इस करवा चौथ कुछ नजाकत से निकलेगा आसमान में चांद, करना होगा कुछ कम इंतजार

भोपाल। करवाचौथ के चंद्रमा का शाम होते ही इंतजार आरंभ हो जाएगा। चंद्रोदय के समय को सोशल मीडिया द्वारा तो बताया जा रहा है। लेकिन वह आपके शहर का ही समय हो यह जरूरी नहीं है। इसके लिए करवाचौथ का चंद्रमा आपके शहर में कब उदित होगा, इसकी जानकारी नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने दी।
सारिका ने बताया कि देश के पूर्वी राज्यों में यह सबसे पहले दर्शन देकर उसके लगभग दो घंटे बाद पश्चिमी शहरों में उदित होगा। अरूणाचल प्रदेश के इटानगर में यह शाम छह बजकर 50 मिनट पर उदित होना आरंभ होगा तो पश्चिम में सोमनाथ में चद्रदर्शन के लिए आठ बजकर 43 मिनट तक का इंतजार करना होगा। इसी प्रकार मध्यप्रदेश में सिंगरौली में यह सात बजकर 44 मिनट पर उदित होगा तो पश्चिम के नीमच में इसके दर्शन आठ बजकर 17 मिनट से आरंभ होंगे।
सारिका ने बताया कि पंचांग कैलेंडर में किसी खास शहर का चंद्रोदय का समय होता है। लेकिन आपके शहर के लिए यह अलग हो सकता है।  चंद्रोदय होना और आपके घर आंगन से चंद्रदर्शन होना दो अलग-अलग स्थितियां हैं। चंद्रोदय का जो समय किसी शहर के लिए बताया जाता है, उस समय चंद्रमा क्षितिज से ऊपर आना आरंभ करता है। इसके लगभग 15 मिनट बाद वह उस उंचाई को प्राप्त करता है, जब आप इसके दर्शन करने की स्थिति में आ पाती हैं। आपके शहर में चंद्रोदय का समय है। इसके लगभग 15 मिनट बाद आप सुविधा से इसके दर्शन कर पाएंगी।

स्थान                       चंद्रोदय का समय (रात्रि)
नर्मदापुरम                 08 बजकर 08 मिनट
इटारसी                     08 बजकर 09 मिनट
भोपाल                      08 बजकर 08 मिनट
सीहोर                       08 बजकर 09 मिनट
रायसेन                      08 बजकर 06 मिनट
उज्जैन                      08 बजकर 15 मिनट
देवास                       08 बजकर 15 मिनट
इंदौर                        08 बजकर 16 मिनट
बड़वानी                    08 बजकर 21 मिनट
खरगौन                     08 बजकर 21 मिनट
झाबुआ                     08 बजकर 21 मिनट
जबलपुर                   07 बजकर 58 मिनट
छिंदवाड़ा                  08 बजकर 04 मिनट
जयपुर                      08 बजकर 05 मिनट
बांसवाड़ा                   08 बजकर 19 मिनट
जोधपुर                      08 बजकर 18 मिनट
अंबिकापुर                  07 बजकर 44 मिनट
नई दिल्ली                  07 बजकर 54 मिनट
मुंबई                         08 बजकर 37 मिनट
कोलकाता                  07 बजकर 24 मिनट
अमृतसर                    07 बजकर 55 मिनट
गुड़गांव                      07 बजकर 55 मिनट
पटना                         07 बजकर 30 मिनट

MP News : नई आमद, प्रदेश में मुस्लिम लीग की दस्तक ; संशोधन बिल और पैगंबर की सीरत पर बात से शुरुआत, जानें क्या है आयोजन

खान आशु
भोपाल। भाजपा और कांग्रेस जैसी पार्टियों की मजबूत मौजूदगी के बीच मप्र में में कभी तीसरे दल को पैर रखने की जगह नहीं मिल पाई। वक्त वक्त पर इसके लिए कोशिशों का सिलसिला जरूर चलता रहा है। ऐसी ही एक दस्तक फिर सुनाई देने लगी है। दक्षिण भारत में अपना वर्चस्व रखने वाली इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग पार्टी (IUML) इसी सप्ताह राजधानी में एक बड़ा आयोजन कर रही है। मजहबी मुद्दों के साथ हो रही इस शुरुआत में कई सियासी बिंदु शामिल होने वाले हैं। इसके लिए IUML के कई बड़े नेता भोपाल आएंगे।
सूत्रों का कहना है कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग पार्टी (IUML) इसी माह की 21 तारीख को राजधानी भोपाल में एक बड़ा आयोजन करने वाली है। कार्यक्रम में IUML के सांसद ईटी बशीर, राज्यसभा सांसद एडवोकेट हारिस बीरन समेत कई राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल होंगे। कार्यक्रम गांधी भवन में दोपहर एक से 4 बजे तक होगा।

