भोपाल। ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कान्फ्रेंस ने नेशनल कमीशन फार इंडियन सिस्टम आफ मेडिसिन (NCISM) और दिल्ली राज्य आईएसएम बोर्ड की अनुमति एवं सहयोग से अपनी पहली कटिन्युअस मेडिकल एजुकेशन (CME) कार्यक्रम की घोषणा की है। यह कार्यक्रम 5 अक्टूबर को आन्ध्रा भवन, नई दिल्ली स्थित अंबेडकर आडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा।
एनसीआईएसएम ने हाल ही में आईएसएम स्नातकों के लिए कौशल अद्यतन (स्किल अपग्रेडेशन) को अनिवार्य कर दिया है। अब पंजीकरण नवीनीकरण केवल उन्हीं चिकित्सकों का होगा, जिन्होंने CME कार्यक्रमों में भाग लेकर कम से कम 10 क्रेडिट पाइंट्स प्रति वर्ष प्राप्त किए हों।
119 वर्ष पुरानी ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कान्फ्रेंस ने इस दिशा में पहल करते हुए यूनानी स्नातक एवं स्नातकोत्तर चिकित्सकों के हित में ऐसा कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस राष्ट्रीय CME में चार प्रतिष्ठित विशेषज्ञों के एक-एक घंटे के विशेष व्याख्यान होंगे तथा चिकित्सकों के हेल्य प्रोफेशनल रजिस्ट्री की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
डॉ. खालिद सिद्दीकी ने कहा कि यूनानी चिकित्सकों के कौशल उन्नयन की यह एक सतत प्रक्रिया है और ऐसे कार्यक्रम दिल्ली के साथ अन्य राज्यों में भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने पांच राज्यों से 300 से अधिक प्रतिभागियों के पंजीकरण और लंबी प्रतीक्षा सूची पर प्रसन्नता व्यक्त की तथा यूनानी बिरादरी को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
यह सूचित किया जाता है कि कार्यक्रम स्थल पर पंजीकरण की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
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स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत रायपुर में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
रायपुर| ग्राम रायपुर के स्वास्थ्य केंद्र में आज “स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार” अभियान के अंतर्गत एक विशाल स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं एवं बच्चों सहित अन्य ग्रामवासियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
शिविर में ब्लड प्रेशर, शुगर, हीमोग्लोबिन, एनीमिया सहित विभिन्न जांचें की गईं। साथ ही SRF फाउंडेशन द्वारा एक समुदायिक बैठक का आयोजन कर ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी एवं जागरूकता प्रदान की गई। बैठक में महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता को परिवार एवं समाज की प्रगति से जोड़ते हुए जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में यह रहें उपस्थित
दारा सिंह, सरपंच, ग्राम रायपुर , अमित चौहान, भाजपा पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष , जितेंद्र डांगी, मीडिया प्रभारी , डॉ. उन्नयन पांडेय , सीएचओ खुशबू यादव , डालचंद जी, रोजगार सहायक , वीरेंद्र सिंह जाट, सचिव , आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं एएनएम
SRF Foundation से विष्णु वर्मा , अमित मीना एवं कुलदीप सिंह तथा समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहें !

