हर साल मनाते थे जन्मदिन, काटते थे केक
दीवानगी ऐसी कि धरम के सिवा देखी नहीं किसी की फिल्म
खान आशु
भोपाल। जय और वीरू का दोस्ताना जगजाहिर है..! जय का सुसराल भोपाल में है तो वीरू के चाहने वालों की भी यहां कमी नहीं है। लेकिन इनमें एक चाहने वाला ऐसा भी है, जो धर्मेंद्र की सालगिरह पर केक काटने का सिलसिला बरसों से बनाए हुए हैं। इस मौके पर मिठाई बांटकर भी वे खुशियां मनाते हैं। धरम के लिए उनकी दीवानगी का आलम यह है कि उन्होंने अपने बचपन से अब तक धर्मेंद्र के अलावा किसी एक्टर की फिल्म ही नहीं देखी।
पुराने भोपाल का इमामी गेट इलाका। यहां स्थित है एक सैलून। नाम है मॉडर्न सैलून। यहां जिस शख्स का राज है, उनका वास्तविक नाम अधिकांश लोग जानते भी न होंगे। अब उनका नाम धरम ही प्रचलित हो गया है। दुकान में प्रवेश करते ही धर्मेंद्र के लिए दीवानगी पोस्टर, फोटो, पेपर कटिंग्स आदि से दिखाई दे जाएगी। दसों तरह के फोटो यहां मौजूद हैं, जिनमें धर्मेंद्र विभिन्न मुद्राओं में दिखाई देते हैं।
सिर्फ धरम
धर्मेंद्र के लिए धरम की दीवानगी बहुत लड़कपन में ही शुरू हो गई थी। धर्मेंद्र की शुरुआती फिल्मों से बढ़ा रुझान कब अंदर तक समा गया, उन्हें पता ही नहीं चला। स्कूल के टाइम से लेकर कारोबारी समय तक धर्मेंद्र के लिए काम को दूसरे क्रम को रखना उनकी आदत हो गया। धर्मेंद्र की हर फिल्म को कई बार देखना उन्होंने अपने जरूरी कामों में शामिल कर लिया। फिल्मों से मन नहीं भरने पर उन्होंने धर्मेंद्र अभिनीत फिल्मों की वीडियो कैसेट और सीडी का भी जखीरा जमा कर लिया। धरम ने टॉकीज के समय काल में महज धर्मेंद्र की फिल्में देखी। एक एक फिल्म को कई कई बार देखा। थियेटर में धर्मेंद्र की फिल्म रिलीज होना किसी त्यौहार की तरह होता था, इसे अपने दोस्तों को दिखाना भी वे न भूलते थे।
धर्मेंद्र के बाद सनी और बॉबी भी
धर्मेंद्र की फिल्मों का जब बाजार कम हुआ तो धरम ने सनी और बॉबी देओल की फिल्में भी उसी चाव और उत्साह के साथ देखीं। सनी और बॉबी में भी उन्हें धर्मेंद्र की झलक मिलती थी। उन्हें वे धर्म परिवार का अहम हिस्सा करार देते हुए उसी समान स्नेह देते थे।
मुंबई भी पहुंचे
धरम के ऊपर जब धर्मेंद्र का नशा सिर चढ़कर बोलता था, तब वे अपने प्रिय हीरो से मिलने मुंबई भी जा पहुंचे थे। बड़ी मशक्कतों के बाद आखिर उनकी मुलाकात धर्मेंद्र से हो गई। इसके लिए उनके मददगार खुद धर्मेंद्र के पिता मददगार बने थे। इस यात्रा में उन्हें मुंबई के रंग देखने को भी मिले और वहां के कुछ लोगों से मिलने का मौका भी मिला।
मनाते हैं सालगिरह
धरम के अलावा भी धर्मेंद्र के दीवानों की शहर में मौजूदगी है। जिन्होंने धर्मेन्द्र के लिए एक क्लब भी बनाया है। हर साल धर्मेंद्र की सालगिरह पर सेलिब्रेशन किया जाता है। केक काटा जाता है। मिठाई बांटकर जश्न मनाया था।
