Bhopal News : जश्न की कामयाबी पर एक और जश्न, मप्र उर्दू अकादमी ने शुक्रिया अदायगी के जोड़ा सभी मददगारों को, जानिए क्या था आयोजन

खान आशु
भोपाल। कार्यक्रमों की भागदौड़ और व्यस्तता अक्सर उन लोगों को भुला देती है, जिनके प्रयासों और मेहनत से सफलता हासिल की गई है। कार्यक्रम पूरा होते ही इन सभी मददगारों को भुला दिए जाने का रिवाज ही समाज में बना हुआ है। मप्र उर्दू अकादमी ने इस किंवदंती को दूर करने की दिशा में एक कदम बढ़ाया है। पिछले दिनों आयोजित किए गए तीन दिवसीय जश्न ए उर्दू को सफल कार्यक्रमों में शुमार किया जा रहा है। अकादमी ने कार्यक्रम के सभी मददगारों को एक बार फिर जोड़ा और प्रतीक चिन्ह के साथ शुक्रिया की अदायगी की। अकादमी निदेशक डॉ नुसरत मेहदी की परिकल्पना का यह दूसरा साल है। गत वर्ष भी इस तरह का आयोजन किया गया था।
मप्र उर्दू अकादमी ने मंगलवार को राज्य संग्रहालय की खूबसूरत वादियों में एक मिलन समारोह रखा। इसमें उन सभी लोगों को खास तौर से दावत देकर बुलाया गया था, जिनकी कोशिशों और मेहनत से पिछले दिनों जश्न ए उर्दू का सफल आयोजन संभव हो पाया था। कार्यक्रम में साहित्यकार, फनकार, कलमकार और शायरों के अलावा राजधानी के विभिन्न अखबारों के पत्रकार भी शामिल किए गए थे। अकादमी निदेशक डॉ नुसरत मेहदी ने वरिष्ठ साहित्यकार डॉ रजिया हामिद की मौजूदगी में सभी मददगारों को प्रतीक चिन्ह के साथ कार्यक्रम में सहयोग का शुक्रिया अदा किया। बाद में हाइ  टी के साथ यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।

शुक्रिया सभी का किया गया
कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार इकबाल मसूद, सीनियर फोटोग्राफर ताहा पाशा, वरिष्ठ उद्घोषक और शायर बद्र वास्ती शामिल थे तो रंगमंच के कलाकार अदनान खान और उनकी टीम भी मौजूद थी। कार्यक्रम को दिशा देने में सहायक बने रजा दुर्रानी, तसनीम राजा, सोहेब खान, खालिद खान, आरिफ अली आरिफ, डॉ कमर अली शाह कार्यक्रम का हिस्सा थे तो मीडिया सहयोग करने वाले नौशाद कुरैशी, खान आशु, रिजवान शानू, सलमान खान, सलमान गनी आदि को भी प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। पठान अबरार समेत शहर के विभिन्न अखबारों से जुड़े फोटोग्राफर भी इस कार्यक्रम में याद किए गए और सम्मान से नवाजे गए।

शुक्रिया की अदायगी जरूरी : डॉ नुसरत मेहदी
मप्र उर्दू अकादमी निदेशक डॉ नुसरत मेहदी ने कहा कि कोई भी आयोजन किसी एक व्यक्ति के बूते का काम नहीं होता, यह एक सामूहिक प्रयास और कर्म होता है। इसकी सफलता का श्रेय भी सभी को दिया जाना जरूरी है। इसी मंशा के साथ जश्न ए उर्दू की सफलता सभी के साथ बांटने के लिए यह रिवाज शुरू किया गया है। डॉ मेहदी ने कहा कि प्रशस्ति, प्रतीक चिन्ह और शुक्रिया के दो बोल किसी भी व्यक्ति को आगे काम करने का उत्साह देते हैं। ऐसी परंपरा निरंतर रहना चाहिए, यही सफलता की गारंटी है।

युवा दिवस पर राजधानी में हुए अनेक आयोजन, किया गया झांकी समितियों का सम्मान

भोपाल। स्वामी विवेकानंद की जन्म जयंती को युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। युवा दिवस के उपलक्ष्य में शासन प्रशासन के साथ ही अन्य संगठनों द्वारा भी कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी तारतम्य में स्वामी विवेकानंद युवा समिति द्वारा आनंद नगर राम मंदिर में युवा दिवस मनाया गया। आयोजन में स्वामी विवेकानंद के जीवन संकल्प और संघर्ष पर बोलते हुए प्रांतीय पदाधिकारी मुकेश गुप्ता ने कहा कि भारत के प्रत्येक युवा को विवेकानंद के अध्यात्म से प्रेरणा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे स्वामी विवेकानंद ने निज जीवन राष्ट्र और धर्म की सेवा में अर्पित किया उससे हम सभी को प्रेरणा लेना चाहिए। वहीं कार्यक्रम में मौजूद राजेश विश्वकर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद के जीवन के शिकागो भाषण प्रसंग, युवाओं को संबोधन, मन को निर्भय करने जैसे प्रसंगों को याद किया। कार्यक्रम में आयोजन समिति के प्रांतीय पदाधिकारी मुकेश गुप्ता, राजेश विश्वकर्मा, दीपक चौकसे, जीतेन्द्र कोरी बंटी, रमेश यादव, वीरेन्द्र मीना, गगन बैरागी, अंकित विश्वकर्मा, विष्णु राय, राधेश्याम समेत सैकड़ों कार्यकर्ता वा स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

अशोकनगर से तस्करी कर भोपाल लाया जा रहा था गौवंश, ट्रक में भरे थे दर्जनों गाय बछड़े !