ग्रामवासियों ने इस पहल का स्वागत किया और अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया। उपस्थित अतिथियों ने शिविर की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
हजयात्रा 2026 : दो हजार अकीदतमंदों की राह आसान, क्लियर हुई वेटिंग
प्रदेश को पहले मिल चुका है 4 हजार से ज्यादा का कोटा
भोपाल। प्रदेश के हाजियों के लिए खुशखबर है। पहले से तय 4 हजार से अधिक के कोटे में 2060 सीटों का इजाफा किया गया है। वेटिंग लिस्ट में शामिल इन लोगों को हज कमेटी ऑफ इंडिया ने खर्च की पहली किश्त जमा करने के लिए कहा है।
सेंट्रल हज कमेटी ने प्रतीक्षा सूची में शामिल हाजियों की पहली लिस्ट जारी की है। इसके मुताबिक प्रतीक्षा सूची के एक से 2060 नंबर के शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक प्रदेश के
करीब 10 हजार से ज्यादा आवेदकों ने हज आवेदन किया था। इनमें से करीब 4 हजार लोगों का नाम कुर्रे द्वारा निकाला गया था। इसके बाद भी बड़ी संख्या में लोग प्रतीक्षा सूची में रखे गए थे। पहली प्रतीक्षा सूची क्लियर होने के बाद अब प्रदेश का हज कोटा 6 हजार से अधिक हो गया है।

इस तरह मिलेगा प्रदेश के जिलों को कोटा
इंदौर 613
भोपाल 375
उज्जैन 180
धार 165
देवास 106
खरगोन 74
बड़वानी 70
रतलाम 60
ईस्ट निमाड़ 47
जबलपुर 45
शाजापुर 42
सीहोर 37
रायसेन 35
राजगढ 29
मंदसौर 27
झाबुआ 22
बैतूल 16
छिंदवाड़ा 15
शहडोल 15
अलीराजपुर 14
हरदा 12
सागर 12
नर्मदापुरम 11
अनूपपुर 08
छतरपुर 08
बालाघाट 07
श्योपुर 05
नरसिंहपुर 04
डिंडोरी, मंडला और नीमच 02-02
11 अक्टूबर तक जमा करें किश्त
प्रतीक्षा सूची क्लियर होने के साथ ही सेंट्रल हज कमेटी ने चुने गए आवेदकों से पहली किश्त जमा करने का फरमान जारी कर दिया है। इसके लिए उसने 11 अक्टूबर की तारीख तय की है।

हज कमेटी को मिलेंगे करोड़ों रुपए
हज कमेटी ऑफ इंडिया को हाजियों से पहली किश्त के रूप में करोड़ों रुपए जमा करने की जल्दबाजी है। उसके चलते उसने ऐसे आवेदकों के आवेदन खारिज कर दिए हैं, जिन्होंने किश्त की राशि जमा नहीं कराई थी। अब प्रतीक्षा सूची क्लियर कर नए आवेदकों से पैसों की मांग की गई है। इस प्रक्रिया से उसे अकेले मप्र से 3 अरब, 13 करोड़, 73 लाख, 8 हजार रुपए प्राप्त होंगे। इसके अलावा वह पूरे देश के हाजियों से भी हजयात्रा के 8 महीने पहले राशि जमा करवा कर बैंक ब्याज कमाने की मंशा रखता है।
किसानों के लोन को भ्रष्टाचार की दीमक : आवेदक को पता ही नहीं, बैंक ने कर दिया लाखों का लोन
भोपाल। एक तरफ सरकार किसान कल्याण के लिए भरसक प्रयास कर रही है। तरह तरह की योजनाओं से उन्हें संबल देने की कोशिश कर रही है। लेकिन दूसरी तरफ सरकारी एजेंसियां इन योजनाओं को पलीता लगाने पर जुटी हुई हैं। रायसेन जिले के एक सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने केसीसी धारक एक व्यक्ति के नाम पर धोखाधड़ी का लोन पास कर दिया है। लाखों रुपए के इस लोन की संबंधित खाता धारक को जानकारी ही नहीं है। उस सितम यह कि अब उक्त ऋण की किस्तें अदा न करके खाताधारक का सिविल स्कोर भी बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।
मामला रायसेन जिले की तहसील सलामतपुर का है। यहां बैंक ऑफ इंडिया की शाखा की एक ग्राहक निशात शाहरीक पत्नी शारिक बसीर, निवासी 102, राजीव नगर, कोहेफिजा, भोपाल ने इस बारे में बैंक की शाखा में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बैंक मैनेजर को कानूनी नोटिस भेज कर कहा है कि उनकी स्वत्व एवं स्वामित्व की कृषि भूमि जिसका खसरा क्रमांक 67, 68, 72, 83, 90, 92, 96, 105 उनके भाइयों के साथ संयुक्त खाते की भूमि थी। उक्त भूमि ग्राम शाहपुर, तहसील रायसेन, पर स्थित है।