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ऐसे मिलेगी 2003 की जानकारी, मतदाता सूची में ऑनलाइन देख सकते हैं अपना नाम
नाम से भी ऑनलाइन खोज सकते है विधानसभा क्षेत्र में अपनी जानकारी
नाम और पिता के नाम से 2003 की जानकारी चंद मिनट में होगी सामने
यह जानकारी ceoelection.mp.gov.in पर आसानी से मिल जाएगी
भोपाल। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाताओं से पत्रक भराए जा रहे है, लेकिन सबसे अधिक परेशानी 2003 के समय की जानकारी को लेकर आ रही है। यह जानकारी मतदाता आसान तरीके से चंद मिनट में खोज सकते है। 2003 के पोलिंग बूथ की सूची डाउनलोड कर जानी जा सकती है या मतदाता अपने नाम से भी 2003 में रहे विधानसभा क्षेत्र में खोज सकते है। चंद मिनट में घर बैठक ऑनलाइन जानकारी निकल जाएगी। यह जानकारी ceoelection.mp.gov.in पर आसानी से मिल जाएगी। वहीं voter.eci.gov.in पर भी जानकारी निकाल सकते है। आज हम आपको बताएंगे किन आसान स्टेप से आप अपना बूथ खोज सकते है।
ceoelection.mp.gov.in पर ऐसे निकाले जानकारी
प्रदेश निवार्चन आयोग की इस साइट पर जाने के बाद सबसे ऊपर ही 2003 में नाम खोजने की यह जानकारी सामने आएगी
निर्वाचक सूची :- पर क्लिक करेंगे तो अगली साइट खुलेगी, इस पर जिला और विधानसभा दर्ज कर सर्च करने पर बूथ की लिस्ट सामने आ जाएगी, आप 2003 के समय रहे बूथ की सूची डाउनलोड कर नाम खोज सकते है।
विधानसभा के अनुसार :- इस पर क्लिक करने पर अगली साइट खुलेगी और यहां नाम से जानकारी खोज सकते है। इसमें 2003 के समय रहा जिला, विधानसभा क्षेत्र चुनना होगा, इसके बाद अपना और पिता का नाम दर्ज कर नाम सर्च कर सकते है।
परिचय पत्र या अनुभाग के अनुसार:- इस पर क्लिक करते ही अगली साइट खुलेगी और 2003 के समय रहे ईपिक नंबर या नाम के आधार पर मतदाता अपना नाम खोज सकते है। –
विधानसभा क्षेत्र अनुसार :- इस पर क्लिक करते ही नई साइट खुलेगी और यहां पर पहले से दर्ज राज्य, जिला, विधानसभा क्षेत्र, पोलिंग बूथ पर क्लिक करते ही संबंधित बूथ की पूरी सूची डाउनलोड हो जाएगी, इसमें मकान नंबर के अनुसार अपना नाम आसानी से सर्च कर सकते है।
voter.eci.gov.in 2003 साइट पर जाने के बाद आप मतदाता के नाम और पुरानी एसआइआर से अपना नाम 2003 की सूची में खोज सकते है।
ऑनलाइन भी भर सकते है फॉर्म
मतदाता अपना फार्म ऑनलाइन भी भर सकते है। इसके लिए voter.eci.gov.in साइट को सर्च करने के बाद एसआइआर 2026 दिखाई देंगी, इसमें फिल फॉर्म पर जाकर मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करने के बाद दोबारा फार्म पर जाकर मतदाता सूची में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी दर्ज कर अपना फार्म भर सकते है।
बैरसिया SDM आशुतोष शर्मा और हुजूर SDM विनोद सोनकिया हुए सम्मानित..
