जबलपुए। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति दिनेश कुमार पालीवाल की युगलपीठ ने लोकायुक्त को भोपाल के गोविंदपुरा संभाग के तहसीलदार दिलीप कुमार चौरसिया की संपत्ति की जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही भोपाल कलेक्टर को भी तहसीलदार के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश देकर 3 महीने में रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने कहा- तहसीलदार ने ली रिश्वत
कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया है कि एडीएम व कोर्ट के आदेश के बावजूद कार्रवाई को टालना यह दर्शाता है कि तहसीलदार अतिक्रमणकारियों से मिले हुए हैं। उन्होंने रिश्वत लेकर भ्रष्टाचार किया है। लिहाजा, लोकायुक्त तहसीलदार की संपत्ति की जांच करे। इसके जरिए यह पता लगाए कि तहसीदार के पास आय से अधिक संपत्ति है या नहीं।
30 दिन में कार्रवाई के निर्देश
हाई कोर्ट ने इस मामले को महज गोविंदपुरा तहसीलदार तक सीमित न रखते हुए व्यापक करते हुए संपूर्ण प्रदेश के तहसीलदारों के कामकाज में कसावट की आवश्यकता रेखांकित कर दी। इसके अंतर्गत एडीएम के आदेश के बाद हर हाल में 30 दिन के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने की व्यवस्था दे दी।
हाईकोर्ट की टिप्पणी
भोपाल के गोविंदपुरा तहसीलदार दिलीप कुमार चौरसिया को एडीएम और हाई कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करना भारी पड़ा। तहसीलदार ने अतिक्रमण हटाने के आदेश को 8 महीने तक टाल दिया था। इस रवैये को हाड़े हाथों लेकर हाई कोर्ट ने तहसीलदार दिलीप कुमार चौरसिया से सख्त लहजे में कहा कि तुम्हें हम उदाहरण बनाएंगे। इसी के साथ हाई कोर्ट ने ऐसा आदेश जारी किया जिसका असर अब पूरे प्रदेश के सभी तहसीलदारों पर पड़ेगा।
तहसीलदार ने अटकाया मामला
भोपाल के पारस नगर फेज-वन में मोहम्मद अनीस और उनकी पत्नी नसीम रहते हैं। दोनों ने इक्विटल स्माल फाइनेंस बैंक से मकान गिरवी रखकर लोन लिया था। लोन लेने के बाद उन्होंने इसे चुकाने से साफ इनकार कर दिया। बैंक ने यह मामला एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट साउथ भोपाल के पास पहुंचाया। सुनवाई के बाद अधिकारी ने फैसला बैंक के पक्ष में सुनाया। 23 जुलाई 2024 को गोविंदपुरा तहसीलदार दिलीप कुमार चौरसिया को आदेश जारी हुआ। आदेश में कहा गया कि कब्जा दिलाकर संपत्ति बैंक को सौंप दी जाए। इसके लिए पुलिस सहायता लेने के निर्देश भी दिए गए थे। तहसीलदार ने यह आदेश लगभग आठ महीने तक लंबित रखा। बैंक ने कई बार तहसील कार्यालय में आवेदन जमा किए। 5 मार्च 2025 को तहसीलदार ने महज एक नोटिस जारी किया। कोई कार्रवाई नहीं की गई जिससे बैंक को हाई कोर्ट जाना पड़ा।
एडीएम के बाद हाई कोर्ट के आदेश को टालना पड़ा भारी
14 मई 2025 को बैंक ने हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की। हाई कोर्ट ने इस मामले में तहसीलदार की भूमिका पर संदेह जताया। कोर्ट ने आशंका जताई कि तहसीलदार अतिक्रमणकारियों से मिले हुए हैं। कोर्ट ने आदेश दिया कि 23 जून 2025 तक बंधक संपत्ति पर कब्जा दिलाया जाए। तहसीलदार ने इस आदेश को भी नजरअंदाज कर दिया। 23 जून को अगली सुनवाई हुई। इसमें तहसीलदार को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश था। तब भी उन्होंने केवल खानापूर्ति करते हुए एक नोटिस जारी कर दिया।
हाई कोर्ट के निर्देश पर हाजिर हुए तहसीलदार ने मांगी माफी