बिना आवेदन हो गया लोन
निशात के वकील ने लिखा है कि उक्त भूमि पर किसी व्यक्ति अथवा संस्थान के द्वारा आपके बैंक से केसीसी ऋण लिया गया है। जबकि निशात द्वारा उक्त भूमि पर कभी भी ऋण हेतु न तो आवेदन दिया गया है, न ऋण प्राप्ति हेतु कोई दस्तावेज आदि हस्ताक्षरित कर बैंक अथवा किसी व्यक्ति को दिए हैं। न ही ऋण प्राप्त नहीं किया गया है। उन्होंने लिखा है कि इस बारे में दिनांक 08/04/2025 को आपके बैंक की सलामतपुर शाखा में लिखित में शिकायत की जा चुकी है। लेकिन उसपर वर्तमान में भी किसी प्रकार की कोई कार्रवाई बैंक द्वारा नहीं की गई है।
अदायगी भी गुल
शिकायत में कहा गया है कि उक्त ऋण लेने वाले व्यक्ति के द्वारा ऋण की किस्तों की अदायगी समय पर नहीं की जा रही है। इस कारण मेरे निशात बसीर के सिविल स्कोर पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। इस प्रकार निशात के साथ धोखाधड़ी बैंक के माध्यम से हुई है। बैंक द्वारा ऋण देने की प्रक्रिया के समय यदि सूक्ष्मता से जांच करवाकर ऋण की प्रक्रिया की जाती तो यह लोन जारी नहीं होता। लेकिन इस मामले में फर्जी लोन आवेदकों और बैंक की सांठगांठ के चलते ही यह मामला हो पाया है।
इनके नाम हुए लाखों
जानकारी के मुताबिक बैंक की सांठगांठ से यह किसान क्रेडिट लोन असलम उल्लाह खान और अशरफ उल्लाह खान के नाम पर हुआ है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ग्राम रूपनगर शाहपुर (सलामतपुर) की सांठगांठ से इसको अंजाम दिया गया है। आमतौर पर जहां किसानों को लोन लेने के लिए बैंक के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं, धोखाधड़ी के इस लोन को आसानी से अंजाम दे दिया गया है।
कागजों पर हो गया फर्जीवाड़ा
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में सबसे रोचक तथ्य यह है कि जिस जमीन के नाम पर लाखों रुपए का गोंडोबल किया गया है, असल में उस तरह की जमीन भौतिक रूप से मौजूद ही नहीं है। कहा जा रहा है कि बैंक और लोन लेने वालों ने जिस खसरा नंबर को आधार बनाया है, वह भूमि नजूल के खसरा रिकार्ड में मौजूद ही नहीं है। वास्तविकता यह है कि लोन लेने के लिए यह खसरे फर्जी तरीके से कागजों पर पैदा किए गए हैं। लोन लेने वालों की इससे बैंक का सरकारी पैसा हड़पने की मंशा थी। लेकिन बैंक की गलती यह है उसने न व्यक्ति की जांच की, न खसरों का सत्यापन किया और न ही जमीन पर जाकर भौतिक सत्यापन करने की कोशिश की। इस कर्मकांड ने जहां सरकार को लाखों रुपए का चूना लगाया है, वहीं असल लोन चाहतमंदों को मुश्किलों में डाला है।
अज़ान में वह, नमाज़ में वह, दुआओं में वही, हजरत मुहम्मद हर जगह मौजूद : मौलाना शराफत नदवी
सिलसिला-ए-अदब समर्पित रहा पैगम्बर हजरत मुहम्मद के नाम, नामवर शायरों ने सुनाए नातिया कलाम
भोपाल। सिलसिला-ए-अदब का महाना प्रोग्राम इस बार कुछ अलग रंगत लिए हुए था। पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब को समर्पित इस प्रोग्राम में मौजूद शहर के नामवर शायरों ने नातिया कलाम पेश कर महफिल को रूहानी बना दिया। इस मौके पर मेहमान-ए-खुसूसी के तौर पर मौजूद उलेमाओं इकराम ने भी हजरत मुहम्मद साहब की जिंदगी, आज के हालात और आम लोगों द्वारा किए जा रहे व्यवहार का जिक्र किया।

महमूद जकी फाउंडेशन और दैनिक नया नजरिया के
