रियासत की अदबी दुनिया में ‘सिलसिला ए अदब’  अपनी एक खास पहचान बना रहा है: सैफी सिरोंजी

महमूद ज़की वेलफेयर फाउंडेशन और रोज़नामा नया नज़रिया का मासिक कार्यक्रम सीसिलसिला ए अदब आयोजित

भोपाल। महमूद ज़की फाउंडेशन और रोज़ाना नया नज़रिया की भोपालने  ख़िदमात काबिल तारीफ है। सिलसिला ए अदब  प्रोग्राम अपनी एक खास जगह बना रहा है। मैं इस काम के लिए डॉ. नज़र महमूद और उनकी टीम को बधाई देता हूं। ये विचार मशहूर लेखक और शायर सैफी सिरोंजी ने सिलसिला ए अदब प्रोग्राम की अध्यक्षता करते हुए कहे। रोज़ानामा नया नज़रिया के ऑफिस में हुए मासिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अल्लाह से दुआ है कि यह कार्यक्रम ऐसे ही चलता रहे। रोज़ाना नया नज़रिया और महमूद ज़की  वेलफेयर फ़ाउंडेशन के प्रोग्राम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल सीनियर सहाफ़ी  और रोज़नामा नदीम के एडिटर आरिफ अज़ीज़ ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं महमूद ज़की साहब को तब से जानता हूँ जब उनके आर्टिकल रेगुलर तौर पर आफ़ताब-ए-जदीद में छपते थे। मैं खुशकिस्मत हूँ कि मुझे महमूद ज़की साहब से मिलने का भी मौका मिला। उसके बाद, मैंने उन पर आयोजित  एक नेशनल सेमिनार में भी हिस्सा लिया और उन पर लिखा अपना एक आर्टिकल पढ़ा। यह बहुत बड़ी बात है कि महमूद ज़की साहब ने अपने बच्चों को ऐसी परवरिश दी कि उनके काबिल बच्चों ने उनका नाम ज़िंदा रखा। ऐसा बहुत कम होता है कि बच्चे अपने माता-पिता के नाम और काम को आगे बढ़ाएँ। यह महमूद ज़की साहब की ट्रेनिंग ही है कि डॉ. नज़र महमूद और उनके भाई अपने पिता के नाम और काम को इतने ऑर्गनाइज़्ड तरीके से दुनिया तक पहुँचा रहे हैं। मैं दुआ करता हूँ कि अल्लाह सबको महमूद जकी की तरह  डॉ. नज़र महमूद जैसे बच्चे  दें। प्रोग्राम के दूसरे खास मेहमान, आपूर्ति सुपरस्टोर के मालिक इमरान मंसूर ने कहा कि ऐसे प्रोग्राम का हिस्सा बनना मेरे लिए एक नया अनुभव है। मैं खुद  खुशनसीब समझ रहा हूं के मुझे इस  प्रोग्राम में शामिल होने के लिए दावत दी। नया नज़रिया और महमूद ज़की वेलफेयर फाउंडेशन साहित्य की जो सेवा कर रहे हैं, वह न सिर्फ तारीफ़ के काबिल है, बल्कि उससे सिख कर हमको भी काम करना चाहिए है।



प्रोग्राम के आखिर में रोज़ाना नया नज़रिया के एडिटर और पब्लिशर और महमूद ज़की वेलफेयर फाउंडेशन के फाउंडर डॉ. नज़र महमूद ने मेहमानों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि आप सबने प्रोग्राम में शामिल होकर इसकी शान बढ़ाई है। इस प्रोग्राम की खास बात यह है कि इसमें जितने जाने-माने कवि और लेखक शामिल हैं, उतने अहम सुनने वाले भी हैं। यह प्रोग्राम मेरे पिता का लगाया हुआ पौधा है। यह सब उनकी मेहनत और कोशिशों का नतीजा है कि मुझे आप सबका प्यार मिल रहा है।

