भोपाल। चिड़ार (चड़ार) क्षत्रिय समाज का युवक-युवती परिचय सम्मेलन भोपाल में संपन्न हुआ। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 की ओर स्थित रेलवे इंस्टिट्यूट परिसर में संपन्न हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में सामाजिक युवाओं ने सहभागिता की। समाज के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष नरोत्तम सिंह चंदेल ने बताया कि कार्यक्रम में दौ सौ से अधिक युवक/युवतीयों ने बेझिझक होकर अपने भावी जीवन साथी के गुणों पर बात की। इसके साथ ही समाज की युवा पीढ़ी ने परिचय सम्मेलन में अपना परिचय देने के साथ ही अपनी पसंद भी सामने रखी ।
नरोत्तम सिंह चंदेल के अनुसार सम्मेलन में कई प्रांत के सामाजिक बंधु उपस्थित रहे, वहीं इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश चिड़ार, राष्ट्रीय संरक्षक जे एल सुन्दरे, प्रदेशाध्यक्ष रघुवीर चिड़ार, युवा प्रदेशाध्यक्ष हरिओम चिड़ार, जिलाध्यक्ष प्रकाश चिड़ार, सहित समस्त जिला, प्रदेश एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी उपस्थित रही। कार्यक्रम की सफलता के लिए युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष नरोत्तम सिंह चंदेल ने सबका आभार व्यक्त किया।
बागेश्वर धाम पहुंचे दो उपमुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री, और सांसद मनोज तिवारी
रिक्की सिंह
बागेश्वर धाम गढ़ा। यह एक महात्मा का पुरुषार्थ ही है जिसकी चर्चा पूरे विश्व में हो रही है। आमतौर पर अस्पतालों में मंदिर बनाए जाते हैं ताकि लोग बीमार व्यक्ति की कुशलता के लिए इलाज कराने के साथ-साथ ईश्वर से भी प्रार्थना कर सके लेकिन एक संत ने मंदिर में अस्पताल बनाने की जो सोच रखी वह दुनिया को प्रेरणा दे रही है। दवा और दुआ साथ चलेगी तभी जीवन का कल्याण होगा। बागेश्वर धाम में शुक्रवार को प्रदेश के दो उपमुख्यमंत्रियों के अलावा पंचायत मंत्री और दिल्ली के सांसद ने आकर बालाजी को प्रणाम किया और महाराज श्री का आशीर्वाद लेते हुए 23 फरवरी को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन के संबंध में विस्तृत चर्चा की।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को बागेश्वर धाम पहुंचे प्रदेश के दो उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला एवं जगदीश देवड़ा ने बालाजी को प्रणाम किया और तत्पश्चात बागेश्वर महाराज श्री का आशीर्वाद लिया। इसी दिन प्रदेश के पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल भी बागेश्वर धाम आए जहां उन्होंने बालाजी के दर्शन किए। दिल्ली के सांसद और बागेश्वर धाम शिष्य मंडल के सदस्य मनोज तिवारी ने भी बालाजी के दर्शन करते हुए महाराज श्री का आशीर्वाद लिया। सभी राजनेताओं ने बागेश्वर धाम में कन्या विवाह महोत्सव एवं कैंसर अस्पताल की आधारशिला रखे जाने के संबंध में महाराज श्री से चर्चा की। सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि एक संत ने गरीब और बेसहारा बीमार लोगों के कल्याण का बीड़ा उठाया है जिसकी चर्चा देश ही नहीं पूरी दुनिया में हो रही है। समाज के वंचित, पिछड़े और बेसहारा लोगों के लिए सबको आगे आना चाहिए। जैसा कि कहा जाता है की जिसका कोई नहीं होता उसका भगवान होता है यह बात बागेश्वर धाम में चरितार्थ हो रही है। सांसद श्री तिवारी ने कहा कि जिसका बुन्देलखण्ड को लंबे समय से इंतजार था वह आज पूरा हो रहा है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री की उपस्थिति में एक संत की परिकल्पना साकार होने के लिए आगे बढ़ रही है। हम सिर्फ मोदी जी को धन्यवाद दे सकते हैं और कोई हमारे पास शब्द नहीं है।
