याद ए अर्जुन : सतलज ने मंच से पढ़ा, जितने अपने थे मर गए हैं मेरे…. तो मंजर ने टोका, अभी हम जिंदा हैं, जानें कैसी सजी महफिल ए मुशायरा

खान आशु
भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री स्व अर्जुन सिंह की जयंती पर राजधानी भोपाल में मुशायरा महफिल की बरसों पुरानी रिवायत निभाई गई। लंबे समय तक शहर के इकबाल मैदान को आबाद करने वाली यह महफिल इस बार सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड पर सजी थी। बाहरी मुल्कों से आए शायरों, देश को गौरव दिलाने वाले फनकारों, दुनिया में अपने प्रदेश का परचम ऊंचा रखने वाले अदबी लोगों के अलावा शहर को अपने कलाम से पहचान देने वाले चेहरे इस महफिल की रौनक थे। देर रात तक चले मुशायरे के वातावरण को गुलाबी ठंड भी रंगत देती रही। शेर ओ गजल का सुरूर रात की गहराई पर भारी पड़ती दिखाई देती रही।
देश दुनिया से आए बड़े, नामवर और स्थापित शायरों की इस महफिल में मंच के नए चेहरे सतलज राहत ने खासा रंग जमाया। उन्हें “जितने अपने थे मर गए हैं मेरे, सारे हमदर्द डर गए हैं मेरे, आपसे दिल की बात कहना है,  आप दिल से उतर गए हैं मेरे…” जैसे शेर से महफिल में रंगत भरना शुरू की, और धीरे धीरे कई मजबूत और यादगार शेर मंच की नजर करते गए। सतलज के “कपड़े फट जाते हैं और बाल बिगड़ जाते हैं, अच्छे अच्छों के यहां हाल बिगड़ जाते हैं….” “नफ़रत का है दौर कहा जा सकता है,
झूठ का है ये शोर कहा जा सकता है…” भी खूब पसंद किए गए।

नवाजे गए मंजर
अर्जुन सिंह सद्भावना मंच के इस आयोजन में शहर भोपाल को दुनिया में खास पहचान देने वाले व्यक्तित्व नागरिक सम्मान से नवाजे गए। इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय शायर मंजर भोपाली को भी सम्मान दिया गया। मुशायरा महफिल के जरिए दुनिया नाप चुके मंजर इस दौर में मुशायरों की सफलता की गारंटी कहे जाने लगे हैं। इनके अलावा ढाई लाख से ज्यादा हार्ट सर्जरी कर रिकॉर्ड स्थापित कर चुके डॉ वायके मिश्रा, एवरेस्ट विजेता मेघा परमार, कन्हैया कुमार आदि भी मंच से सम्मानित किए गए।

शबीना की शुरुआत को विजय ने दी रवानी
रसिक श्रोताओं की गीत, गजल, शेर पिपासा पूरी करने के लिए मुशायरा महफिल में देश के नामवर शायर जुटाए गए थे। महफिल का आगाज कानपुर से आईं शहरा शबीना अदीब के कौमी तराने से हुई। इसके बाद मुशायरे को सूत्र में बांधने की जिम्मेदारी शायर ए शहर विजय तिवारी ने संभाली। उनके सफल संचालन में प्रो वसीम बरेलवी, अरुण जैमिनी, डॉ नवाज देवबंदी, मंजर भोपाली, चरण सिंह बशर जैसे दिग्गज शायरों ने अपने कलाम से महफिल को बांध रखा। कार्यक्रम में बाहरी मुल्कों से आए अनवर कमाल (बहरीन) और डॉ वला जमाल (मिस्र) की खास मौजूदगी से भी महफिल रौशन हुई।

