MP News : एक मंच। 26 महिला विभूतियां, पाएंगी ऊर्जा का सम्मान, आयोजन 3 को

अमित सेन
8085661177

भोपाल। महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बाद नारी शक्ति की कोशिशों को सलाम करने का क्रम भी जारी है। राजधानी की सामाजिक संस्था अनुनय ऐसी ही महिला विभूतियां चुनकर उनका सम्मान करती है। संस्था के तीसरे आयोजन में करीब 26 महिलाओं को ऊर्जस्विता सम्मान से नवाजा जाएगा। आयोजन 3 फरवरी की शाम भोपाल के भारतीय होटल प्रबंधन संस्थान में होगा।
संस्था प्रमुख माही बज्मी ने बताया कि सम्मान समारोह में अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यरत 26 महिलाओं का सम्मान किया जाएगा। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश शासन की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया मुख्य अतिथि के तौर पर महिला विभूतियों का सम्मान करेंगी। आईएचएम के प्राचार्य डॉ. रोहित सरीन, प्रफुल्लित तीर्थ के पीठाधीश स्वामी मनेश्वरानंद और छत्तीसगढ़ के पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) सुधीर अग्रवाल इस अवसर पर विशेष अतिथि रहेंगे। इस अवसर पर बालाघाट में सामुदायिक विकास के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए मार्गी वॉट्स कार्टर को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। माही भजनी ने बताया कि अनुनय संस्था पिछले 14 वर्षों से गरीब एवं वंचित तबके के बच्चों की शिक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए काम कर रही है। खासकर ऐसे बच्चों के लिए जो पन्नी बीनते हैं या भीख मांगते हैं। अब तक संस्था के सेतु सेंटरों के जरिये करीब एक हजार बच्चों को स्कूल से जोड़ा जा चुका है। इसके अलावा संस्था ने शाजापुर जिले में एक स्कूल के डिजिटलीकरण में भी अहम योगदान दिया है। संस्था के सचिव डॉ. भट्टाचार्य ने बताया कि ऊर्जस्विता सम्मान के जरिये हमारी कोशिश समाज को दिशा देने वाली उन महिला विभूतियों का सम्मान करना है, जो अपने-अपने क्षेत्र की दिग्गज हैं और देश-दुनिया में अपना नाम कमा रही हैं।

इन विभूतियों का होगा सम्मान डॉ अनामिका जैन- उच्च शिक्षा ( इंदौर), डॉ पल्लवी तिवारी- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (यूएस), संप्रिया पूजा- लोकनृत्य एवं गायन, (छत्तीसगढ़), डॉ वंदना अग्रवाल -स्कूल शिक्षा ( छत्तीसगढ़), ओरियल प्रिज़मैन – संरक्षण (यूके), डॉ आरती सिन्हा- साउंड हीलर एवम वेलनेस कोच, चंद्रकला परस्ते-  जनजातीय संस्कृति (डिंडोरी), प्रभाकर खलको- प्रशासन (छत्तीसगढ़), मेघा मुक्तिबोध- शिक्षा, मनीषा आनंद- मिसेज़ इंडिया, शोमिता भट्टाचार्य- पर्यावरण, (इंदौर), रोली शर्मा, विपणन पेशेवर (नई दिल्ली), आशा पठानिया- सत्कार उद्योग (हरियाणा), दिव्या अत्रि- समाज सेवा, भूमिका कलम- ज्योतिष (इंदौर), अंजु तड़ियाल – कौशल विकास, दक्षा वैदकर- प्रिंट मीडिया, हुमेरा ख़ान – सामाजिक उद्यमी, श्रुति सिंह – राजनीति, विशाखा कवठेकर- आर्किटेक्ट, अर्पणा चेंडके- उद्यमी (इंदौर), दीक्षा पाटकर भदौरिया – नवाचार, आराधना मालवी – आदिम कल्याण एवं खेलकूद (बैतूल), मीरा – इंफ्लुएंसर (चीन), पूर्वा त्रिवेदी- इलेक्ट्रॉनिक मीडिया। बालाघाट में सामुदायिक विकास के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए मार्गी वॉट्स कार्टर को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।  