अनुभव कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में मिला सम्मान
जीतेन्द्र सेन
भोपाल।। जिला निर्वाचन अधिकारी कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 अभियान में प्रतिदिन पुरस्कार योजना के अंतर्गत दिनांक 22.11.2025 को ग्रामीण बैरसिया विधानसभा क्षेत्र 149 बैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा और तहसीलदार दिलीप चौरसिया को सम्मानित किया गया। गौरतलब हैं कि दोनों ने प्रति बीएलओ 82 % गणना पत्रकों के मान से गणना पत्रक डिजिटाइज करने का काम पूरा किया। इसी के साथ ही हुजूर एसडीएम विनोद सोनकिया और तहसीलदार अनुराग त्रिपाठी को प्रति बीएलओ 77 % गणना पत्रक डिजिटाइज करने पर सम्मानित किया गया। जनपद पंचायत फंदा की सीईओ शिवानी मिश्रा को ग्रामीण क्षेत्र में प्रति बीएलओ 109 फार्म डिजिटाइज करने पर सम्मानित किया गया।

राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के प्रदेश महासचिव बने वरिष्ठ पत्रकार भारत भूषण
भोपाल। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मिश्रा और संरक्षक एडवोकेट एपी सिंह, सुप्रीम कोर्ट महाधिवक्ता एवं प्रदेश अध्यक्ष अमित द्विवेदी की अनुशंसा पर मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद संगठन का विस्तार किया है।
द्विवेदी ने लेटर जारी कर प्रदेश कार्यकारिणी में भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार भारत भूषण विश्वकर्मा को प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी है।
पत्रकार सुरक्षा परिषद ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की, वहीं इसकी जानकारी लगते ही वरिष्ठ पत्रकार भारत भूषण के मिलने वाले शुभचिंतकों पत्रकार मित्रों में खुशी का माहौल है और उन्हें सभी के द्वारा बधाई देने का तांता लग रहा है। सोशल मीडिया से लेकर फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष आदि माध्यम से बधाइयां प्रेषित की जा रही हैं।
शिकायत का सहारा, खुद अवैध निर्माण लेकर बैठे, कार्यवाही पर पुलिस को झूठी शिकायत
वीआईपी रोड के अवैध निर्माण का मामला
खान आशु
भोपाल। वीआईपी रोड की चिन्हित शत्रु संपत्ति के मामले में अब ‘चोरी और सीनाजोरी’ के हालात बनते नजर आ रहे हैं। यहां किए गए अवैध निर्माण की शिकायत पर कार्यवाही करने पहुंचे निगमकर्मी के खिलाफ पुलिस को झूठी शिकायत कर दी गई है। सरकारी काम में बाधा डालने के इस मामले को पुलिस ने भी झूठा करार दिया है।
सूत्रों का कहना है कि मामला उस समय हुआ, जब नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा के एक कर्मचारी ने वीआईपी रोड स्थित नशेमन नामक मकान पर दस्तक दी। निगम को इसके अवैध निर्माण और फर्जी दस्तावेजों की शिकायत मिली थी। इस शिकायत के सत्यापन करने पहुंचे निगमकर्मी से मकान मालिक इस बात से मुकर गए कि वह शिकायत से संबंधित स्थान पर है। निगमकर्मी के वहां से हटने के कुछ देर बाद ही कोहेफिजा थाने में एक शिकायत कर दी गई। इस शिकायत में निगमकर्मी पर आरोप लगाए गए हैं कि उसने मकान मालिक को धमकाया और अभद्रता की है।
सीसीटीवी फुटेज से भागे
सूत्रों का कहना है कि पुलिस शिकायत पर निगमकर्मी कोहेफिजा थाने पहुंचे थे। उन्होंने झूठी शिकायत का हवाला देते हुए मकान मालिक मोहम्मद बशीर से मामले के समय के वीडियो फुटेज उपलब्ध कराने की बात कही। इससे बशीर मुकर गए और उन्होंने फुटेज देने से इंकार कर दिया।
निगमकर्मी करेगा शिकायत