स्मृति शेष : सियासत के निपुण, इसलिए हैं वह अर्जुन, रहेंगे हर दौर याद

संदीप सिंह गहरवार
देश व प्रदेश का ऐसा नाम जिसका जिक्र आते ही मन में कई तरह के रूप सामने आने लगते हैं। कभी गरीबों के मसीहा के रुप में तो कभी उद्योगपतियों के रहनुमा के रूप में, तो कभी अफसरों के मार्गदर्शक के रूप में। आज सारा देश, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय मंत्री रहे स्व. अर्जुन सिंह का जन्म दिन मना रहा है।अर्जुन सिंह का जन्म 5 नवंबर 1930 को एक राजपूत परिवार में हुआ था। वे शिव बहादुर सिंह के बेटे थे, जो एक जागीरदार और चुरहट राजघराने के 26वें राव और कांग्रेस के राजनीतिज्ञ थे। वह सचमुच एक महानायक कहे जा सकते हैं। हम देश के नव निर्माण के लिए पूर्व प्रधानमंत्री स्व. जवाहरलाल नेहरू एवं राष्ट्र पिता महात्मा गांधी के सुझाए उपायों पर अमल करने की बात कहते हैं पर अर्जुन सिंह सचमुच उनके अनुरुप ही आचरण किया करते थे। विंध्य क्षेत्र की रिमही जनता उन्हें सम्मान पूर्वक दाऊ साहब के नाम से ही संबोधित किया करती थी। मेरे ख्याल से लगभग पूरा प्रदेश ही उन्हें इस नाम से संबोधित किया करता था। आम जनता के इस संबोधन का दाऊ साहब पूर ख्याल भी रखते थे। सचमुच वह एक पालक की भूमिका का निर्वाहन भी करते थे। बताते हैं कि उनके प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के पहले तक पूरा विंध्य क्षेत्र शिक्षा के क्षेत्र में काफी पिछड़ा था। जब उन्होंने प्रदेश की बागडोर सम्हाली तो विंध्य क्षेत्र के साथ पूरे प्रदेश में शिक्षा का अलख जग गया। इतना ही उनके मुख्यमंत्री रहते उन्होंने हर उस आदमी का भला किया है जो उनके पास तक पहुंचा है। दाऊ साहब की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वह किसी जाति या धर्म को विशेष महत्व नहीं देते थे। उनकी नजरों में हर जाति- धार्म का आदमी एक समान था। प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वह सिर्फ अपने प्रदेश के लोगों का भला नहीं सोचते थे, उनकी सोच समग्र थी। देश में पहली बार तेन्दूपत्ता के राष्ट्रीयकरण का काम उनकी ही देन है। जेठ की दुपहरी में रोजी-रोटी के लिए जंगलों की खाक छानने वाले बीड़ी मजदूरों की पीड़ा को समझने का काम सिर्फ अर्जुन सिंह ही कर सकते थे। गरीबों के प्रति उनका बेहद स्नेह इस कदर जज्बाती था कि मुख्यमंत्री का पद संभालते ही उन्होंने प्रदेश के सभी झुग्गीवासियों को, जहां वह रह रहे थे, पट्टे देने का ऐलान कर दिया। वह सही मायने में एक महान युग प्रणेता थे। देश-प्रदेश के हर तबके का ख्याल उनके जेहन में हमेशा रहा करता था। दाऊ साहब की राजनीतिक दक्षता का तो कोई सानी नहीं था। उन्हें इसी कुशलता के कारण राजनीति का चाणक्य कहा जाता था। राजनीतिक मसलों को हल करने की जो कला उनमें थी, देश के चुनिंदा नेताओं में ही मानी जा सकती है। फिर चाहे वह आतंकवाद की आग से झुलसते पंजाब में शांति वहाल कराना हो या पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंहाराव के साथ तत्कालीन मतभेदों के चलते घुटने न टेकने का हो। वह हर मामले में अव्वल रहे हैं। उन्होंने एक कुशल प्रशासक के रूप में भी अपनी अमिट छाम छोड़ी है। वह प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री थे जिन्होंने लापरवाही के आरोप से घिरे एक आईएएस अफसर जो तत्कालीन मुख्य सचिव थे, को निलंबित करने का काम किया था। कहते हैं प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी दाऊ साहब के मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य मंत्रालय का कामकाज देख रहे थे। इसी दौरान उन्होंने रीवा मेडिकल कालेज के कुछ प्रोफेसरों का तबादला रायपुर कर दिया। कुछ दिन बाद उन्हीं प्रोफेसरों के तबादले कैंसिल भी हो गये। उस समय उप्र के इलाहाबाद जिले से प्रकाशित एक प्रसिद्ध समाचार पाक्षिक में इन तबादलों में लेनदेन की खबर छपी। बताते हैं कि समाचार पत्रिका के बाजार में आते ही बतौर मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने तिवारी जी का स्तीफा मांग लिया था। इस घटना का जिक्र करने का कारण सिर्फ यह है कि प्रदेश की जनता को एक निष्पक्ष प्रशासन देने के मामले में वह किसी से कोई समझौता नहीं करते थे। कहते हैं कि काम के मामले में वह लापरवाही बर्दास्त नहीं करते थे। शायद यही कारण था कि उनके कार्यकाल में अफसरशाही कभी हावी नहीं रही। आज दाऊ साहब हमारे बीच नहीं है पर उनकी कर्मठता, कर्तव्य परायणता, देश के लिए कुछ कर गुजरने की लगन हमे हमारे कर्म करने की प्रधानता को मजबूत संबल प्रदान कर रही है।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

MP News : जुगत नहीं आई काम, पहुंचाया वक्फ को नुकसान, बरसों बाद आएंगे कानून के घेरे में, जानें क्या है पूरा मामला