इस बार प्रोग्राम का संचालन डॉ. अहसान आज़मी ने बहुत अच्छे से किया। उन्होंने संचालक की ज़िम्मेदारी बहुत अच्छे से निभाई और हर कवि और लेखक को उनकी अहमियत और खासियत के हिसाब से बुलाया। उन्होंने प्रोग्राम की शुरुआत में महमूद ज़की फ़ाउंडेशन और रोज़ाना नया नज़रिया के इस मासिक प्रोग्राम के मकसद पर अपने खास अंदाज़ में रोशनी डाली। साथ ही, उन्होंने कहा कि रोज़ाना नया नज़रिया और महमूद ज़की वेलफ़ेयर फ़ाउंडेशन का मकसद नई पीढ़ी के सामने उर्दू की बेहतरीन चीज़ें पेश करना है। रोज़ाना नया नज़रीटा के एडिटर और पब्लिशर डॉ. नज़र महमूद एक ऐसे परिवार से हैं जो उर्दू भाषा और साहित्य का बहुत सम्मान करता है। उनके पिता महमूद ज़की अपने ज़माने के जाने-माने पत्रकारों में से एक थे। उन्होंने उज्जैन में एक दर्जन से ज़्यादा उर्दू अख़बारों को रिप्रेज़ेंट किया, वहीं उन्होंने हमारा समाज और दूसरे अख़बारों में एडिटर की ज़िम्मेदारी भी निभाई। इतना ही नहीं, उन्होंने कालिदास के संस्कृत साहित्य को जिस तरह से  उर्दू में तर्जुमा करने का काम किया है, वह उर्दू साहित्य में सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है। यही कारण है कि उनकी रचनाएँ मध्य प्रदेश के स्नातक छात्रों के पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं और मध्य प्रदेश लेखक सिंघ द्वारा 2010 से, महमूद ज़की ग़ज़ल सम्मान भी प्रतिनिधि उर्दू कवियों को दिया जा रहा है। डॉ अहसान आज़मी ने नया नज़रिया के संपादक और प्रकाशक डॉ नज़र महमूद की पत्रकारिता  और दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के साथ उनके पूर्व के कार्यों से भी श्रोताओं और कवियों को परिचित कराया।

कार्यक्रम की शुरुआत में, डॉ नज़र महमूद ने मोतियों की माला और उपहारों के साथ अतिथियों का स्वागत किया। उनके साथ कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सैफी सिरोंजी का स्वागत प्रसिद्ध लेखक और कवि इकबाल मसूद ने किया। मुख्य अतिथि आरिफ अज़ीज़ और इमरान मंसूर, भोपाल के  कवि सरवत ज़ैदी, हिंदी कवि और वरिष्ठ पत्रकार पंकज पाठक का स्वागत डॉ नज़र महमूद ने किया इसके बाद, सीनियर शायर रकीब अंजुम का स्वागत काज़ी नावेद मलिक ने किया, युवा शायर अशफ़ाक अंसार का स्वागत मौलाना आज़ाद उर्दू यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर मुहम्मद हसन ने किया, युवा शायर फ़ाज़िल फ़ैज़ का स्वागत समीन-उल-ज़फ़र सिद्दीकी ने किया और हिंदी शॉर्ट स्टोरी राइटर चंद्रभान राही का स्वागत डॉ. आज़म ने किया। शॉर्ट स्टोरी राइटर चंद्रभान राही ने अपनी दो शॉर्ट स्टोरीज़ ‘मनत’ और ‘भविष्य तलाशती लड़की’ पढ़कर दर्शकों का मनोरंजन किया।  नया नज़रियाऔर महमूद ज़की वेलफेयर फ़ाउंडेशन के इस प्रोग्राम में उस्ताद शायर ज़फ़र सेहबाई, इक़बाल मसूद, अंजुम बराबांकवी, डॉ. आज़म, काज़ी नावेद मलिक, विजय तिवारी विजय, अलीम बज़्मी, अज़ीम असर, साजिद हसन, हसीब अंसारी, मुहम्मद गुफ़रान, अबरार ख़ान, नुसरत अली, डॉ. क़मर अली शाह, रिज़वान फ़ारूक़ी, मुहम्मद सलमान, फ़ैज़ान, इरशाद अली, मुहम्मद आज़म, मुहम्मद तौफ़ीक़, खलील ख़ान, शाद अहमद ख़ान और सैयद नमीर महमूद ने मौजूद रहकर महफ़िल की शान बढ़ाई।

