रतलाम जिला जेल में शनिदेव की प्राण प्रतिष्ठा 15 फरवरी को
इंदौर। रतलाम जिला जेल में कल शनिवार को न्याय के देवता भगवान शनिदेव के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस शुभ कार्य को प्रसिद्ध शनि साधक महामंडलेश्वर दादू महाराज के पावन हस्तों से संपन्न किया जाएगा।
जेल अधीक्षक लक्ष्मण सिंह भदौरिया ने बताया कि वह इंदौर स्थित गजासीन शनि धाम के कई बार दर्शन कर चुके हैं और वहां की शांति और सुकून को महसूस किया है। उन्होंने इच्छा जताई कि कैदी भी उसी आध्यात्मिक शांति का अनुभव कर सकें, जिससे उनके जीवन में सकारात्मकता आए और लंबित न्याय कार्यों में भी गति मिले। इसी भावना से महामंडलेश्वर दादू महाराज से प्रार्थना की गई, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया और शनिदेव की प्रतिमा की स्थापना का निर्णय लिया।
यह ऐतिहासिक पहल से न केवल जेल में बंद कैदियों के आध्यात्मिक उत्थान का माध्यम बनेगी, बल्कि न्याय और शांति की नई ऊर्जा का संचार भी करेगी। शनिवार अभिजीत मुहूर्त में शनि देव की प्रतिमा की स्थापना,आरती,हवन करने पश्चात की जायेगी शुक्रवार को अन्नाधिवास,पुष्पाधिवास,जलाधिवास,घृताधिवास, शयन आदि किए गए,,शनिवार प्रातः से ही अन्य वास और प्राण प्रतिष्ठा की विधियां डॉ दादू महाराज के पावन हस्ते संपन्न की जायेगी,,शनि देव के विभिन्न मंत्रो से हवन यज्ञ भी चुनींदा कैदी कर सकेंगे,इस अवसर पर महापौर प्रहलाद पटेल,बीजेपी जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, पूर्व विकास प्राधिकरण अध्यक्ष अशोक पोरवाल, पार्षद मनीषा व्यास के साथ गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।
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एम्स में आयोजित हुआ “मुस्कान” उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम
शिशु रोग विशेषज्ञ, नर्सिंग अधिकारी और पोषण प्रशिक्षक रहे शामिल
भोपाल। मुस्कान कार्यक्रम के तहत उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण का आयोजन 14 फरवरी को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भोपाल में किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भोपाल द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिशु स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्ता को और बेहतर करना है। प्रशिक्षण में जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित शिशु रोग इकाईयों के शिशु रोग विशेषज्ञ, नर्सिंग ऑफिसर और फीडिंग डेमोंस्ट्रेटर सम्मिलित हुए । प्रशिक्षण के दूसरे चरण में आज 15 फरवरी को डॉ कैलाशनाथ काटजू अस्पताल में हैंड्सऑन ट्रेनिंग दी जाएगी।

प्रशिक्षण वरिष्ठ शिशु रोग डॉ स्मिता सक्सेना, डॉ जय परमार, डॉ आलिया, डॉ शालिनी आरक द्वारा दिया गया। जिसमें साक्ष्य आधारित चिकित्सा, स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट प्रोटोकोल के पालन, शिशु मैत्रीपूर्ण वातावरण का निर्माण , फैमिली पार्टिसिपेट्री केयर, कंगारू मदर केयर रेफरल एवं फॉलोअप सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की जानकारी दी गई।प्रशिक्षण में मुस्कान मूल्यांकन के प्रोटोकॉल , क्वालिटी टूल्स एंड प्रोसेस मेपिंग, इंप्रूवमेंट साइकिल एनालिसिस, फैमिली पार्टिसिपेट्री केयर, कंगारू मदर केयर , पीडियाट्रिक वार्ड एवं ओपीडी चेकलिस्ट, एनआरसी चेकलिस्ट, एनबीएसयू, एनआरसी के मूल्यांकन की चेकलिस्ट, परफॉर्मेंस इंडिकेटर, रिकॉर्ड कीपिंग, मुस्कान आउटकम इंडिकेटर के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया।