खान आशु
भोपाल। अध्यक्ष तय है… अधिकारी, कर्मचारी और यहां तक कि चपरासी या चौकीदार भी तयशुदा आदेश के तहत काम कर रहे हैं। लेकिन मप्र वक्फ बोर्ड में हर कार्यालयीन दिवस(कई बार छुट्टियों में भी) पाबंदी से दिखाई देने वाले एक रिटायर्ड सीईओ की मौजूदगी लोगों के लिए जिज्ञासा का विषय बनी हुई है। सेवानिवृत्ति के बरसों बाद भी उनकी दफ्तर आवाजाही को लेकर अब लोगों को जवाब मिलने लगे हैं। दरअसल सेवाकाल में उनके हाथों हुए एक बड़े करोड़ी घोटाले की फाइलें ठिकाने लगाना उनकी वक्फ बोर्ड कार्यालय में पहुंच का कारण बताया जा रहा है। हालांकि उनके इन प्रयासों को अब ठेस लगती नजर आ रही है, जब इस वक्फ नुकसान को लेकर अदालत जाने की तैयारी कर ली गई है।
सूत्रों का कहना है कि मप्र वक़्फ़ बोर्ड क़ी सम्पति पंजीयन क्रमांक-165/192 पर रजिस्टर्ड होकर मध्यप्रदेश असाधारण  राजपत्र दिनांक 25/8/1989 में प्रकाशित एवं अधिसूचित 40 खसरो वाली वक़्फ़ सम्पति रकबा 16.235 हेक्टयर वक़्फ़ इस्लामिया मदरसा व स्कूल कुरवाई ज़िला विदिशा क़ी सम्पति सर्वे नंबर  कुल 19 किता रकबा 4.633 हैक्टेयर 7 करोड़, 77 लाख, 92 हजार 400 क़ी लागत क़ी वक़्फ़ क़ी ज़रखेज़, सिंचित, उपजाऊ ज़मीन को देकर उसके बदले में बंजर बेकार ऊबड़ खाबड़, असिंचित ज़मीन वक़्फ़ के खाते में डाल दी गई।मुतवल्ली ज़फर अली खान को दिनांक 26/06/2010 को विनिमय का आदेश करते मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी दाऊद अहमद खान
ने अपने कार्यकाल में यह कारनामा किया था।

अधिनियम के खिलाफ फैसला
सूत्रों का कहना है कि दाऊद अहमद खान द्वारा वक़्फ़ अधिनियम 1995 संशोधित अधिनियम 2013 क़ी धारा 51 के अनुसार  बोर्ड क़ी अनुज्ञा के बिना वक़्फ़ सम्पति का अन्य संक्रांमण (Alienation) शून्य  होगा। धारा-51 के अनुसार वक़्फ़ विलेख  में अंतर निहित किसी बात के होते हुए भी किसी अचल सम्पति का हिबा, विक्रय, विनिमय अथवा बंधक जो वक़्फ़ सम्पति है शून्य होगा, जब तक कि ऎसी हिबा, विक्रय, विनिमय अथवा बंधक वक़्फ़ बोर्ड क़ी पूर्व अनुज्ञा के बिना प्रभावी नहीं किया जा सकता। वक़्फ़ अधिनियम क़ी धारा 51 व 32 में विनिमय के सम्बन्ध में स्पष्ट प्रावधान है, जिसके अनुसार ऐसे निर्णय दो तिहाई बहुमत से पारित होना चाहिये व बिना बोर्ड क़ी अनुमति के विनिमय नहीं किया जाना चाहिये। परन्तु इस प्रकरण में प्रथम विनिमय बिना बोर्ड के अनुमति के पद का दुरूपयोग करते और अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर अवैध रूप से कर दिया गया।

किया पद का दुरुपयोग
तत्कालीन वक़्फ़ बोर्ड सीईओ दाऊद अहमद खान द्वारा पत्र क्रमांक 10/4777-78 भोपाल दिनांक 22/6/2010 को उपरोक्त वक़्फ़ इस्लामिया मदरसा स्कूल कुरवाई के मुतवल्ली ज़फर अली खान वल्द नवाब सरदार अली खान को अच्छी और घटिया दोनों किस्म क़ी भूमियों  क़ी अदला-बदली क़ी स्वीकृति प्रदान करते हुए अपने पदीय हैसियत का दुरूपयोग किया। उन्होंने क्षेत्रधिकार से बाहर जाते वक़्फ़ अधिनियम क़ी धारा 51-(1) एवं धारा 32 (जे) के सुसंगत प्रावधानो का उल्लंघन  करते हुए वक़्फ़ सम्पति को खुर्द -बुर्द करते वक़्फ़ बोर्ड को 8 करोड़ क़ी राजस्व हानि पंहुचाई  है।
  