सिलसिला ए अदब में शायरों की पेश की गई कविताएँ इस तरह थीं:
मैंने माना के हो गई शोहरत
मर गया मै तो खो गई शोहरत

सैफी सरवनजी

महफिल ए शर ओ अदब में बे हुनर कोई नहीं
कम नज़र आते हैं लेकिन कम नज़र की नहीं
सरवत ज़ैदी

यह वही लाशों का शहर है
जहाँ पर दो माह बाद, एक कविता जन्म लेगी
क्योंकि मरे हुए लोगों के बीच,
कोई मरता नहीं

पंकज पाठक
रास तो आई जिंदगी लेकिन
ऐसे बिछड़े के फिर मिले ही नहीं

रकीब अंजुम

हक राह पर चलूंगा मैं आहिस्ता और तुम
छू भी नहीं सकोगे मुझे दौड़ने के बाद

अशफाक अंसार

या तो दुनिया रहे या इश्क रहे
आशिकी हो तो आशिकी की तरह
फ़ज़ील फैज़

बढ़ी संख्या, बदली जगह, बात अब भी वही… इज्तिमा में होगी 6 बातों पर चर्चा

भोपाल। महज 13 लोगों से शुरुआत… अब इतने ही लाख लोगों की भागीदारी। मस्जिद शकूर खां से हुई शुरुआत, ताजुल मसाजिद होते हुए अब ईंटखेड़ी पहुंच गई। लाखों लोगों की मौजूदगी से अब सैकड़ों एकड़ जगह भी कम पड़ने लगी है। करीब 78 साल से चल रही आलमी तब्लीगी इज्तिमा की 6 बिंदुओं पर होने वाली बात आज भी बरकरार है। यहां आज भी दुनियादारी, समाज में फैली बुराइयों या सियासी बातों के कोई जगह नहीं है। यहां बात सिर्फ जमीन के नीचे की या आसमान के ऊपर की जाती है।
आलमी तब्लीगी इज्तिमा का यह 78वा साल होगा। 14 नवंबर से शुरू होने वाले इस रूहानी समागम का समापन 17 नवंबर को दुआ ए खास के साथ होगा। इतनी सदियों के इस इतिहास में कुछ बदला है तो महज कार्यक्रम की अवधि में इजाफा हुआ है। पहले यह कार्यक्रम 3 दिवसीय हुआ करता था, जिसे बढ़ाकर 4 दिन कर दिया गया है। शुरुआत में मस्जिद शकूर खां में महज 13 लोगों के जोड़ के साथ यह धार्मिक आयोजन परम्परा में आया था, जो अब बढ़कर करीब 13 लाख लोगों की मौजूदगी पर पहुंच गया है।

बदलती रही जगह
वर्ष 1947 में आलमी तब्लीगी इज्तिमा की शुरुआत मस्जिद शकूर खां से हुई थी। इसके अगले ही साल यह आयोजन ताजुल मसाजिद में शिफ्ट कर दिया गया। वर्ष 2003 तक चलने वाले इस निजाम में ताजुल मसाजिद के आसपास का सारा इलाका जमातीयो से पैक हो जाता था। मस्जिद के अलावा आसपास का बाजार, घर और सड़कें भर जाया करती थीं। जिससे होने  वाली परेशानियों को देखते हुए आलमी तब्लीगी इज्तिमा की जगह बदलकर ईंटखेड़ी कर दी गई है। वर्ष 2003 से अब तक यह समागम इसी स्थान पर हो रहा है। जमातियो की हर साल बढ़ती तादाद के कारण यह सैंकड़ों एकड़ जमीन भी कम पड़ने लगी है।

बात जमीन से नीचे की, या आसमान से ऊपर की
चार दिन के इज्तिमा के दौरान नमाज, जिक्र, तस्बीह और सामूहिक चर्चाओं का दौर चलता है। इस दौरान उलेमा तबलीग की 6 बातों को केंद्र में रखकर बात की जाती है। इसके अलावा किसी अन्य विषय पर यहां बात नहीं की जाती है।