26 जून को तहसीलदार दिलीप कुमार चौरसिया कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने आते ही माफी मांगी और 26 जून को जारी किए गए नोटिस का हवाला दिया, लेकिन कोर्ट ने यह दलील निरस्त कर दी। कोर्ट ने पूछा कि एडीएम के आदेश में 11 माह की देरी क्यों की गई। साथ ही कोर्ट के आदेश की अनदेखी पर भी सवाल किया गया। इस सवाल का तहसीलदार कोई जवाब न देकर बगलें झांकने लगे।
पूरे प्रदेश के तहसीलदारों के लिए जारी हुआ आदेश
इस सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश पारित करते हुए कहा कि सरफेसी एक्ट की धारा 14 के तहत सीजेएम और एडीएम द्वारा जारी आदेशों पर तहसीलदारों को हर हाल में 30 दिनों के भीतर कार्रवाई करनी होगी। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध सेवा में लापरवाही के चलते विभागीय जांच की जाएगी। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि इस निर्देश की प्रति राज्य के मुख्य सचिव को भेजी जाए, जो इसे सभी कलेक्टरों को भेजेंगे, और प्रत्येक जिला कलेक्टर इसे अपने जिले के सभी तहसीलदारों को प्रेषित करेंगे। इस तरह गोविंदपुरा तहसीलदार दिलीप कुमार चौरसिया की एक गलती ने पूरे प्रदेश के तहसीलदारों की कार्यप्रणाली को हाईकोर्ट की निगरानी में ला खड़ा किया
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अवैध प्लाटिंग के मुद्दे पर जिम्मेदारों में हड़कंप , पटवारियों से रिपोर्ट तलब
रिपोर्ट आने के बाद होगी सख्त कार्यवाही – करुणा डंडोतिया
विभाग की साख को चुनौती देते नजर आ रहे भू-माफिया पर लगाम का इंतजार
भोपाल / बैरसिया। एक तरफ सरकार अवैध प्लाटिंग और अवैध कॉलोनियो पर अंकुश लगाने के लिए रोज नए-नए नियम लागू कर रही है, जिससे अवैध प्लाटिंग एवं अवैध कालोनियों पर शिकंजा कसा जा सके। इसके बावजूद भी राजधानी भोपाल में आला अधिकारियों की नाक के नीचे बैरसिया क्षेत्र में इन दिनों अवैध कॉलोनी और अवैध प्लाटिंग का मुद्दा खूब जोरों शोरों से चल रहा है और अखबारों की खूब सुर्खियां बटोर रहा है।
इसके बावजूद भी प्रशासन द्वारा अभी तक अवैध प्लाटिंग और कालोनियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है वही बैरसिया क्षेत्र में लगातार मेन रोड पर अवैध प्लाटिंग और अवैध कॉलोनीयां विकसित की जा रही है। जो दूर से ही नजर आने वाली है,एकड़ों में फैली इन कालोनियों के मसले पर प्रशासन आंख मूंदे बैठा नजर आ रहा है। जबकि इन कॉलोनी के सामने से रोज तहसील से लेकर जिला स्तर के कई आला अधिकारियों का आवागमन होता है, इसके बावजूद भी अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं होना वरिष्ठ अधिकारियों की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
एक बार फिर से अवैध प्लाटिंग अवैध कॉलोनी का मुद्दा फिर खूब सुर्खियों में आया है, तहसील से लेकर जिले स्तर के आला अधिकारी इन अवैध कॉलोनीयों एवं अवैध प्लाटिंग पर क्या सख्त कार्रवाई करते हैं इस सवाल का जबाब तो आने वाले दिन ही बताएंगे।
इनका कहना
अवैध कॉलोनीयों को लेकर मेरे द्वारा संबंधित पटवारीयों को निर्देशित कर दिया गया है पटवारीयों द्वारा रिपोर्ट आने के बाद प्रतिवेदन एसडीएम सर को भेजा जाएगा।
करुणा दंडोतिया तहसीलदार बैरसिया
बैरसिया में फैला अवैध प्लाटिंग और कालोनियों का मकड़जाल, प्रशासनिक ढील के चलते पनप रहे भू-माफिया
विभाग की साख को चुनौती देते नजर आ रहे भू-माफिया पर कब लगेगी लगाम...?