अवैध निर्माण की शिकायत पर कार्यवाही करने पहुंचे निगमकर्मी पर बशीर, उनके बेटे और परिजनों ने झूठे आरोप लगाए हैं। उसके सरकारी काम में भी बाधा पहुंचाई गई है। साथ ही थाने में झूठी शिकायत कर अपमानित भी किया गया है। इस मामले को लेकर अब वे भी बशीर और उनके परिजन के खिलाफ शिकायत करेंगे। इसके लिए उन्होंने अपने विभाग से अनुमति मांगी है।
क्या है मामला
शत्रु संपत्ति में शामिल वीआईपी रोड स्थित जमीनों में एक निर्माण नशेमन नामक मकान का भी है। हिबानामा, इनायतनामा, भवन अनुज्ञा, नक्शा सहित भवन से संबंधित सभी दस्तावेज फर्जी हैं। इन्हें लेकर कई अदालती मामले भी चल रहे हैं। इन मामलों में भी मालिक मकान अदालत को गुमराह कर चुके हैं। इसको लेकर नगर निगम को घेरे में लेते हुए सीएम से शिकायत की गई थी।
मृत्युभोज प्रथा बंद करने का संकल्प, कुशवाहा समाज के प्रदेश अध्यक्ष ने की शुरुआत
प्रांतीय कुशवाहा समाज म.प्र की अगुआई में सामाजिक उत्थान की दिशा में सार्थक पहल
जीतेन्द्र सेन
बैरसिया।सामाजिक सुधार की दिशा में सार्थक पहल करते हुए कुशवाहा समाज ने मुत्यु भोज जैसी कुप्रथा को समाप्त करने का संकल्प लिया था। इसी क्रम में म.प्र.प्रांतीय कुशवाहा समाज के प्रदेश अध्यक्ष योगेश मानसिंह कुशवाहा ने अनुकरणीय कदम उठाया है। योगेश कुशवाहा के पिता मानसिंह कुशवाहा का निधन 4 नवंबर को हो गया था। सामाजिक दायित्वों का निवर्हन करने के साथ ही कुशवाहा समाज जनों को मुत्यु भोज जैसी कुप्रथा से दूर करने के उद्देश्य से योगेश कुशवाहा एवं परिजनों ने एकराय होकर मृत्युभोज नहीं करने का निर्णय लिया। जिसमें मृत्युभोज की बजाय बीते 16 नवंबर को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया जो निरंतर चल रहा है आपको बता दें कि म.प्र. प्रांतीय कुशवाहा समाज लंबे समय से सामाजिक बुराइयों मसलन मृत्युभोज, नशे के खिलाफ मुहिम चला रहा है। योगेश कुशवाहा के मुताबिक किसी परिवार में निधन के बाद शोक की घड़ी में मृत्युभोज जैसी कुरीतियों के कारण शोक संतृप्त परिवार पर आर्थिक बोझ आता है। ऐसा नहीं करने पर परिवार को सामाजिक रूप से बुरा बताया जाता है। कुशवाहा समाज लंबे समय से मृत्युभोज जैसी कुप्रथा का बहिष्कार करने का आह्वान करता रहा है। इस संबंध में जागरुकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। इसी क्रम में पिता मानसिंह कुशवाहा के निधन के बाद परिवारजनों ने मुत्युभोज नहीं करने का निर्णय लिया। इससे समाज में जागरुकता लाने में सफलता मिले। गौरतलब हैं कि प्रांतीय कुशवाहा समाज म.प्र.के आह्वान पर म.प्र.के कई जिलों में समाज जनों ने मृत्युभोज जैसी कुप्रथा को समाप्त करने का न केवल संकल्प लिया है,बल्कि इस पर अमल भी किया जा रहा है।

दहेज,नशे के खिलाफ अभियान
प्रांतीय कुशवाहा समाज के संरक्षक नारायण सिंह कुशवाहा ने बताया कि संगठन की अगुआई में प्रदेश में कुशवाहा समाजजनों के बीच दहेज और नशे के खिलाफ जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। प्रदेश,संभाग और जिलों की बैठकों में सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होने के लिए प्रेरित करते हैं। समाज में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए लड़के-लड़कियों को समान रूप से शिक्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसी के चलते भोपाल स्थित कुशवाहा भवन में कुशवाहा समाज के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए छात्रावास भी संचालित किया जा रहा है।