जारी हुई विभागीय जांच
इसी श्रृंखला में पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, मंत्रालय वल्लभ भवन पत्र क्रमांक-एफ- 4-3/2014/54-1 भोपाल दिनांक 09 जून 2014 को अपर सचिव  मध्यप्रदेश शासन द्वारा दाऊद अहमद खान को वक़्फ़ बोर्ड को 8 करोड़ रुपये क़ी भारी भरकम राशि का नुकसान पहुँचाने पर विभागीय जाँच का आरोप पत्र जारी करते हुए जहां पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 12 (2) एवं 13 (1) के अधीन अनुशासनिक प्राधिकारी यथा राज्य शासन उक्त नियमों के नियम 14 (3) के अन्तर्गत आरोप अधिरोपित करने के साथ साथ पत्र में निर्देशित किया गया है। दाऊद अहमद खान के उपरोक्त अवैध एवं क्षेत्रधिकार विहीन कृत्य से मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड को गंभीर आर्थिक हानि पहुंची, जिसके लिये आपने अपने आप को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण नियम) 1965 के नियम -3 के विपरीत कदाचरण करते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 14 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्यवाही का भागी बना लिया है।
    
मामला EOW में लंबित
वक़्फ़ भूमि क़ी अदला-बदली कर वक़्फ़ बोर्ड को 8 करोड़ का नुक्सान पहुँचाने के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा जाँच उपरांत यह प्रकरण मध्यप्रदेश शासन  क़ी मंज़ूरी न मिलने से अभी प्रतीक्षारत है। 22 दिसम्बर 2014 को अपर मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने सामान्य प्रशासन  विभाग से अभियोजन चलाने की स्वीकृति हेतु पत्र लिखा था। इसकी अभियोजन क़ी मंज़ूरी में रूकावट इसलिए भी आ रही है कि दाऊद अहमद के साथ इस प्रकरण में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और तत्कालीन विदिशा कलेक्टर योगेंद्र शर्मा के साथ साथ मरहूम गुफरान ए आज़म पूर्व वक़्फ़ बोर्ड अध्यक्ष एवं मोईन खान सहित तत्कालीन वक़्फ़ बोर्ड संचालक मंडल पर आरोप कारित किये गये है। अभियोजन क़ी स्वीकृति 10 साल से प्रतीक्षारत है। 

दाखिल हुई पिटिशन
वक़्फ़ के जानकार 10 साल से रुके इस प्रकरण में अभियोजन क़ी स्वीकृति करवाने माननीय मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के समक्ष पिटीशन दायर करते वक़्फ़ को 8 करोड़ का नुकसान पहुँचाने वाले आरोपियों क़ी जल्द से जल्द सलाखो के पीछे जेल भेजनें योजना क़ी अमली जामा पहनाते इसी माह में अमल में लाते पिटीशन दायर करने क़ी तैयारी में जुट  गए हैं।

लगे हैं बचने की जुगत में
कई वर्षों पहले सेवानिवृत्त हो चुके पूर्व सीईओ दाऊद अहमद मप्र वक्फ बोर्ड गठन में अहम भूमिका निभा चुके हैं। शुरुआती दौर में उन्हें इस चुनाव के लिए रिटर्निंग अफसर भी बनाया गया था, लेकिन इस पर उठी आपत्ति के बाद अदालत ने उन्हें इस जिम्मेदारी से हटा दिया था। सूत्रों का कहना है कि बोर्ड गठन के बाद से ही दाऊद अहमद लगातार बोर्ड दफ्तर में सेवाएं दे रहे हैं। बिना किसी अधिकृत आदेश या स्वीकृत पद के वे बोर्ड के जरूरी फैसलों में दखल रखने के अलावा कई विशेष फाइलों की ड्राफ्टिंग में भी भूमिका निभा रहे हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि वे बिना अधिकार कई फाइलों पर मौजूदा सीईओ के फर्जी हस्ताक्षर करने से भी नहीं चूक रहे हैं। सेवानिवृत्त अधिकारी के बोर्ड में बैठने और कामों में दखल रखने को लेकर बोर्ड जिम्मेदारों के पास भी कोई माकूल जवाब मौजूद नहीं है। हालांकि उनकी मौजूदगी को उनके कार्यकाल में हुए घोटालों की फाइलों को ठिकाने लगाने की जुगत माना जा रहा है।

Iztima News : छुट्टी का सदुपयोग, श्रमदान के लिए पहुंच रहे युवा, आकार लेने लगा इज्तिमागाह, जानें कैसी चल रही तैयारी