तब्लीग के छह नंबर (छह सिद्धांत)
कलिमा: “ला इलाहा इल्लल्लाह, मुहम्मदुर रसूलुल्लाह” (अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, और मुहम्मद अल्लाह के रसूल हैं)।
सलाह: पाँचों वक्त की नमाज़ पढ़ना।
इल्म-ओ-ज़िक्र: अल्लाह का ज्ञान और उसका स्मरण करना।
इकराम-ए-मुस्लिम: सभी मुसलमानों के साथ सम्मान और भाईचारे से पेश आना।
इखलास-ए-नीयत: हर काम को पूरी ईमानदारी और अल्लाह के लिए करना।
दावत-ओ-तबलीग: लोगों को अल्लाह की ओर दावत देना और तब्लीग़ में समय निकालना।

क्या होगा खास
तारीख : 14 से 17 नवंबर
निकाह : पहले दिन 14 को
जमाती : करीब 13 लाख
तैयारी में लगे : PWD, PHE, नगर निगम, बिजली विभाग, पुलिस और अन्य
मदद कर रहे: वालेंटियर
बड़ा टास्क : यातायात नियंत्रण
व्यवस्थाएं : स्वास्थ्य, फायर ब्रिगेड, खानपान, टेलीफोन, रेलवे, किताबें आदि।

स्वच्छता को लेकर गंभीर सीईओ, कहा – कई गांवों में होंगे नवाचार, मिलेंगे “सार्थक” परिणाम

भोपाल मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भोपाल की अध्यक्षता में स्वच्छ भारत मिशन योजनांतर्गत जनपद पंचायत फंदा के बल्क वेस्ट जनरेटर ग्राम पंचायत बंगरसिया, परवलिया सडक, कालापानी, ईटखेडी सडक, फंदाकलां, खजूरी सडक, बगरौदा में घर-घर कचरा संग्रहण, दृश्य स्वच्छता (Visual Cleanliness) कचरा प्रबंधन एवं निष्पादन हेतु प्रभावी क्रियान्वयन Public Private Partnership (PPP) मोड के माध्यम से कराये जाने हेतु समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया है। जिसके अंतर्गत सार्थक संस्था के माध्यम से उक्त पंचायतों में घर-घर कचरा संग्रहण, कचरा का सेग्रीगेट एट द सोर्स लेवल कचरा प्रबंधन एवं निष्पादन, दृश्य स्वच्छता, कचरे वाहनों का संचालन एवं कर संग्रहण का कार्य किया जाना है। ग्राम पंचायतों में बल्क वेस्ट जनरेटर की पहचान कर टेक्स संग्रहण सुनिश्चित करना व कचरे का उठाव परिवहन एवं एमआरएफ सेंटर में कचरे का रिसायकलिंग एवं वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन किया जाना है। कर संग्रहण के माध्यम से पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाये जाने हेतु समस्त घरों, संस्थाओं, आद्योगिक क्षेत्रो एवं बल्क वेस्ट जनरेटर से कर संग्रहण सुनिश्चित करना।
म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा-54 (3) एवं (7) एवं म.प्र. पंचायती ( स्वच्छता, सफाई तथा न्यूसेंस का निवारण तथा उपशमन) नियम-1999 व केन्द्रीय ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम- 2016/20 के पालन सुनिश्चित कराना एवं उल्लंघन करने वाल संस्थाओं एवं आद्यौगिक क्षेत्रों के विरूद्ध उचित कार्यवाही हेतु क्षेत्रीय अधिकारी म. प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भोपाल द्वारा सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया।
उक्त समीक्षा बैठक में शिवानी मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत फंदा,  संतोष झारिया, जिला समन्वयक, जिला पंचायत भोपाल, आशा राय ब्लॉक समन्वयक, प्रियांक भद्रा ब्लॉक समन्वयक, सरपंच / सचिव ग्राम पंचायत, क्षेत्रीय अधिकारी म. प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भोपाल, शाखा प्रबंधक भारतीय डाकघर बैंक एवं सार्थक संस्था उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय पत्रकार महासभा की राष्ट्रव्यापी अपील अब हर जिले से बुलंद हो पत्रकार सुरक्षा की आवाज़