मुद्दे कई शामिल
केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई संयुक्त संसदीय समिति में शामिल सांसद ईटी बशीर राजधानी में होने वाले आयोजन में इस मुद्दे पर विशेष बात करेंगे। अमेंडमेंट बिल के खिलाफ खड़े सांसद बशीर भोपाल के आयोजन में वह बातें रखेंगे, जिनके आधार पर वे संसदीय समिति में संशोधन बिल की मुखालिफत कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि इस आयोजन के दौरान उन सभी लोगों को भी बुलाया गया है, जिन्होंने पिछले दिनों अलग अलग थानों में शिकायत कर महंत यति नरसिंहानंद के खिलाफ FIR करने की मांग की है। इन शिकायतों के बावजूद FIR न होने को लेकर राज्यसभा सांसद एडवोकेट हारिस बीरन खास टिप्स देंगे।

आकार ले सकती है प्रदेश टीम
सूत्रों का कहना है कि IUML अब मप्र में भी अपनी टीम को आकार देने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि प्रदेश में मौजूद मुस्लिम समुदाय की संख्या को देखते हुए IUML को यहां अपने कदम जमाना आसान महसूस हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी ने अपने प्रदेश प्रभारियों के नाम तय कर लिए हैं, जिनके नाम राजधानी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ऐलान किए जा सकते हैं।

अभी तीसरे मोर्चा के कदम
मप्र के आकार लेने से अब तक यहां महज दो पार्टियां भाजपा और कांग्रेस ही अपनी धाक जमाए हुए हैं। हालांकि समाजवादी पार्टी, बहुजन समाजवाद पार्टी, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, आम आदमी पार्टी, ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन जैसी पार्टियों ने भी अपनी किस्मत आजमाई। लेकिन बेहद सीमित क्षेत्र से आगे यह नहीं बढ़ पाई हैं। नई पार्टियों की आमद के मंसूबे भी सिर्फ अपनी राष्ट्रीय स्तर की पहचान को मजबूत बनाए रखने तक ही सिमटे हुए हैं।

Bhopal News : शेरवानी पहने, होंठों पर तराना लिए जुटे AMU ओल्ड बॉयस, मना सर सैयद डे… जानिए कैसा था माहौल

खान आशु
भोपाल। खुशियों से दमकते चेहरे, कॉलेज लाइफ को याद करते किस्से, बदन पर काली शेरवानी और जुबां पर AMU तराना… पुराने दोस्तों से मिले कई यादें ताजा हो गईं… साथ भावी पीढ़ी को भी लेकर आए थे, ताकि उन्हें भविष्य की तस्वीर दिखाई जा सके…!
नजारा राजधानी भोपाल में सर सैयद डे पर आयोजित कार्यक्रम के मौके पर बना। शहर और प्रदेश के वे लोग यहां मौजूद थे, जिन्होंने अपनी शिक्षा का थोड़ा या ज्यादा समय अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में गुजारा है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ओल्ड बॉयस एसोसिएशन के इस कार्यक्रम में AMU में लंबा समय गुजार चुके बृज मोहन शर्मा भी मौजूद थे। शिक्षा के बाद कई शहरों का सफर तय कर अब भोपाल में बस गए शर्मा को इस कार्यक्रम में खास सम्मान से मंच प्रदान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महा कौशल उद्योग समूह के नवाब रज़ा थे। मुंशी हुसैन खां टेक्निकल इंस्टीट्यूट के सैयद इफ्तिखार अली और ओल्ड बॉयस एसोसिएशन के अध्यक्ष आजम अली खान भी इस कार्यक्रम के मेहमानों में शामिल थे।