खान आशु
भोपाल। इसी माह के अंत में राजधानी में होने वाले मजहबी समागम आलमी तबलीगी इज्तिमा की तैयारियां तेज हो गई हैं। दिवाली और अन्य सरकारी छुट्टियों में इज्तिमागाह पर जमावड़ा लग रहा है। यहां जारी कामों में हाथ बंटाते हुए युवा और बुजुर्गों ने कई बड़े काम पूरे कर दिए हैं। रविवार को भी यहां बड़ी संख्या में खिदमतगारों के पहुंचने की उम्मीद है।
करीब 300 एकड़ में बनने वाले शामियाना और जमातियों के बैठने एवं आराम करने की जगह का प्रारंभिक स्ट्रक्चर लगभग तैयार कर दिया गया है। सुबह से शाम तक उत्साह से काम में जुटे वालेंटियर्स ने जमीन के समतलीकरण और पंडाल के स्ट्रक्चर के अलावा पार्किंग के जोन तैयार करने पर भी मेहनत करना शुरू दिया है। इज्तिमगाह के आसपास करीब 300 एकड़ में पार्किंग तैयार किए जा रहे हैं। छोटे, मध्यम और बड़े वाहनों के पार्क करने के लिए यहां अलग अलग पार्किंग तैयार किए जा रहे हैं।

जोश से जुट रहे वालेंटियर

आलमी तबलीगी इज्तिमा के जनसंपर्क अधिकारी डॉ उमर हफीज खान ने बताया कि पंडाल का स्ट्रक्चर लगभग तैयार हो चुका है। वजूखाने भी तैयार हो गए हैं। अब टॉयलेट और बॉथरूम बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। डॉ उमर ने बताया कि इज्तिमागाह की सफाई का काम भी तेजी से चल रहा है। उन्होंने बताया कि वालेंटियर्स के साथ विभिन्न सरकारी एजेंसियां भी जरूरी कामों को अंजाम दे रही हैं। उन्होंने कहा कि छुट्टियों में यहां बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं। इसके अलावा भी श्रमदान करने वालों का मजमा लगा हुआ है।

इस बार बैन रहेगा सिंगल यूस प्लास्टिक
डॉ उमर ने बताया कि आलमी तबलीगी इज्तिमा के दौरान स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का खास ख्याल रखने की कोशिश की जाती है। इसके चलते हर साल एक नया प्रयोग किया जाता है। इस कड़ी में इस बार इज्तिमागाह पर सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पाबंदी रहेगी। महज पानी की बॉटल के लिए रियायत दी जाएगी। डॉ उमर ने बताया कि इससे पहले गीला और सुखा कचरा अलग अलग रखने, बचे खाने से खाद बनाने, वाटर ट्रीटमेंट आदि के सफल प्रयोग किए जा चुके हैं, जो इस बार भी निरंतर रहेंगे।

29 से समागम, 2 को दुआ
आलमी तबलीगी इज्तिमा का आगाज 29 नवंबर से से होगा। इस 4 दिन के आयोजन का समापन 2 दिसंबर को दुआ ए खास के साथ होगा। पिछले सालों की जमातों की आमद को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि इस बार इज्तिमा में 10 लाख से ज्यादा लोग जुटेंगे। इज्तिमा में शामिल होने के लिए जमातों की आमद का सिलसिला अगले हफ्ते से होने की संभावना है। फिलहाल यह जमाते शहर की विभिन्न मस्जिदों में रहेंगी।

खास खास
=आलमी तबलीगी इज्तिमा 29 नवंबर से 2 दिसंबर तक
=300 एकड़ में पंडाल
=पार्किंग के लिए 300 एकड़ में जोन
=सिंगल यूज प्लास्टिक पर पाबंदी रहेगी
=वाटर ट्रीटमेंट और बचे हुए खाने से खाद
=जिला प्रशासन के नेतृत्व में कई सरकारी एजेंसियां जुटी काम में
=छुट्टी के दिन पहुंच रहे वालेंटियर, कर रहे श्रमदान

आजादी की उम्र का हुआ इज्तिमा
भोपाल में आलमी तबलीगी इज्तिमा की शुरुआत वर्ष 1947 में हुई थी। पहला इज्तिमा मस्जिद शकूर खान में हुआ, जिसमें महज 13 लोग शामिल हुए थे। इसके अगले बरस से यह आयोजन ताजुल मसाजिद में आयोजित किया जाने लगा। वर्ष 2005 में जमातों की बड़ी तादाद को देखते हुए इज्तिमा ईंटखेड़ी शिफ्ट कर दिया गया। तबसे यह  आयोजन लगातार यहीं पर हो रहा है।

MP News : गौवर्धन पूजा के सरकारी आदेश पर किलकिल, मसूद ने जताया ऐतराज, जानें क्या बोले कांग्रेस विधायक