भोपाल।। आए दिन पत्रकारों पर बढ़ते अत्याचार और हमलों को देखते हुए राष्ट्रीय पत्रकार महासभा देशभर के अपने सभी जिला पदाधिकारियों से सशक्त अपील करती है कि अब समय आ गया है कि हम एकजुट होकर आवाज़ उठाएँ। गौरतलब है कि आज हिंदुस्तान के कोने-कोने में सच्चाई उजागर करने वाले पत्रकारों को लगातार धमकियाँ दी जा रही हैं, उन पर जानलेवा हमले हो रहे हैं। कई मामलों में तो दबंग,भू माफिया और असामाजिक तत्व पत्रकारों को मौत के घाट उतार देते हैं। और दुखद यह है कि कई बार कुछ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भी फर्जी मुकदमे लगाकर ईमानदार पत्रकारों को प्रताड़ित किया जाता है।
राष्ट्रीय पत्रकार महासभा द्वारा आह्वान किया गया है कि सभी जिला पदाधिकारी अपने-अपने ज़िलों में संगठन को और मजबूत कर। पीड़ित पत्रकारों की सुरक्षा,न्याय और सम्मान के लिए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। किसी भी पत्रकार पर अत्याचार की सूचना मिलते ही ज़िला स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक मामला उठाएँ। राष्ट्रीय पत्रकार महासभा लगातार पीड़ित पत्रकारों की आवाज़ बनकर खड़ी रही है और आगे भी न्याय दिलाने के लिए हर संभव कानूनी, सामाजिक और संगठनात्मक लड़ाई लड़ेगी। यह केवल एक संगठन नहीं बल्कि पत्रकारों की सुरक्षा और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प है। एकजुट रहें  संगठित रहें अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाएँ।
जीतेन्द्र सेन राष्ट्रीय पत्रकार महासभा भोपाल जिला अध्यक्ष

एम्स भोपाल में ब्रेन डेड युवक के अंगदान से पांच मरीजों को मिला नया जीवन

जीतेन्द्र सेन
भोपाल।। एम्स भोपाल में एक 37 वर्षीय ब्रेन डेड युवक द्वारा किए गए अंगदान से पांच मरीजों को नया जीवन प्राप्त हुआ है मरीज के परिजनों ने मानवता और परोपकार की मिसाल पेश करते हुए उसके हार्ट,दोनों किडनी और दोनों कॉर्निया दान किए। इस प्रक्रिया में दान किया गया हार्ट 41 वर्षीय मरीज में प्रत्यारोपित किया गया,जो एम्स भोपाल का तीसरा सफल हार्ट ट्रांसप्लांट रहा। एक किडनी का प्रत्यारोपण एम्स भोपाल में 30 वर्षीय मरीज में किया गया, जबकि दूसरी किडनी भोपाल के निजी अस्पताल भेजी गई। साथ ही,दो कॉर्निया से दो मरीजों को दृष्टि प्राप्त होगी।
इस जटिल एवं संवेदनशील प्रक्रिया को सफल बनाने में कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, एनेस्थीसियोलॉजी, नेत्र रोग, फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी सहित अंग निष्कर्षण और प्रत्यारोपण से जुड़ी सभी टीमों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

इस हार्ट ट्रांसप्लांट हेतु मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और एम्स भोपाल प्रशासन द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की गई। अंगदान के उपरांत,मुख्यमंत्री द्वारा घोषित राज्य स्तरीय प्रोटोकॉल के अनुसार पुलिस दल एवं एम्स भोपाल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया जो समाज में अंगदान के प्रति सम्मान,प्रेरणा और जागरूकता का प्रतीक बना।

हज 2026: दो शिफ्ट में सऊदी अरब पहुंचेंगे हाजी, कुछ जाएंगे मक्का, कुछ मदीना

भोपाल। अकीदत का सफर प्रदेश के हाजियों को दो शिफ्टों में पूरा कराया जाएगा। इनमें से कुछ हाजी अपना सफर मदीना शरीफ से शुरू करेंगे। जबकि कुछ हाजियों की यह शुरूआत मक्का शरीफ से होगी। इन दोनों सफ़र का समय अलग अलग होगा। अलग अलग इंबोर्केशन पॉइंट्स से इस कराया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक हज 2026 के दौरान प्रदेश के हाजियों को कुल 20 इम्बर्केशन पॉइंट्स रवाना किया जाएगा। इनमें दिल्ली, गया, गुवाहाटी, इंदौर, जयपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, श्रीनगर, विजयवाड़ा, अहमदाबाद, बैंगलुरु, कालीकट, चेन्नई, कोचीन, हैदराबाद, कानपुर आदि शामिल हैं।