स्टेट म्यूजियम में गूंजा लोक गायन… गीत संगीत से सजी शाम, हुआ युग कालीन सिक्कों की प्रदर्शनी का समापन

अमित सेन
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भोपाल। श्यामला हिल्स सुरम्य पहाड़ियों पर बसे राज्य संग्रहालय की दहलीज पर एक संगीत भरी शाम की सौगात आई। गत एक सप्ताह से जारी युगकालीन सिक्कों की प्रदर्शनी के समापन अवसर को इस खास रंगत के साथ सजाया गया था। भक्ति गीतों से हुई शुरुआत के बीच गणतंत्र पर्व को समर्पित देशभक्ति गीत भी यहां लहराए। बाद में लोक गीत और लोक नृत्य से भी मौजूद श्रोता और दर्शक झूमते नजर आए। इस संगीतभरी खास प्रस्तुति के लिए उत्तर प्रदेश से प्रसिद्ध लोक गायक सुरेश कुशवाह और उनकी टीम भोपाल पहुंची थी।
पुरातत्व संचालनालय व अभिलेखागार एवं संग्रहालय भोपाल ने डॉ विष्णु श्रीधर वाकणकर पुरातत्व एवं शोध संस्थान के साथ यह आयोजन किया था। जिसके अंतर्गत अश्विनी शोध संस्थान महिदपुर(उज्जैन) ने युग युगीन सिक्कों की प्रदर्शनी और इसी पर आधारित व्याख्यान माला का आयोजन किया था। एक सप्ताह के इस आयोजन का मकसद नई पीढ़ी को अपने देश और प्रदेश की विरासत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों से वाकिफ कराना था। कार्यक्रम के समापन सत्र में आयोजित सांस्कृतिक संध्या का आगाज संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला ने किया। कार्यक्रम में संस्कृति सचिव और पुरातत्व विभाग की आयुक्त श्रीमती उर्मिला शुक्ला, निदेशक डॉ पूजा शुक्ला भी अतिथियों में शामिल थीं।

व्याख्यान माला में रेखांकित हुए सिक्के
कार्यक्रम के प्रारंभ में आयुक्त उर्मिला शुक्ला ने द्वारा युग-युगीन सिक्कों की प्रदर्शनी और इस पर आधारित व्याख्यान माला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। ये सिक्के अश्विनी शोध संस्थान महिदपुर के संग्रह से लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सिक्के समसामयिक, ऐतिहासिक, सामाजिक, धार्मिक एवं आर्थिक अध्ययन के महत्वपूर्ण स्त्रोत के रूप में जीवंत प्रमाण हैं। यहां प्रदर्शित सिक्के भारत की प्राचीनतम निष्क के रूप में प्रचलित प्राचीनतम सिक्कों से लेकर आहत मुद्राएं, बेंट बार सिक्के, कुषाण, शक क्षत्रप, गुप्तकालीन, स्वर्ण मुद्राएं, मध्यकालीन, चौहान, चाणक्य, परमार कालीन सिक्के, मुगल शासक जहाँगीर के सिक्के एवं देशी रिसायत के सिक्के प्रदर्शित हैं। जिनमें गुप्त शासक राम गुप्त के सिक्के एवं पर्यावरण के संदेश देते बाग के मध्य नहर युक्त एवं मत्स्य, कच्छप आदि अंकित सिक्के, शिव के महाकाल स्वरूप के अंकन युक्त सिक्के शामिल हैं।

छाया संगीत का जादू
सुरेश कुशवाहा हिन्दी गीत, गजल, भजन गायन के क्षेत्र में लब्ध प्रतिष्ठित गायक हैं। कुशवाहा एवं उनके दल द्वारा कार्यक्रम के आरम्भ में साहिल कुमार द्वारा श्रीराम पर आधारित भजन का गायन किया गया। इसके बाद मध्यप्रदेश की संस्कृति पर आधारित भजन का गायन किया गया। कलाकारों ने भारतीय संस्कृति पर आधारित लोक गीत गाए गए। लोक नृत्य की प्रस्तुति की श्रृंखला में लोक गायिका जया ने एक से एक गीत प्रस्तुत किए और उपस्थित श्रोताओं और दर्शकों की वाह-वाही लूटी।