खान आशु
भोपाल। त्योहारी खुशियों में भी सियासी घालमेल होता दिखाई देने लगा है। मप्र सरकार द्वारा जारी किए गए गौवर्धन पूजा को सरकारी तौर पर मनाए जाने के आदेश पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि सरकार को ऐसे आयोजन करने की बजाए उन गाय की फिक्र और व्यवस्था करना चाहिए, जो सड़कों पर भटक रही हैं।
राजधानी भोपाल की मध्य विधानसभा के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सरकारी तौर पर गौवर्धन पूजा किए जाने पर ऐतराज जताया है। मसूद ने कहा कि त्यौहारी व्यवस्थाएं करना सरकार का काम है, न कि इस तरह सरकारी खर्च पर त्यौहार मनाना। मसूद ने कहा कि प्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार इवेंट करने में इतनी व्यस्त है कि वह विकास और मूलभूत सुविधाओं को भूल गई है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई त्यौहारों का सरकारीकरण और इससे बढ़कर भाजपाकरण किया जा चुका है। लेकिन न तो यह सरकार की संवैधानिक व्यवस्था के अनुकूल है और न ही इस तरह की कोई जरूरत आमजन को है। मसूद ने कहा कि गौवर्धन पूजा के लिए मंत्रियों को निर्देशित करने की जरूरत नहीं थी। इससे बेहतर तो यह होता कि सड़कों पर परेशान हो रहीं गौ माता के लिए उचित प्रबंधन किए जाते।

करोड़ों का अनुदान, गौमाता फिर भी परेशान
विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि प्रदेश में मौजूद दर्जनों गौ शालाओं के लिए करोड़ों रुपए का सरकारी अनुदान दिया जा रहा है। लेकिन चंद लालची लोगों के हाथों में मौजूद इस व्यवस्था का नतीजा यह है कि पैसा लोगों की जेब में है और गौवंश सड़कों पर हैं। इसका असर यह है कि गौमाता भी परेशान हैं और आमजन भी। विधायक मसूद ने कहा सड़कों पर खुलेआम विचरण कर रहे पशुओं की वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं। कई एजेंसियों से जारी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा भी हो चुका है, लेकिन सरकार इस तरफ से आँखें बंद किए बैठी है।

क्या है आदेश
प्रदेश की डॉ मोहन सरकार के दौर में त्यौहारों के सरकारी आयोजन की नई परम्परा शुरू की गई है। जन्माष्टमी से लेकर गौवर्धन पूजा तक के लिए सरकारी व्यवस्था की जा रही हैं। इस गौवर्धन पूजा के लिए भी सभी मंत्रियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अपने क्षेत्र की गौशाला में विशेष पूजन व्यवस्था करें। इस आयोजन को सरकारी स्वरूप में मनाने के लिए कहा गया है।

MP News : देवा शरीफ में “अदब अवार्ड” से नवाजे गए भोपाल के डॉ अंजुम, जानें पूरा आयोजन

खान आशु
भोपाल। करीब सौ बरस पुराना हो चुके देवा शरीफ(उप्र) के सालाना उर्स आयोजन में इस बार भी भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ऑल इंडिया मुशायरा हुआ। इसमें मप्र के अंतरराष्ट्रीय शायर डॉ अंजुम बाराबंकवी को “अदब अवार्ड” से नवाजा गया। कार्यक्रम के मेहमानों में खासतौर से फिल्म अभिनेता राज बब्बर मौजूद थे।


सारे विश्व में अपने अनुयाई रखने वाले मशहूर सूफी संत

हाजी वारिस अली शाह के आस्ताने पर वर्ष 1924 से लगातार उर्स मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस सालाना कार्यक्रम के 100वें आयोजन पर ऑल इंडिया मुशायरा आयोजित किया गया। महफिल ए अदब सजने से पहले मंच द्वारा अंतरराष्ट्रीय शायर डॉ अंजुम बाराबंकवी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मेहमानों  में  फिल्म अभिनेता राज बब्बर, उप्र के पूर्व कार्यवाहक मुुख्यमंत्री   डॉ अम्मार रिजवी, पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप, न्यायमूर्ति फैज आलम, चौधरी तालिब, चौधरी वकार आदि ने डॉ अंजुम बाराबंकवी को अदब अवार्ड से नवाजा। महफिल ए मुशायरा में दुनिया के मशहूर और अदब की महफिलों की रौनक माने जाने वाले शायर मौजूद थे। इनमें प्रो वसीम बरेलवी, मंजर भोपाली, ताहिर फराज, इकबाल अशहर, अजहर इकबाल, शबीना अदीब, नदीम शाद, खुर्शीद हैदर, आयशा अय्यूब, अकील नोमानी, फैज खुमार , उस्मान मिनाई, बिलाल सहारनपुरी, मकसूद पयामी, अकरम वारसी आदि शामिल थे।

डॉ अंजुम की खिदमत
डॉ अंजुम बाराबंकवी शिक्षा जगत का पुराना और पहचाना नाम है। मंच से भी उनका इतना ही गहरा नाता है। अपने फन ओ कलाम से उनको अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सतत सम्मान मिलता रहा है। डॉ अंजुम के दस से अधिक गजल संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। मूलतः उप्र के बाराबंकी शहर से ताल्लुक रखने वाले अंजुम पिछले कई दशक से मप्र की कर्मभूमि पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