भारत भूषण विश्वकर्मा
7400794801

भोपाल :- लगातार चलती कार्यवाही के बाद भी गौ तस्करों के हौसले बुलंद ही नजर आ रहे हैं। गौ वंश तस्करी से जुड़े लोग लगातार बेखौफ होकर संगठित रूप से इस घिनौने कृत्य में लिप्त हैं। राजधानी में एक बार फिर गौ तस्करी का मामला सामने आया है। ताजा मामला सुखी सेवनिया थाना क्षेत्र का है जहां हिंदूवादी संगठन राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की सूचना पर पुलिस ने गौ वंश तस्करी कर रहे आरोपित को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सफेद रंग के अशोक लीलैंड ट्रक MP04 YA 2638 में गौ वंश भरकर ले जाने की सूचना पर कार्यवाही करते हुए ट्रक ड्राइवर अकबर को मौके से गिरफ्तार किया गया है जबकि अकबर का सहयोगी शाहरुख फरार हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपित अकबर अशोकनगर जिले के आरोन से गौवंश भरकर भोपाल के बुधवारा क्षेत्र में ले जा रहा था। ट्रक में एक गाय एक बछड़ा मृत अवस्था में पाया गया जबकि लगभग 36 जीवित गाय बछड़ों को जीवदया गौशाला में रखा गया है। इतनी मात्रा में गौवंश का अवैध परिवहन करने का मुख्य कारण जांचने में पुलिस जुटी हुई है। ट्रक के मालिक तथा फरार आरोपित शाहरुख के विषय में भी पुलिस की विवेचना जारी है।

गौ तस्करों पर सख्त कार्यवाही की मांग
हिंदूवादी संगठन राष्ट्रीय बजरंग दल के महानगर अध्यक्ष राजा भैया का कहना है कि गौवंश तस्करी करने वाले आरोपियों पर रासुका जैसी गंभीर कार्यवाही होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने गौ तस्करी में उपयोग होने वाले ट्रक के मालिक तथा फरार आरोपित शाहरुख को भी जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है, संगठन के अन्य पदाधिकारियों प्रांतीय अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ठाकुर, महानगर अध्यक्ष राजा भैया, अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिला कोषाध्यक्ष पंडित राजीव द्विवेदी, राष्ट्रीय बजरंग दल के जिला उपाध्यक्ष अनुज ठाकुर, बजरंग दल के जिला गौरक्षा प्रमुख बलवीर सिंह यादव, महामंत्री विवेक पांडे, मंत्री गोलू गोस्वामी, रोहित कुशवाह आदि ट्रक को राजसात करने की कार्यवाही की मांग को लेकर जिला कलेक्टर से जल्द भेंट करेंगे।

बस दुर्घटना में घायल छात्रों को दिलवाई गई त्वरित चिकित्सकीय सहायता

घायल छात्रों को दी है रही हैं बेहतर उपचार सेवाएं

भौंरी क्षेत्र में बस दुर्घटना की दुखद घटना की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए छात्र-छात्राओं के इलाज की समुचित व्यवस्था की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर घटनास्थल पर 8 एंबुलेंस भिजवाई गई। जिनके द्वारा छात्रों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती करवाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद छात्रों को चिरायु मेडिकल कॉलेज और पीपल्स अस्पताल में शिफ्ट किया गया है । जिन छात्रों को गंभीर चोटे नहीं आई थी, उनको 108 के स्टाफ द्वारा मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।

10 जनवरी को स्कूल आफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी पीपल्स यूनिवर्सिटी की बस को आईसर भौंरी के पास ट्रक क्रमांक आरजे17जीए 8818 द्वारा टक्कर मारी गई। घटना के समय बस में 45 लोग बैठे हुए थे। दुर्घटना में 21 वर्षीय विनीत साहू की दुखद मृत्यु हुई है। एक छात्र की स्थिति गंभीर है। चिरायु अस्पताल में 14 और पीपल्स मेडिकल कॉलेज में 16 व्यक्तियों को चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है जिनमें छात्र व अन्य कॉलेज स्टाफ शामिल हैं। ।

कलेक्टर भोपाल श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह द्वारा घायल छात्रों के रेफरल और इलाज की व्यवस्थाओं का निरंतर फॉलोअप लिया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि दुर्घटना में घायल हुए बच्चों का उपचार करवाया चल रहा है । अस्पताल में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी कर निरंतर फॉलोअप किया जा रहा है। चिरायु अस्पताल और पीपल्स अस्पताल द्वारा तत्परता से सभी उपचार सेवाएं दी जा रही हैं।

सांसद शर्मा की दो टूक, लालघाटी से नेवरी मंदिर तक बनने वाली सड़क समय सीमा में पूरी हो

