगे।
MP News : गिर गया पर्दा… नट सम्राट आलोक चटर्जी कर गए दुनिया से पर्दा, याद रहेगा उनका मंच योगदान
खान आशु
भोपाल। जबलपुर में जन्मे संघर्षशील, मिलनसार, हंसमुख कलाकार और रंगनिर्देशक…। उनकी सांसों में रंगकर्म धड़कता था। संवादों में साहित्य व रंगभाषा की महक थी। रंगमंच में अनुभवों का विराट संसार समेटे और रंग-आंदोलन की अलख जगाते वरिष्ठ रंगकर्मी आलोक चटर्जी बीती रात बंसल हॉस्पिटल में रंगमंच से पर्दा गिरा गए।
आलोक भाई अब हमारे बीच नहीं हैं। वे महज एक नाम नहीं बल्कि समकालीन हिंदुस्तानी रंगकर्म की जीती-जागती परिभाषा थे। वे अपने पीछे पत्नी शोभा, बेटा और सैकड़ों रंगकर्मी शिष्यों की जमात छोड़ गए। उनके जाने से कला जगत में शोक छा गया है। उनके करीबी कहते हैं कि आलोक भाई मनमौजी और फक्कड़ किस्म के थे। मशहूर फिल्म अभिनेता इरफान खान जी , आलोक चटर्जी जी के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के बैचमेट थे।
इरफान खान जब भोपाल जहांनुमा होटल में एक निजी कार्यक्रम में आए। तब उनके जानने वालों ने दोनों दोस्तों की दोस्ती की खुशबू को करीब से महसूस किया। एनएसडी के दिनों के। इरफान खान जी ने वहां ये बात कही कि मैं बहुत आलसी था। आलोक चटर्जी को देखकर मैने रियलिस्टिक एक्टिंग को जाना। मेरी प्रेम कहानी और शादी कराने में भी आलोक भाई शामिल रहे। मेरा लव लेटर आलोक लिखते थे और मेरा प्रेम का प्रस्ताव लेकर सुतापा जो अब मेरी पत्नी है उसके पास आलोक ही गए थे।
आलोक जी 1987 में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) के गोल्ड मेडलिस्ट रहे। वे ‘भारत भवन’ के रंगमंडल में 1982 से 1984 और फिर NSD से ग्रेजुएट होने के बाद 1988 से 1990 तक एक अभिनेता के तौर पर जुड़े रहे। 2018 से 2021 तक मप्र नाट्य विद्यालय (MPSD) के निदेशक भी रहे।
देश के अनेक नामी इंस्टीट्यूट में आप एक्सपर्ट लेक्चर भी लेते रहे। आपने अनुपम खेर एक्टर प्रिपेयर्स एकेडमी का कोर्स डिजाइन किया और वहां पढ़ाया भी।
आलोक जी को रंगमंच में उनके योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था।
उनके मशहूर नाटक अभिनेता के रूप में
‘ए मिड समर नाइट्स ड्रीम’ (विलियम शेक्सपियर) का निर्देशन उन्होंने ही किया था। ‘डेथ ऑफ सेल्समैन’ (आर्थर मिलर) का निर्देशन से साथ उन्होंने उसमें अभिनय भी किया था। ‘नट सम्राट’ (विष्णु वामन शिरवाडकर), ‘शकुंतला की अंगूठी’ (सुरेन्द्र वर्मा), ‘स्वामी विवेकानंद’, और ‘अनकहे अफसाने’ उनके प्रमुख नाटकों में शामिल हैं।