45 से ज्यादा विधाओं पर काम करेगा संस्कार भारती, आयोजन में दिखाई देगा पंच परिवर्तन

युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए शैक्षणिक संस्थाओं के साथ होगा एमओयू

भोपाल। संस्कार भारती संगठन की जयपुर में हुई अखिल भारतीय साधारण सभा में विधाओ और संगठनत्मक ढांचे में बदलाव करने के साथ कार्यक्षेत्र को बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इस बारे में आज भोपाल स्थित संस्कार भारती के योगेंद्र सभागार में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। पत्रकारों को संबोधित करते हुए लोक कला विभाग के राष्ट्रीय संयोजक निरंजन पांडा ने बताया की नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जोड़ने के लिए संस्कार भारती कई नए क्षेत्रों में भी अपने कार्य का विस्तार करने जा रहा है। पंडा ने बताया कि संस्कार भारती के संगठन में अब केंद्रीय प्रांतीय और जिला स्तर पर समितियां गठित की जाएगी।  उन्होंने कहा कि पहले 8 विधाओं में संगठन काम करता था लेकिन अब लगभग 45 विधाओं को पांच विभागों में बांटकर काम किया जाएगा। सभी विभागों के लिए अलग टोली बनाकर विभिन्न विधाओं के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे यह कार्यक्रम प्रदेश से जिला और तहसील स्तर तक होंगे। पंडा ने बताया कि अखिल भारतीय साधारण सभा की बैठक में निर्णय लिया गया कि अप्रैल 2025 से कार्यकर्ताओं के लिए नई सदस्यता व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि भरत मुनि स्मरण दिवस नटराज पूजन और 26 जनवरी को भारत माता पूजन उत्सव मनाया जाएगा। राष्ट्रीय संयोजक पांडे ने बताया कि संस्कार भारती के बैनर पर आयोजित सभी कार्यक्रमों में कुटुंब प्रबोधन सामाजिक समरसता पर्यावरण रक्षा स्वदेशी जीवन शैली और नागरिक कर्तव्य का भाव समाहित होगा। इसके साथ ही विभिन्न विधाओं के कलाकारों को उनके हुनर को निखारने के उद्देश्य से प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी और शैक्षणिक संस्थाओं के साथ मिलकर संस्कार भारती युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करेगी। लोक कला के राष्ट्रीय संयोजक पंडा के मुताबिक भारतीय संविधान की मूल प्रति में बने 22 चित्र देश की संस्कृति मूल्य इतिहास और आदर्श को प्रकट करते हैं जिन्हें पिछले कुछ साल में हटा दिया गया था लेकिन अब फिर से इन चित्रों का समावेश कर संविधान की नई प्रतियां प्रकाशित की जा रही हैं। पत्रकार वार्ता में भोपाल जिला संस्कार भारती की अध्यक्ष अरुणा शर्मा के अलावा कार्यकारी अध्यक्ष प्रकाश गलगले और महामंत्री नीरव प्रधान मौजूद रहे।

उन्मुक्त दीपोत्सव एवं फेस्टिव एग्जीबिशन का शुभारंभ

भोपाल।बहुप्रतीक्षित ‘उन्मुक्त दीपोत्सव एवं फेस्टिव एग्ज़ीबिशन 2024’ का विगत दिवस गमोन मॉल, टीटी नगर, भोपाल में शुभारंभ किया गया। यह आयोजन उन्मुक्त गगन एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी द्वारा अर्चना पांडे और अर्चित मालवीय के नेतृत्व में 25 से 27 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें दिवाली के लिए विविध प्रकार के उत्पादों और त्योहारी सामग्रियों का प्रदर्शन किया जाएगा।


इस शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात समाजसेविका किन्नर संजना सिंह राजपूत, वरिष्ठ पत्रकार डा.भूपेन्द्र विकल , विशेष  अतिथि विक्रमादित्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट, भोपाल की निदेशक डॉ. दीपिका नारोलिया ने उपस्थिति दर्ज कराई। दोनों गणमान्य अतिथियों ने आयोजन टीम और प्रायोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए लोगों से प्रदर्शनी में शामिल होने और त्योहार के उत्सव का आनंद लेने का आग्रह किया।
उत्सव के माहौल में रंग भरते हुए एक जीवंत नृत्य प्रदर्शन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिससे शुभारंभ समारोह एक जीवंत और रंगीन कार्यक्रम बन गया।
इस प्रदर्शनी को आर्च इंटीरियर रीडिज़ाइनर्स, विक्रमादित्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट, एमजी ज्वेलर्स, आनंद प्राइवेट आईटीआई और यूनिक स्किल्स अकादमी जैसे प्रायोजकों का समर्थन प्राप्त है। आगंतुक यहां हस्तशिल्प, फैशन, आभूषण और त्योहारी सजावट से संबंधित विभिन्न प्रकार के स्टाल्स का आनंद ले रहे हैं।
आयोजन टीम ने आम जनता से अगले दो दिनों में प्रदर्शनी में आने, उत्सव के माहौल का आनंद लेने और स्थानीय कारीगरों और व्यवसायों का समर्थन करने का निमंत्रण दिया है।
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प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत 65 स्वास्थ्य संस्थाओं में हुई गर्भवती महिलाओं की जांच