कलेक्टर ने दिए निर्देश, रोड पूरी बने साथ ही गुणवत्ता का भी रखें ध्यान

भोपाल। सांसद आलोक शर्मा ने शुक्रवार को लालघाटी से नेवरी मंदिर की 24 मीटर सड़क को लेकर कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह से कलेक्ट्रेट में मुलाकात की। उन्होंने कहा कि उपरोक्त सड़क का निर्माण समय सीमा में पूरा होना चाहिए। साथ ही अधिकारियों को विकास के कामों में भविष्य की प्लानिंग को ध्यान में रखना होगा। इस दौरान उनके साथ महापौर मालती राय, प्रियंका मिश्रा, मनोज राठौर सहित पुलिस और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी भी उपस्थित थे। इन लोगों द्वारा सांसद आलोक शर्मा को बताया गया कि यह रोड 24 मीटर की बनना प्रस्तावित है। जबकि पीडब्ल्यूडी के अधिकारी इसे 17 मीटर की बनाने जा रहे हैं। इस बात को लेकर सांसद आलोक शर्मा से इन्फेंट्री के ब्रिगेडियर ने भी चर्चा की थी। उनका कहना था कि इस रोड पर इस रोड पर से सेना के बड़े-बड़े ट्रक, स्कूल की गाड़ियां और सेना के मैनपॉवर का मूवमेंट होता है। कई बार इस रोड पर जाम लगने की स्थिति बन जाती है। सुरक्षा की दृष्टि से भी इस रोड को चौड़ा होना चाहिए। जिससे आवागमन की सुविधा सुलभ हो सके। बैठक में प्रस्तावित रोड के आसपास की कालोनियों और गुफा मंदिर से जुड़े लोग भी पहुंचे थे। इन सबका भी यहीं कहना था कि रोड की चौड़ाई कम नहीं की जाना चाहिए। गुफा मंदिर में सावन के महीने में मेला लगता है। अन्नकूट जैसे बड़े कार्यक्रम भी होते हैं। इस दौरान भी इस रोड पर जाम की स्थिति बन जाती है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सभी पक्षों को सुनने के बाद सांसद आलोक शर्मा को आश्वस्त किया कि रोड जितनी प्रस्तावित है वह पूरी बनेगी। कलेक्टर ने एडीएम सिद्धार्थ जैन को उपरोक्त सड़क का मौका मुआयना करने और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को निर्देशित किया कि रोड जितनी प्रस्तावित है, वह पूरी बनना चाहिए। किसी भी के दबाव में आकर इसे काम नहीं बनना चाहिए साथ ही उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। सड़क की गुणवत्ता की जांच कराएं।

भारत के उत्थान की प्रेरणा है राष्ट्र मंदिर

श्रीराम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ पर विशेष

हितानंद शर्मा

अद्भुत, अकल्पनीय और अविस्मरणीय वह अभिजीत मुहूर्त, जब प्राण-प्रतिष्ठा कर रामलला के नेत्रों से पट्टि‍का हटाई गई तब पूरे विश्व में सनातन संस्कृति के उपासकों के नेत्रों में श्रद्धा, आस्था, आनंद और प्रतीक्षा के आँसू थे। पौष शुक्ल द्वादशी, 22 जनवरी 2024 केवल अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के उत्सव का दिवस नहीं, बल्कि संपूर्ण हिंदू समाज की दृष्टि और विचारों के परिवर्तन की उपलब्धि का दिन है। पीढ़ियों की तपस्या, त्याग, बलिदान और प्रतीक्षा के बाद अयोध्या ने इस शुभ घड़ी का स्वागत किया था।

भगवान श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा से आनंदित, उत्साहित यह वही अयोध्या है जिसके परिचय में अथर्व वेद में उल्लेख आता है कि –

अष्ट चक्रा नव द्वारा देवाना पू: अयोध्या।
तस्या हिरण्यमय: कोश स्वर्गो ज्योतिषावृत:।।

अयोध्या, जिसका अर्थ ही है जो अजेय, अपराजित है। सहस्त्रों वर्षो तक अयोध्या अपने स्वर्णिम इतिहास के लिए जानी जाती रही। वही अयोध्या जहाँ हिन्दू समाज के आराध्य श्रीराम जी का जन्म सकल लोक के मंगल हेतु हुआ। इसीलिए गोस्वामी तुलसीदास जी अयोध्या का वर्णन कुछ इस प्रकार करते हैं-

विप्र धेनु सुर संत हित लीन्ह मनुज अवतार।
निज इच्छा निर्मित प्रभु माया गुन गो पार।।

हिन्दू समाज की आस्था के केंद्र, समरसता, नैतिकता व कर्तव्यपालन का बोध कराने वाले श्रीराममंदिर का कालांतर में विध्वंस कर मुगल आक्रांताओं द्वारा गुलामी के प्रतीक के रूप में बाबरी मस्जिद बना दी गई। इसके बाद 1528 से ही आरंभ हुए श्रीराममंदिर आंदोलन का 9 नवम्बर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय पर विराम हुआ। 5 अगस्त 2020 को भूमिपूजन के साथ करोड़ों लोगों ने अपनी भावनाओं ने विविध प्रकार से अभिव्‍यक्त्ति की।

यह एक ऐसा आंदोलन रहा जिसमें साधु-संतों ने युद्ध भी किया और वे आध्यात्मिक जागरण के केंद्र भी बने। बैरागी अभिराम दास (योद्धा साधु), राममंदिर आंदोलन के शलाका पुरुष महंत रामचन्द्र परमहंस, महंत अवैद्यनाथ व देवरहा बाबा ने संपूर्ण आंदोलन को एक दिशा प्रदान की। कोठारी बन्धुओं के बलिदान को हिन्दू समाज भला कैसे विस्मृत कर सकता है? विष्णु डालमिया, अशोक सिंहल वे तेजपुंज हैं, जिन्होंने सनातन ऊर्जा को संग्रहीत कर इस पवित्र कार्य से जोड़ा।