सम्मान मिले, तोहफे भी
AMU ओल्ड बॉयस एसोसिएशन ने इस साल से दो अवार्ड शुरू किए हैं। इनमें मोहम्मद मुमताज मेमोरियल अवॉर्ड से आशा निकेतन हॉस्पिटल के डॉ जस्टिन जेवियर लोबो और एडिशनल प्रोफेसर एम्स डॉ रियाज अहमद को
काजी इकबाल मेमोरियल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उन लोगों को भी सम्मान दिया गया, जिन्होंने अपने कामों से पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष सहयोग दिया है। इस कड़ी में भरत तलरेजा, 1. भारत तलरेजा, सैफ आज़म और हारिस असलम नवाजे गए। कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई, जिसमें सर सैयद अहमद खान से जुड़े गए सवालों एक सही जवाब देने वाले बच्चों को तोहफे दिए गए। इसके अलावा एसोसिएशन द्वारा आयोजित की गई विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता के रूप में निदा खान, सायरा सुल्तान, जीनत खान पुरस्कारों से नवाजी गईं।   

सामाजिक समरसता के अगुआ थे सर सैयद
कार्यक्रम के दौरान डॉ. आजम ने सर सैयद अहमद खान की राष्ट्रीय एकता की विचारधारा और कार्यों से अवगत कराया। साथ ही उनके मानवतावाद के पहलू पर प्रकाश डाला। डॉ. तस्नीम हबीब ने प्रशासनिक दायित्वों का उत्कृष्टता से निर्वहन किया। आभार प्रदर्शन डॉ. आसिफा यासीन ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में AMU तराना गया गया। राष्ट्र गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

MP News : हिंदुओं को बड़े भाई की तरह मुस्लिमों का ख़्याल रखना होगा

पैग़ंबर का पैग़ाम, इंसानियत के नाम आयोजन में प्रबुद्धजनों ने रखे विचार

भोपाल। बहुसंख्यक हिंदुओं को अल्पसंख्यक मुस्लिमों का बड़े भाई की तरह ख़्याल रखना होगा। उनका विश्वास जीत कर सुरक्षा के प्रति उन्हें आश्वस्त करना होगा। इस्लाम अपने प्रारंभिक दौर में ही व्यापारियों के माध्यम से भारत पहुंच चुका था। समाज में वैमनस्य घोलने वालों को पैग़ंबर हज़रत मुहम्मद के तरीक़े से जवाब देना होगा।
पैग़ंबर का पैग़ाम, इंसानियत के नाम कार्यक्रम में उक्त बातें कही गईं। क़ाफ़िला मुहब्बत का, पारिवारिक दस्तक और स्टेट प्रेस क्लब, मप्र द्वारा होटल ला मेरियट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रेदश के पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने राहुल गांधी की पदयात्रा व मुहब्बत की दुकान का ज़िक्र करते हुए कहा कि गीता, कुरआन के साथ अन्य धर्म ग्रंथों का सार इंसानियत है, यह संदेश है कि अच्छे इंसान कैसे बनो। यही पैग़ाम हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलयहि व सल्लम) ने भी दिया।
उनके मुताबिक़ सनातन धर्म में भी यही संदेश है मगर आज घृणा आधारित सांप्रदायिक राजनीति करने वालों ने इसे बदनाम कर दिया। यह देख कर दुख होता है। घृणा की राजनीति करने वालों को कठघरे में खड़ा करते हुए श्री सिंह ने कहा कि नफ़रत की इस आग के ख़िलाफ़ एकजुट होना हिंदुओं की जवाबदारी है। बहुसंख्यकों की ज़िम्मेदारी बनती है कि वे बड़े भाई की तरह अल्पसंख्यकों का ध्यान रखें। मुसलमानों को विश्वास में लेने और उनकी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी भी हमारी है। गुप्त प्रचार से समाज में नफ़रत फैलाने वालों की विशेषता है। इन्होंने पढ़े-लोगों में भी नफ़रत का ज़हर भर दिया है। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा को भी इन लोगों ने संकीर्ण कर दिया है। वे इतने झूठे हैं कि मुसलमानों की आबादी हिंदुओं से बढ़ जाने का झूठ बोलते हैं। आंकड़ों से इसे ग़लत क़रार देते हुए उन्होंने कहा, इस पर मैं किसी भी मंच बहस के लिए तैयार हूं।