अमित सेन
8085661177
बैरसिया। एक तरफ सरकार अवैध प्लाटिंग और अवैध कॉलोनियो पर अंकुश लगाने के लिए रोज नए-नए नियम लागू कर रही है, जिससे अवैध प्लाटिंग एवं अवैध कालोनियों पर शिकंजा कंसा जा सके। इसके बावजूद भी राजधानी भोपाल में आला अधिकारियों की नाक के नीचे बैरसिया क्षेत्र में इन दिनों अवैध कॉलोनी और अवैध प्लाटिंग का मुद्दा खूब जोरों शोरों से चल रहा है और अखबारों की खूब सुर्खियां बटोर रहा है।
अवैध प्लाटिंग बेखौफ जारी, चार सौ से 4 हजार रुपये प्रति वर्गफीट तक बेचे जा रहे प्लाट
इसके बावजूद भी प्रशासन द्वारा अभी तक अवैध प्लाटिंग और कालोनियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है वही बैरसिया क्षेत्र में लगातार अवैध प्लाटिंग और अवैध कॉलोनीयां विकसित की जा रही है। दूर से ही नजर आने वाली एकड़ों में फैली इन कालोनियों के मसले पर प्रशासन आंख मूंदे बैठा नजर आ रहा है। जबकि इन कॉलोनी के सामने से रोज जिले से लेकर क्षेत्र स्तर के कई आला अधिकारियों का आवागमन होता है, इसके बावजूद भी अभी तक कोई ठोस नहीं होना वरिष्ठ अधिकारियों की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
जिला प्रशासन ने जुटाई जानकारी, अवैध कालोनाइजरों पर गाज गिरना तय
एक बार फिर से अवैध प्लाटिंग अवैध कॉलोनी का मुद्दा फिर खूब सुर्खियों में आया है, जिले से लेकर तहसील स्तर के आला अधिकारी इन अवैध कॉलोनी एवं अवैध प्लाटिंग पर क्या सख्त कार्रवाई करते हैं यह तो आने वाले दिन ही बताएंगे।
रायपुर प्रेस क्लब ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब के नेतृत्व में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा अस्पतालों में समाचार संकलन के संबन्ध में जारी दिशा निर्देश की प्रतियों को जलाकर पत्रकारों ने विरोध प्रदर्शन किया, प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर व महासचिव वैभव शिव पांडेय के साथ उपस्थित पत्रकारों ने एकस्वर में कहा कि राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश शीघ्र निरस्त नही किये जाने पर क्रमबद्द पत्रकार आंदोलन किया जाएगा ।
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों मेकाहारा में सुरक्षा कर्मियों के साथ पत्रकारों के विवाद के बाद रायपुर प्रेस क्लब ने मुख्यमंत्री निवास के सामने देर रात तक प्रदर्शन किया था

जिसे स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल से दूरभाष पर चर्चा में आश्वासन के पश्चात आन्दोलन को स्थगित किया गया था पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यवस्था में सुधार की जगह 13 जून को मीडिया सेंसरशिप के लिए दिशा निर्देश जारी किया गया जिसकी जानकारी मंगलवार 17 जून को सार्वजनिक हुई, आदेश की जानकारी मिलने के बाद से राज्यभर के पत्रकारों में आक्रोश देखा गया और प्रदेश के विभिन्न स्थानों में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश की प्रतियां जलाकर पत्रकार संगठनों, संस्थाओं ने विरोध दर्ज कराया है। इस संबन्ध में सपोर्ट जर्नलिस्म मुहिम का नेतृत्व कर रहे पत्रकार सुधीर आज़ाद तम्बोली ने कहा कि पत्रकारों पर समाचार संकलन को लेकर बंदिशे कतई स्वीकार नही है, पत्रकारों को अनुमति लेकर खबर बनाने की बात अलोकतांत्रिक है यदि ये आदेश निरस्त कर वापिस नही लिया जाता तो पत्रकारिता हित मे पत्रकारों द्वारा प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन राजधानी रायपुर में किया जाएगा।
