सांसद,कलेक्ट्रर,ननि कमिश्नर,सीईओ जिला पंचायत ने की समीक्षा बैठक

बिजली का खंभा बिना नगर निगम, पीडब्ल्यूडी व यातायात पुलिस की अनुमति के नहीं लगेगा- आलोक शर्मा 

जीतेन्द्र सेन
भोपाल। भोपाल शहर के यातायात सुधार को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सांसद आलोक शर्मा कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नगर निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण, सीईओ जिला पंचायत इला तिवारी ने संयुक्त बैठक ली। बैठक को संबोधित करते हुए सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि शहर में जगह-जगह सड़कों पर अवैध बिजली के खंबे, ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। यह यातायात में बाधक बने हैं। इससे रोड एक्सीडेंट होते हैं और अतिक्रमण भी होता है। सांसद शर्मा ने कहा कि अब कोई भी बिजली का खंभा बिना नगर निगम, पीडब्ल्यूडी व यातयात पुलिस की अनुमति के नहीं लगेगा। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि इस संबंध में जल्द ही आदेश जारी करेंगे। जो अधिकारी नियमों का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि खुले में बिजली के तार व ट्रांसफार्मर को जल्द दुरुस्त करे।
पिछले दिनों कई मासूमों की मौत हो चुकी है।
सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि ऐसे एमपीईबी के अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की जाए जो नियमों को ताक पर रखकर कहीं भी बिजली का पोल लगा देते हैं। उन्होंने सभी विभाग को चेताया कि शहर में किसी की दादागिरी नहीं चलेगी। कोई ठेकेदार अपनी मनमर्जी नहीं चलाएगा। हर कहीं बिजली का खंबा नहीं गाड़ेगा।
सांसद शर्मा ने कहा कि शहर की पार्किंग को पार्किंग माफिया गैरेज न बनाएं। उन्होंने शहर में बिगड़ती पार्किंग व्यवस्था को लेकर निगम कमिश्नर को समझाइश देते हुए कहा कि जनता को शहर में पार्किंग के लिए परेशान न होना पड़े। राजस्व को जनता की सुविधा से न तोलें, जनता में आक्रोश है।

शहर में जलभराव की समीक्षा

सांसद शर्मा ने शहर में जलभराव क्षेत्रों को लेकर भी समीक्षा की।शहर में अल्पना तिराहा, गणेश मंदिर, बाणगंगा, चिकलोद रोड व आरा मॉल तिराहा पर जल भराव की स्थिति बनती है। उन्होंने नगर निगम, पीडब्ल्यूडी अफसरों को फटकार लगाते हुए कहा कि जब मैं महापौर था तब जनता की सुविधा के लिए कुर्सी लगाकर जलभराव वाली सड़कों पर बैठा था। ऐसा न हो कि मुझे फिर जल भराव वाली सड़कों पर कुर्सी लगाकर बैठना पड़े। कार्ययोजना बनाए मुझे एक हफ्ते में रिपोर्ट बना कर दें।

जिला पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने किया था स्कूल का निरीक्षण

जिला शिक्षा अधिकारी ने कांदीखेड़ी के शिक्षक को थमाया नोटिस सात दिन में मांगा संतुष्टि पूर्वक जवाब

जीतेन्द्र सेन
बैरसिया। बैरसिया विकास खंड के नजीराबाद संकुल केंद्र के अंतर्गत आने वाले शासकीय प्राथमिक शाला कांदीखेड़ी में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक बलराम समेले को शासकीय कार्य के प्रति गम्भीर लापरवाही बरतने पर जिला शिक्षा अधिकारी एन.के अहिरवार ने सोमवार को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिवस में संतुष्टि पूर्वक स्पष्टीकरण मांगा है।

आपको बता दें की जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट,जिला पंचायत सदस्य विनय मेहर और स्थानीय जन प्रतिनिधियों द्वारा कुछ दिन पूर्व ही शासकीय प्राथमिक शाला कांदीखेड़ी का आकस्मिक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान शाला बंद पाई गई थी साथ ही  शाला के अंदर कंडे व लकड़ियां ओर साफ सफाई नहीं पाई गई थी।