विशेष अतिथि जयपुर के इस्लामिक स्कॉलर हाफ़िज़ मंज़ूर अहमद ने बताया कि अपने प्रारंभिक दौर में ही व्यापारियों के माध्यम से इस्लाम भारत पहुंच चुका था। यह धर्म केरल, तमिलनाडु व गुजरात में समुद्री रास्तों से आए व्यापारियों के ज़रिये भारत की धरती तक आया और फैलता गया न कि यह तलवार के द्वारा फैला जैसा कि दुष्प्रचार किया जाता है।  उन्होंने इस्लाम व मुसलमानों के ख़िलाफ़ दुष्प्रचार की चर्चा करते हुए कहा कि आज जो युद्ध हिंदू-मुस्लिम शासकों की जंग कह कर प्रचारित किए जाते हैं, वे दरअसल राजाओं की लड़ाई हुआ करती थी, न कि हिंदू-मुसलमान की। अगर ऐसा होता तो बाबर व इब्राहीम लोधी के बीच जंग न होती। इसी प्रकार हिंदू राजाओं के बीच भी आपस में युद्ध होते रहते थे। पैग़ंबर साहब की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा हज़रत मुहम्मद ने दो चीज़ें ख़ासतौर से बताई हैं कि धर्म में ज़ोर ज़बर्दस्ती नहीं है तथा दूसरे के पूज्यों को बुरा मत कहो।

इस मौके पर विधायक आरिफ़ मसूद ने मुसलमानों से शिकायत की कि हमीं ने नबी सल्ल. का रास्ता छोड़ दिया, वरना यह हालात नहीं होते । हज़रत मुहम्मद का निरादर करने वालों की बाबत उन्होंने कहा कि इस्लाम, पैग़ंबर साहब व मुसलमानों के बारे में बुरा बोल कर टीआरपी हासिल करने वालों का मक़सद अमन-शांति बनाए रखना या मुल्क की भलाई नहीं है। उनका मक़सद व मंसूबे समझिये व समझदारी से काम लेकर उन्हें नाकाम कर दीजिए। इस बाबत उन्होंने समझदार हिंदुओं की ख़ामोशी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे मुसलमान देश में ख़ुद को अकेला महसूस करने लगता है जबकि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक वह देश के लिए क़ुर्बानियां देता आ रहा है। आज के हालात में भी सब्र कर के वह क़ुर्बानी दे ही रहा है।

मप्र कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने हज़रत मुहम्मद की क्षमाशीलता व सहनशीलता का वर्णन करते हुए बताया कि साथ ही साथ उन्होंने ईमानदारी, अमानतदारी व सब्र का पाठ पढ़ाया। आयोजकों की सरपरस्ती कर रहे सलीम अंसारी ने इस्लाम का परिचय देते हुए हज़रत मुहम्मद की शिक्षाओं का उल्लेख किया। शहर क़ाज़ी डॉ. इशरत अली ने वर्तमान माहौल में घोली जा रही नफ़रत पर चिंता जताते हुए मार्गदर्शन दिया कि हमें पड़ोसी क़ौम को समझाना होगा। मंच पर शेख अलीम, सलीम दस्तक, अनवर दस्तक, सलीम अंसारी, अम्मार अंसारी, नूरी खान भी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन स्टेट प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रवीण कुमार खारीवाल व रईस निज़ामी ने किया। आभार नूरी ख़ान ने व्यक्त किया । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अमन पसंद, गणमान्य एवं प्रबुद्धजन शामिल थे।

MP News : बात सर सैयद अहमद की, मप्र के विद्वान करेंगे चर्चा, जानें क्या है पूरा प्रोग्राम

खान आशु
भोपाल। शिक्षा को लेकर देश दुनिया में अलख जगाने वाले सर सैयद अहमद की 207वीं जयंती का जश्न उप्र के गाजीपुर में मनाया जाएगा। सैयद की उपलब्धियों, उनकी बनाई गई शिक्षा तहरीर और इसको आगे बढ़ाने की कोशिशों पर इस दौरान बात की जाएगी। इस आयोजन को संबल देने देशभर के शिक्षाविद और साहित्यकार जुटेंगे। इस कड़ी में मप्र के कई बड़े नामों को भी शामिल किया गया है।
जानकारी के मुताबिक देश के नामवर शिक्षाविद सर सैयद अहम की 207वीं जयंती पर एमएएच इंटर कॉलेज द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। संस्था के प्राचार्य खालिद आमिर और प्रवक्ता डॉ रूह उल्लाह ने बताया कि संस्था शिक्षा, संस्कृति, सौहाद्र को केंद्र में रखकर आयोजन करती रही है। सर सैयद अहमद की शैक्षणिक उपलब्धियों से दुनिया अब भी लाभान्वित है। भविष्य में भी इससे स्टूडेंट्स को फायदा  मिलता रहेगा।