ग्राम डुंगरिया से प्रयागराज महाकुंभ में 39 श्रद्धालुओं की टोली पैदलझंडा यात्रा लेकर  रवाना।

रामधुन के साथ ग्राम के मुख्य मार्गो से निकली झंडा यात्रा जगह-जगह पुष्पमालाओ के साथ पुष्प वर्षा कर  सनातनियों ने किया श्रद्धालुओं को विदा

जीतेन्द्र सेन
बैरसिया। प्रयागराज महाकुंभ 2025 के पवित्र अवसर पर राजधानी भोपाल जिले की बैरसिया तहसील के ग्राम डुंगरिया में पिछले करीब पांच महाकुंभ प्रयागराज के लिए ग्राम डुंगरिया के श्रद्धालुओं की टोली पैदलझंडा यात्रा लेकर प्रयागराज महाकुंभ में जाते चले आ रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार 27 जनवरी 2025 को छठवीं बार ग्राम डुंगरिया से करीब 39 श्रद्धालुओं की टोली पैदलझंडा यात्रा लेकर प्रयागराज महाकुंभ के लिए रवाना हुई आपको बता दें कि  पैदल झंडा यात्रा की शुरुआत ग्राम के प्राचीन हनुमान मंदिर मढ माता प्रांगण से ढोल नगाड़ों के साथ प्रारंभ होकर ग्राम के मुख्य मार्गो से होती हुई कुशमलियां भैरोधाम पहुंची जहां सभी सनातनी ग्राम वासियों द्वारा करीब 39 श्रद्धालुओं की टोली को प्रयागराज महाकुंभ के लिए विदा किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं महिलाएं बच्चे मौजूद रहे।

अपना गणतंत्र अपना मान है, सम्मान है, इस पर हमें गर्व : अदनान

भोपाल। साल में एक दिन कौमी तराने गा लेना, परेड और झांकियों के दृश्य देखते हुए सुखद अनुभव कर लेना भर ही गणतंत्र नहीं है। बल्कि यह एक ऐसा अहसास है, जो हर पल, हर क्षण, हर लम्हा हमारी रगों में बहता और बसता है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में सबको समान अधिकार और सभी के एक जैसी सुविधाएं मुहैया कराने वाला एकमात्र मुल्क हमारा भारत है। हमें अपने संविधान पर गर्व भी करना चाहिए और इसके प्रति अपना आदर भाव भी रखना चाहिए।
76वें गणतंत्र दिवस पर राजधानी भोपाल में आयोजनों की लंबी श्रृंखला चली। लाल परेड ग्राउंड में सरकारी आयोजन से लेकर कमोबेश सभी सरकारी दफ्तरों में खुशियों के तराने लहराए। इसके अलावा निजी संस्थानों और प्राइवेट स्कूलों में भी गणतंत्र कार्यक्रम हुए। शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाओं में शामिल द आईकोनिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में थिएटर और टीवी आर्टिस्ट अदनान खान बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे।

उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज का वंदन करने के बाद स्टूडेंट्स से बात करते हुए गणतंत्र के महत्व को साझा किया। मुख्य अतिथि अदनान खान ने स्कूल में हुईं विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रतीक चिन्ह और प्रमाण पत्र से प्रोत्साहित किया।इस अवसर पर स्कूल संचालक सुमन दास पुरोहित ने पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। इस मौके पर कई सांस्कृतिक, साहित्यिक और मनोरंजक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में स्कूल स्टॉफ और स्टूडेंट्स मौजूद थे।