प्राइवेट चिकित्सकों और अस्पतालों ने दी स्वैक्षिक निशुल्क सेवा

गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए आयोजित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान शिविरों का आयोजन 25 अक्टूबर को जिले की 65 स्वास्थ्य संस्थाओं में किया गया। शिविर में ई रूपी मॉडल के तहत महिलाओं की निशुल्क सोनोग्राफी की गई । जांच हेतु महिलाओं को शिविर में लाने एवं घर छोड़ने की सुविधा 108 एंबुलेंस के माध्यम से निशुल्क दी गई। गर्भवती महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य परामर्श भी दिया गया। इन शिविरों के द्वारा पूर्व में सिजेरियन द्वारा प्रसव होने , गर्भावस्था प्रेरित उच्च रक्तचाप, गंभीर एनीमिया, हैबिचुअल अबॉर्शन , पूर्व में मृत शिशु जन्म, ग्रैंड मल्टीपैरा, माल प्रेजेंटेशन जैसी विभिन्न जटिलताओं वाली महिलाओं का चिह्नांकन कर विशेष चिकित्सकीय देखभाल एवं परामर्श की सेवाए प्रदान की जाती है। शिविरों में विशेषज्ञीय चिकित्सकीय परामर्श के साथ हीमोग्लोबिन, यूरिन एल्ब्युमिन, शुगर, मलेरिया, टीबी,हेपेटाईटिस, ओरल ग्लूकोज़ टेस्ट, ब्लड ग्रुप, एचआईवी, सिफलिस की जांच की गई।

25 अक्टूबर को आयोजित शिविर में निजी क्षेत्र के चिकित्सकों द्वारा शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में आकर स्वैक्षिक निशुल्क परामर्श दिया गया। शिविर में पीपल्स मेडिकल कॉलेज, चिरायु मेडिकल कॉलेज , आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज, सागर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल , अपोलो सेज, बीड़कर क्लिनिक, अशोका आईवीएफ सेंटर, यूनिक हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने सहभागिता दी। एक्सटेंडेड प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत 21 निजी सोनोग्राफी केंद्रों में ई रूपी मॉडल के तहत निशुल्क सोनोग्राफी की जा रही है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए हाई रिस्क गर्भवतियों को विशेष सेवाएं दी जा रही हैं। इन शिविरों में चिह्नित की गई महिलाओं को चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार बर्थ वेटिंग रूम में भर्ती करवाया जा रहा है।

अधिकारियों की निगरानी में बिकेंगी आतिशबाजी, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे

निगरानी टीमों का हुआ गठन, एसडीएम बनाए गए प्रभारी।

भारत भूषण विश्वकर्मा
7400794801

भोपाल। राजधानी भोपाल में दीपावली पर्व को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जहां पटाखा बाजार पर अधिकारियों की पैनी नजर रहेगी। अनाधिकृत रूप से ज्यादा आवाज़ आवाज़ वाले पटाखों की बिक्री और पटाखा बाजार में सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम और निगरानी के लिए  भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने अलग-अलग क्षेत्र के एसडीएम को निगरानी टीम का प्रभारी बनाया गया है। इस दल में पुलिस नगर निगम और विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को शामिल किया गया है। बैरागढ़ एसडीएम आदित्य जैन को बैरागढ़ और बैरसिया वृत्त की जिम्मेदारी दी गई है। वही एसडीएम रविश श्रीवास्तव गोविंदपुरा, लक्ष्मीकांत खरे एमपी नगर एसडीएम,  अर्चना शर्मा टीटीनगर एसडीएम,  विनोद सोनकिया हुजूर एसडीएम, रविशंकर राय कोलार एसडीएम,  आशुतोष शर्मा शहर वृत्त की निगरानी करेंगे।

नियमों की अनदेखी पड़ेगी भारी
शहर एसडीएम आशुतोष शर्मा ने कहा कि निर्धारित दिशा निर्देश का पालन सुनिश्चित करने की दशा में ही पटाखे बेचने की अनुमति जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा जारी नियमों की अवहेलना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं बैरागढ़ एसडीएम आदित्य जैन ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक हर इंतज़ाम पटाखा बाजारों में किया जाएगा। इसके साथ ही दुकानदारों को भी इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था और अन्य बिंदुओं पर लगातार निरीक्षण किया जाएगा।

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