मंदिर आंदोलन के मूल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका से सभी भलीभांति परिचित ही हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने पूरे आंदोलन में जनजागरण करते हुए आस्था के उच्चतम प्रतिमानों को विश्वव्यापी स्वरूप दिया। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सहित विचार परिवार के सभी संगठनों ने अपनी पूर्ण सामर्थ्य के साथ तत्कालीन सरसंघचालक बालासाहब देवरस की मंशा के अनुरूप धैर्यपूर्वक योजनाबद्ध आंदोलन किए। भारतीय जनता पार्टी द्वारा लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में देशव्यापी रथयात्रा ने पूरे भारत में वातावरण का निर्माण किया तो असंख्य कारसेवकों के बलिदान ने राम राष्ट्र के इस यज्ञ में समिधा का कार्य किया।

मंदिर आंदोलन के इतिहास में अनेक बलिदानियों के रक्त व उनके परिजनों के त्याग का बिंदु समाहित है। राममंदिर के प्रति समाज की आस्था इतनी प्रबल रही है कि जब श्रमदान आवश्यक था तब श्रमदान किया। वहीं राष्ट्रमंदिर को भव्यता और दिव्यता देने के लिए निधि समर्पण अभियान में जाति, वर्ग, दल, समूह के सभी बंधनों को ध्वस्त करते हुए जिससे जो बन पड़ा उसने भगवान श्रीराम के चरणों में समर्पण किया।

भारतीय पंचांग के अनुसार पौष शुक्ल द्वादशी को आज ही के दिन जो पिछले वर्ष 22 जनवरी 2024 को थी, भगवान के विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा हुई थी। संपूर्ण भारत की आस्था के केंद्र श्रीराम मन्दिर के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना को बल मिला और देशवासियों में स्वाभिमान का जागरण हुआ। वहीं जो लोग मन्दिर निर्माण का विरोध कर रहे थे उनके सारे अवरोधों का प्रति उत्तर भी इस एक वर्ष में मिला। प्राण-प्रतिष्ठा से आज प्रथम वर्षगांठ तक असंख्य दर्शनार्थियों ने न केवल रामलला के दर्शन किए बल्कि अयोध्या सहित आस-पास के क्षेत्र के आर्थिक तंत्र को मजबूत करने में महत्व पूर्ण भूमिका निभाई है।

नागर शैली में निर्मित अलौकिक सुंदरता से परिपूर्ण श्रीराम मंदिर की लंबाई पूर्व से पश्चिम 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट व ऊंचाई 161 फीट है। भव्य तीन मंजिला मंदिर में 392 स्तंभ और 44 द्वार हैं। भूतल में प्रभु श्रीराम का मोहक बाल रूप तो प्रथम तल में श्रीराम दरबार का गर्भगृह है। नृत्य मंडप, रंग मंडप, सभा मंडप, प्रार्थना व कीर्तन मंडप है। उत्तरी भुजा में मां अन्नपूर्णा व दक्षिणी भुजा में हनुमान जी विराजित हैं। मंदिर के समीप ही पौराणिक काल का सीताकूप रहेगा। 732 मीटर लंबे व 14 मीटर चौड़े चहुंमुखी आयताकार परकोटे के चार कोनों पर भगवान सूर्य, मां भगवती, गणपति व भगवान शिव का मंदिर बनेगा। मंदिर परिसर में ही महर्षि वाल्मिकी, महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषादराज, माता शबरी व देवी अहिल्या के मंदिर प्रस्तावित हैं।

यह मात्र एक मंदिर नहीं बल्कि भारत की संस्कृति और अस्मिता का प्रतीक है। एक स्वाभिमानी राष्ट्र अपने ऐसे ही प्रतीकों से ऊर्जा प्राप्त करता है। राम मंदिर भारत की चेतना का पर्याय है और इसका भी कि राम जन-जन की स्मृति में कितने गहरे रचे-बसे हैं। यह आधुनिक विश्वऔ के इतिहास में पहली बार है, जब किसी समाज ने अपने प्रेरणा पुरुष के जन्मस्थान एवं उनके उपासना स्थल को अतिक्रमण और अवैध कब्जे से न्यायपूर्वक छुड़ाने में सफलता प्राप्त की।

प्राण-प्रतिष्‍ठा उत्‍सव में उमड़ा भावनाओं का ज्वार ऐसे अनेक प्रश्नों का उत्तर दे रहा था कि राम मंदिर का निर्माण क्यों आवश्यक था और हिंदू समाज उसके लिए इतनी व्यग्रता से क्यों प्रतीक्षा कर रहा था? अच्छा होता कि यह प्रतीक्षा स्वतंत्रता के बाद ही पूरी हो जाती, किंतु संकीर्ण राजनीतिक कारणों और कथ‍ि‍त सेक्युलरिज्म की विजातीय-विकृत अवधारणा के चलते ऐसा नहीं हो सका। यह विडंबना ही रही कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की हिंदू समाज की सदियों पुरानी स्वाभाविक अभिलाषा की अनदेखी की गई।

जिस अयोध्या को अवनी की अमरावती और धरती का बैकुंठ कहा गया, वह सदियों तक अभिशप्त थी, उपेक्षित रही, सुनियोजित तिरस्कार झेलती रही। अपनी ही भूमि पर सनातन आस्था पद दलित होती रही, किंतु राम का जीवन हमें संयम की शिक्षा देता है और भारतीय समाज ने संयम बनाए रखा। समय के साथ समाज का संकल्प भी दृढ़ होता गया और आज समस्त सृष्टि अयोध्या के वैभव को निहार रही है। यह धर्म नगरी विश्व की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में प्रतिष्ठित हो रही है।