संस्कार भारती में संगोष्ठी निनाद का आयोजन

हिंदी मराठी और नाटक गीत की प्रस्तुति

अमित सेन
8085661177

भोपाल। ए करत हो मोसे झूठी बतिया और जब जानकी नाथ सहाय करें जैसे भजनों की प्रस्तुति से योगेंद्र सभागार भक्तिमय हो गया। यह प्रस्तुति मासिक संगीत संगोष्ठी निन्नाथ की आयोजन समारोह में शनिवार को संस्कार भारती के सभागार में दी गई कार्यक्रम में कलाकार श्वेता पौराणिक ने विलंबित ख्याल बोल के अलावा छोटा ख्याल बोल भरी गगरी मोरी ठुकराई छैल के साथ मराठी भजन राम रंगी रंगले और नाटक गीत हे सुरानो चंद्र वहा की मंच से प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम में मौजूद विशिष्ट अतिथि रामायण अधिवेशन के अध्यक्ष डॉ राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि संस्कार भारती की निनाद संगोष्ठी एक महापर्व की तरह है शास्त्रीय संगीत की अनुभूति के लिए संस्कार भारती नए और प्रतिष्ठित कलाकारों को समान अवसर देता है। शास्त्रीय संगीत की विविधता दिन भर की थकान मिटाकर नई ऊर्जा देने का काम करती है। कार्यक्रम का संचालन दीपिका पुरोहित और संयोजन शेखर कराडकर ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में दर्शकगण मौजूद रहे।

पार्वती नदी का पुल हुआ क्षतिग्रस्त भारी वाहनों पर लगा प्रतिबंध !

कड़कड़ाती ठंड में तत्काल मौके पर पहुँचे एसडीएम बैरसिया आशुतोष शर्मा

जीतेन्द्र सेन
भोपाल।। बैरसिया नरसिंहगढ़ रोड स्थित
पार्वती नदी का पुल क्रेक होकर धंस गया है। इसके बाद गुरुवार रात से पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है ऐसी कड़कड़ाती ठंड में रात करीब 9 बजे बैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा अमले के साथ मौके पर पहुंचे।

वहीं कल शुक्रवार को एक्सपर्ट मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे इस संबंध में एसडीएम शर्मा ने एमपीआरडीसी म.प्र. सड़क विकास निगम भोपाल के संभागीय प्रबंधक को लेटर भी लिखा है।

जिसमें पार्वती नदी के पुल के क्षतिग्रस्त होकर धंसने की बात कही गई है। लेटर में लिखा कि पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल से आवाजाही के कारण जान-माल के नुकसान होने की आशंका है जानकारी मिलने के बाद जांच की गई है प्रारंभिक रूप से इस ब्रिज के पिलर के नीचे बड़ा गड्ढा हो गया है।

इसलिए जरूरी है कि नरसिंहगढ़-बैरसिया आने-जाने वाले भारी वाहनों को पूर्ण रूप से बंद कर दिया जाए बैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा रात करीब 9 बजे मौके पर पहुंचे और जांच की। इस दौरान दोनों ओर से बेरिकेडिंग की गई। इसके बाद पुल से भारी वाहनों को रोक दिया गया। उन्हें अन्य रास्ते पर डायवर्ट किया गया है  एसडीएम शर्मा 1से डेढ़ घंटे मौके पर ही रुके रहे !

कल जांच करेगी टीम

शुक्रवार को एमपीआरडीसी की टीम मौके पर पहुंचेंगी और जांच करेगी कि ब्रिज को कितना नुकसान हुआ है इसके बाद सभी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी जाएगी। साथ ही ऑप्शनल रास्तों की भी व्यवस्था की जाएगी।

MP News… एक और जश्न की तैयारी… उर्दू के मंच पर सराहे जाएंगे हिंदी के गुरु सत्तन, जानिए क्या है खास आयोजन