सीएम कह रहे मछली के साथ मगरमच्छ भी नपेंगे, भ्रष्ट अधिकारियों ने दे दी ढील

शत्रु संपत्ति पर हुए निर्माण को अदालत के आदेश, बरसों में नहीं हुआ अमल

भोपाल। सख्त रवैया अपनाते हुए प्रशासन ने मछली परिवार के सैकड़ों करोड़ के साम्राज्य को नेस्तनाबूद कर दिया है। सीएम डॉ. मोहन यादव के सीधे दखल से यह कार्यवाही तो हो गई, लेकिन विवादित शत्रु संपत्ति को लेकर अदालत से हुए आदेश अब भी अमल नहीं ले पाए हैं। इस संपत्ति पर निर्मित अवैध निर्माण की खरीद फरोख्त, अदला बदली, नामांतरण और अन्य गतिविधियां अब भी निर्बाध जारी हैं।
शत्रु संपत्ति में शामिल भोपाल के वीआईपी रोड पर स्थित खसरा नंबर 78 में शामिल है, नशेमन विला नामक आलीशान भवन। इसकी मालिकी अधिकार को लेकर लंबे समय से विवाद जारी है। वर्ष 2011 और 2013 में चले केस क्रमांक 54320 ए/11 में दिए गए फैसले में इस भवन को तोड़ने के आदेश दिए थे। वर्ष 1984 में बनाए गए इस भवन का नक्शा नगर निगम से अप्रूव नहीं है। नगर निगम के रिकॉर्ड में इसकी गैर मौजूदगी है। इसकी मालिकी अधिकार को लेकर भी यह आदेश दिए गए थे।

VIP रोड की विवादित भूमि ही नहीं, एक वक्फ प्रॉपर्टी के भी गुनाहगार हैं शातिर

बेटा ही बन गया क्रेता
सूत्रों का कहना है कि वीआईपी के मुहाने पर स्थित इस आलीशान भवन के मालिक फराज आजम हैं। इसका सौदा जरीना बसीर ने कर दिया है। खरीदार जरीना के ही बेटे सौलत बसीर को दर्शा दिया गया है। मालिकी विवाद के बीच ही इस भवन का सौदा और नामांतरण भी कर दिया गया है। नामांतरण प्रक्रिया में शासकीय एजेंसियां भी आँखें बंद किए रहीं। इसके पीछे आर्थिक भ्रष्टाचार की लंबी दास्तां जुड़ी हुई है।

कब होगा आदेश का पालन
गलत बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, की मंशा के साथ आगे बढ़ रही मौजूदा सरकार में भी अदालती आदेश का पालन न होने के पीछे अधिकारियों की भ्रष्टाचार नीति बताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि करीब 12 साल पहले हुए आदेश पर अब भी पालन होने का इंतजार किया जा रहा है।

निर्माण सबकी नजर में
वीआईपी मूवमेंट वाले इस इलाके में हो रहे निर्माण से कोई नावाकिफ नहीं है। मंत्री, विधायक और अधिकारियों का यहां से गुजर है। लेकिन बड़ा होटल, बड़ा शादी हॉल, आवासीय कालोनी और कई बड़े बंगले यहां आकार ले चुके हैं। जमीनों की खरीदी बिक्री और लगातार निर्माण यहां जारी है।

नाम के ही नहीं अब काम के भी ट्रिपल एस…!

चकरघिन्नी.कॉम
खान आशु
कुछ पाने के लिए कुछ करके दिखाना होता है…! उन्होंने करके दिखाया है…! संस्कृति में भी, पर्यटन में भी, स्वराज संस्थान में और भारत भवन में भी…! दर्जन भर विभागों से भरी झोली को और लबरेज कर दिया गया है, सरकार के सबसे मजबूत दूसरे नंबर के विभाग गृह की चाबी भी उनकी हथेली पर रख दी गई है…!
नाम में ट्रिपल एस की विलक्षणता बनी तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों में विलक्षण रूप दिखाया…! राजधानी के प्रथम नागरिक होने का दायित्व बखूबी निभाया…। जब प्रशानिक बागडोर थामी तो यहां भी सफलता के झंडे गाड़ते गए…! सांस्कृतिक मंच से लेकर प्रदेश की धरोहर माने जाने वाले पर्यटन में चार चांद लगाने से पीछे नहीं रहे…! स्वराज संस्थान और भारत भवन जैसी प्रतिष्ठा भरी संस्थाओं को भी उरूज़ पर पहुंचाया…!
गृह विभाग में किसी संवेदनशील व्यक्ति की ही जरूरत थी..! मुखिया जी ने अपने मजबूत हाथ के रूप में ट्रिपल एस को चुना है…! वह, उनका निर्णय गलत साबित नहीं होगा, इसका विश्वास किया जा सकता है…!