प्रदेश के विद्वान रहेंगे शामिल
कार्यक्रम आयोजकों ने बताया कि सर सैयद अहमद के व्यक्तित्व पर बात करने के लिए देशभर के ख्यात वक्ताओं को बुलाया गया है। इनमें मप्र से रिटायर आईपीएस एमडब्ल्यू अंसारी, वरिष्ठ पत्रकार डॉ महताब आलम, अंतर्राष्ट्रीय शायर डॉ अंजुम बाराबंकवी आदि शामिल हैं। इनके अलावा आईपीएस इराज राजा, एसोसिएशन ऑफ मुस्लिम प्रोफेशनल्स संस्था के अध्यक्ष आमिर इदरीसी, डॉ शंभूनाथ तिवारी, प्रो डॉ आफताब अहमद आफाकी आदि कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।

चित्र प्रदर्शनी भी रहेगी आकर्षण
इस एक दिवसीय आयोजन के दौरान सर सैयद अहमद की जिंदगी को दर्शाती एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। रिटायर आईपीएस एमडब्ल्यू अंसारी द्वारा संजोई जाने वाली इस प्रदर्शनी में कुछ विलक्षण फोटो, किताबें, चिट्ठियां और सर सैयद से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध रहेंगे।

Iztima News : जमातों की आवाजाही तेज, अगले महीने पहुंचेंगी भोपाल, शामिल होंगे इज्तिमा में, जानें क्या है आयोजन

खान आशु
भोपाल। दुनिया के तीसरे सबसे बड़े मजहबी समागम के नाम से पहचाने जाने वाले आलमी तबलीगी इज्तिमा की तारीखों के ऐलान के साथ जमातों की हलचल तेज हो गई है। दिल्ली स्थित मरकज पहुंच रही देश भर की जमातों को दिए जा रहे शेड्यूल में इस बात को शामिल किया गया है कि वे अगले महीने के दूसरे या तीसरे सप्ताह तक भोपाल पहुंच जाएंगे।
आलमी तबलीगी इज्तिमा का आयोजन इस बार नवम्बर माह में किया जाएगा। चार दिन के इस आयोजन की शुरुआत 29 तारीख से होगी। इस लिहाज से दुआ ए खास का आयोजन 2 दिसंबर को होगा। उम्मीद की जा रही है कि इस आयोजन में इस बार करीब 12 लाख तक जमाती शामिल होंगे। इनमें देशभर की जमातों के साथ दुनिया के कई देशों के जमाती भी शामिल रहेंगे।

मरकज पहुंच रहीं जमाते
देशभर से अल्लाह की राह में निकलने वाली जमाते दिल्ली मरकज पहुंच रहीं हैं। बताया जाता है कि यहां से तय किए जाने वाले शेड्यूल में इस तरह का रास्ता तय किया जा रहा है, जिसमें जमातों को अगले महीने भोपाल पहुंचना है। आलमी तबलीगी इज्तिमा में शामिल होने के बाद ही यह अपने अगले सफर पर रवाना होंगे।

यहां तैयारियां तेज
करीब डेढ़ सौ एकड़ एरिया में आयोजित किए जाने वाले आलमी तबलीगी इज्तिमा के लिए ईंट खेड़ी घासीपुरा पर तैयारियों का दौर शुरू हो गया है। जमीन समतलीकरण और फसलों की कटाई के बाद यहां बिजली, पानी, सड़क के इंतजाम शुरू किए जाएंगे। जिला प्रशासन ने इसके लिए नगर निगम, पीएचई, पीडब्लूडी, बिजली विभाग समेत अन्य विभागों को जरूरी हिदायत दे दी हैं।

क्या होता है इज्तिमा में
चार दिन के इस मजहबी समागम के दौरान देशभर के बड़े उलेमा शामिल होते हैं। पहले दिन अल सुबह फजिर की नमाज के बाद यहां उलेमाओं की तकरीर और बयान का सिलसिला शुरू हो जाता है। इसके बाद दोपहर और शाम को भी बयान का सिलसिला जारी रहता है। इस बीच तय समय पर यहां नमाज होती हैं। जिसमें एक साथ लाखों लोग एक साथ सजदे करते हैं। चार दिन के इस आयोजन में जुमा की नमाज भी खास होती है। आखिरी दिन होने वाली दुआ ए खास में शामिल होने के लिए भी बड़ी तादाद में लोग पहुंचते हैं। इसके अलावा इज्तिमा के दौरान सादगी के साथ होने वाले निकाह भी खास होते हैं। इज्तिमा समापन पर बड़ी तादाद में जमातों की रवानगी भी होती है, जो देश के विभिन्न प्रदेशों के अलावा कई विदेशी मुल्कों तक भी जाती हैं।