संकल्प और साधना की सिद्धि के लिए, हमारी प्रतीक्षा की इस समाप्ति के लिए और संकल्प की पूर्णता के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों का भी अभिनंदन है। एक दूरद्रष्टि लेकर भारत के न भूतो न भविष्यलति के स्वर्णिम अवसर को साकार करने में उनकी महत्‍वपूर्ण भूमिका रही। श्री राम जन्मभूमि मंदिर की स्थापना भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का आध्यात्मिक अनुष्ठान है। यह राष्ट्र मंदिर है। अब भारत को भव्य बनाने के संकल्प को पूर्ण करने की बारी है और भगवान श्रीराम का मंदिर इसकी प्रबल प्रेरणा है। ऐसा होना निश्चित ही है क्योंकि इस प्राण प्रतिष्ठा से समस्त दिशाओं से शुभ संकेत मिलना आरंभ हो ही चुका है। गोस्वामी तुलसीदास जी की इन पंक्तियों के साथ-

“मोरे जिय भरोस दृढ़ सोई, मिलहि राम सगुन सुभ होई.’’ शुभमस्तु ।

(लेखक भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश के प्रदेश संगठन महामंत्री हैं।)

हर समस्या का समाधान, मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान – जनकल्याण शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का तुरंत हुआ निदान !

अमित सेन
8085661177

भोपाल। बीते मंगलवार को जनसुनवाई में ग्राम पनिया के अनेक ग्रामीण अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से भेंट करने पहुंचे थे। ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता लेते हुए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और भोपाल जिला पंचायत सीईओ ऋतुराज ने बैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा को तत्काल ग्राम पनिया में शिविर लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के निर्देश जारी किए। ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान हेतु गुरुवार को जमूसर कला ग्राम पंचायत के ग्राम पनिया में ब्लाक स्तरीय जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में एसडीएम बैरसिया आशुतोष शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बैरसिया दिलीप कुमार जैन, तहसीलदार बैरसिया करुणा दंडोतिया सहित सभी विभागों के खंड स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित  रहे। शिविर के दौरान ग्रामीणों ने वन भूमि पर स्थित ग्राम को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने, ग्राम में पेयजल की समस्या होने, ग्राम के शमशान घाट में टीन शेड न होने, इमरजेंसी होने पर ग्राम की माता एवं बहनों की सुरक्षा के लिए जननी सुरक्षा वाहन के ग्राम में ना पहुंच पाने एवं ग्राम में मुख्य मार्ग से ग्राम तक डामर रोड निर्माण तथा गांव के अंदर ही सीसी रोड के निर्माण की मुख्य मांगे रखी गई। कलेक्टर के आदेश पर पीएचई विभाग की एसडीओ सुश्री अपराजिता पांडे द्वारा तत्काल बोरिंग मशीन बुलवाई गई एवं गांव में पेयजल की समस्या के निवारण हेतु बोर खनन का काम तत्काल शुरू कराया गया। उक्त कार्य पीएचई विभाग के द्वारा कल ही प्रारंभ कर दिया गया था परंतु एक बोर के असफल होने के बाद दूसरा बोर तत्काल खनन करने का कार्य शुरू कराया गया ताकि ग्रामीणों की पेय जल की समस्या का त्वरित निराकरण हो सके। वहीं जनपद पंचायत बैरसिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा ग्राम पनिया के शमशान घाट में टीन शेड निर्माण की स्वीकृति तथा शीघ्र निर्माण की घोषणा की गई। इसी प्रकार गांव में निवासरत महिलाओं के स्वास्थ की चिंता करते हुए बैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा ने वहां उपस्थित खंड चिकित्सा अधिकारी को तत्काल निर्देशित किया गया कि आवश्यकता पड़ने पर गांव में तत्काल जननी सुरक्षा का वाहन भेजा जाए ताकि ग्रामीण जनों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो सके। शिविर में ग्रामीण जनों द्वारा आंगनवाड़ी खोले जाने की मांग पर बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रियंका दीवान द्वारा बताया गया कि उक्त संबंध में प्रस्ताव पूर्व में प्रेषित किया जा चुका है एवं पुनः एक बार शासन को प्रस्ताव प्रेषित किया जाएगा।

Bhopal News : “रक्स-ए-रास” पर झूमे श्रोता, मिर्जा के सिनेमा इश्क को सराहा, तीन दिवसीय जश्न ए उर्दू का समापन

खान आशु
भोपाल। मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी, संस्कृति परिषद के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय “जश्ने उर्दू” समारोह का समापन भव्यता और गरिमा के साथ हुआ। इस आयोजन का समापन संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक एवं धर्मस्व मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी द्वारा पुरस्कार वितरण और प्रख्यात कत्थक नृत्यांगना शिंजिनी कुलकर्णी की “रक्स-ए-रास” प्रस्तुति के साथ हुआ।
मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने अपने संबोधन में “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना को साकार करने के लिए उर्दू अकादमी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “यह आयोजन न केवल उर्दू भाषा और साहित्य का उत्सव है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और भारतीय दर्शन का प्रतीक है। यह हमें यह समझाता है कि सारा संसार हमारा परिवार है।”