प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के कार्यपालक निदेशक प्रो. डॉ अजय सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाओं में शिशु स्वास्थ्य की सेवाएं सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल हैं । शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की प्रदायगी निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार दिया जाना जरूरी है । स्वास्थ्य सेवा प्रदाता उपचार के दौरान चेकलिस्ट को अनिवार्य रूप से फॉलो करें।

प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने कहा कि शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के मूल्यांकन और सुधार के लिए मुस्कान कार्यक्रम की भूमिका महत्वपूर्ण है। बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए संस्थागत एवं सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न इकाईयां एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं । जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम ,नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई , पोषण पुनर्वास केंद्र , आईवायसीएफ, मां कार्यक्रम, एनीमिया मुक्त भारत अभियान, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, सांस अभियान, गृह आधारित शिशु देखभाल, दस्तक अभियान, दस्त नियंत्रण पखवाड़ा, कृमि मुक्ति , टीकाकरण जैसे कार्यक्रमों से शिशु स्वास्थ्य की गुणवत्तापूर्ण सेवाएं दी जा रही है।
मुस्कान कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य संस्थाओं की शिशु रोग इकाइयों में उपचार एवं देखभाल की गुणवत्ता का मूल्यांकन नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड के अनुरूप किया जाना है। मुस्कान कार्यक्रम में मुख्य रूप से सर्विस प्रोविजन, मरीज के अधिकार, इनपुट, सपोर्ट सर्विस, क्लीनिकल केयर, इनफेक्शन कंट्रोल, क्वालिटी इंप्रूवमेंट एवं आउटकम जैसे आठ इंडिकेटर को शामिल किया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि मुस्कान कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 12 साल से कम उम्र के बच्चों में बीमारियों और मृत्यु को कम करना है। मुस्कान के नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड एंड एसेसमेंट टूल में जिला चिकित्सालय के शिशु रोग विभाग, शिशु रोग वार्ड, नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई एवं पोषण पुनर्वास केंद्रों को शामिल किया गया है। सिविल अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में शिशु रोग ओपीडी एवं न्यूबॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट को सम्मिलित किया गया है ।
हम शराबियों की पीड़ा भी सुनो “महाराज”…
पटियेबाजी
भारत भूषण विश्वकर्मा
7400794801