MP News : अधूरी वक्फ मंशा : आवेदन 4000 हजार पार, स्कॉलरशिप 10 फीसदी को, वजह वक्फ किरायादारों की बदनीयत, जाने क्या है मामला

खान आशु
भोपाल। मप्र वक्फ बोर्ड ने तय किया, प्रदेशभर की संपत्तियों से मिलने वाली आमदनी का आधा हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया जाएगा। इस मंशा को पूरा करने तैयारियां भी शुरू कर दी गईं। लेकिन बरसों से जारी लचर व्यवस्था ने फिर ठेंगा दिखा दिया। न मुतवल्लियों से निर्धारित रकम मिल पाई, न जरूरतमंद बच्चों को स्कॉलरशिप मिल पाई। शिक्षा की ललक पूरी करने 4 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स में से मप्र वक्फ बोर्ड महज 10 फीसदी बच्चों को ही स्कॉलरशिप मिल पाई है।
मप्र वक्फ बोर्ड ने राजधानी भोपाल में स्कॉलरशिप वितरण कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान 244 लड़कियों और 110 लड़कों सहित कुल 354 स्टूडेंट्स को छात्रवृत्ति के चेक वितरित किए गए। जिला मुतवल्ली कमेटी के कार्यपालक अधिकारी डॉ. अकमल यज़दानी ने बताया कि स्कॉलरशिप के लिए इस वर्ष कुल 4003 आवेदन प्राप्त हुए थे। मेरिट के आधार पर 244 लड़कियां और 110 लड़कों सहित कुल 354 छात्रों का चयन किया गया, जिन्हें प्रोफेशनल कोर्सेस और पीएचडी तक की पढ़ाई के लिए सहायता प्रदान की गई।

बोर्ड अध्यक्ष ने बताई वजह
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद मप्र वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सनव्वर पटेल ने कहा कि
औकाफ़-ए-आम्मा जिला मुतवल्ली कमेटी के अंतर्गत करीब 4 हजार किरायेदार मौजूद हैं। यदि समय पर इनसे  किराया प्राप्त हो जाए तो वक़्फ़ की आमदनी का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। इससे जन कल्याणकारी योजनाओं, विशेषकर शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम किए जा सकते हैं। डॉ पटेल ने बताया कि वक़्फ़ जायदाद की कुल आमदनी का 93 प्रतिशत मुतवल्लियों और प्रबंध समितियों के पास रहता है। जबकि महज 7 फीसदी राशि वक्फ बोर्ड में जमा होती है। डॉ सनव्वर पटेल ने बताया कि वक़्फ़ बोर्ड ने शिक्षा नीति के अंतर्गत आय का 50 प्रतिशत केवल शिक्षा पर खर्च करने का सर्कुलर जारी किया है, ताकि समाज के बच्चों को पढ़ाई के अधिक अवसर मिल सकें। लेकिन मुतवल्लियों से समय पर और उचित राशि जमा न होने से शिक्षा की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। डॉ. पटेल ने कहा कि शिक्षा ही वह नींव है, जो किसी भी समाज के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी होती है। मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड समाज के कमज़ोर वर्गों की शिक्षा के लिए समर्पित रहा है, और इस स्कॉलरशिप वितरण का उद्देश्य केवल वित्तीय सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को शिक्षा के महत्व का एहसास कराना भी है। डॉ. पटेल ने कहा  कि वक़्फ़ बोर्ड द्वारा चलाई जा रही योजनाओं जैसे विधवा पेंशन, गरीबों की आर्थिक सहायता और बेटियों की शादी के लिए तोहफे, सभी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य समाज को हर स्तर पर सशक्त बनाना है।उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर समाज के लिए एक उदाहरण बनें और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। इस अवसर पर
काज़ी-ए-शहर सैयद मुश्ताक अली नदवी, मुफ्ती-ए-शहर अबुल कलाम खान कासमी, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष एम एजाज खान , जिला अध्यक्ष शहरयार अहमद शेरू, वक्फ जिला कमेटी अध्यक्ष इरशाद अंसारी आदि भी मौजूद थे।