तीन दिवसीय आयोजन के प्रमुख आकर्षण
पहला सत्र: “उर्दू साहित्य और वसुधैव कुटुंबकम”
कार्यक्रम के तीसरे दिन का आरंभ “उर्दू साहित्य और वसुधैव कुटुंबकम” पर संवाद से हुआ। सत्र के मुख्य वक्ता, साहित्यकार और राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि साहित्य को धर्म के दायरे में सीमित करना अनुचित है। उन्होंने उर्दू साहित्य के उन पक्षों पर चर्चा की, जिन्होंने मानवता और भाईचारे को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा, “साहित्य केवल आलोचना नहीं, बल्कि आत्मा की आवश्यकता है।”
भोपाल के साहित्यकार डॉ. मोहम्मद नौमान खान ने उर्दू साहित्य की वैश्विकता पर प्रकाश डालते हुए कहा, “उर्दू साहित्य ने अनेक भाषाओं और संस्कृतियों से प्रेरणा ली है। यह न केवल भारतीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय साहित्यिक विधाओं को समेटे हुए है।”
लखनऊ से आए डॉ. अब्बास रज़ा नैयर ने उर्दू शायरी में “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “उर्दू शायरी मानवता को जोड़ने का माध्यम है। यह संकीर्ण मानसिकता को खारिज कर पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में देखती है।”

दूसरा सत्र: “मिर्ज़ा साहब और सिनेमा का इश्क़”
दोपहर में रंग मोहल्ला सोसाइटी फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स द्वारा “मिर्ज़ा साहब और सिनेमा का इश्क़” एकल अभिनय प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्तुति ने साहित्य और सिनेमा के गहरे संबंध को उजागर किया। इसका निर्देशन अदनान खान ने किया।

“भारतीय दर्शन और ग़ालिब”
दूसरे सत्र में “भारतीय दर्शन और ग़ालिब” पर केंद्रित व्याख्यान और काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। अज़ीज़ इरफ़ान, सलीम अंसारी, और सुरेश पटवा जैसे वक्ताओं ने ग़ालिब की शायरी में भारतीय दर्शन और मानवता के संदेश को रेखांकित किया। अज़ीज़ इरफ़ान ने कहा, “ग़ालिब की शायरी हिंदू-मुस्लिम साझी संस्कृति का उत्कृष्ट उदाहरण है।”
सलीम अंसारी ने ग़ालिब की शायरी में मानवीय सभ्यता की कल्पना पर प्रकाश डाला, जबकि सुरेश पटवा ने ग़ालिब की गहरी दार्शनिक दृष्टि की सराहना की।
काव्यगोष्ठी में देशभर के कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं, जिनमें ग़ालिब के मिसरों पर आधारित ग़ज़लें शामिल थीं। प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

अंतिम सत्र: शिंजिनी कुलकर्णी की “रक्स-ए-रास”
समारोह के समापन में प्रख्यात कत्थक नृत्यांगना शिंजिनी कुलकर्णी ने “रक्स-ए-रास” की प्रस्तुति दी। इस प्रस्तुति में सूफ़ी संगीत और कत्थक नृत्य का अनूठा संगम देखने को मिला। “सूफ़ी नृत्य में एकत्वबोध” की थीम पर आधारित इस नृत्य ने दर्शकों को आध्यात्मिकता और संस्कृति के अद्भुत मेल से परिचित कराया।

उर्दू अकादमी का नेतृत्व और प्रशंसा
मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी की निदेशक डॉ. नुसरत मेहदी ने कहा, “यह आयोजन केवल उर्दू भाषा और साहित्य का उत्सव नहीं था, बल्कि वसुधैव कुटुंबकम की भावना को साकार करने का प्रयास था। उर्दू साहित्य ने सदैव मानवता को जोड़ा है और इसने हमें सिखाया है कि भेदभाव और सीमाएं अस्थायी हैं।”
मंत्री लोधी ने डॉ. नुसरत मेहदी और उनकी टीम की प्रशंसा करते हुए कहा, “आपकी सूझबूझ और परिश्रम ने इस आयोजन को सफलता के नए आयाम दिए हैं।”

हमारी नज़र: मील का पत्थर
“जश्ने उर्दू” ने न केवल उर्दू साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा दिया, बल्कि भारतीय दर्शन और “वसुधैव कुटुंबकम” के विचार को प्रोत्साहित किया। यह आयोजन समाज में भाईचारे, एकता, और मानवता का संदेश देने में सफल रहा।
डॉ. नुसरत मेहदी और उनकी टीम का यह प्रयास निश्चित रूप से राष्ट्रीय स्तर पर साहित्य और संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।

MP News : भारत अपने अध्यात्म और दर्शन के आधार पर विश्व में सर्वश्रेष्ठ, हर युग ने इस बात को माना : डॉ नुसरत मेहदी, जश्न ए उर्दू का दूसरा दिन, जानें क्या हुए प्रोग्राम