मासिक कार्यक्रम सिलसिला-ए- अदब में इस माह नातिया महफिल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मेहमान-ए- खास मौलाना शराफत नदवी थे। इस मौके पर मुफ्ती मोहम्मद अहमद और मौलाना नेमत उल्लाह नदवी भी बतौर मेहमान मौजूद थे। मौलाना शराफत ने इस मौके पर कहा कि शायरी की जुबान अल्लाह तआला भी सुनता है। उन्होंने इस्लाम के आखिरी पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब का जिक्र करते हुए कहा कि उनका नाम अज़ान, नमाज और दुआ तक में शामिल है। मौलाना ने कई हदीस के हवाले से भी पैगम्बर की जिंदगी पर रौशनी डाली।

इस अवसर पर मौजूद शायरों ने अपने नातिया कलाम पढ़कर महफिल को रूहानी बना दिया। कार्यक्रम में शायर अजीज रौशन, बद्र वास्ती, विजय तिवारी विजय, खलील असलम कुरैशी, कासिम अजहर आदि ने कलामों की रौशनी में हुजूर-ए- पाक की शान में तारीफ बयान की और खूब दाद लूटी। डॉ. नजर महमूद के किए गए इंतजामों को खूब सराहा गया और सिलसिला-ए-अदब की अब तक की बेहतरीन कड़ी इस कार्यक्रम को करार दिया गया। डॉ. महताब आलम के संचालन में हुए इस प्रोग्राम में दुनियाभर के लोगों ने ऑनलाइन जुड़कर कार्यक्रम का मजा लिया। इस मौके पर डॉ. अंजुम बाराबंकवी, डॉ. कमर अली शाह, इकबाल मसूद, डॉ. अहसान आज़मी, डॉ. नसीम अहमद, रजा दुर्रानी, खालिद महमूद, शमीम अख्तर, फरहान खान, अनवर खान एडवोकेट, तौफीक अहमद, खलील खान, नमीर नजर महमूद आदि मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में मेहमानों का शुक्रिया अदा करते हुए डॉ. नजर महमूद ने कहा कि यह कार्यक्रम का समापन नहीं, बल्कि कुछ वक्त के रोका गया एक लम्हा है, अगली बार नए जोश, उत्साह और एजेंडा के साथ सिलसिला-ए-अदब जारी रखा जाएगा।
अजीम प्रेम जी , JNCT , मानसरोवर , LNCT , महर्षि , शुभम ज्ञानवीर सहित कई अन्य यूनिवर्सिटी डिफाल्टर घोषित
एमपी की ये 10 प्राइवेट यूनिवर्सिटी डिफॉल्टर घोषित
भोपाल|मध्यप्रदेश की 10 प्राइवेट यूनिवर्सिटियों को यूजीसी ने डिफॉल्टर घोषित किया है। बड़ी चौंकाने वाली बात यह है कि इन संस्थानों ने अपनी आवश्यक जानकारी तक आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड नहीं की थी। देशभर में चलाए गए इस अभियान के दौरान कई राज्यों की कुल 54 यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई हुई, जिसमें एमपी की 10 यूनिवर्सिटी भी शामिल हैं।
यूजीसी ने साफ निर्देश दिए हैं कि विश्वविद्यालयों को अपने कोर्स, फैकल्टी, एडमिशन, फीस स्ट्रक्चर और अन्य अनिवार्य जानकारियां सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। नियमों का पालन न करने वाली यूनिवर्सिटी पर आगे और सख्त कार्रवाई भी हो सकती है।छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि प्रवेश लेने से पहले यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट और मान्यता संबंधी जानकारी ज़रूर जांचें।

इन यूनिवर्सिटीज़ ने अपनी वेबसाइट पर जरूरी जानकारी अपलोड नहीं की और लोकपाल की नियुक्ति नहीं की, जो यूजीसी के नियमों के अनुसार अनिवार्य है।
डिफॉल्टर यूनिवर्सिटी की सूची:
भोपाल
– अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी
– जेएनसीटी यूनिवर्सिटी
– शुभम यूनिवर्सिटी
– सीहोर
– आर्यावर्त यूनिवर्सिटी
– मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी
– इंदौर
– एलएनसीटी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी
– जबलपुर
– महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय
– महाकौशल यूनिवर्सिटी
– सागर
– ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी
– शिवपुरी
– प्रीति ग्लोबल यूनजी
यूजीसी ने इन यूनिवर्सिटीज़ को डिफॉल्टर घोषित करने के पीछे का कारण पब्लिक सेल्फ डिस्क्लोजर गाइडलाइन्स का पालन न करना है। इन यूनिवर्सिटीज़ को अंतिम नोटिस जारी कर दिया गया है और उन्हें तुरंत नियमों का पालन करना होगा