इस्लाम में शिक्षा को प्राथमिकता : उलेमा
समारोह में क़ाज़ी-ए-शहर सैयद मुश्ताक अली नदवी और मुफ्ती अबुल कलाम कासमी ने भी उपस्थित छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने इस्लाम में शिक्षा की अनिवार्यता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस्लामी इतिहास में शिक्षा हमेशा से प्राथमिकता रही है। उन्होंने बच्चों को अपने समय का सदुपयोग कर अपनी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी, ताकि वे एक अच्छे इंसान बनकर समाज और देश की सेवा कर सकें।

Bhopal News : AIMIM कोर कमेटी सदस्य ने धमकाया, हुई थाने में शिकायत, जानें पहले किन विवादों में रहे हैं शामिल

खान आशु
भोपाल। हैदराबाद वाले असद उद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) मप्र में जितने कदम आगे नहीं बढ़ पाती, उससे कई गुना अधिक रफ्तार से पीछे जा पहुंचती है। उसकी इस स्थिति को मजबूत करने में वही लोग शामिल हैं, जिन्हें प्रदेश में पार्टी को ऊंचाई तक ले जाने के लिए झंडा थमाया गया है। इसी कड़ी को मजबूत करने में अब कमेटी के कोर सदस्य ने भूमिका निभाई है। सरेराह धमकाने, गाली गलौज करने और भविष्य में बड़ा नुकसान पहुंचाने की चेतावनी देने के आरोप में उनके खिलाफ थाने में FIR की गई है।
AIMIM की कोर कमेटी सदस्य ताहिर अनवर और उनके साथी शोएब के खिलाफ थाना तलैया में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता मुफ्ती उवैस रहमानी ने बताया कि वे एक यू ट्यूब न्यूज चैनल और अखबार के संपादक हैं। उन्होंने ताहिर अनवर की पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर कई बार समाचार प्रकाशित किए हैं। जिसको लेकर ताहिर उनको लगातार धमकाते रहते हैं। रहमानी ने अपनी शिकायत में कहा है कि वे गुरुवार को अपने काम से जा रहे थे। इसी दौरान ताहिर अनवर और शोएब ने उन्हें रोका और गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी दी है। उवैस रहमानी की शिकायत पर थाना तलैया ने ताहिर अनवर और शोएब के खिलाफ विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज की है।

लगे हैं कई आरोप
AIMIM के जिला कमेटी में शामिल किए गए ताहिर अनवर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर पूर्व में भी कई आरोप लग चुके हैं। उन पर पार्टी तोड़ने, नगर निगम चुनाव के दौरान पार्टी हाइकमान ओवैसी की सभा के नाम पर चंदा करने,  पार्टी के बी फॉर्म बेचने आदि के इल्जाम हैं। इन्हें लेकर AIMIM मुख्यालय से लेकर पार्टी के प्रदेश प्रभारी सैयद मिन्हाज उद्दीन तक से शिकायतें की गईं हैं।

Hajj committee : टलती नियुक्ति इतनी टली कि बदल गए नियम,

मामला बड़ी रकम के गोंडोबल का है, जानिए क्या है पूरा मामला

खान आशु
भोपाल। संस्था एक, अधिकारी भी वही, वांछित पद भी नहीं बदला… बस बदला तो एक नियम। नियम के झोलझाल के पीछे छिपा एक मकसद है। जिसे पूरा करने के लिए सेंट्रल हज कमेटी ने सारा तंत्र फैलाया और उसमें कामयाबी हासिल कर ली।
मामला सेंट्रल हज कमेटी में होने वाली डिप्टी सीईओ से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक इस पद के लिए जनवरी 2023 में एक विज्ञापन प्रकाशित किया गया। अन्य अहर्ताओं के साथ आयु सीमा 56 वर्ष तय हुई। आवेदन पहुंचे। प्रक्रिया हुई। लेकिन परिणाम होल्ड पर रख दिए गए। करीब 8 महीने बाद फिर इस प्रक्रिया को दोहराया गया। फिर विज्ञापन, फिर वही अहर्ता, फिर आवेदन, फिर साक्षात्कार…. और पिछली बार की तरह इस बार भी परिणाम होल्ड पर। डिप्टी सीईओ के बिना ही कामकाज अपनी गति पर चलता रहा।