कहा जाता है कि पीने वालों को पीने का बहाना चाहिए, और यहां तो सुरापान के अनगिनत बहाने मौजूद हैं… सोम पान के ये बहाने कभी ख़ुशी के मौके की आड़ लेते नजर आते हैं, तो कहीं इन बहानों को ग़मों की ओट लेते भी देखा जा सकता है… ख़ांटी शराबियों का ऐसा ही एक ताजा और नायाब मामला तब सामने आया जब “श्रीमंत” को संबोधित एक आवेदन पत्र सोशल मीडिया में तूफानी रफ़्तार से तैरने लगा… “सिंधिया” को लिखे इस अनुरोध पत्र में कोलारस के शराब प्रेमियों ने शराब की कीमत को कम कराने की गुज़ारिश की है… गौर से देखा जाए तो शराबियों ने इस खत के ज़रिए अपनी मज़बूरी और शराब आवश्यकता को बखूबी बखान किया है… मजदूरी कर परिवार पालने वाले मजदूरों ने अपनी व्यथा में लिखा है कि हाड़तोड़ मजदूरी के कारण उपजी थकान को मिटाने के लिए उन्हें शराब का “सहारा” लेना पड़ता है… यदि वे मदिरापान न करें तो उनकी थकान नहीं उतरती और दूसरे दिन वे काम पर जाने लायक नहीं बचते हैं… इसके साथ ही दारू की कीमतों पर चिंता जताते हुए कीमत घटाने की मांग यह कहकर की गई है कि उनकी आधी “मजूरी” पीने में निपट जाती है… यही नहीं अपने परिवार और भविष्य की चिंता में आकंठ डूबे इस शराबी मजदूर वर्ग का दावा है कि शराब की बड़ी कीमत से न सिर्फ उन्हें “भविष्य निधि” जोड़ने में भारी अड़चन आ रही है बल्कि आधी कमाई शराबखोरी में निपट जाने के चलते परिवार का “उदरपोषण” भी खतरे में पड़ गया है… कुछ ज्ञानियों के अनुसार तो कोलारस के समस्त निवासियों के नाम से लिखे इस आवेदन को पूरी गंभीरता से तवज्जो मिलनी चाहिए… इसके पीछे उनके अपने तर्क हैं, लेकिन खास यह कि हर उपभोक्ता को अधिकार है कि वह अपनी मनपसंद वस्तु के आसमान चढ़ते दामों पर असहमति दर्ज करा सकता है… वहीं कुछ युवा विश्लेषकों की मानें तो सिर्फ खबरिया सुर्खियां बटोरना और सोशल मीडिया पर चर्चा पाना ही ऐसे बेतुके आवेदन का एकमात्र आधार हो सकता है, वरना पूरे कोलारस में कुछ लोग तो ऐसे भी होंगे ही जो शराब को छूते भी न हों… खैर। शराबियों के पास अपनी जरूरत और मजबूरी है जिसे वो अपने “महाराज” को बयां कर चुके हैं, वहीं इस आवेदन को अलग अलग नजरिए से देखने वाले ज्ञानियों की अपनी राय है…
शराबियों ने अपना दुख व्यक्त कर लिया है जो अब इस आवेदन पर होने वाली हलचल से कुछ आस लगाए बैठे हैं, उन्हें आशा से अधिक विश्वास है कि “महाराज” हर हाल उनके साथ न्याय करेंगे और आसमान चढ़ते शराब के दामों को ज़मीन दिखा देंगे…

11-02-2024
बढ़ रहा खुशबू का दायरा, हाजी युनुस की चौथी पीढ़ी ने भी सम्हाली विरासत ए इत्र
भोपाल। रूह की गिजा इत्र को माना जाता है। इबादत से लेकर पूजा तक और खुशनुमा माहौल से लेकर खूबसूरती में इजाफे के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा। राजधानी भोपाल में इत्र का बड़ा कारोबार मौजूद है। इसमें एक बड़ी जिम्मेदारी इत्र फ़रोश हाजी मोहम्मद युनुस अहमद ने भी बखूबी निभाई है। वर्ष 1935 से लगातार खुशबू की खिदमत दे रहे हाजी साहब की चौथी पीढ़ी ने भी अब इसी कारोबार में अपना कदम रखा है। रविवार को अल युनुस अत्तार और परफ्यूम की शुरुआत हुई, जिसमें शहर के खुशबू पसंद लोगों ने पहुंचकर मुबारकबाद दीं।