माता हरसिद्धि के दरबार में उमड़ रहा भक्तोंगणों का जन सैलाब
बड़ी संख्या में दर्शनों को पहुंच रहे श्रद्धालु
जीतेन्द्र सेन
बैरसिया।। कई जिलों में प्रसिद्ध बैरसिया क्षेत्र के तरावली कला गांव में स्थित मां हरसिद्धि का प्राचीन मंदिर। यहां मैया के दरबार में बड़े-बड़े नेता राजनेता जनप्रतिनिधि माथा टेकने आते हैं बताया जाता है कि चैत्र,और अश्विन माह के नवरात्रि में माता रानी की महिमा कुछ अलग ही होती है मां हरसिद्धि के महंत मोहनगिरी महाराज बताते है कि देवी मां ने उज्जैन के राजा विक्रमादित्य की आराधना से प्रसन्न होकर उन्हें दर्शन दिए थे। कहा जाता है कि देवी मां का मस्तक उज्जैन में,चरण काशी में और धड़ तरावली कला में है यहां आने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। मां हरसिद्धि के दरबार में नवरात्रि पर भव्य मेले का आयोजन होता है जो 1 महीने तक चलता रहता है। राजधानी भोपाल से करीब 40 किमी दूर तरावली कला गांव में स्थित है प्राचीन मां हरसिद्धि माता मंदिर। यहां पहुंचने के लिए बैरसिया रोड से करीब दस किमी अंदर जाना होता है।

इस मंदिर का ऐतिहासिक महत्व है। यहां साल भर भक्तों का तांता लगा रहता है।ऐसी मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु यहां सच्चे भक्ति-भाव से आता है, माता रानी उसकी हर मनोकामना अवश्य पूर्ण करती है चैत्र नवरात्र ओर अश्विन नवरात्रि के अवसर पर यहां विशेष आयोजन किए जाते हैं। ओर विशाल मेला लगता है। यहां माता रानी के दर्शन करने विभिन्न जिलों के अलावा दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों से भी हजारों की संख्या में भक्तगण नंगे पैर पैदल चुनरी यात्राओं के साथ अपनी मनोकामना लेकर मां के दरबार में आते हैं। आपको बता दें कि यहां रात के समय मंदिर का नजारा देखने लायक होता है। जहां रंग-बिरंगी रोशनी में नहाया यह मंदिर अद्भुत छटा बिखेरता है। मां हरसिद्धि के दरबार में लगातार 9 दिनों तक विभिन्न समाज के सामाजिक संगठनों को सेवाधारी के रूप में सेवा करने का अवसर मिलता है।
जहां इसी कड़ी में शनिवार को सेन समाज संगठन तहसील बैरसिया जिला भोपाल सेन समाज संगठन को सेवा करने का अवसर मिला जिसमें सुबह 7 बजे से शाम 7बजे तक समस्त सेन समाज के लोगों द्वारा मां के दरबार में सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ। जिसमें सेन समाज समेत कई सामाजिक संगठनों के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
विश्व पर्यटन दिवस : संग्रहालयों एवं स्मारकों में मिला निशुल्क प्रवेश
भोपाल। विश्व पर्यटन दिवस के उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश शासन द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय, भोपाल के निर्देशानुसार इस दिन प्रदेश के सभी संग्रहालयों एवं स्मारकों में देशी और विदेशी सभी दर्शकों के लिए प्रवेश निःशुल्क रखा गया।
जन-सामान्य में जागरूकता लाना उद्देश्य
इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को मध्यप्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक विरासत से जोड़ना है। पर्यटन को प्रोत्साहित करने और जन-सामान्य में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अधीक्षकों को आदेश जारी
प्रदेश के समस्त संग्रहालयों एवं स्मारकों के अधीक्षकों को इस संबंध में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए।
1 अक्टूबर से वन विहार पूरी तरह नो-व्हीकल जोन