यह जाएंगे मदीना
हज यात्रियों की रवानगी का पहला चरण 18 अप्रैल 2026 से शुरू होगा। यह चरण 4 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान रवाना होने वाले हाजी देश भर के करीब 11 इम्बर्केशन पॉइंट्स से रवाना होंगे। इनमें दिल्ली, गया, गुवाहाटी, इंदौर, जयपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, श्रीनगर, विजयवाड़ा के हजयात्री शामिल होंगे। यह हाजी सीधे मदीना शरीफ पहुंचेंगे और अपने मुकद्दस सफ़र की शुरुआत करेंगे।

यह जाएंगे सीधे मक्का शरीफ
हज यात्रा के दूसरे चरण में अहमदाबाद, बैंगलुरु, कालीकट, चेन्नई, कोचीन, दिल्ली, हैदराबाद, कानपुर और मुंबई से जाने वाले हाजी शामिल होंगे। यह चरण 5 मई 2026 से शुरू होकर 19 मई 2026 तक चलेगा। इस चरण के हाजी सीधे मक्का शरीफ पहुंचेंगे।

प्रदेश से सिर्फ एक इम्बर्केशन
नई हज नीति के तहत सेंट्रल हज कमेटी ने देश के कुछ इम्बर्केशन पॉइंट्स कम कर दिए हैं। इसके मुताबिक प्रदेश के दो इम्बर्केशन भोपाल और इंदौर में से एक इम्बर्केशन पॉइंट कम कर दिया गया है। इसके बाद अब प्रदेश से हज के लिए एक ही इम्बर्केशन पॉइंट इंदौर रहेगा। भोपाल इम्बर्केशन पॉइंट बंद होने से भोपाल, रायसेन, विदिशा, सागर, जबलपुर, रीवा आदि के यात्रियों को परेशानी उठाना पड़ेगी।

यहां से दोनों चरण में
दिल्ली और मुंबई इम्बर्केशन पॉइंट्स ऐसे हैं, जहां से सबसे ज्यादा फ्लाइट जाएंगी। मप्र समेत अन्य प्रदेशों से हाजी भी इन इम्बर्केशन को ज्यादा तरजीह देंगे। कारण यह है कि इन स्थानों से सफर करने पर उन्हें खर्च कम करना होगा। इसके अलावा महाराष्ट्र एकमात्र ऐसा प्रदेश होगा, जहां से दो इम्बर्केशन पॉइंट्स से हज फ्लाइट जाएंगी। यहां से मुंबई के अलावा नागपुर से भी हज फ्लाइट रवाना होंगी।

सीएम दरबार में पहुंचा खसरा नंबर 78 का मामला 

आदेश के बाद नगर निगम रोके बैठा है तोड़ने की कार्यवाही

भोपाल। राजधानी भोपाल के वीआईपी मूवमेंट वाले वीआईपी रोड की विवादित खसरा नंबर 78 की भूमि का मामला अब सीएम दरबार में पहुंच गया है। इस जमीन पर बने मकान को अदालत के आदेश के भी न गिराने की बात भी सीएम की जानकारी में लाई गई है। यहां हुए निर्माण में हिबनामा, निगम अनुज्ञा, इसके खरीद बिक्री और नामांतरण मामले में किए गए भ्रष्टाचार का भी उल्लेख शिकायत में किया गया है।
सीएम हेल्पलाइन प्लेटफॉर्म पर यह शिकायत दर्ज कराई गई है। इसमें नगर निगम, नजूल और अन्य विभागों की गलतियां, कमियां और कोताही बताते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव से मामले में हस्तक्षेप करने के लिए कहा गया है।
शिकायतकर्ता ने बताया है कि वीआईपी रोड पर स्थित खसरा नंबर 78 पर अव्यवस्थाओं का साम्राज्य छाया हुआ है। जिसके चलते यहां कई बड़े निर्माण ने आकार ले लिया है। इनमें रहवासी मकान, होटल, शादी हाल, कवर्ड कैंपस आदि शामिल हैं।