इत्र कारोबार की भोपाल यात्रा को भोपाल में पोषित करने वाला बड़ा शहर कन्नौज माना जाता है। उत्तर प्रदेश के इसी शहर से हाजी इनायत उल्लाह खान ने भोपाल आमद दी। शहर के पुराने इलाके जुमेराती से उन्होंने इत्र और खुशबु वाले तेल का कारोबार शुरू किया। सिलसिला आगे बढ़ा तो हाजी इनायत के सबसे छोटे बेटे अल्हाज मोहम्मद युनुस ने अपनी खुशबुभरी शुरुआत इब्राहिमपुरा में की। वीनस परफ्यूम्स नामक दुकान का इतिहास इतना ही पुराना कहा जा सकता है, जितना पुराना यह बाजार है। बरसों पुरानी यह छोटी सी दुकान अब अपने पुराने वजूद की बरकरारी के साथ एक बड़े शोरूम का रूप ले चुकी है। हाजी मोहम्मद युनुस के छोटे बेटे हाजी रफीक अहमद इस कारोबार को आगे बढ़ा रहे हैं।

सिलसिला इन्होंने भी बढ़ाया
हाजी मोहम्मद युनुस के बड़े बेटे मोहम्मद अहमद ने अपने पिता की विरासत को सहेजते हुए खुशबू कारोबार को जिंदा रखा। उनका कारोबारी सफर इब्राहिमपुरा से शुरू होकर नवबहार सब्जी मंडी होता हुआ लक्ष्मी टॉकीज तक पहुंचा। तीन दशक से ज्यादा समय से अब वे इसी पेशे को खुद में समाए हुए हैं। उनका साथ देने के लिए उनका छोटा बेटा नौमान अहमद भी उनके साथ कदमताल कर रहा है।
अब चौथी पीढ़ी के खुशबू भरे कदम
हाजी इनायत उल्लाह खान की चौथी पीढ़ी के दो बेटों अमीन शेख और जुनेद अहमद ने एक नए संस्थान का आगाज रविवार को किया है। हाजी मोहम्मद युनुस के दो बेटों इकबाल अहमद और इनायत अहमद से आगे बढ़ी नस्ल के दोनों बेटों ने इब्राहिमपुरा क्षेत्र के जहांगीरिया स्कूल के सामने अल युनुस अत्तार और परफ्यूम नामक दुकान की शुरुआत की है।
यह भी रहे कारोबार के साथी
हाजी मोहम्मद युनुस के पोते फैजान अहमद और अमान अहमद भी इत्र कारोबार से जुड़े रहे हैं। हाजी इनायत उल्लाह खान के फैलाए हुए खुशबू वृक्ष से हाजी मोहम्मद युनुस ने दुनिया से विदा ले ली है। लेकिन उनके परिवार से मोहम्मद अहमद (लक्ष्मी टॉकीज से) रफीक अहमद (इब्राहिमपुरा से) फैजान अहमद (इब्राहिमपुरा से) और अमीन शेख और जुनेद अहमद ( नए संस्थान जहांगीरिया स्कूल के सामने से) खुशबू कारोबार की विरासत को सहेजे हुए हैं।
राजधानी में इत्र शौकीनों की बड़ी तादाद
राजधानी भोपाल में इत्र शौकीनों और कद्रदानों की बड़ी तादाद है। यही वजह है कि पुराने शहर के बाजारों से लेकर न्यू मार्केट के पाश बाजार तक इत्र और परफ्यूम की बड़ी दुकानें मौजूद हैं। इब्राहिमपुरा बाजार में एक गली खास तो इत्र दुकानों से ही लबरेज हो गई है। इसके अलावा जहांगीराबाद, इतवारा, बुधवारा, जुमेराती, काजी कैंप, लक्ष्मी टॉकीज जैसे अधिकांश इलाकों में इत्र दुकानें फैली हुई हैं। जहां हर दिन बड़ा खुशबू कारोबार हो रहा है।
“सेफ क्लिक” अभियान सिखा रहा सायबर फ्रॉड से बचने के तरीके, अभिभावको और शिक्षकों ने की पुलिस की प्रशंसा
सात कार्यक्रमों में लगभग 2500 विद्यार्थियों व 1000 आमजनों से हुआ पुलिस का सीधा संवाद
अमित सेन
8085661177
भोपाल। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सायबर फ्राड से बचने के लिए पुलिस द्वारा “सेफ क्लिक’ जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है । सूखी सेवनिया थाना पुलिस द्वारा अब तक एकता नगर, मंगल पांडे स्कूल, पिपलिया जाहिर पीर पंचायत भवन, एल एस मेमोरियल स्कूल चोपड़ा , शासकीय हाई स्कूल बालमपुर, सिटी कॉन्वेंट स्कूल अमोनी और अटल बिहारी विश्वविद्यालय में सात कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। आपको बता दें कि इन साथ कार्यक्रमों के माध्यम से थाना पुलिस अब तक लगभग 2500 छात्र छात्राओं तथा लगभग 1000 रहवासियों से संवाद कर चुकी है।