बैरसिया में 26 नवंबर तक हर हाल में करें 100 फीसदी डिजिटलाइजेशन- कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह
लापरवाही बरतने पर एसडीएम को कार्रवाई के दिए निर्देश
जीतेन्द्र सेन
भोपाल।। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने मंगलवार को बैरसिया अनुभाग कार्यालय में आयोजित सभी बीएलओ सुपरवाइजर्स की शत-प्रतिशत मार्गदर्शन बैठक में पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा की विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-149 बैरसिया में एसआईआर कार्य को 26 नवंबर तक प्रतिदिन 10 फीसदी इन्युनरेशन फॉर्म का सटीक एवं त्रुटिरहित डिजिटल अपलोड सुनिश्चित कर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि आज मंगलवार की प्रगति कम से कम 30 फीसदी तक प्राप्त की जाए, जिससे आगामी कार्य समय-सीमा अनुसार बिना किसी बाधा के पूरा हो सके। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने जहां एक ओर नाराजगी जताई,वहीं दूसरी ओर उत्कृष्ट कार्य करने वालों की सराहना
भी की। उन्होंने मतदान केंद्र क्रमांक-186 प्राथमिक शाला चठोआ की सरिता बाई आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की कार्यकुशलता की प्रशंसा की।

लापरवाही बरतने पर एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने अनुविभागीय अधिकारी बैरसिया आशुतोष शर्मा को निर्देश देते हुए कहा कि जहां भी ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक,पटवारी या महिला एवं बाल विकास विभाग का इससे संबंधित स्टाफ बीएलओ की सहायता के लिए उपस्थित नहीं है वहां एसडीएम स्वयं पहुंचकर सभी संबंधितों को सक्रिय करें। जमीनी स्तर पर पुनरीक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता सहन नहीं की जाएगी।इस दौरान बैठक में बैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा तहसीलदार दीपक चौरसिया,परियोजना अधिकारी पंकज लाहोटी बीएलओ,सुपरवाइजर्स ओर संबंधित विभाग के अधिकारी कर्मचारी गण मौजूद रहे।
मुरैना में राष्ट्रीय बजरंगदल का दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग संपन्न |
विजेंद्र आर्य बजरंगदल जिलाध्यक्ष, विशाल खटीक बने जिला महामंत्री
मुरैना | 15 16 नवंबर 2025 को मुरैना स्थित बसंती वाटिका में राष्ट्रीय बजरंगदल का दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग संपन्न हुआ| वर्ग में नगर, जिला एवं प्रान्त के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया|
प्रशिक्षण में सैकड़ों कार्यकर्तागण उपस्थित रहे | अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद् प्रान्त उपाध्यक्ष रिटायर्ड DSP सुरेंद्र सिंह तोमर के मार्गदर्शन, प्रांत महामंत्री संजीव पटेरिया, प्रांत उपाध्यक्ष ज्योतिषगुरु सुरेश आचार्य एवं प्रांत मंत्री कुबेर चंद्र गर्ग के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं को विभिन्न सत्रों में संगठन की गतिविधियों से परिचित कराया गया| वर्ग के उद्घाटन सत्र में प्रान्त महामंत्री संजीव पटेरिया ने संगठन की रूपरेखा एवं कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला| प्रान्त उपाध्यक्ष Ex DSP सुरेंद्र सिंह तोमर ने धरना प्रदर्शन एवं क़ानून के बारे में जानकारी दी| प्रान्त मंत्री कुबेरचंद्र गर्ग ने साप्ताहिक श्री हनुमान चालीसा केंद्र पर प्रकाश डाला| राष्ट्रीय बजरंगदल प्रान्त उपाध्यक्ष सुरेश आचार्य ने संगठन की पद्धति, प्रचार-प्रसार, पत्रकारों से संपर्क और सोशल मीडिया का उपयोग और सावधानियों के बारे में कार्यकर्ताओं को जानकारी दी |