हुए थे तोड़ने के आदेश
शत्रु संपत्ति में शामिल का स्थान पर एक प्लॉट पर बड़ी कोठी खड़ी कर ली गई है। फर्जी हिबानामे और बिना नगर निगम अनुज्ञा के किए गए इस निर्माण की खरीदी बिक्री भी कर दी गई है। साजिश के तहत एक महिला ने अपने बेटे के नाम ही बिक्री सौदा लिख दिया है। भ्रष्टाचार में लिपटी कार्यवाही के दौरान इसके नामांतरण की कार्यवाही भी पूरी कर ली गई है। इस संपत्ति को लेकर कई अदालती मामले प्रचलन में हैं, लेकिन न्यायालय के आदेशों की अवहेलना भी इस दौरान की गई है।

कमियां, गलतियां, कोताही
कहां : खसरा नंबर 78
हिबानामा: अनधिकृत व्यक्ति
भवन अनुज्ञा : नहीं हुई
नामांतरण : नियम विरुद्ध
अवहेलना : अदालत ने तोड़ने के आदेश दिए थे, नगर निगम ने आदेश दबा दिया है।

अब आगे क्या
सीएम डॉ. मोहन यादव ने पूरे प्रदेश में अवैध निर्माण के खिलाफ छेड़ रखा है। गत दिनों ऐसे कई निर्माण पर बुलडोजर चला है। शिकायत होने के बाद खसरा नंबर 78 पर भी कार्यवाही की उम्मीद की जा रही है। कहा जा रहा है कि अवैध रूप से हुए निर्माण और इससे जुड़े सभी विभागों तथा अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने की तैयारी की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक भोपाल (ग्रामीण) रामशरण प्रजापति के निर्देशन में
ग्राम रक्षा समितियों की बैठक आयोजित की गई

ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने एवं सामुदायिक पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई।


जीतेन्द्र सेन
भोपाल।। पुलिस अधीक्षक भोपाल (ग्रामीण)  रामशरण प्रजापति के निर्देशन में बुधवार को थाना बैरसिया परिसर में बैरसिया संभाग के थाना बैरसिया, नजीराबाद एवं गुनगा क्षेत्र की ग्राम रक्षा समितियों की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ.नीरज चौरसिया एवं एसडीओपी बैरसिया सर्वप्रिय सिन्हा की उपस्थिति में सभी ग्राम रक्षा समिति सदस्यों को ड्रेस व सुरक्षा सामग्री वितरित की गई।आपको बता दें कि बैठक में ग्राम रक्षा समिति के करीब 100 सदस्य एवं बैरसिया संभाग के सभी थाना प्रभारी समेत पुलिस जवान उपस्थित रहे।

श्मशान घाटों को 2026 तक अतिक्रमण मुक्त किया जाए।

फेसिंग-पौधरोपण से किया जाएगा सुसज्जितः मंत्री पटेल

जीतेन्द्र सेन
भोपाल। पंचायत एवं  ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने गुरूवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की तथा आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों की तीन दिवसीय कांफ्रेंस के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। यह कांफ्रेंस आगामी 24, 25 एवं 26 नवंबर 2025 को भोपाल में आयोजित की जाएगी। मंत्री पटेल ने सम्मेलन के एजेंडे को इस प्रकार तैयार करने के निर्देश दिए जिससे पंचायत प्रतिनिधियों के साथ ग्रामीण विकास, स्वच्छता, सतत आजीविका, स्थानीय स्वशासन और जनसहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक मंथन हो सके।
वही बैठक में प्रदेश की  सभी ग्राम पंचायतों के श्मशानों को व्यवस्थित करने हेतु एक व्यापक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