इसी क्रम में “सेफ क्लिक” अभियान के तहत गुरुवार को थाना सूखी सेवानिया पुलिस द्वारा सिटी कान्वेंट हाई स्कूल अमोनी में सेफ क्लिक अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जागरूकता कार्यक्रम में सूखी सेवानिया थाना प्रभारी रामबाबू चौधरी ने विद्यार्थियों को सायबर अपराधियों व सायबर अपराध का शिकार होने से बचने के लिए कई अहम जानकारी साझा की । उन्होंने बताया की इलेक्ट्रानिक गैजेट्स का इस्तेमाल करते समय बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। सायबर अपराध करने वाले अपराधी आपके साथ फ्राड करने के लिए आपको OTP भेजते है कभी आपका एटीएम बंद होने की बात करते है तो कभी आपको लिंक या APK फाइल भेजकर आपको ठगने का प्रयास करते हैं। टी आई रामबाबू चौधरी ने कहा कि हमारा अधिकांश निजी डेटा भी मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर से जुड़ा होता है इसलिए भी हमें हमेशा सावधान रहना चाहिए। थाना प्रभारी ने कहा कि स्क्रीन पर हमारा हर क्लिक “सेफ क्लिक” होना चाहिए, तभी हम सायबर फ्रॉड से बच सकते हैं।

रैली के माध्यम से जागरूक कर रहे विद्यार्थी
पुलिस द्वारा ” सेफ क्लिक ” अभियान के तहत सिटी कान्वेंट हाई स्कूल में जनसंवाद कार्यक्रम के बाद रैली निकाली गई, जिसमें सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930 चक्षु पोर्टल जैसे अहम संदेश देते हुए बोर्ड लिए कई छात्र छात्राएं सिटी कान्वेंट स्कूल से लेकर सूखी सेवानिया थाने के सामने से बरखेड़ी जोड़ तक पहुँचे। रैली में सिटी कान्वेंट हाई स्कूल शिक्षकगण बच्चे, ग्रामीणजन, बी.एस.एस कॉलेज के छात्र छात्राओं सहित पुलिस टीम ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया ।

सिटी कान्वेंट स्कूल के बच्चों ने सीखे सायबर सुरक्षा के गुर

सूखी सेवानिया थाना क्षेत्र के अमोनी स्थित सिटी कान्वेंट स्कूल के बच्चों ने सायबर फ्राड से बचने के लिए कई तरह के कानूनी पहलुओं को जाना और समझा। सब इंस्पेक्टर स्वाति दुबे ने बताया की इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सप्प पर कई तरह के फ्राड हो रहें है तथा आजकल सायबर अपराध निरंतर बड़ रहें है और हमें अनजाने नंबरों से आने वाले लिंक पर क्लिक करने से बचना है। अगर हम कभी गलती से इनका शिकार हो जाते है तो हमें तुरंत नजदीकी थाने में या सायबर थाने पहुँच कर संपर्क करना चाहिए जिससे हमें सही समय पर मदद मिल सके !
BSS कॉलेज के बच्चों ने नुक्कड़ के माध्यम से दिए कई संदेश
BSS कॉलेज के बच्चों द्वारा देहात पुलिस के साथ मिलकर थाना सूखी सेवानिया क्षेत्र के अमोनी चौराहे पर नुक्कड़ नाटक आयोजित किया गया जिसमें छात्र-छात्राओं द्वारा नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति के दौरान नारी सशक्तिकरण, सायबर फ्राड, बेटी बचाओ जैसे अहम संदेश दिए और BSS कॉलेज से आई डॉ. नैना ने बताया की इस तरह के आयोजनो में हम निरंतर बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते है और देहात पुलिस के साथ हम निरंतर “सेफ क्लिक’ अभियान में सहयोग कर रहें है और आगे भी लोगों को जागरूक करने में सहयोग करेंगे !