पुछल्ला
आदेश की तामील कब होगी?
बुरा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी लक्ष्य ने मछली परिवार के करीब 100 करोड़ के साम्राज्य को जमींदोज कर दिया। एक ऐसा ही आदेश शहर की खसरा नंबर 78 की शत्रु संपत्ति पर बसे एक भवन के लिए भी किए हुए हैं। आदेश के पालन में देरी का कारण बने भ्रष्ट अधिकारियों कर्मचारियों पर भी कार्यवाही की दरकार की जा रही है।
01/सितम्बर/2025

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में समय-सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक संपन्न

नियमित रूप से तहसीलदार कोर्ट का निरीक्षण करे SDM  कलेक्टर ने दिए निर्देश।

जीतेन्द्र सेन
भोपाल। कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में सोमवार को कलेक्टर  कौशलेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में समय-सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ  इला तिवारी एडीएम  अंकुर मेश्राम,पी.सी. शाक्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में कलेक्टर सिंह ने सीएम हेल्पलाइन, समाधान ऑनलाइन और सीएम डैशबोर्ड पर लंबित शिकायतों के समयबद्ध और संतोषजनक निराकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी विभाग में 80 प्रतिशत से कम शिकायतों का निराकरण स्वीकार्य नहीं होगा। साथ ही सभी एसडीएम को भोपाल में भिक्षावृत्ति पर सख्त कार्रवाई करने और आगामी 7 दिनों में अब तक की गई कार्यवाही की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने नामांतरण, बंटवारा समग्र ई-केवाईसी, फॉर्मर रजिस्ट्री और प्रधानमंत्री किसान योजना की ई-केवाईसी से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए इन्हें गति देने पर बल दिया। उन्होंने सभी एसडीएम को तहसीलदार कोर्ट प्रकरणों का व्यवस्थित निराकरण तय समय-सीमा में करने और नियमित रूप से तहसीलदार कोर्ट का निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए।

हज 2026 के लिए सऊदी अरब सरकार भी जुटा तैयारियों में

भारतीय राजदूत ने की सऊदी सरकार से मुलाकात, दी जानकारी

भोपाल। हज 2026 को लेकर तैयारियों का दौर शुरू हो गया है। जहां भारत में इसको लेकर कुर्रा और किस्त जमा करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है, वहीं सऊदी सरकार भी तैयारियों को लेकर सक्रिय दिखाई दे रहा है।
सऊदी अरब में भारतीय राजदूत डॉ. सुहेल खान ने गत दिनों हज एवं उमराह मंत्री महामहिम डॉ. तौफीक अल रबिया से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अगले हज 2026 की तैयारियों की समीक्षा की। दोनों के बीच आपसी हितों के अन्य मुद्दों पर चर्चा भी हुई।राजदूत के साथ डीसीएम अबू माथेन और सऊदी अरब में भारत के महावाणिज्य दूत
(जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास)  फहद सूरी भी मौजूद थे।

डॉ. सोहैल का है प्रदेश से नाता
सऊदी अरब में भारतीय राजदूत डॉ. सुहेल खान मूलतः मप्र के निवासी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा मप्र के धार जिला मुख्यालय से हुई है। बाद में इंदौर से उन्होंने शिक्षा पूरी की। मूलतः चिकित्सक पेशे से जुड़े डॉ. सुहैल भारतीय विदेश सेवा से जुड़े हुए हैं। उनकी माता सलमा खान इंदौर के सेंट्रल स्कूल में प्राचार्या रही हैं। जबकि पिता भी शासकीय सेवक रहे हैं। सहज, सरल और मधुर व्यवहार रखने वाले डॉ. सुहैल का हिंदुस्तान से गहरा लगाव है। खासकर सऊदी अरब में रहते हुए मप्र के मुसाफिरों की वे आत्मीय आगवानी करते हैं। मप्र से खिदमत के लिए जाने वाले अधिकारियों को भी वे विशेष मदद करते हैं। कुछ वर्ष पहले इसी तारतम्य में सऊदी अरब पहुंचे तत्कालीन वक्फ बोर्ड सीईओ सैयद शाकिर अली जाफरी आज भी डॉ सुहैल के सहयोग और आत्मीय व्यवहार को याद करते हैं।