खान आशु
भोपाल। स्वच्छता समेत कई रिकॉर्ड अपने नाम रखने वाला शहर इंदौर अब सद्भाव की एक नई दास्तां लिखने की ओर अग्रसर है। आने वाली पहली फरवरी को यहां हिंदी कवियों के सिरमौर सत्य नारायण सत्तन (गुरु) के नाम केंद्रित जश्न मनाया जाने वाला है। सुखद पहलू यह है कि कवि सम्मेलनों की शान कहे जाने वाले इस महान कवि को बड़े एजाज से नवाजने का जिम्मा एक उर्दू मंच ने उठाया है। सत्तन गुरु को समर्पित इस जश्न में देश दुनिया के नामवर शायर अपने बेहतरीन कलाम का नजराना पेश करने वाले हैं।
दुनिया में अपनी खास शैली और मजाहिया अंदाज के कारण पहचाने जाने वाले प्रसिद्ध कवि सत्तन गुरु को समर्पित जश्न ए सत्तन का आयोजन किया जा रहा है। सामाजिक समरसता के लिए काम करने वाली संस्था काफिला मुहब्बत ने इस आयोजन की रूपरेखा बनाई है। कार्यक्रम आयोजक इस प्रोग्राम को शहर की गंगा जमुनी तहजीब की माला की महत्वपूर्ण  कड़ी करार दे रहे हैं। उनका कहना है कि सत्तन से शहर को दुनियाभर में एक अलग पहचान हासिल है। उनको सम्मान दिया जाना शहर के हर धर्म, मजहब, वर्ग, व्यक्ति और संस्था की जिम्मेदारी है। आयोजक कहते हैं कि गुरु जी को सम्मान दिया जाना इस तरह माना जा रहा है कि शहरवासी खुद ही अपने सिर पर बुजुर्गों की दुआओं का हाथ रखवाने की कोशिश कर रहे हैं।

इनकी रहेगी मौजूदगी
जश्न ए सत्तन में जहां वरिष्ठतम हिंदी कवि सत्तन गुरु अपनी कविताओं से इंदौर की जनता को आशीर्वाद देंगे। वहीं जावेद अख्तर, शकील आजमी, अबरार काशिफ, महशर आफरीदी, शकील जमाली, नदीम शाद, स्वयं श्रीवास्तव, नदीम फर्रूख, नईम फराज, हिमांशी बाबरा, इब्राहिम अली, मणिका दुबे, अहमद निसार, तज़दीद साकी, इमरान यूसुफजई आदि अपने कलाम का नजराना पेश करेंगे।

हुआ है एक बड़ा जश्न
नए साल की पहली शाम को इंदौर वासियों ने अपने शहर के बड़े नाम मशहूर शायर मरहूम डॉ राहत इंदौरी की 75वीं सालगिरह का जश्न मनाया है। साहित्य, संस्कृति और शायरी के विभिन्न रंगों से सजे इस जश्न ए राहत को शहर ने आधी रात तक अपनी जोशभरी मौजूदगी से सजाया था।

Bhopal News : “कायस्थम” : कल शाम सजेगा राजधानी में मंच, टीवी कलाकार ऐश्वर्या खरे सहित 44 प्रतिभाओं का होगा सम्मान