सीईओ की दो टूक – मनरेगा, आवास योजना एवं स्वच्छ भारत मिशन के काम समय पर पूरे हों
विभागीय समीक्षा बैठक में सी.ई.ओ. इला तिवारी ने दिये स्पष्ट निर्देश
पूर्व से लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराया जावे – सीईओ
भोपाल। राजधानी की नवागत जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी ने जिला पंचायत सभागार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में मनरेगा योजना, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के कार्यो की समीक्षा की गई। मनरेगा योजनांतर्गत कार्यो में श्रमिक कम लगे होने एवं लेबर मटेरियल अनुपातः निर्धारित अनुपात में न होने पर जिला एवं जनपद पंचायत स्टॉफ के साथ-साथ सहायक यंत्री/उपयंत्रियों को इस सम्बन्ध में निर्देशित किया। सीईओ द्वारा मनरेगा के अंतर्गत होने वाले कार्यों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण संपन्न करने हेतु निर्देशित किया गया। मनरेगा योजनांतर्गत निर्माणाधीन गौ-शाला की समीक्षा के दौरान प्रगतिरत गौ-शालाओं को 20 मार्च 2025 तक शीघ्र पूर्ण कराने एवं गौ-शालाओं में गौ-वंश रखे जाने एवं पर्याप्त व्यवस्था किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण योजनांतर्गत ग्रामों में कचरा कलेक्शन गाड़ी के माध्यम से कचरा एकत्रित किया जाना एवं कमाण्ड सेंटर के माध्यम से इसकी निरन्तर मॉनिटरिंग करने हेतु निर्देशित किया। लंबित व्यक्तिगत शौचालय निर्माण को शीघ्र पूर्ण कराने एवं एम.आर.एफ. सेंटर के संचालन एवं जिला स्तर से इसकी मॉनिटरिंग किये जाने हेतु सम्बन्धितों को निर्देशित किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत पुराने आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने एवं ए.बी.सी. केटेगरी के आवासों की प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने एवं समग्र ई-के.वाय.सी. कार्य शीघ्र पूर्ण करने हेतु सम्बन्धित ए.डी.ई.ओ./पी.सी.ओ. को निर्देशित किया। आवास योजनांतर्गत किये जाने वाले सर्वे कार्य हेतु भी सभी को निर्देश दिये गए।

एस.एच.जी. के माध्यम से हो गौ-शालाओं का संचालन
समीक्षा के दौरान सी.ई.ओ. ने ग्रामीण क्षेत्रों में बनाई गई गौ-शालाओं का संचालन स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के माध्यम से कराये जाने के सम्बन्ध में एस.आर.एल.एम. की जिला परियोजना प्रबंधक को निर्देशित किया। समूह की महिलाओं को गौ-शाला संचालन के सम्बन्ध में आवश्यक मार्गदर्शन एवं उन्हें प्रेरित करने के सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही हेतु कहा। जिले में संचालित दीदी कैफे की समीक्षा के दौरान स्व-सहायता समूहों द्वारा चलाये जा रहे दीदी कैफे की संख्या में वृद्धि करने हेतु आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया।
15वे वित्त के पूर्व के लंबित कार्यो को लेकर जताई नाराजगी
बैठक में सी.ई.ओ. ने 15वे वित्त के पूर्व के लंबित कार्यो के पूर्ण न होने के सम्बन्ध में नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हें शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिये। कार्यो के पूर्ण न होने की स्थिति में सम्बन्धितों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित किये जाने हेतु आदेशित किया गया।
अयोध्या में श्रीराम मंदिर ट्रस्ट ने राम मंदिर के दर्शन और आरती में किया बदलाव
अयोध्या! सुबह 6 बजे रात 10 बजे तक चलेगा रामलला का दर्शन,सुबह 4:00 बजे होगी मंगला आरती। मंगला आरती के बाद भगवान के पट को किया जाएगा बंद। सुबह 6:00 होगी श्रंगार आरती, श्रंगार आरती के साथ ही रामलला का मंदिर आम जन के लिए दिया जाएगा खोल। दोपहर 12:00 लगेगा राज भोग। भोग के पश्चात पुनः श्रद्धालु कर सकेंगे रामलला का अनवरत दर्शन। शाम 7:00 बजे होगी संध्या आरती। संध्या आरती में 15 मिनट के लिए भगवान का पट किया जाएगा बंद। रात्रि 10:00 बजे होगी शयन आरती। शयन आरती के बाद भगवान का पट किया जाएगा बंद। पूर्व में 9:30 बजे होती थी शयन आरती और 7:00 बजे सुबह खुलता था श्रद्धालुओं के लिए भगवान का पट। बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए राम मंदिर ट्रस्ट ने लिया निर्णय। ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालुओं को मिले सुगम दर्शन इसलिए बढ़ाया गया दर्शन अवधि। लगभग आधे घंटे शाम को और 1 घंटे सुबह डेढ़ घंटे के दर्शन और आरती में किया गया बदलाव,भगवान के भोग के समय भी श्रद्धालुओं को मिलता रहेगा दर्शन !!