पटेल ने कहा कि वर्ष 2026 तक प्रदेश के सभी श्मशान स्थलों को अतिक्रमण मुक्त किया जाए और फेंसिंग, पौधरोपण सहित अप्रोच रोड की सुविधा से जोड़ा जाए ताकि उन्हें स्वच्छ एवं सम्मानजनक स्वरूप प्रदान किया जा सके। मंत्री पटेल ने बताया कि मां की बगिया योजना के अंतर्गत प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना को और गति प्रदान करते हुए अधिकाधिक ग्राम पंचायतों को इससे जोड़ा जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण एवं महिला स्व-सहायता समूहों को सतत आजीविका के अवसर प्राप्त हों। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न योजनाओं के प्रभारी मौजूद रहे।

ज़मीन के रास्ते और धार्मिक स्थल विवाद, पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल

अड़ीबाज़ी के लिए अपनाया ये तरीका मामले की शुरू हुई जांच

अधिकारियों की फटकार के बाद पुलिस हरकत में

भोपाल। थाना बिलखिरिया इलाके मे एमडी साहू नामक व्यक्ति की वजह से हिन्दू मुस्लिम विवाद उत्पन्न हो गया है । बिलखिरिया क्षेत्र में खसरा नम्बर 171/154/1 आसीम मतीन के नाम एक निजी ज़मीन है एमडी साहू जो कि कई मामले में अपराधी है हाल ही मे जेल से आया है पहले तो साहू ने ज़मीन मालिक से पेसो की डिमांड की पैसे न मिलने पर साहू ने हिंदू संगठनों को बुला कर वहा झंडे बोर्ड लगा कर निजी और सरकारी रोड जेसीपी से तुड़वा दिया और आसीम मतीन की निजी ज़मीन पर ही धार्मिक स्थल का निर्माण शुरू कर दिया इस से इलाके का माहौल खराब होने की स्थिति बन गई!

पुलिस की भूमिका पर सवाल…
लगभग 7 दिन से निजी ज़मीन का रोड तोड़ा जा रहा था ज़मीन के रास्ते पर ज़मीन की अंदर निर्माण शुरू कराया गया फरियादी थाना बिलखिरिया के चक्कर लगाते रहे मगर थाना प्रभारी उमेश सिंह चौहान ने किसी तरह की कोई कार्यवाही नही की न निर्माण कार्य रुकवाया न रोड तोड़ने ओर माहौल खराब करने का प्रयास करने वालो पर कोई कार्यवाही हुई टी आई पर साठगांठ का आरोप लगाते हुए फरियादी पक्ष हाईकोर्ट औऱ मानव अधिकार आयोग का रुख कर रहा है

सीमांकन के SDM ने दिए आदेश….
गोविंदपुरा SDM रविश श्रीवास्तव ने कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए निमार्ण कार्य को रुकवा कर सीमांकन का आदेश दिया है रवीश श्रीवास्तव ने कहा की सीमांकन के बाद ही इस मामले का हल निकलेगा निजी जेसीबी से रोड तोड़ना गलत है जो भी दोषी होगा कार्यवाही की जाएगी।

भूमि स्वामी आसीम मतीन ने बताया कि मेरी ज़मीन का रोड तोड़ा जा रहा था वहां बोर्ड लगाया गया यहा तक के मेरी निजी ज़मीन पर निर्माण तक शुरू हो गया में शासन प्रशासन के चक्कर लगाता गया कही से कोई मदद नही मिली मुझे ही  डरा धमका के वपस किया गया मेरे पास रास्ते के भी आदेश है नक्शा भी है  मेने DGP मध्यप्रदेश को भी आवेदन दिया है शांति बनी रहे कोई विवाद न हो इस लिए में खुद भी मेरी निजी भूमि पर नही गया।

इनका कहना है
मुझे इस बारे में कोई जानकारी नही है कोई शिकायत करेगा तो कार्यवाही करेंगे।
उमेश सिंह चौहान
थाना प्रभारी बिलखिरिया

ये मामला सामने आया था किसी तरह का कोई विवाद न हो कानून व्यवस्था बनी रहे इस मामले पर हमारी नज़र बनी हुई है !
राजेश सिंह चंदेल
डीआईजी ग्रामीण

जांच के आदेश दिए है SDM गोविंदपुरा इस मामले को देख रहे है !
कौशलेंद्र विक्रम सिंह
-कलेक्टर भोपाल
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