खान आशु
भोपाल। राजधानी भोपाल में जारी मप्र उर्दू अकादमी के आयोज जश्न ए उर्दू का दूसरा दिन कई कार्यक्रमों से लबरेज रहा। दूसरे दिन प्रथम सत्र में “कथा साहित्य का सार्वभौमिक संदेश और वसुधैव कुटुंबकम” विषय पर अफ़साने का अफ़साना आयोजित हुआ। शुरुआत में अकादमी निदेशक डॉ नुसरत मेहदी ने दूसरे दिन के आयोजन रूप रेखा पर बोलते हुए कहा कि जश्न ए उर्दू केवल एक तक़रीब या जश्न नहीं है, यह हमारी संस्कृति, हमारे मूल्यों और समृद्ध परंपराओं को याद दिलाने और याद रखने का प्रयास भी है। भारत अपने अध्यात्म और दर्शन के आधार पर विश्व में सर्वश्रेष्ठ है, यह बात हर युग ने मानी है। साहित्य इस स्वीकारोक्ति का सशक्त माध्यम है। हमारा यह साहित्योत्सव उर्दू भाषा के हवाले से “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास है।

एकता और भाईचारा समाज की जरूरत : डॉ उम्मीद
इस सत्र में वक्ता के रूप में डॉ अली अब्बास उम्मीद भोपाल, और इशरत नाहिद लखनऊ उपस्थित थे। डॉ अली अब्बास उम्मीद ने विषय पर बोलते हुए कहा कि आज के इस सत्र का विषय उर्दू कथा साहित्य का सार्वभौमिक संदेश वसुधैव कुटुम्बकम बहुत महत्वपूर्ण है। मैं समझता हूँ कि हर ज़माने में एकता और भाइचारा समाज की अहम ज़रूरत है। आदमी को इंसान बनने के लिये ज़रूरी है कि वो आदमी को आदमी समझे उसके बाद ही वो कह सकता है कि मैं इंसान हूँ। वो अपने कर्मों के द्वारा समाज में शांति का संदेश फैलाने का काम करे और उर्दू की केवल एक विधा में नहीं बल्कि तमाम विधाओं में हमेशा से ये संदेश दिया गया है।
लखनऊ से आईं कथाकार इशरत नाहिद ने कहा कि जब हम इस वसुधैव कुटुम्बकम के शब्दों की गहराई में जाते हैं और इसे खंगालने की कोशिश करते हैं तो इसके अर्थों की गहराइयां हमें मूल्यों और संस्कारों के पाठ की तरफ़ ले जाती हैं। केवल इंसानी मूल्यों और संस्कारों का पाठ ही नहीं पढ़ातीं, बल्कि पूरी दुनिया को इंसानियत को एक कसौटी प्रदान करती हैं जिस पर चल कर समाज में सुख शांति क़ायम हो सकती है। इस सत्र का संचालन सिरोंज की युवा लेखिका स्तुति अग्रवाल ने किया।

प्रादेशिक मुशायरे में बरसे कलाम
द्वितीय सत्र में प्रादेशिक मुशायरा सम्पन्न हुआ। मुशायरे में प्रदेशभर से आए नामवर शायरों ने कलाम पेश किया। मुशायरे का संचालन इरफ़ान झांसवी ने किया।

डॉ शान फ़ख़री, सिरोंज
ये जो इतना ग़ुरूर है मुझमें
कोई ख़ामी ज़रूर है मुझमें

अज़ीज़ अंसारी, इंदौर
ऐ अज़ीज़ बतला दो मेरे इस मुआलिज को
जिस्म तो सलामत है ज़ख़्म सारे अंदर

मजाज़ आशना, बुरहानपुर
आसमानों की तमन्ना में कहीं के न रहे
ख़्वाब वो देखे थे हमने कि कहीं के न रहे

रक़ीब अंजुम, भोपाल
मसअले तो ज़िन्दगी के साथ हैं
हम तो आँखों की नमी के साथ हैं

साबिर सहबा, इंदौर
नज़्म जब तक नया ख़्याल न हो
शेर का हक़ अदा नहीं होता

विजय कलीम ग्वालियर
कभी यूँ भी मोहब्बत का तमाशा देख लेते हैं
तमन्ना करके अंजामे तमन्ना देख लेते हैं

सुलेमान मजाज़, कोरवाई
तमाशा बनके रह जाती ये दुनिया
अगर कुछ लोग संजीदा न होते

आरिफ़ अली आरिफ़, भोपाल
नफ़रतें आरिफ़ ज़्यादा देर तक रहती नहीं
आख़िरश ज़िन्दा रहेगा भाई चारा देखना

इरफ़ान झांसवी, जबलपुर
तन्हाई कर रही है मिरा घर में इंतज़ार
अब रात हो गई मुझे घर जाना चाहिए

दीपशिखा सागर, छिंदवाड़ा
वो उधर ले गया तमाम गुलाब
हम इधर काश काश करते रहे

साजिद हाशमी, राजगढ़
उस नज़र की नज़र उतारी है
जिस नज़र पे नज़र तुम्हारी है

सरवत ज़ैदी, भोपाल
हिन्दी भी हम सफ़र है मोहब्बत की राह में
उर्दू कभी वतन में अकेली नहीं रही

दीपक जैन, गुना
ढलती धूप भी आख़िर धूप ही होती है
लेकिन धूप का ग़ुस्सा कम हो जाता है

सबीहा सदफ़, रायसेन
मोहब्बत भाई चारे दोस्तां की बात करते हैं
कि हम फ़ख़्रे जहां हिन्दुस्तां की बात करते हैं

ज्योति आज़ाद खत्री, ग्वालियर
मैं अपनी आँखों से दुनिया को जीत लाऊँगी
तू मेरे पाँव की ज़ंजीर देखते रहना

धीरेंद्र सिंह फ़ैयाज़, खजुराहो
आदमी आदमी के बस में नहीं
अब तो कोई किसी के बस में नहीं