मिला 26 ऊर्जस्विताओं को सम्मान, मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा-हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं महिलाएं
भोपाल। सामाजिक संस्था अनुनय सोसायटी ने अलग-अलग क्षेत्रों मे आगे बढ़ रही 26 महिलाओं को ऊर्जस्विता सम्मान से सम्मानित किया। आईएचएम ऑडिटोरियम में महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया ने महिलाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। चाहे समाजसेवा हो या व्यापारिक क्षेत्र, नारी शक्ति अपनी पूरी ऊर्जा से काम करती है। इस कारण उन ऊर्जस्विताओं को समय-समय पर सराहा भी जाना चाहिए। देश और समाज को आगे बढ़ाने वाली नारी शक्ति जब सम्मान पाती है तो दूसरी महिलाएं भी प्रेरित होती हैं। इस तरह के आयोजन सार्थक होते हैं। उन्होंने कहा कि मैं खुद वर्षों से प्रदेश के आदिवासी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रही हूं। महिला किसी भी क्षेत्र में अपना मुकाम हासिल करती है तो वह उसे अपने परिश्रम से हासिल करती है। वह लड़ना जानती है। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में पर्यावरण, लोक कला, महिला सशक्तिकरण के लिए कई महिलाएं खामोशी से सार्थक कार्य कर रही है। इसे समाज को सामने लाना, उचित सम्मान देना सभी की जिम्मेदारी है। इसका निर्वहन अनुनय सोसायटी पूरी तन्मयता से कर रही है।

मार्गी वॉट्स कार्टर का लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान
कार्यक्रम में प्रफुल्लित तीर्थ के पीठाधीश स्वामी मनेश्वरानंद , छत्तीसगढ़ के पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) सुधीर अग्रवाल, आईएचएम के प्राचार्य डॉ. रोहित सरीन, रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी डॉ. एके भट्टाचार्य, विभांशु जोशी, अजय देवनानी, ब्रजेश चौहान मौजूद थे। सोसाइटी की अध्यक्ष माही भजनी ने बताया कि बालाघाट में बैगा समुदाय के विकास में अपना योगदान देने वाली मार्गी वॉट्स कार्टर को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
यह नारी शक्ति को मिला सम्मान
डॉ अनामिका जैन- उच्च शिक्षा ( इंदौर), डॉ पल्लवी तिवारी – विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (यूएस), सुश्री संप्रिया पूजा- लोकनृत्य एवं गायन, (छत्तीसगढ़), डॉ वंदना अग्रवाल -स्कूल शिक्षा ( छत्तीसगढ़), सुश्री ओरियल प्रिज़मैन – संरक्षण (यूके), डॉ आरती सिन्हा- साउंड हीलर एवम वेलनेस कोच, सुश्री चंद्रकला परस्ते- जनजातीय संस्कृति (डिंडोरी), सुश्री प्रभाकर खलको- प्रशासन (छत्तीसगढ़), सुश्री मेघा मुक्तिबोध- शिक्षा, सुश्री मनीषा आनंद- मिसेज़ इंडिया, सुश्री शोमिता भट्टाचार्य- पर्यावरण, (इंदौर), सुश्री रोली शर्मा, विपणन पेशेवर (नई दिल्ली), सुश्री आशा पठानिया- सत्कार उद्योग (हरियाणा), सुश्री दिव्या अत्रि- समाज सेवा, सुश्री भूमिका कलम- ज्योतिष (इंदौर), सुश्री अंजु तड़ियाल – कौशल विकास, सुश्री दक्षा वैदकर- प्रिंट मीडिया, सुश्री हुमेरा ख़ान – सामाजिक उद्यमी, सुश्री श्रुति सिंह – राजनीति, सुश्री विशाखा कवठेकर- आर्किटेक्ट, सुश्री अर्पणा चेंडके- उद्यमी (इंदौर), सुश्री दीक्षा पाटकर भदौरिया – नवाचार, सुश्री आराधना मालवी – आदिम कल्याण एवं खेलकूद (बैतूल), सुश्री मीरा – इंफ्लुएंसर (चीन), सुश्री पूर्वा त्रिवेदी- इलेक्ट्रॉनिक मीडिया।
बसंत पंचमी पर घोषित हुई तिथि, चार मई को खुलेंगे बदरीनाथ धाम के कपाट।