राजनगर विधायक ने विधानसभा के सरपंच, सचिवों की बैठक ली राजनगर विधायक अरविंद पटैरिया ने ब्लाक में विधानसभा क्षेत्र के सभी सरपंच, सचिवों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की बैठक लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगमन के संबंध में अपने-अपने गांव में विस्तृत चर्चा करते हुए ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों को इस कार्यक्रम से जोडऩे के लिए प्रेरित करें ताकि विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सिद्धपीठ बागेश्वर धाम का कार्यक्रम न केवल अद्भुत रहे बल्कि अविष्मणीय रहे। महाकुंभ में शामिल होने बांटे जा रहे पीले चावल बागेश्वर धाम में बुन्देलखण्ड का छठवां महाकुुंभ शुरू हो चुका है। 23 फरवरी को कैंसर अस्पताल की आधारशिला रखी जानी है और 26 फरवरी को 251 बेटियों के विवाह होने हैं। इस पूरे विशाल आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में लोगों की उपस्थिति हो इसलिए बागेश्वर धाम छतरपुर शिष्य मण्डल पीले चावल बांट रहा है। शुक्रवार को शहर के नरसिंह मंदिर प्रांगण से ढोल नगाड़े के साथ पीले चावल बांटने का कार्यक्रम शुरू हुआ जो लगातार चलता रहा। शिष्य मण्डल ने लोगों से आग्रह किया कि वे बागेश्वर धाम के कार्यक्रम में अवश्य शामिल होकर पुण्य लाभ कमाएं।
बुंदेली कलाकारों का प्रोत्साहन करना जरूरी है -शंकर प्रताप सिंह बुंदेला
रिक्की सिंह छतरपुर। बुंदेली विकास संस्थान द्वारा बसारी के राव बहादुर सिंह स्टेडियम में चल रहे बुंदेली उत्सव के 26वें संस्करण का गुरुवार की रात बुंदेली फाग और राई नृत्य की विशेष प्रस्तुति के साथ समापन हुआ। समापन दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कार्यक्रम में शिरकत की। जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सागर जिला पंचायत के अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत, राजनगर विधायक अरविंद पटैरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रभान सिंह गौतम, रविंद्र प्रताप सिंह गर्रोली मंचासीन रहे। देर रात तक चले समापन समारोह की खास प्रस्तुति लोकनृत्य राई का आनंद लेने के लिए सैकड़ों की संख्या में क्षेत्र के लोग तथा कलाप्रेमी आयोजन स्थल पर मौजूद थे, जिनका अंत में संस्थान के संरक्षक शंकर प्रताप सिंह बुंदेला मुन्ना राजा ने आभार जताया।
आयोजन समिति की ओर से स्वागत भाषण देते हुए सिद्धार्थ शंकर बुंदेला ने सभी अतिथियों का अभिनंदन किया। मुख्य अतिथि धर्मेंद्र सिंह लोधी ने 26 वर्षों से लगातार आयोजित होते आ रहे बुंदेली उत्सव और संस्थान के संरक्षक शंकर प्रताप सिंह मुन्ना राजा की प्रशंसा की और आगामी समय में आयोजन को मध्य प्रदेश शासन से अनुदान दिए जाने का भरोसा दिया। वहीं विशिष्ट अतिथि सागर जिला पंचायत के अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत ने बुंदेली उत्सव के आयोजन को बुंदेली लोककला के संवर्धन का अनूठा प्रयास बताते हुए आयोजन की सराहना की। गौरतलब है कि पिछले लगभग 15 वर्षों से यह आयोजन बिना शासकीय अनुदान के निर्बाध गति से चल रहा है।