खान आशु
भोपाल। सामाजिक संस्था कायस्थम भोपाल द्वारा शुक्रवार को राजधानी भोपाल में  “कायस्थम-2025” का आयोजन करेगी। इस दौरान
13 विभिन्न कैटेगरी की 45 कायस्थ प्रतिभाएं सम्मानित होंगी। इनमें प्रसिद्ध टीवी कलाकार ऐश्वर्या खरे को भी शामिल किया गया है।
कायस्थम संस्था के अध्यक्ष प्रलय श्रीवास्तव ने बताया कि ऐश्वर्या को कायस्थ गौरव सम्मान प्रदान किया जाएगा। ऐश्वर्या खरे कलर और जी  टीवी के प्रसिद्ध पारिवारिक सीरियल नागिन-5, ये है चाहतें, साम दाम दंड भेद, विषकन्या आदि धारावाहिक में लीड रोल कर चुकी हैं। वर्तमान में वे जी टीवी के एकता कपूर के सीरियल  भाग्य लक्ष्मी में लक्ष्मी का  मुख्य किरदार निभा रही हैं।
प्रलय श्रीवास्तव ने बताया कि जिन 13 कैटेगरी में  कायस्थ प्रतिभाओं को कायस्थ-सम्मान से सम्मानित किया जाएगा, उनमें बुजुर्ग, प्रशासन, शौर्य/ पराक्रम, चिकित्सा, पत्रकारिता, उद्योग व व्यवसाय, शिक्षा, कला एवं संस्कृति, साहित्य, समाज सेवा, विधि सेवा, विज्ञान और खेल शामिल हैं। इन कैटेगरी में जिन प्रतिभाओं का सम्मान होगा, उनमें बुजुर्ग श्रेणी में 95 वर्षीय पूर्व आयुक्त नगर निगम भोपाल देवीसरन, वन विभाग के पूर्व  अधिकारी, लेखक 92 वर्षीय घनश्याम सक्सेना,  प्रशासन श्रेणी में अजातशत्रु श्रीवास्तव सेवानिवृत आईएएस, प्रदीप खरे सेवानिवृत आईएएस, ओम प्रकाश श्रीवास्तव आईएएस, सचिव गृह विभाग, दीपक सक्सेना आईएएस, कलेक्टर जबलपुर,   अभा सूचना सेवा से सेवानिवृत अनिल सक्सेना, भूमि श्रीवास्तव असिस्टेंट कमिश्नर इनकम टैक्स शामिल हैं   पराक्रम/शौर्य श्रेणी में सेना से सेवानिवृत रियल एडमिरल प्रकाश लाल, सेना से सेवानिवृत
कर्नल डॉ. गिरजेश सक्सेना,  प्रशांत खरे आईपीएस, उप महानिरीक्षक (डीआईजी) नर्मदापुरम संभाग, दीपक अस्थाना असिस्टेंट कमांडेंट सीआईएसफ भेल भोपाल, चिकित्सा श्रेणी में गांधी मेडिकल कालेज के पूर्व डीन अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. निर्भय श्रीवास्तव, डॉ. विजया ब्यौहार  शिशु रोग विशेषज्ञ, डॉ. एसके सक्सेना सेवानिवृत सिविल सर्जन, पत्रकारिता श्रेणी में कैलाश गौड़ वरिष्ठ पत्रकार, सुधीर सक्सेना वरिष्ठ पत्रकार राजेश चंचल वरिष्ठ पत्रकार,  अनुज खरे वरिष्ठ पत्रकार नई दिल्ली, उद्योग/ व्यवसाय श्रेणी में विशाल ज़ौहरी संचालक वरेण्यम मोटर्स, शिक्षा श्रेणी में प्रोफेसर (डॉ) संतोष कुमार श्रीवास्तव पूर्व कुलपति, प्रोफेसर (डॉ.) एसके कुलश्रेष्ठ शिक्षाविद, पूर्व प्राचार्य, (डॉ.) उषा खरे पूर्व प्राचार्य, उमावि  जहांगीराबाद भोपाल, अभिषेक खरे, करियर  काउंसलर एवं लेखक,  मेधावी विद्यार्थी श्रेणी में पीएससी टॉपर रजत श्रीवास्तव, कला एवं संस्कृति श्रेणी में  डॉ.(श्रीमती) सुषमा श्रीवास्तव चित्रकार, डॉ. मोहिका सक्सेना डेंटिस्ट एवं नृत्यांगना, शैली लाल चित्रकार एवं संगीत विशारद,
डॉ. श्रुति जौहरी संगीतज्ञ, अर्चना खरे बुंदेली गायिका एवं संगीतज्ञ, गार्गी श्रीवास्तव नृत्यांगना, दिनेश मोवार सक्सेना फोटोग्राफर,
साहित्य श्रेणी में सुनीता भटनागर, संतोष श्रीवास्तव, ऊषा सक्सेना, समाज सेवा श्रेणी में स्व. वीरेंद्र श्रीवास्तव (मरणोपरांत), किरण कुमार खरे दमोह, वकालत/ विधि सेवा श्रेणी में बीपी श्रीवास्तव वरिष्ठ अधिवक्ता, उमेश निगम वरिष्ठ अधिवक्ता, विज्ञान श्रेणी में डॉ. राजेश सक्सेना वैज्ञानिक, डॉ. योगेन्द्र सक्सेना वैज्ञानिक एवं खेल श्रेणी में मास्टर भव्य कुमार सक्सेना जिम्नास्टिक, रागिनी श्रीवास्तव तैराक और प्रखर श्रीवास्तव बैडमिंटन खिलाड़ी आदि शामिल हैं।