भोपाल! धार्मिक परंपरा के अनुसार, अक्षय तृतीया पर दिन गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने से यात्रा का आगाज होता है। वहीं, आज वसंत पंचमी के पावन पर्व पर टिहरी के नरेंद्रनगर राज दरबार में बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित हुई। प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का शुभारंभ इस बार 30 अप्रैल को होगा। वहीं बदरीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष चार मई को सुबह छह बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।
जिला अस्पताल सहित जिले की 6 स्वास्थ्य संस्थाओं में किशोर बालक बालिकाएं ले सकते हैं निःशुल्क, गोपनीय और वैज्ञानिक परामर्श
भोपाल। किशोर और किशोरियों की शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक समस्याओं के समाधान की सुविधा जयप्रकाश जिला चिकित्सालय , सिविल अस्पताल बैरागढ़, सिविल अस्पताल कैलाशनाथ काटजू, सिविल अस्पताल बैरसिया, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोलार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गांधीनगर में मिल रही है। इन संस्थाओं में संचालित उमंग स्वास्थ्य केंद्र में गोपनीयता का ध्यान रखते हुए परामर्श की सुविधा निःशुल्क दी जा रही है। इस केंद्र के माध्यम से 10 से 19 साल के किशोर और किशोरियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से परामर्श दिया जा रहा है। ये केंद्र में प्रातः 9 से शाम 4 बजे तक संचालित हैं, जिसमें प्रशिक्षित परामर्शदाता द्वारा समस्या का आंकलन कर परामर्श दिया जाता है।
भारत में लगभग 22% जनसंख्या किशोर एवं किशोरियों की है । इस अवस्था में किशोर बालक बालिकाओं को सकारात्मक एवं वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित जानकारियां दिए जाने की महती आवश्यकता होती है। किशोर एवं किशोरियों की समस्याओं के निदान के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 2014 में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किया गया था। उमंग स्वास्थ्य केंद्र में मैत्रीपूर्ण वातावरण में निजता एवं गोपनीयता को ध्यान में रखकर परामर्श दिया जाता है।
इस केंद्र में यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार , मानसिक स्वास्थ्य में वृद्धि , असंचारी बीमारियों से रोकथाम, लिंग आधारित हिंसा को रोकना, पोषण स्तर को बेहतर करना और नशीले पदार्थों की रोकथाम प्रमुख रूप से शामिल किए गए हैं। स्वास्थ्य केंद्र के अलावा यहां पदस्थ काउंसलर द्वारा स्वास्थ्य एवं पोषण दिवसों व विभिन्न आउटरीच गतिविधियों के माध्यम से भी सेवाएं दी जा रही हैं।
केंद्र में किशोर किशोरियों की विभिन्न समस्याओं के अनुरूप परामर्श , उपचार एवं रेफरल सेवाएं दी जा रही हैं । जिनमें पोषण, एनीमिया की रोकथाम, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य ,माहवारी स्वास्थ्य , असंचारी रोग , नशे के सेवन से होने वाले दुष्प्रभाव , पारिवारिक एवं व्यक्तिगत परामर्श , लिंग आधारित हिंसा एवं चोट से रोकथाम ,तनाव अवसाद, आत्महत्या जैसे मानसिक अवसाद, बाल विवाह की रोकथाम, किशोरावस्था में गर्भधारण की रोकथाम एवं एमटीपी संबंधी परामर्श उपलब्ध है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि किशोरावस्था जीवन का एक महत्वपूर्ण और नाजुक चरण होता है। जिसमें शारीरिक एवं मानसिक विकास और बदलाव होते हैं । इस उम्र में सही विकास के लिए पोषण, शिक्षा ,सही मार्गदर्शन ,सहयोग एवं आसपास के लोगों से अपनेपन की भावना की आवश्यकता होती है। सही समय पर, सही जानकारी और शिक्षा देकर किशोर किशोरियों को राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक बेहतर नागरिक बनाया जा सकता है।