बैरसिया जनपद की ग्राम पंचायत रुनाहा में सचिव द्वारा किया जा रहा जमकर फर्जीवाड़ा
सरपंच ने जिला पंचायत सीईओ से की शिकायत
जीतेन्द्र सेन
बैरसिया।। राजधानी भोपाल जिले की बैरसिया जनपद की ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है तो वहीं ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लग पा रहा नित नई नई ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार कि खबरें अब किसी से छुपी नहीं है ताजा ही मामला बैरसिया जनपद कि ग्राम पंचायत रुनाहा की सरपंच नें शिकायत पत्र में बताया कि ग्राम पंचायत सरपंच होते हुए भी में अपने कार्य स्वयं नही कर पा रही हूं ग्राम पंचायत सचिव द्वारा जमकर मनमानी की जा रही है और में एस.सी कि महिला हूं मुझ पर दवाव वनाकर ग्राम पंचायत की राशी का बंदरबाट किया जा रहा है जैसे की ग्राम पंचायत में निर्माण कार्य हुये नहीं है फिर भी राशी निकल ली है एवं ग्राम पंचायत में प्लाट भी आपनी मर्जी से ग्राम पंचायत के लोगो को नहीं दी बाहरी लोगो को बेच दिए पंचायत की दुकानो का निर्माण करा कर वह भी बेच दी गइ है जो कि ग्राम पंचायत की कीमती 40 दुकाने एवं लगभग 200 प्लाट मेरे बिना हस्ताक्षर किये एवं मुझे विना वताए वेच दिए गए है और जो ग्राम पंचायत में जो बिल लगाये जा रहे है उन पर भी मेरे हस्ताक्षर नहीं है जो बिल लगाये जा रहे है एक ही ओपीटी में कई बिल सचिव जीतेन्द्र श्रीवास्तव द्वारा निकाल लिए है मुझ पर दवाव वना रहे है में तुम्हे महीने में 1 लाख रुपए दूंगा बस तुम चुपचाप बैठे रहो नहीं तो में आपका आविस्वश प्रस्ताव करा कर हटवा दूंगा।
सरपंच द्रोपती बाई ग्राम पंचायत रुनाहा नें निवेदन किया है की सचिव जीतेन्द्र श्रीवास्तव को तत्कालं मेरी पंचायत से हटाकर दूसरे सचिव को ग्राम पंचायत में पदस्त करे क्योंकि जीतेन्द्र श्रीवास्तव कई बर्षो से एक ही पंचायत में जमे हुए है इस लिए भ्रष्टाचार हो रहा है निवेदन है की इस ग्राम पंचायत की जाँच कर उचित कार्यवाही करे ताकि ग्राम पंचायत का विकास हो सके वहीं ग्राम पंचायत में अभी फर्जी मज़दूर लगाकर गरीबो की राशी निकाली जा रही है सचिव द्वारा जो की सीधे खाते में सचिव के लोगो के खाते में जा रहा है तत्काल बंद किये जाये।
भिक्षावृत्ति, जल संरक्षण और अवैध वाहनों पर सख्ती के दिए निर्देश – कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह
स्वयं सभी तहसील कोर्ट का निरीक्षण करूंगा कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह
जीतेन्द्र सेन
भोपाल।। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में साप्ताहिक टीएल बैठक आयोजित की गई। टीएल बैठक में कलेक्टर सिंह ने सभी एसडीएम को जिले में भिक्षावृत्ति पर लगाम लगाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। भिक्षावृत्ति करने वाले भिक्षुओं को रिहैबिलिटेशन सेंटर भेजने की कार्यवाही करने निर्देशित किया। उन्होने राजस्व संबंधित लंबित प्रकरण, सीएम हेल्पलाइन, समय सीमा में प्राप्त विभागीय पत्रों तथा शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर सिंह ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए अभियान मोड में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी तहसीलों को रिकॉर्ड दुरूस्त करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं सभी तहसील कोर्ट का निरीक्षण करूंगा।