राजधानी के सबसे महंगे फ्लैट आकार ले रहे विवादित भूमि पर…

राजनैतिक दल का झंडा लगा कर किया जा रहा शत्रु संपत्ति पर निर्माण

भोपाल। संभवतः राजधानी में सबसे महंगी फ्लैट कीमत यहां होगी। निर्माण कंपनी के नाम पर एक बड़ा तमगा साथ है। एक सियासी दल के झंडे लगाकर किए जा रहे निर्माण के बाद इस बात को भुला दिया गया है कि पहले से निर्मित यहां के मकानों को हटाने के आदेश अदालत दे चुकी है। भविष्य में होने वाली किसी बड़ी कार्यवाही के बीच यहां निर्माण, खरीदी बिक्री, नामांतरण जैसी गतिविधि यहां निर्बाध चल रही हैं। संबंधित विभाग के अधिकारी भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे इन अवैध गतिविधियों को हवा दे रहे हैं।

VIP रोड की विवादित भूमि ही नहीं, एक वक्फ प्रॉपर्टी के भी गुनाहगार हैं शातिर


शहर के वीआईपी रोड पर स्थित है खसरा नंबर 78। सरकार ने इसको शत्रु संपत्ति मानकर किसी तरह की सौदेबाजी से प्रतिबंध लगा रखा है। कई स्तर पर इसको लेकर अदालती मामले प्रचलित हैं। लेकिन इसके बावजूद यहां बड़े स्टार होटल, नामवर शादी हॉल और बड़े निर्माण कार्य आकार ले रहे हैं।

ग्रीन लैंड में शामिल
सूत्रों का कहना है कि बड़े तालाब के दूसरे छोर पर स्थित खसरा नंबर 78 की भूमि ग्रीन लैंड में शामिल है। इस जगह पर किसी तरह का निर्माण प्रतिबंधित है। बावजूद इसके इसके यहां निर्माण कार्य चल रहे हैं। कई निर्माण हो चुके हैं और इनकी खरीदी बिक्री भी धड़ल्ले से हो रही है।

वीआईपी मूवमेंट खतरे में
वीआईपी रोड के एक तरफ तालाब और दूसरी तरफ पहाड़ियां यहां से गुजरने वाले वीआईपी के लिए यह रास्ता सुरक्षित माना जाता रहा है। लेकिन तेजी से हो रहे निर्माण ने यह भ्रम तोड़ दिया है। अब सीधे वीआईपी रोड पर निकल आई कई लोगों की एंट्री वीआईपी मूवमेंट को प्रभावित कर रही है।

लगाए झंडे कर दिया निर्माण
वीआईपी रोड की शत्रु संपत्ति पर हो रहे एक निर्माण पर बिड़ला ग्रुप का नाम चस्पा किया गया। इस खसरा नंबर 78 की भूमि पर हो रहे निर्माण को कई जगह सियासी दल के झंडों से भी कवर किया गया है। सूत्रों का कहना है कि इस निर्माण कार्य से निकलने वाले सबसे छोटे फ्लैट की कीमत करीब दो करोड़ रुपए तय की गई है। इस आवाजाही का सीधा असर भी वीआईपी मूवमेंट पर पड़ने वाला है।

पहले भी हो चुके कब्जे
नवाब शासकों के वंशजों द्वारा अपना आधिपत्य बताई जाने वाली इस प्रॉपर्टी का सौदा नवाब शासन काल में सेवा करने वाले भी कर चुके हैं।
नवाब शासक के कार्यालय में पदस्थ रहे किसी अधिकारी ने सिर्फ इस आधार पर हिबानामा और इनायतनामा लिख दिए हैं कि उन्हें नवाब के साथ काम करने से इसका अधिकार है। इसी का एक उदाहरण एक बंगला नशेमन भी है। सूत्रों का कहना है कि किसी कर्मचारी के लिखे हिबनामा के आधार पर ही इस नशेमन का सौदा, नामांतरण सबकुछ हो चुका है। हालांकि विभिन्न अदालती कार्यवाही के बीच इसको तोड़ने के आदेश भी किए जा चुके हैं।