…और बदल गए नियम
सूत्रों का कहना है कि सेंट्रल हज कमेटी में डिप्टी सीईओ पद के लिए जुलाई 2024 में फिर विज्ञापन जारी किया गया। बाकी वांछित योग्यता पिछली बार की तरह ही रखी हैं। बदला सिर्फ एक नियम, आवेदक की अधिकतम आयु सीमा 56 से घटाकर 45 कर दी गई। सूत्रों के मुताबिक 9 अक्टूबर को इन पदों के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी करते हुए 3 लोगों को नियुक्ति दे दी गई है।

दो साल का इंतजार बेकार
सूत्रों का कहना है कि सेंट्रल हज कमेटी के इन पदों पर सेवाएं देने के ख्वाहिशमंद शासकीय अधिकारियों ने आवेदन किए थे। निर्धारित योग्यता, काम करने का जज्बा और कुछ बेहतर परिणाम देने की ललक रखने वाले अधिकारियों ने अपने मूल विभाग से प्रतिनियुक्ति से लेकर अन्य फॉर्मेलिटी भी पूरी कर ली थी। लेकिन करीब दो साल के इंतज़ार के बाद उनके हाथ महज निराशा ही लगी है। 56 की आयु सीमा में बंधे यह अधिकारी नए नियमों की जंजीर में इस तरह जकड़ दिए गए हैं कि भविष्य में होने वाली ऐसी रिक्तियों और नियुक्तियों के लिए योग्य ही नहीं रहे हैं।

इसलिए सारा घालमेल
सूत्रों का कहना है कि हज यात्रा से पहले सेंट्रल हज कमेटी भारत के हाजियों को ठहरने के होटल आदि के सिलेक्शन के लिए एक टीम सऊदी अरब भेजती है। बताया जाता है कि इस टीम में डिप्टी सीईओ स्तर के अधिकारी ही शामिल किए जाते हैं। इस टीम की तस्दीक पर ही सऊदी अरब में होटल आदि फाइनल किए जाते हैं। जिनमें हज के दौरान हाजियों को ठहराया जाता है।

मामला अरबों रुपए का
जानकारी के मुताबिक करीब 42 दिन की हज यात्रा के लिए भारत से जाने वाले करीब डेढ़ लाख हाजियों के लिए सैकड़ों होटल किराए पर लिए जाते हैं। हाजियों से किराए के रूप में वसूल किया जाने वाला प्रति व्यक्ति 2200 रियाल के लिहाज से सऊदी अरब को करीब 8 अरब रुपए अदा किए जाते हैं। सूत्रों का कहना है सेंट्रल हज कमेटी द्वारा बिल्डिंग सिलेक्शन टीम द्वारा सऊदी से मिलकर दूरस्थ, कम सुविधा वाले और छोटे कमरों वाले होटल पर सहमति जता दी जाती है। जिसके चलते भारतीय हाजियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस मामले में हज कमेटी ऑफ इंडिया के सीईओ लियाकत अली से चर्चा करना चाही तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

शस्त्र पूजन के साथ लेंगे धर्मरक्षा का संकल्प, निकाला जाएगा पथ संचलन

दुर्गेश केसवानी सहित राष्ट्रीय बजरंग दल के क्षेत्रीय अध्यक्ष अतुल राठौर “काका”, प्रांतीय पदाधिकारी होंगे शामिल

भोपाल। हिंदूवादी नेता डॉक्टर प्रवीण तोगड़िया के नेतृत्व में देश के बड़े हिस्से में हिंदुत्व के लिए काम करने वाले संगठन राष्ट्रीय बजरंग दल और अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद द्वारा विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय बजरंग दल के महानगर अध्यक्ष राजा भैया ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी शस्त्र पूजन कर राष्ट्र, गौ व धर्म की रक्षा का संकल्प लिया जाएगा। राजा भैया ने बताया कि विजयादशमी के अवसर पर प्रातः 09 बजे से माँ कर्मा देवी मंदिर से करोंद चौराहे तक विशाल पथ संचलन का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रीय बजरंग दल के लगभग एक हज़ार कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ दुर्गेश केसवानी, संगठन के क्षेत्रीय अध्यक्ष अतुल राठौर, सुनील जैन सहित अनेक वरिष्ठजनों की उपस्थिति रहेगी।

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