कलेक्टर सिंह ने जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए जिले के जल स्त्रोतों के जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य को 30 जून के पूर्व करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी ने बताया कि भोपाल जिले में 700 से अधिक खेत, तालाब एवं भोपाल की सभी ग्राम पंचायतों में डगवेल का निर्माण कार्य जारी है। इसके साथ ही वृक्षारोपण के लिए सभी विभागों को पौधें लगाने के पूर्व लक्ष्य के अनुरूप गढ्ढ़े कर तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वन विभाग भोपाल के द्वारा लगभग साढ़े पांच लाख पौधारोपण किए जाएंगे जिसकी तैयारियां कर ली गई है। खनिज विभाग के तालाबों की फैंसिंग कर चारों तरफ वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही वर्षा पूर्व सभी एसडीएम को बाढ़ राहत की तैयारियों की बैठक कर आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
कलेक्टर सिंह ने आरटीओ को निर्देशित किया कि एसडीएम, पुलिस के साथ संयुक्त दल बनाकर वाहनों की फिटनेस एवं अन्य पैरामीटर पर संघन जांच अभियान चलाए। इसके साथ ही जिले में अलग- अलग मार्गो पर कंडम वाहनों को हटाने, रात्रि में ध्वनि प्रदूषण करने वाली मोडिफाइड कार एवं बाईक पर सख्त कार्यवाही कर जप्त करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अवैध परिवहन करने वाले वाहनों पर कार्यवाही कर राजसात करने के लिए निर्देशित किया गया।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी, एडीएम भूपेन्द्र गोयल एसडीएम समेत अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मोड़ीलिपि प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन
भोपाल। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एंव संग्रहालय, के अभिलेखागार प्रभाग द्वारा लोक माता देवी अहिल्याबाई होलकर के त्रिशताब्दी जयंती के स्वर्णिम अवसर पर आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में 2 से 13 जून तक मोड़ीलिपि प्रशिक्षण में पुर्नस्थापन, संरक्षण, संवर्धन के लिए प्रशिक्षण दिलाये जाने हेतु निर्णय लिया गया। अभिलेखागार प्रभाग में होलकर, सिंधिया, मध्यभारत के अनेक अभिलेख मोड़ीलिपि में संरक्षित है इनकी स्वर एंव व्यजंन वर्णमाला को शोद्यार्थियों को लिखने एवं पढने की शैली से अवगत किया जा सके, इसको दृष्टिगत रखते हुए यह कार्यशाला को आयोजित किया गया। यह लिपि सर्वप्रथम देवगिरी जो अब दौलताबाद के नाम से जानी जाती है। महाराष्ट्र के जिले औरांगाबाद में स्थित ऐतिहासक किले व शहर है, यह यादव वंश के शासकों की राजधानी था। हिमाडपंत ने उनके शासन काल में मोडी लिपि को वर्ष 1260 से 1309 ई0 के मध्य विकसित किया था। 17वीं सदी में महाराष्ट्र के शिवजी महाराज के समय में विकसीत कि गई, जो भारतवर्ष में मराठा रियासतों में निर्वाद रूप से चलती रही है। जो आज अभिलेखागारों में लिखित सक्ष्यों के रूप में उपलब्ध है। जिन्हें वास्तविक वाचन, लेखन साक्ष्यों को प्रकट करने की दृष्टि से यह प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने वाद संवाद में जो अपनी विचार व्यक्त किये गये वह इस प्रकार है:-
कु. खुशनुरः- लुप्त होती यह लिपि मराठा शासको द्वारा उपयोग की जाती थी।
कु. अंकिताः- रिकार्ड को बिना रूके लिखे जाने की शैली को पढने की रही है। जो रोचक है।
कु. उजमाः- यह लिपि मराठी तक ही सीमित नहीं है।
भावेशः- गुप्त संदेश बहुत रोचक और महत्वपूर्ण है।
कु. लक्ष्मी चौहानः- इसमें होलकर एवं मराठा के पत्र व्यवहार का पता चलता है, और आने वाली पीढी के लिए संजोकर रखा जाये।