नमाज का दामन थाम लो, हर मुश्किल से बचोगे : सूफी मोहम्मद जाकिर

भोपाल। इस्लाम के आखिरी पैगम्बर हजरत मुहम्मद की पैदाइश और उनकी वफात का महीना चल रहा है। दुनिया में हर जगह अकीदतमंद उत्साह के साथ जश्न ए ईद मिलादुन्नबी नबी मना रहे हैं। इसी कड़ी में 5 सितंबर को मिलादुन्नबी का त्यौहार मनाया जाएगा। इसको लेकर तैयारी का दौर चल रहा है।
तैयारियों के इसी दौर में सीरत कमेटी के अध्यक्ष सूफी मोहम्मद जाकिर उर्फ गब्बू बाबा  इंदौर पहुंचे। इस दौरान मिडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जश्न ए मिलाद सारी कायनात में मनाया जा रहा है। इस्लाम के आखिरी पैगम्बर हजरत मुहम्मद दुनिया में भलाई और भाईचारे का संदेश लेकर आए थे। उन्होंने हर इंसान की भलाई की बात कही। मिलादुन्नबी पर निकलने वाले जुलूस को लेकर कहा कि उत्साह सबमें होता है। लेकिन इस दौरान नमाज को न भूला जाए। नमाज हर मुसलमान पर फर्ज है। इसका हर हालात में पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने जुलूस में डीजे ना ले जाने के लिए अपील की। साथ ही नमाज के वक्त पर इसको अदा करने की बात कही। जलसा ए मिलादुन्नबी के मौके पर पूरे प्रदेश के सूफी, संत और उलेमा जमा हुए थे।

VIP रोड की विवादित भूमि ही नहीं, एक वक्फ प्रॉपर्टी के भी गुनाहगार हैं शातिर

भोपाल। वीआईपी रोड के विवादित खसरा नंबर 78 पर बने “नशेमन” ही नहीं रायसेन जिले की एक भूमि पर भी अब्दुल बसीर की नजर गड़ चुकी है। एक किसान और वक्फ बोर्ड के बीच चल रहे विवाद के बीच बसीर ने इस जमीन पर अपना कब्जा जमाने की कोशिश में कई अवैधानिक कृत्य किए हैं। इनकी शिकायत संबंधित किसान द्वारा पुलिस अधीक्षक रायसेन को भी की गई है।

शहर में बन सकते हैं गेंगवार के हालात, खसरा नंबर 78 बनेगा कारण !


मामला राजधानी से सटे जिले रायसेन के ग्राम राजमऊ तहसील गौहरगंज का है। यहां के किसान जमना प्रसाद लोधी पिता बाबूलाल लोधी ने पुलिस अधीक्षक के नाम लिखित शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत में उन्होंने लिखा है कि उनके स्वामित्व की कृषि भूमि मौजा राजमऊ तहसील गौहरगंज खसरा नंबर 4,7,8,9 एवं 33 पर कुल रकबा 22.763 हेक्टेयर भूमि है। जिस पर वे विगत 25 वर्षों से अधिक कृषि कार्य कर रहे हैं। उन्होंने शिकायत में कहा कि अब्दुल बसीर की कोई कृषि भूमि उनकी कृषि भूमि के आसपास नहीं है। साथ ही अब्दुल बसीर की किसी भी भूमि के आने जाने का रास्ता भी उनकी कृषि भूमि के आसपास से नहीं जाता। परंतु अब्दुल बसीर कई वर्षों से उन्हें सता रहा है। ये तरह तरह के लोगों को जमना प्रसाद लोधी के पास भेजकर उन्हें धमकाता है। बसीर द्वारा जमना प्रसाद को इस बात के लिए धमकियां दी जाती हैं कि वह राजमऊ की अपनी भूमि को ओने पोने दाम में उनको बेच दूं।