विशेष चर्चा सत्र में डॉ.प्रवीण भाई तोगड़िया के आगामी प्रवास और हिन्दू रक्षा निधि की योजना तैयार की गई |
मुरैना में आयोजित वर्ग में प्रांत उपाध्यक्ष में श्योपुर जिला जिलाध्यक्ष विजेंद्र आर्य, जिला महामंत्री विशाल खटीक, जिला धर्मरक्षा प्रमुख रामजन्म मीणा, जिला मीडिया प्रभारी रामवीर रजक, श्योपुर नगर उपाध्यक्ष पवन आर्य, दांतरदा नगर गौरक्षा प्रमुख जीतू मीणा, जैनी मानपुर नगर गौरक्षा प्रमुख देवेंद्र मीणा, श्योपुर नगर अखाड़ा प्रमुख किशन सिंह तंवर, सियापुर नगर उपाध्यक्ष विशाल मीणा, मुरैना जिलाध्यक्ष रामकुमार मंगल, जिला महामंत्री दिलीप यादव की घोषणा की गई।
नवीन दायित्ववान पदाधिकारियों को संगठन के सभी पदाधिकारियों ने बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की।
समर्थन मूल्य पर एक दिसम्बर से शुरू होगी धान की खरीदी : गोविंद सिंह राजपूत
एमएसपी पर धान, ज्वार एवं बाजरा की उपार्जन नीति जारी
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से की जाएगी औसत अच्छी गुणवत्ता की फसल खरीदी
भोपाल । खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार द्वारा समय – समय पर घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर औसत अच्छी गुणवत्ता की धान, ज्वार एवं बाजरा का उपार्जन किसानों से किया जाएगा। राज्य शासन ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा की उपार्जन नीति घोषित कर दी है। समर्थन मूल्य पर ज्वार एवं बाजरा की 24 नवम्बर से 24 दिसम्बर तक और धान की खरीदी एक दिसम्बर से 20 जनवरी, 2026 तक की जायेगी। खरीदी सोमवार से शुक्रवार तक की जायेगी।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश के समस्त कलेक्टर्स, नागरिक आपूर्ति निगम तथा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि उपार्जन नीति का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराएं, जिससे किसानों को लाभ पहुंचाने की सरकार की मंशा पूरी हो सके। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर उपार्जन कार्य से जुड़े अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि निर्धारित अवधि में उपार्जन किया जाएगा। समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा के उपार्जन के लिए मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन नोडल एजेंसी होगी। इसके अलावा विभाग द्वारा केन्द्र एवं राज्य सरकार की अन्य एजेन्सी अथवा उनके द्वारा अधिकृत संस्था को भी उपार्जन एजेन्सी घोषित किया जा सकेगा।
यह होगा फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य :
न्यूनतम समर्थन मूल्य धान कॉमन का 2369 रूपये, धान ग्रेड-ए का 2389, ज्वार मालदण्डी का 3749 हजार, ज्वार हाइब्रिड का 3699 और बाजरा का 2775 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
किसानों की सुविधा अनुसार होगा उपार्जन केन्द्रों का निर्धारण :
खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि उपार्जन केन्द्र के स्थान का निर्धारण किसानों की सुविधा अनुसार किया जाएगा। उपार्जन केन्द्र प्राथमिकता से गोदाम/केप परिसर में स्थापित किए जाएंगे। गोदाम/केप उपलब्ध न होने पर समिति एवं अन्य स्तर पर उपार्जन केन्द्र स्थापित किए जा सकेंगे। जिले में उपार्जन केन्द्रों की संख्या का निर्धारण किसान पंजीयन, पंजीयन में दर्ज बोया गया रकबा एवं विगत वर्ष निर्धारित उपार्जन केन्द्रों के आधार पर राज्य उपार्जन समिति द्वारा किया जाएगा।