दीलिप डावरेः- इस लिपि में विभिन्न रियासतों की भाषाओं का सम्मिश्रण देखने को मिलता हैं। यह मोडीलिपि मराठी भाषा की प्रचलित लिपि रही है।
आयुक्त के निर्देशन में महाराष्ट्र मुम्बई स्थित अभिलेखागार से आये प्रशिक्षक यथा अमोल महाले एवं लक्ष्मण मिसे तथा सैय्यद नईमुद्दीन, भाषा विशेषज्ञ द्वारा दिये गये प्रशिक्षण में लगातार कार्यशालाओं के माध्यम से समय-समय पर और प्रशिक्षण दिया गया एवं मोडीलिपि की आवश्यकता पर जोर डाला गया। आयोजित की गई कार्यशाला के समापन अवसर पर आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी की प्रशिक्षण संचालक निधि साकल्ले एवं उपसंचालक अभिलेखागार, निलेश लोखण्डे द्वारा प्रमाण-पत्र वितरित किये गये। सम्पूर्ण कार्य, प्रशिक्षणार्थियों एवं प्रशिक्षकों का आभार पुरालेख अधिकारी पदम सिंह मीणा द्वारा किया गया।
ग्राम पंचायत अर्रावती में मृत व्यक्तियों की मनरेगा में हाजरी लगाकर लाखो हड़पने वाले सरपंच – सचिव पर एफआईआर के निर्देश।
जीतेन्द्र सेन
बैरसिया।। बैरसिया जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत अर्रावती के सरपंच – सचिव द्वारा मनरेगा योजना में बगैर निर्माण के मृत व्यक्तियों की उपस्थिति दर्ज कर राशि आहरण करने की जांच सही पाए जाने पर भोपाल जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी ने बैरसिया जनपद सीईओ को एफआईआर कराकर जिला पंचायत को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को दिलीप कुमार जैन जनपद सीईओ बैरसिया ने उक्त पत्र की छायाप्रति देते हुए बताया कि कलेक्टर के टी एल. पत्र क्रमांक 215 दिनांक 24 /10/ 2024 के अनुसार सीईओ जिला पंचायत ने शिकायत की जांच हेतु तीन सदस्यीय दल गठित कर सरपंच द्वारा ग्राम पंचायत अर्रावती द्वारा स्वंम के नाम से आईडी बनाकर मृत लोगो की उपस्थिति दर्ज कर राशि आहरित की गई। अतः बगैर निर्माण कार्यो को किए राशि का आहरण किये जाकर पद का दुरुपयोग किया गया है इस सम्बंध में कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा भोपाल संभाग ने जांच कर प्रतिवेदन दिया गया। जांच प्रतिवेदन क्रमांक 1637 / 28/ 5/ 2025 में मनरेगा अंतर्गत सुदूर सड़क निर्माण अर्रावती से चठोआ कार्य मे चंद्रशेखर पचौरी मृतक व्यक्ति का मस्टररोल क्रमांक 30407 , 31489 , 32747, 33958 पर उपस्तिथि दर्ज कर राशि का आहरण किया गया। इसी प्रकार अन्य मृतक व्यक्तियों गजराज सिह राजपूत,दुर्गा प्रसाद,सोमत सिह,सैतान सिह के मास्टररोल पर उपस्थिति दर्ज कर नियम विरुद्ध लाखों रुपए की राशि का भुगतान एव फर्जी तरीकों से सदस्यों के नाम अन्य जाबकार्ड में जोड़ना पाया गया। एव सरपंच गंगाराम अहिरवार द्वारा स्वंम के नाम से एनएमएमएस आईडी बनाकर मस्टररोल पर उपस्तिथि दर्ज की गई। जांच दल के प्रतिवेदन अनुसार सरपंच गंगाराम अहिरवार द्वारा मृत व्यक्तियों के कूट रचित दस्तावेज के आधार पर राशि आहरित की गई। जिला पंचायत सीईओ ने 10 जून 2025 को सरपंच गंगाराम अहिरवार एव तत्कालीन सचिब छगनलाल जाटव ग्राम पंचायत अर्रावती के विरुद्ध एफआईआर रिपोर्ट दर्ज कराई जाकर सीईओ जिला पंचायत को अवतग कराने निर्देशित किया है। वहीं सूत्रों से खबर है कि जनपद सीईओ के निर्देश पर मनरेगा विभाग के प्रमुख अधिकारी द्वारा बैरसिया थाने में एफआईआर दर्ज कराने हेतु कार्यवाही की है।
नवागत सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने गांधीनगर अस्पताल का किया निरीक्षण।
मरीजों को परेशानी होने की शिकायत मिलने पर होगी संबंधितों पर कार्यवाही
जीतेन्द्र सेन