कुलदीप कुमार, उमरिया
दरख़्त करते नहीं इसलिए उमीद-ए-वफ़ा
वो जानते हैं परिन्दों के पर निकलते हैं

फ़रहान मंज़र, भोपाल
जहां पहुंचे फले फूले रहे आबाद हर दिल में
ये उर्दू है तो ज़िन्दा है जहाँ में शायरी अपनी

फ़ाज़िल फ़ैज़, भोपाल
वो ख़ुद ही फिर जहां के लिए हो गया मिसाल
जिसने किसी मिसाल से आगे की बात की

नौमान ग़ाज़ी, भोपाल
उसको तो बस दो ही चीज़ें हैं पसन्द
शर्ट मेरी आसमानी और मैं

छाया संगीत का जादू
तृतीय सत्र में सांगीतिक सभा के अंतर्गत सलीम अल्लाह वाले ने अपनी ग़ज़लें पेश कर समाँ बांधा। इसके बाद देश विदेश में अपने फ़न का लोहा मनवाने वाले इंदौर के क़व्वाल आफ़ताब क़ादरी ने क़व्वाली पेश करके श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने मेरे भारत जैसा कोई देश नहीं…. कोई हद है उनके उरूज की… ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा, जैसे कलाम पर खूब दाद बटोरी। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन मुमताज़ ख़ान ने किया।

6 जनवरी के कार्यक्रम
=दोपहर 2:30 बजे
संवाद – वक्ता 
मनोज श्रीवास्तव भोपाल
डॉ मो. नौमान ख़ान भोपाल
अब्बास रज़ा नैयर लखनऊ
डॉ मोहम्मद आज़म भोपाल

=द्वितीय सत्र- शाम 3:30 बजे
रंग मोहल्ला सोसायटी फॉर परफॉर्मिंग आर्ट संस्था द्वारा
मिर्ज़ा ग़ालिब और सिनेमा का इश्क़ (एकल अभिनय) की प्रस्तुति। इसका निर्देशन अदनान खान ने किया है।

=शाम 4:30 बजे
व्याख्यान और काव्यगोष्ठी
विषय- भारतीय दर्शन और ग़ालिब

=समापन सत्र
शाम 5:30
धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी
मंत्री, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक एवं धर्मस्व विभाग मध्यप्रदेश द्वारा पुरस्कार वितरण।

=शाम 7:30 बजे
रक़्स ए रास (सूफ़ी नृत्य में एकत्वबोध)
कलाकार – शिंजिनी कुलकर्णी एवं दल मुंबई

जिस्मफरोशी के अड्डों, बिकाऊ जिस्मों, सौदागरों और खरीददारों पर बरपा पुलिस का कहर

क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने की संयुक्त कार्यवाही

भारत भूषण विश्वकर्मा।
7400794801

भोपाल। राजधानी होने के साथ ही कई मामलों में अपनी अलग पहचान रखने वाले भोपाल के चेहरे पर बदनुमा दाग बनते जा रहे स्पा सेंटरों पर पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्यवाही की। पुलिस कमिश्नर के विशेष निर्देश पर संपन्न हुई इस कार्यवाही की शहर में जमकर तारीफ भी हो रही है। क्राइम ब्रांच एसीपी मुख्तार कुरैशी ने बताया कि इस कार्यवाही के दौरान ग्रीन वैली, नक्षत्र, मिकासो और वेलनेस स्पा पर छापेमारी कर 68 लोगों को हिरासत में लिया गया है। आरोपियों में लगभग 35 महिलाएं और युवतियां हैं वहीं 33 पुरुष भी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। एसीपी मुख्तार कुरैशी के अनुसार स्पा सेंटरों पर चलने वाले अनैतिक देह व्यापार की शिकायतें लगातार मिल रही थी, उन्होंने कहा कि कार्यवाही आगे भी जारी रहेंगी।

छापेमारी में पुलिस को मिली आपत्तिजनक चीजें, मच गया बवाल

स्पा सेंटर की आड़ लेकर जिस्मफरोशी कराने वाले अड्डों पर पुलिस रेड के दौरान लड़के लड़कियां बेहद आपत्तिजनक हालत में पाए गए। कई जगहों पर ग्राहक और देहजीवा एक ही केबिन से पकड़े गए। अचानक हुई इस कार्यवाही से घिनौने व्यापार को संचालित करने वालों में जबरदस्त हड़कंप मच गया, शहर के अन्य स्पा सेंटर में ताले डाल कर उनके संचालक और स्टाफ फरार हो गए हैं। वहीं एसीपी क्राइम ब्रांच मुख्तार कुरैशी का कहना है कि स्पा सेंटर के बहाने सेक्स रैकेट चलाने वाले लोगों पर निरंतर कार्यवाही की जाएगी।

लगभग 250 पुलिसकर्मियों की टीम, देर रात तक वरिष्ठ अधिकारी करते रहे मॉनिटरिंग


इस कार्यवाही को पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर अंजाम दिया गया, कार्यवाही दल में क्राइम ब्रांच और स्थानीय थानों के लगभग 250 पुलिस अधिकारी शामिल रहे। भोपाल के मुख्य व्यवसायिक क्षेत्रों से शुरू हुई इस छापेमार कार्यवाही की मॉनिटरिंग देर रात तक वरिष्ठ अधिकारी करते रहे। वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व और लगातार संपर्क में बने रहने से पुलिस के मैदानी अमले ने ताबड़तोड़ कार्यवाही पूरी की।

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