आयोजन को ऊंचाईयां प्रदान कराने के उद्देश्य से हीरा सिंह राजपूत ने राज्यमंत्री के समक्ष उक्त आयोजन को शासकीय बनाने का प्रस्ताव रखा। राजनगर विधायक अरविंद पटैरिया ने संस्थान के संरक्षक शंकर प्रताप सिंह मुन्ना राजा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आयोजन को आगे बढ़ाने में सहयोग की बात कही। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बुंदेली गायक भगत राजा एंड ग्रुप ललितपुर तथा सागर की नृत्यांगनाओं ने राई नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। वहीं बुंदेली हास्य कलाकार हिमालय यादव उर्फ हरिया भैया ने अपने साथियों के साथ हास्य नाटिका दिखउआ के माध्यम से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम में देवेंद्र सिंह दिल्लू राजा, लखन दुबे, डॉ. सुरेंद्र विश्वारी, पंकज गुप्ता, कालीचरण पटेल, जगत सिंह परिहार, विष्णु पांडे सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे। इन विभूतियों का हुआ सम्मान 6 दिवसीय बुंदेली उत्सव के समापन दिवस पर मंच से बुंदेली लोककला और पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को मुख्य अतिथि धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित अन्य अतिथियों ने सम्मानित किया। पत्रकारिता के माध्यम से बुंदेलखंड की आवाज बुलंद कर रहे दैनिक बुंदेली मंच समाचार पत्र के संपादक वरिष्ठ पत्रकार कल्याण सिंह चौहान और पैनी नजर डिजिटल न्यूज चैनल के डायरेक्टर जितेन्द्र रिछारिया को पं. हरिराम मिश्र सम्मान से नवाजा गया। वहीं बुंदेली लोककला को संधारित करने के लिए प्रयासरत देवदत्त द्विवेदी को राव बहादुर सिंह बुंदेला स्मृति सम्मान और रामबहादुर सिंह को डॉ. हेमल स्मृति सम्मान प्रदान किया गया। बुंदेलखंड की युवा कलाकार अंजली कुशवाहा छतरपुर को भी आयोजन समिति की ओर से स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा संस्थान की वार्षिक स्मारिका बुंदेली बसंत के संपादक प्रो. बहादुर सिंह परमार, उद्घोषक मंडल के सदस्य डॉ. विष्णु अरजरिया, शिवेन्द्र शुक्ला, नीरज खरे, जगदीश गंगेले तथा उत्सव को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी कार्यकर्ताओं, और उत्सव में प्रदर्शित किए गए बुंदेली सिनेमा के निर्देशकों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
जनसंख्या असंतुलन, संस्कारो के क्षरण व नशा खोरी पर अंकुश हेतु युवाओं से किया आव्हान
भोपाल।। भोपाल प्रवास पर आये केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि महाकुंभ मेला क्षेत्र प्रयागराज में 7, 8 और 9 फरवरी को विश्व हिंदू परिषद की त्रि-दिवसीय बैठक सम्पन्न हुई। केंद्रीय बैठक में मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति हेतु अभियान चलाए जाने का निर्णय लिया गया। मिलिंद परांडे ने बताया कि बैठक के प्रथम चरण में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता अन्य हिंदू संगठनों के साथ मिलकर प्रत्येक राज्य के मुख्यमंत्री को ज्ञापन दे कर मांग करेंगे कि सरकारें हिंदू मंदिरों को वापस हिंदू समाज को सौंपे। प्रत्येक राज्यों मे आगामी विधानसभा सत्र के दौरान विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों से मिलकर मंदिरों की मुक्ति हेतु आग्रह करेंगे। विहिप प्रतिनिधि जब मुख्य मंत्रियों को मिलने जाएंगे तो वह अपने साथ उस राज्य के लिए इस संबंध में प्रस्तावित कानून का एक प्रारूप भी उनको सौंपेंगे।