इधर अपर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भोपाल का वन विहार नेशनल पार्क अब एक नई दिशा में कदम बढ़ा रहा है। 1 अक्टूबर 2025 से वन विहार पूरी तरह ‘नो-व्हीकल ज़ोन’ घोषित किया जाएगा। यानी अब पर्यटक अपनी कार या दोपहिया वाहन पार्क के भीतर नहीं ले जा सकेंगे।
TSM मशीन सुविधा या मुसीबत , किसान परेशान कहीं नाप रहें नदी तो कहीं नाप आए बेदरा…
किसानों की मांग जरीब से हो जमीनों का सीमांकन – रामभाई मेहर
जीतेन्द्र सेन
बैरसिया।। आजकल खेती किसानी करना दिन ब दिन और कठिन होता जा रहा है वहीँ फ़सल बोने से लेकर काटने तक किसान तमाम तरह की समस्याओं से जूझता है वहीं कर्मचारी और अधिकारी लगवाते है तो सिर्फ और सिर्फ दफ्तरों के चक्कर… वहीं राजधानी से लगी हुई तहसील बैरसिया में किसानों का गुस्सा तब फूट पड़ा ज़ब ज़ब बैरसिया विधानसभा के किसान कांग्रेस नेता रामभाई मेहर अपने क्षेत्र में भ्रमण पर निकले और उनके गाँव पहुँच गए… रामभाई मेहर बैरसिया विधानसभा क्षेत्र के जमीनी कार्यकर्त्ता होने के साथ ही किसान कांग्रेस के अध्यक्ष भी है वह निरंतर विभिन्न गांवों का दौरा कर रहे हैं जिसमें सबसे ज्यादा समस्याएं उन्हें किसानों द्वारा बताई रही है ! किसानों ने मेहर को बताया की हमें राजस्व विभाग द्वारा टीएसएम मशीन के जरिये जो सीमांकन किया जा रहा है उसमें सबसे ज्यादा छोटे किसान बहुत दुखी एवं परेशान है और लगभग हर किसान के खेत की मेड़ दूसरे अन्य किसान के खेत में पहुंच रही है। इतना ही नहीं किसी किसान की जमीन नदी में नाप रहे है तो किसी की नाले में तक नाप रहें है इतना ही नहीं किसानों ने बताया की टीएसएम मशीन के जरिये नपती होने से भूमि विवाद बड़े है और नईं तकनीक में जमीन की नपती के लिए टोटल स्टेशन मशीन (टीएसएम) का उपयोग किया जा रहा है। जिसे जीपीएस से जोड़कर एक निश्चित स्थान तय कर सर्वें किया जाता है। इसे पूर्व से प्रचलित नक्शे में सुपर इंपोज किए जाने पर जमीनों की सरहद (मेड़ ) सीमांकन के दौरान स्थापित मौके की मेड़ से हट रही है और जमीनी विवाद निरंतर बढ़ रहे हैं किसान कांग्रेस नेता रामभाई मेहर ने किसानों से आश्वासन दिया है की जल्द ही आपकी इन समस्याओं को प्रशासन के सामने रखेंगे और निराकरण का प्रयास भी करेंगे।
*इनका कहना*
बैरसिया क्षेत्र के किसानों को सीमांकन में उपयोग की जाने वाली टीएसएम मशीन पर विश्वास नहीं हो रहा है। किसान कांग्रेस किसानों के साथ है। हम इन मशीनों की विश्वसनीयता का सत्यापन और सटीकता का परीक्षण शासन-प्रशासन से लीगल मेट्रोलॉजी विभाग से करवाने की मांग करेंगे।
रामभाई मेहर
अध्यक्ष किसान कांग्रेस भोपाल ग्रामीण
शासकीय माध्यमिक शाला चौपड़ा कलां में स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत रैली एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन
भोपाल |शासकीय माध्यमिक शाला चौपड़ा कलां के छात्र-छात्राओं द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त गाँव बनाने के उद्देश्य से आज जागरूकता रैली निकाली गई।

रैली के दौरान बच्चों ने दुर्गा जी की झांकी स्थलों एवं गाँव के विभिन्न स्थानों पर पहुँचकर सिंगल यूज़ प्लास्टिक से होने वाले दुष्प्रभावों पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। साथ ही नागरिकों को कपड़े की थैली का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर विद्यालय के HM प्रेम सिंह कीर, शिक्षिकाएँ नंधिनी एवं दीपिका उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की सफलता में SRF Foundation से प्रोग्राम ऑफिसर विष्णु वर्मा, निशा सैनी एवं राखी कुशवाहा का विशेष सहयोग रहा।