भोपाल।। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ.मनीष शर्मा द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गांधीनगर का निरीक्षण कर अस्पताल में उपलब्ध सेवाओं का जायजा लिया गया। डॉ. शर्मा द्वारा ओपीडी, प्रसव कक्ष,पीएनसी वार्ड, लेबोरेट्री,दवा वितरण समेत विभिन्न सेवाओं की जानकारी ली गई।
निरीक्षण के दौरान जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.रितेश रावत, मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार समेत चिकित्सक एवं प्रबंधकीय स्टाफ उपस्थित रहे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ.मनीष शर्मा ने निर्देश दिए कि इस अस्पताल से ग्रामीण क्षेत्र की बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं, इसलिए ओपीडी के निर्धारित समय में सभी चिकित्सा एवं पैरामेडिकल स्टाफ ड्यूटी पर उपस्थित रहें। आकस्मिक स्थिति में रात के समय में भी सिजेरियन प्रसव की सुविधा उपलब्ध रहे। शाम की ओपीडी में सभी चिकित्सक सेवाएं प्रदान करें।
डॉ. शर्मा ने सीबीएमओ को निर्देशित किया कि विकासखंड में संचालित सभी कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग, रिपोर्टिंग एवं बैठकों को निर्धारित एजेंडा के साथ किया जाना सुनिश्चित किया जाए। अस्पताल में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। मरीज को उपचार लेने में विलंब या परेशानी ना हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। अन्यथा संबंधितों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। निरीक्षण के दौरान डॉ. शर्मा द्वारा भर्ती मरीजों से बात कर सेवाओं की जानकारी भी ली गई!
बैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा की पहल से जनता को मिली बड़ी राहत, मुख्य मार्ग हुआ अब अतिक्रमण मुक्त
जीतेन्द्र सेन
बैरसिया। नगर में वर्षों से पसरे अवैध अतिक्रमण के जाल को आखिरकार प्रशासन की सख़्ती ने तोड़ ही दिया। बस स्टैंड चौराहे से लेकर अस्पताल मार्ग तक फैले ठेले,अस्थाई दुकानें और फुटपाथ पर पसरा सामान न केवल आमजन के लिए परेशानी का कारण बन रहा था, बल्कि कई बार ये अतिक्रमण जानलेवा भी साबित हुआ।आपको बता दें कि मुख्य मार्ग पर सब्ज़ी विक्रेताओं और दुकानदारों द्वारा मनमानी कर कब्ज़ा व्यवस्था से राहगीरों को निकलना मुश्किल हो गया था। रोड़ 10-12 फीट में सिमटकर गलियों में तब्दील हो गई थीं, जिससे आमजन के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे कई हादसों की पीड़ा झेल चुके बैरसिया नगरवासियों के लिए राहत की सांस तब आई, जब एसडीएम आशुतोष शर्मा ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए कार्यवाही का बीड़ा उठाया। एसडीएम शर्मा ने पहले तो सब्ज़ी विक्रेताओं और ठेले वालों से संवाद स्थापित कर उन्हें समझाइश दी, और फिर प्रशासन की मदद से उन्हें तयशुदा स्थानों पर व्यवस्थित रूप से शिफ्ट किया गया। साथ ही अस्पताल के सामने वर्षों से फैले अतिक्रमण को हटाते हुए दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपने निर्धारित सीमा में ही सामान रखें, अन्यथा कड़ी कार्यवाही की जाएगी। इस तरह की कार्यवाही के बाद न केवल मार्ग सुगम हुआ, बल्कि नगर की खूबसूरती और सुंदरता भी बढ़ी। सबसे बड़ी बात तो यह कि अब अस्पताल जाने वाले गंभीर मरीजों को रास्ते में रुकावटों का सामना नहीं करना पड़ेगा। क्षेत्र समेत नगरवासियों ने एसडीएम आशुतोष शर्मा का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनकी भूरी भूरी प्रशंसा की।