उत्तर भारत और दक्षिण भारत में बड़ी जनसभाएं कर इस संबंध में अपनी मांगे जन जन तक पहुचाएंगे।
अभियान के अगले चरण में प्रत्येक राज्य की राजधानी व महानगरों में वहां के समाज की सभाएं कर इसके लिए व्यापक जन जागरण करेगें । केंद्रीय बेठक मैं पारित एक अन्य प्रस्ताव के विषय मे बताते हुए मिलिंद ने कहा कि हिंदुओं की घटती जनसंख्या दर, हिंदू परिवारों के विखंडन, लिव इन रिलेशन, युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति चिंतनीय है। इसमें देश की युवा पीढ़ी से कहा गया है कि ये समस्याएं हिंदू समाज के लिए चुनौती बन गई है, जिनका जवाब उन्हें देना होगा। पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के सामने आने वाली हर चुनौती का हिंदू युवा शक्ति ने हमेशा जवाब दिया है। जनसंख्या असंतुलन हिंदू समाज के अस्तित्व के लिए घातक सिद्ध हो रहा है। हिंदुओं की घटती हुई जनसंख्या बहुआयामी प्रभाव निर्माण करती है। हिंदू इस देश की पहचान है। अगर हिंदू घटा तो देश की पहचान और अस्तित्व के लिए भी संकट के बादल छा जाएंगे। इस स्थिति को रोकने के लिए हिंदू युवाओं को आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि देरी से विवाह और उज्जवल भविष्य की भ्रामक अवधारणाओं के मकड़ जाल के कारण भी हिंदू दंपतियों के बच्चे कम हो रहे हैं।
25 वर्ष तक की उम्र में विवाह करना आज की आवश्यकता
संगठन महामंत्री ने बताया कि कई वैज्ञानिक अध्ययनो ने यह सिद्ध किया है कि यदि बच्चों का संपूर्ण विकास करना है तो प्रत्येक परिवार में दो या तीन बच्चे आवश्यक होने चाहिए। प्रस्ताव में कहा गया है कि आज हिंदू संस्कारों के अभाव में परिवार संस्था पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं । पश्चिमी भौतिकवाद का बढ़ता प्रभाव, अर्बन नक्सल षड्यंत्र व ग्लोबल कॉरपोरेट समूह मनोरंजन माध्यम व विज्ञापनों के द्वारा युवाओं को भ्रमित व संस्कार विहीन बना रहा है। इसी कारण विवाहेत्तर संबंध और लिव इन संबंध भी बढ़ रहे हैं। विहिप ने युवाओं को अपनी जड़ों की ओर लौटने का आह्वान किया जिससे सुखी पारिवारिक जीवन सुनिश्चित किया जा सके और बच्चों तथा बुजुर्गों को सामाजिक व भावनात्मक सुरक्षा भी दी जा सके। देश में बढ़ती हुई नशे की प्रवृत्ति पर भी विहिप ने चिंता व्यक्त की है। 16 करोड़ से अधिक लोगों का नशे का आदी होना इस समस्या की भीषणता को प्रकट करता है। विहिप ने युवाओं का आह्वान किया कि वे स्वयं भी नशे की आत्मघाती प्रवृत्ति से दूर रहें तथा अपने शिक्षण संस्थान नगर व प्रांत को भी नशे से मुक्त बनाने के लिए वह बजरंगदल, दुर्गा वाहिनी व अन्य संगठनों का सहयोग करें। साथ ही विहिप ने विभिन्न सरकारों से भी मांग की है कि वे नशे के व्यापार में लिप्त माफियाओं और आतंकियों के गठजोड़ पर अंकुश लगे व कठोर कानून बनाकर इस पर पूर्ण रूप से रोक लगाने का प्रयास करें। विहिप ने संकल्प लिया है कि वह अपनी लाखों इकाइयों, सत्संग व संस्कार शालाओं और सत्संग केंद्रों के माध्यम से इन सब विषयों पर जन जागरण करेगी और युवा शक्ति को इन प्रवृत्तियों पर अंकुश लगाने का आव्हान करगे। बैठक में देश भर के सभी प्रांतों के अलावा ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, हांगकांग मॉरीशस, दक्षिणी अफ्रीका, फ्रांस, थाईलैंड, श्रीलंका, नेपाल बांग्लादेश, गुयाना जैसे अनेक देशों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य, स्वदेशी व स्व का बोध जैसे पांच परिवर्तनों को भी जनमानस के आचार व्यवहार और संस्कारों का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया गया। विश्व भर में हिंदू समाज से जुड़े अन्य ज्वलंत मुद्दों पर भी विस्तार से विचार विनिमय हुआ। केन्द्र के इन महत्वपूर्ण विषयों पर योजना हेतु मध्यभारत प्रान्त की प्रांत बैठक दिनांक 8 और 9 मार्च 2025 को गुना में आयोजित की जा रही है।