बैरसिया कृषि उपज मंडी में
विभिन्न विकास कार्यों का विधायक विष्णु खत्री ने किया भूमिपूजन।

एक करोड़ 65 लाख की लागत से विभिन्न विकास कार्य होंगे।

जीतेन्द्र सेन
बैरसिया।। कृषि उपज मंडी प्रांगण में बुधवार को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें बैरसिया विधायक विष्णु खत्री और म.प्र.माटीकलां बोर्ड के अध्यक्ष रामदयाल प्रजापति ने विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमि पूजन किया। जिसमें  आने वाले समय में कृषि उपज मंडी परिसर में किसानों को कई सुविधाएं मिलने लंगेगी कार्यक्रम में विधायक विष्णु खत्री ने कृषि उपज मंडी समिति के सचिव प्रताप सिंह की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि कई सचिव आए लेकिन इनकी तरह कामों में रुचि दिखाने वाला मैंने कोई मंडी सचिव नहीं देखा कार्यक्रम में मंडी सचिव प्रातप सिंह भावुक नजर आए  आपको बता दें कि आने वाली 31 जनवरी को उनकी सेवानिवृत्ति होना है वहीं इस अवसर रामदयाल प्रजापति अध्यक्ष माटीकला बोर्ड म.प्र. भाजपा जिला अध्यक्ष तीरथ सिंह मीणा पूर्व जिला अध्यक्ष केदार सिंह मंडलोई एवं भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी व्यापारी बंधु और मंडी स्टाफ मौजूद रहा।

MP News : सिंहस्थ कामों में पुरातत्व को मिली बड़ी जिम्मेदारी, अब आएगी काम में तेजी, जानें क्या होंगे काम

खान आशु
भोपाल। सिंहस्थ 2028 को लेकर बनाई गई मंत्री मंडलीय समिति की बैठक में करीब 6 हजार करोड़ रुपए के विभिन्न कामों की मंजूरी दी है। विभिन्न विभागों द्वारा किए जाने वाले कामों के बीच मप्र पुरातत्व विभाग को भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुखद अनुभव देने की मंशा के साथ यह काम किए जाना है। उज्जैन के अलावा आसपास के क्षेत्रों में पुरातत्विक महत्व वाले स्थानों पर यह काम होंगे।
सिंहस्थ 2028 की मंत्री मंडलीय समिति ने गत दिनों बैठक आयोजित की। इस दौरान पिछले स्वीकृत कामों की समीक्षा की गई। साथ ही सिंहस्थ आयोजन के लिए होने वाले नए कार्यों की स्वीकृति भी दी गई। इस दौरान गृह, नगरीय प्रशासन, जल संसाधन, ऊर्जा, लोक निर्माण, पुरातत्व, संस्कृति, पर्यटन विभाग आदि के कामों के लिए 5,995 करोड़ के 19 काम शामिल हैं। पुरातत्व विभाग के कई कार्य भी शामिल हैं।

यह कर रहा पुरातत्व
पुरातत्व विभाग सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी धरोहर की सुंदर छवि दिखाने के प्रयास कर रहा है। इसके लिए उज्जैन और इसके आसपास स्थित पुरातात्विक संपदा के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के काम किए जा रहे हैं। इन कामों में वीर दुर्गादास की राजसी छतरी, राम जनार्दन मंदिर, श्री चौबीस खंबा मंदिर, प्राचीन चामुंडा मंदिर आदि शामिल हैं। पुरातत्व विभाग यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं की व्यवस्था करने में जुटा है। विभाग यहां शौचालय, पानी की व्यवस्था, बैठने के लिए बैंच, जल निकास प्रणाली आदि शामिल हैं।

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