उपार्जन एजेंसी से होगी बारदाना व्यवस्था :
समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिये 46 प्रतिशत पुराने और 54 प्रतिशत नवीन जूट बारदाने उपयोग किये जायेंगे। बारदानों की व्यवस्था उपार्जन एजेंसी द्वारा की जायेगी। ज्वार एवं बाजरे का उपार्जन नवीन जूट बारदानों में किया जायेगा।
केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा धान, ज्वार एवं बाजरा के समर्थन मूल्य पर उपार्जन के लिये निर्धारित यूनिफार्म स्पेसिफिकेशन्स के अनुसार एवं समय-समय पर इसमें दी गई शिथिलता के अनुसार उपार्जन किया जायेगा।
दो संस्थाएं करेंगी गुणवत्ता परीक्षण :
गुणवत्ता परीक्षण का दायित्व उपार्जन केन्द्र में उपार्जन करने वाली संस्था और भण्डारण स्थल पर उपार्जन एजेंसी का होगा। कृषि उपज मण्डियों में एफएक्यू मानक की धान, ज्वार एवं बाजरा की खरीदी समर्थन मूल्य से कम पर क्रय नहीं किया जायेगा। नॉन एफएक्यू उपज का सैम्पल कृषि उपज मण्डी द्वारा संधारित किया जायेगा। किसान पंजीयन में दर्ज फसल के रकबे एवं राजस्व विभाग द्वारा तहसीलवार निर्धारित उत्पादकता के आधार पर कृषक द्वारा खाद्यान्न की विक्रय योग्य अधिकतम मात्रा का निर्धारण किया जायेगा। कृषक द्वारा उपज बेचने के लिये उपार्जन केन्द्र एवं विक्रय दिनांक के चयन के लिये स्लॉट बुकिंग करानी होगी। उपार्जित खाद्यान्न का उपार्जन केन्द्र से गोदाम तक परिवहन का दायित्व उपार्जन एजेंसी का और धान को उपार्जन केन्द्र/गोदाम से सीधे मिलर्स तक परिवहन का दायित्व मिलर्स का होगा।
सड़क हादसाः पिकअप ने मारी बाइक को टक्कर- किशोरी की मौत, भाई व मां घायल
बिशनखेड़ी रोड गांधी नगर में हादसा मामा के घर से लौट रहे थे सभी
जीतेन्द्र सेन
भोपाल।। गांधी नगर थाना क्षेत्र इलाके में रविवार शाम रांग साइड से आ रही तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि उस पर सवार 17 साल की कॉलेज छात्रा उछलकर दूर जा गिरी। सिर फटने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई जबकि उसका छोटा भाई और मां गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक ग्राम डुंगरिया थाना बैरसिया जिला भोपाल निवासी शिम्पी राजपूत पुत्री स्व. परमोल सिंह राजपूत (17) बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। राज नगर कॉलोनी करोंद में शिम्पी के मामा रहते हैं। रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे शिम्पी और उसका छोटा भाई मोहित राजपूत (16) मां रेखा राजपूत के साथ पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार होकर मामा के घर से अपने गांव डुंगरिया लौट रहे थे। जैसे ही वह
बिशनखेड़ी रोड पहुंचे, सामने से आ रही तेज रफ्तार पिकअप वाहन के चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही मोटरसाइकिल पर सवार शिम्पी राजपूत, मोहित व रेखा राजपूत उछलकर दूर जा गिरे। पत्थर से टकराने से शिम्पी का सिर फट गया। उसकी घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
लोगों ने पुलिस को सूचना देकर घायल मोहित व उसकी मां रेखा राजपूत को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रधान आरक्षक चन्द्रमोहन साहू का कहना है कि मोहित राजपूत 11 वीं कक्षा का छात्र है और अहमदपुर जिला सीहोर के स्कूल में पढ़ाई कर रहा है। पिता का निधन हो चुका है। जिस मोटरसाइकिल से हादसा हुआ है वो नई थी। अभी उस पर रजिस्ट्रेशन नंबर भी नहीं लिखे गए है।