भोपाल / आसाराम बापू 12 साल बाद इंदौर के आश्रम(Asaram Bapu Indore Ashram) में लौट आया है। उसे राजस्थान हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली थी। आसाराम पर दुष्कर्म का आरोप है और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। वह अब इंदौर के आश्रम में रहेगा और स्वास्थ्य लाभ लेगा। इंदौर के आश्रम से ही दुष्कर्म के केस में हुई थी गिरफ्तारी। मंगलवार रात 10 बजे आश्रम में पहुंचा आसाराम का काफिला। अनुयायियों से सामूहिक रूप से मिलने की कोई योजना नहीं। उपचार के लिए जमानत पर जेल से बाहर आया आसाराम मंगलवार रात 10 बजे खंडवा रोड स्थित आश्रम पर पहुंचा। सड़क मार्ग से आसाराम के साथ उसके अनुयायियों का काफिला था। उसके आने की सूचना के चलते सुबह से आश्रम पर तैयारी शुरू हो गई थी। हालांकि इस संबंध में आश्रम से जुड़े सदस्य कुछ भी कहने से इन्कार करते रहे। 12 साल पहले आसाराम को इंदौर स्थित इसी आश्रम से दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया गया था। रात में आसाराम के काफिले ने सीधे आश्रम के भीतर प्रवेश किया।
अनुयायियों से सामूहिक रूप से मिलने का कोई कार्यक्रम नहीं इस दौरान आश्रम में अन्य लोगों की आवाजाही बंद थी। आश्रम से मिली जानकारी के मुताबिक वह अगले कुछ दिन यहां स्वास्थ्य लाभ लेगा। इस दौरान अनुयायियों से सामूहिक रूप से मिलने का कोई कार्यक्रम नहीं है।
14 जनवरी को मिली थी अंतरिम जमानत वह गोधरा से सड़क मार्ग से इंदौर आश्रम पहुंचा है। 12 साल पहले दुष्कर्म के आरोप में इंदौर से आसाराम की गिरफ्तारी हुई थी। राजस्थान हाई कोर्ट से 14 जनवरी को अंतरिम जमानत मिलने के बाद आसाराम इंदौर आया है। दुष्कर्म के मामले में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई है
89 हजार 700 से अधिक विद्यार्थियों के खाते में कल सीधे पहुँचेगी 224 करोड़ रूपये की राशि
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार 21 फरवरी को प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के बैंक खाते में लैपटॉप की राशि अंतरित करेंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम प्रातः 10:30 बजे भोपाल के आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागार में होगा। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
भोपाल। माह ए रमजान में मस्जिदों में होने वाली बिजली की फिजूलखर्ची रोकी जाना चाहिए। मोहल्लों में होने वाली सजावट भी गैर जरूरी है, इस पर भी पाबंदी लगाई जाए। मस्जिदों के खर्च की बिजली की उपलब्धता सौर ऊर्जा से किया जाए तो यह एक बेहतर विकल्प बन सकता है। काजी ए शहर सैयद मुश्ताक अली नदवी ने यह अपील राजधानी के बाशिंदों से की है। दारुल कजा और दारुल इफ्ता के बाकी मेंबर उलेमाओं ने भी इस बात की तस्दीक की है। उलेमाओं ने कहा कि माह ए रमजान में यह देखने में आता है कि अनावश्यक बिजली इस्तेमाल की जाती है, जो गैर जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस मुबारक महीने के दौरान मोहल्लों और बाजारों में भी बहुतायत रोशनी की जाती है। उलेमाओं ने कहा कि कुरान में फिजूलखर्ची करने वाले को शैतान का भाई करार दिया गया है। इसलिए इन हालात से बचें और अल्लाह और उसके पैगम्बर के बताए रास्ते पर चलकर नेक इंसान होने का सुबूत पेश करें। उन्होंने कहा कि ऐसा करके वे समाज में भी एक बेहतर संदेश देने में कामयाब होंगे। शहर मुफ्ती अब्दुल कलाम खान कासमी, काजी सैयद बाबर हुसैन, मुफ्ती रईस अहमद खान, मुफ्ती जसीम दाद, काजी शराफत रहमानी, काजी सैयद अली कदर हुसैनी ने शहर काजी के इस ऐलान और अपील पर सहमति जताई है।
करें सौर ऊर्जा का उपयोग शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने कहा कि विभिन्न मस्जिदों की प्रबंधन कमेटी को इस बात पर विचार करना चाहिए कि मस्जिदों में सोलर पैनल स्थापित कराएं। इससे मस्जिद की जरूरत की बिजली प्राकृतिक तरीकों से हासिल हो सकती है। साथ ही बिजली बिल पर होने वाली बड़ी राशि की बचत भी होगी।
भोपाल /इंदौर /– माइक्रो बीट सिस्टम को ठीक तरह से लागू नहीं करने और लापरवाही बरतने पर पुलिस कमिश्नर ने पंढरीनाथ थाने के टीआई सहित 15 पुलिसकर्मियों को सजा के तौर पर तीन दिन तक डीसीपी ऑफिस में अटैच कर दिया है। अब ये सभी सुबह 11 से शाम 5 तक ट्रेनिंग लेंगे और शाम को थाना भी संभालेंगे। आखिरी दिन टेस्ट में 50 प्रतिशत अंक नहीं लाए तो इन्हें थाने नहीं भेजेंगे। अटैच करने के पीछे कुछ कारण सामने आए हैं, जिनको लेकर अफसर खासे नाराज हुए। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के अनुसार सोमवार रात को औचक निरीक्षण के बाद पंढरीनाथ थाने के टीआई कपिल शर्मा सहित 15 पुलिसकर्मियों को डीसीपी जोन-4 कार्यालय में विशेष ट्रेनिंग के लिए अटैच किया है। निरीक्षण में पाया गया कि इनमें ब्रिजिंग गैप (संवाद और कार्यशैली की कमी) है। जब थाने के स्टाफ को बुलाकर माइक्रो बीट सिस्टम के बारे में पूछा तो एक एएसआई यह नहीं बता पाए कि उनकी बीट में कौन-कौन सिपाही है। यानी इन्हें अपने साथियों के बारे में ही जानकारी नहीं है। थाने पर आने वाली शिकायतों के निराकरण का तरीका भी ठीक नहीं था। लोगों से बातें करना और उनका निराकरण किस तरह किया जाना चाहिए। ऐसे सभी कारणों को ध्यान में रखते हुए इन्हें विशेष स्तर की ट्रेनिंग दी जा रही है। ये तीन दिन तक ट्रेनिंग लेंगे और शाम को थाना भी संभालेंगे। आखिरी दिन इनका टेस्ट होगा। एफआईआर से लेकर चालान तक सिखाएंगे डीसीपी जोन-4 ऋषिकेश मीना के अनुसार प्रदेशभर में हाल ही में लागू हुए माइक्रो बीट सिस्टम को हम 2 महीने पहले से चला रहे हैं। ये ऐसा सिस्टम है, जिसमें हर मोहल्ले का इंचार्ज एक सिपाही को बनाया जाता है। टीआई कपिल शर्मा को कई बार यह सिस्टम समझाया, ताकि वे निचले स्तर पर इसे लागू करवा सकें, लेकिन कहीं न कहीं उनके कम्युनिकेशन में गैप दिखा। यहां जवानों को बीएनएस की धाराओं का भी ज्ञान नहीं था। इसलिए हमने उनकी टीम के लिए स्पेशल ट्रेनिंग सेशन बनाया है। ट्रेनिंग के दौरान कौन से अफसर क्या सिखाएंगे थाने के स्टाफ को डीसीपी जोन-4 ऋषिकेश मीना : थाना मैनेजमेंट और माइक्रो बीट सिस्टम पर काम करना। एडिशनल डीसीपी आनंद यादव : रिपोर्ट लिखना, उनमें सावधानियां बरतना, जांच और चालान डायरी लिखना। एसीपी हेमंत चौहान : पुलिस रेग्युलेशन का पार्ट और थाने की दैनिक कार्रवाई और उसका उपयोग। एसीपी प्रियंका डुडवे और सोनू डाबर: महिला संबंधी अपराध की विवेचना। चालान पेश करना। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह : थाना मैनेजमेंट। परीक्षा : गुरुवार दोपहर 2.30 से 4 तक। पासिंग मार्क्स : 50 फीसदी अंक जरूरी। दिन में थाने का प्रभार SI को डीसीपी के अनुसार तीन दिन तक जब पूरी टीम ट्रेनिंग में रहेगी तो दूसरी टीम थाना संभालेगी। तब तक एसएसआई को टीआई का प्रभार दिया है। ट्रेनिंग करने वाला पूरा स्टाफ शाम को फिर से थाने पर ड्यूटी देगा। कम अपराध के बाद भी लोगों की सुनवाई न होने के आरोप बताया जा रहा है अफसर इसलिए भी नाराज हैं, क्योंकि पंढरीनाथ थाने पर अपराध का लोड कम है। यहां ज्यादातर लॉ एंड ऑर्डर के मामले आते हैं। इसके बाद भी यहां थाने पर आम लोगों की सुनवाई ठीक ढंग से नहीं करने के आरोप लगते रहते हैं। छोटे-छोटे मामले में लोग शिकायत लेकर अफसरों तक जाते हैं।
बहुत पहले कभी बीमारू और पिछड़ा राज्य कहलाने वाले मध्यप्रदेश के दिन तब बदलना शुरू हो गए थे जब तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्गी राजा के दिग्विजयी अभियान को एक साध्वी ने रोक भाजपा की सरकार बना दी… हिंदुत्व का प्रखर चेहरा रहीं उमा भारती ने मध्यप्रदेश के नवनिर्माण की परिकल्पनाओं पर काम चालू कर दिया… दीगर बात है कि उमा भारती ज्यादा लंबे समय तक टिक नहीं सकीं और सत्ता की बागडोर भाजपा के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं में शुमार रहे स्वर्गीय बाबूलाल गौर के हाथों में आ गई… भोपाल को दिल में बसाने वाले और भोपालियों के दिल में बसने वाले गौर ने भी मध्यप्रदेश को पटरी पर लाने के हर संभव प्रयास किए… तमाम जिम्मेदारियों को अनुभवी कंधों पर उठाकर चलने वाले बाबूलाल गौर की कार्यशैली युवाओं को भी अचंभित कर देने वाली रही… समय का पहिया अपनी दिशा में बढ़ता रहा और वो दिन भी आ गया जब जगत मामा शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पारी शुरू की… किसी विस्फोटक बल्लेबाज की भांति धुआंधार प्रदर्शन करते चौहान किसी भी मोर्चे पर कभी नहीं चूके… अपने देसी अंदाज और सहजता के लिए पहचाने जाने वाले शिवराज एक सफल मुख्यमंत्री से ज्यादा मामा और भाई के रूप में प्रसिद्ध होते गए… मध्यप्रदेश के साथ देश भर में जहां शिवराज सिंह चौहान की छवि परवान चढ़ रही थी वहीं प्रदेश की छवि भी अब विकासशील प्रदेश में तब्दील हो चुकी थी… मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज ने हर वर्ग, आयु, समाज, धर्म के हितग्राहियों के लिए योजनाओं का पिटारा खोल दिया… सरल शब्दों में कहा जाए तो लब्बोलुआब यह कि स्वर्णिम मध्यप्रदेश की कल्पना को मूर्तरूप शिवराज सिंह चौहान ने दिया… लेकिन समय चक्र कहां रुकता है आज शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय मंत्री हैं और मध्यप्रदेश की कमान संभाल रहे हैं डॉ मोहन यादव… शिवराज सरकार में मंत्री रहे डॉ मोहन यादव प्रदेश को उस शिखर पर ले जाने हेतु प्रतिबद्ध नजर आ रहे हैं जिसका सपना भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्रियों ने देखा था… हालांकि डॉ मोहन यादव के विषय में कभी शिवराज विरोधी होने की अफवाहें उड़ाई जाती हैं, तो कभी उनकी सख्ती पर सवाल उठाए जाते हैं… लेकिन संगठन के अखाड़े में पके मजबूत पहलवान मोहन यादव इन सब को अनदेखा कर लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं… विपक्षी और बाजार जो भी कहे लेकिन डॉ मोहन यादव की कार्यशैली में तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों की झलक और उनके शब्दों में सभी के प्रति सम्मान हमेशा देखने को मिलता है… प्रदेश को लेकर बड़ा विजन और अलग रोडमैप रखने वाले मोहन यादव का आज तक ऐसा कोई बयान सामने नहीं आया है जिसमें वे किसी भी सीनियर नेता पर कटाक्ष करते दिखाई देते हों… उनकी कार्यशैली में एक तरफ उमा भारती की तरह हिंदुत्व और मातृ संगठन के प्रति समर्पण नजर आता है, तो दूसरी ओर उनके निर्णय बाबूलाल गौर की भांति साहसी और आत्मविश्वासी दिखाई पड़ते हैं… वहीं जनता से सीधे जुड़ जाने की आदत और हमेशा मुस्कुराते हुए अभिवादन स्वीकार कर लेने की उदारता से शिवराज सिंह चौहान की याद आना स्वाभाविक है… दरअसल संघ की अनुशासित जीवनशैली मोहन यादव के सार्वजनिक जीवन में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जिसके अनेकों उदाहरण प्रदेश वासियों के सामने मौजूद हैं… मध्यप्रदेश में भाजपा के प्रमुख चेहरे और पूर्व मुख्यमंत्री रहे तीन दिग्गजों के अनुभव हासिल कर स्वर्णिम मध्यप्रदेश की अलग तस्वीर बनाने वाले डॉ मोहन यादव के लिए इतना ही कहेंगे “आखिर क्यों न मोहे मोहन…”
नाबालिक लडकी के साथ छेड़खानी और आत्महत्या के लिए उकसाने वाले आरोपित पर है दस हजार था इनाम
भोपाल। जुर्म को अंजाम देकर भागने वाले कई मुजरिमों दास्तां आपने देखी और सुनी होगी लेकिन बिहार से गिरफ्तार किए गए बदनीयती और खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोपी नीतेश कुमार दुबे की कहानी फिल्मों से प्रेरित नजर आती है। फिल्मी अंदाज में पुलिस को चकमा देने की नाकाम कोशिश करने वाले आरोपी नीतेश कुमार दुबे की असल कहानी तब सामने आना शुरू हुई जब सूखी सेवनिया पुलिस ने बीते जनवरी की 31 तारीख को दर्ज हुए मर्ग को खंगालना शुरू किया। मामले में नाबालिग मृतका की जांच पड़ताल से ही पुलिस के शक की सुई आरोपी नीतेश कुमार दुबे पर आकर थम गई।
छानबीन में तसल्ली देने लायक तथ्यों तक पहुंचते ही पुलिस ने आरोपी नीतेश के विरुद्ध धारा 107,74 बीएनएस 9/10 पास्को एक्ट में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। मामले की गंभीरता देखते हुए एसपी देहात प्रमोद सिन्हा ने आवश्यक निर्देश जारी कर आरोपी पर दस हजार का इनाम घोषित कर दिया और खुद पूरे प्रकरण पर लगातार नजर बनाए रखी। गठित जांच दल जब आरोपी नीतेश कुमार दुबे की तलाश में बिहार के कैमूर जिले के गांव अलीपुर पहुंचा तो आरोपी के प्रयागराज कुंम्भ में जाने की जानकारी सामने आई। वहीं जब पुलिस टीम प्रयागराज पहुंची तो तकनीकी मदद एवं मुखबिर की सूचना मिली की आरोपी नीतेश कुमार दुबे प्रयागराज कुंम्भ मेला में साधु का छदम भेष बनाकर रह रहा था। आरोपी फिल्मी अंदाज में लगातार पुलिस को चकमा देता रहा और भीड भाड का फायदा उठा रहा था। तब जैसे को तैसा के अनुसार पुलिस दल ने भी साधुओं के वेश बनाकर आरोपी की निगरानी शुरू कर दी। इसी बीच आरोपी नीतेश कुमार दुबे कुंभ क्षेत्र से निकलकर घर की ओर भाग निकला जिसका पीछा करते हुए पुलिस दल ने आरोपी नीतेश कुमार दुबे को उसके घर अलीपुर जिला कैमूर बिहार से बीते गुरुवार को अभिरक्षा में लिया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी नीतेश कुमार दुबे से घटना के संबध में पूछताछ करने पर अपना जुर्म कुबूल कर लिया।