अदालत में है मामला
इस भूमि के संबंध में उच्च न्यायालय जबलपुर के समक्ष जमना प्रसाद लोधी द्वारा प्रकरण क्रमांक डब्ल्यूपी 3413/2004 मप्र वक्फ बोर्ड के विरूद्ध प्रस्तुत किया गया था। जिसमें उच्च न्यायालय ने दिनांक 13.8.2015 को स्थगन आदेश पारित किया गया था, जो आज दिनांक तक प्रभावशील है। इसके अलावा एक प्रकरण क्रमांक 26/2014 मप्र राज्य वक्फ अधिकरण के समक्ष जमना प्रसाद द्वारा प्रस्तुत किया गया है, जो वर्तमान में लंबित है।

विवाद में डाला पेंच
बताया जाता है कि असल में विवाद किसान लोधी और एक अन्य व्यक्ति जमील बशीर के बीच चल रहा था। एक जैसे नाम होने के चलते अब्दुल बसीर के बेटे सौलत बसीर का नाम भी इसमें शामिल हो गया। कहा जा रहा है कि विवाद में नाम आने के बाद सौलत बसीर भी इसमें पूरी तरह शामिल हो गए। अब वे किसान को गुनहगार बताते हुए वक्फ बोर्ड की इस कृषि भूमि के लिए खुद भी मजबूत पार्टी बनकर खड़े हो गए हैं। अब वे इस जमीन पर अपना आधिपत्य दर्शा रहे हैं।

वीआईपी रोड के भी दोषी
सूत्रों का कहना है कि अब्दुल बसीर ने राजधानी में वीआईपी रोड पर एक विवादित अतिक्रमण कर रखा है। खसरा नंबर 78 की इस शत्रु संपत्ति पर निर्माण कराने के वह दोषी हैं। सूत्र बताते हैं कि उन्होंने अपने नगर निगम के कार्यकाल का फायदा उठाते हुए इस भवन का सौदा भी कर दिया और अदालती कार्यवाही के बीच नामांतरण भी करवा लिया है।

शहर में बन सकते हैं गेंगवार के हालात, खसरा नंबर 78 बनेगा कारण !

भोपाल। राजधानी भोपाल की शांतिभरी वादियों में अशांति का बिगुल बजा हुआ है। जमीन के सौदागर और इसे कब्जाने वाले लोग इसका कारण बने हुए हैं। शांत और सुरम्य वीआईपी रोड की वादियों में गोलियां चलने और लाठी डंडों की गूंज सुनाई दे रही है। हालात देखते हुए कहा नहीं जा सकता, किसी दिन यहां कोई बड़ा हादसा हो जाए।
सूत्रों का कहना है कि राजधानी भोपाल के वीआईपी रोड पर स्थित खसरा नंबर 78 पर जमीन हथियाने को लेकर बार बार विवाद की स्थिति बन रही है। बताया जाता है इस खसरे में मौजूद प्लाटों की खरीदी बिक्री कई बार होती रही है। इन प्लाटों को कई लोगों ने कई बार, कई लोगों को सौदा कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि इन प्लाट पर कब्जा लेने की चाहत में विवाद के हालात बन रहे हैं। एक ही प्लाट पर अनेक लोगों के अधिकार जताने की वजह से यह हालात बन रहे हैं।

चल गईं गोलियां
सोशल मीडिया पर एक वीडियो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में शहर के उद्योगपति और पूर्व पुलिस अधिकारी नवाब रजा दिखाई दे रहे हैं। कोहेफिजा स्थित उनके निवास के पिछले हिस्से में किसी व्यक्ति द्वारा कब्जा कर लेने का विवाद दिखाई दे रहा है। इस वीडियो में गोलियां चलाए जाने की बात भी कहीं जा रही हैं।

बिना अधिकार कर रहे बिक्री
सूत्रों का कहना है वीआईरोड  की इस विवादित भूमि की सौदेबाजी धड़ल्ले से हो रही है। बिना अधिकार लोग इसके सौदे कर रहे हैं। साथ ही बिना तस्दीक किए लोग यहां जमीन खरीद भी रहे हैं। यह सौदे एक नहीं कई लोगों के साथ हो रहे हैं। असल दिक्कत तब आती है और विवाद की स्थिति तब बनती है, जब कोई इस प्लाट पर कब्जा लेने पहुंचता है।

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu