MP News : युगांडा, कजाकिस्तान समेत आधा दर्जन अपनाएंगे भोपाल मॉडल, अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर इम्तियाज करेंगे अगुवाई

खान आशु
भोपाल। राजधानी भोपाल के बाशिंदे सैयद इम्तियाज अली लंबे समय से कचरा और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर मेहनत कर रहे हैं। उनके तैयार किए गए मॉडल को देश के कई हिस्सों में सराहा गया और इसको स्वीकारा गया है। भोपाल से निकले इस पर्यावरण सहेजने के मॉडल को अब दुनिया के कई देश अपनाने को आतुर हैं। जल्दी ही इन देशों के प्रतिनिधि भोपाल आकर इस नायाब प्रोजेक्ट का भौतिक अवलोकन करेंगे। इसके बाद सैयद इम्तियाज अपने अनुभव और आविष्कार से रूबरू कराने के लिए इन देशों की यात्रा करेंगे।

पैकेजिंग इंडस्ट्री से उत्सर्जित होने वाले अपशिष्ट के सतत अपशिष्ट प्रबंधन पर भारतीय पैकेजिंग संस्थान उद्योग का आयोजन दिल्ली में आयोजित किया गया। भारत सरकार मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में युगांडा, इथोपिया, श्रीलंका तंजानिया, तजाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश, चिली, मैक्सिको सहित 13 देशों के विषय  विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस दौरान भारत में विभिन्न नियम, जो कचरा प्रबंधन को लेकर बने हैं, उनकी जानकारी और ग्रास रूट पर किस प्रकार से पैकेजिंग इंडस्ट्री से निकलने वाले कचरे का प्रबंधन और उसका वैज्ञानिक निष्पादन हो रहा है, को लेकर तकनीकी प्रस्तुतिकरण दिया गया। सैयद इम्तियाज ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि कचरे से किस प्रकार से 8 करोड़ लोगों को भारत देश में रोजगार देने की तैयारी है। इम्तियाज अली ने बताया कि 19 प्रकार के कचरे को किस प्रकार पृथक्करण पुनः चरण कर उसका उपयोग रोड निर्माण विभिन्न उत्पाद बनाने में ऊर्जा बनाने में किया जा रहा है। भारत देश में असंगठित वर्ग कचरा बिनने वालों की कोऑपरेटिव सोसाइटी बनाकर उनके माध्यम से इस परियोजना को देश के समस्त 5000 शहरों में 2027 तक लागू किया जाएगा। जिससे इस क्षेत्र में कार्य लोगों के रोजगार में विकास होगा और वह संगठित होकर सरकार के साथ कार्य कर पाएंगे।

इम्तियाज करेंगे अगुवाई
युगांडा, कजाकिस्तान एवं अन्य देशों के लोगों ने इस भोपाल मॉडल को अपने देश में लागू करने के लिए सहमति दी है। शीघ्र ही हो इन कार्यों के प्रस्तुतीकरण हेतु इम्तियाज अली को अपने देश में आमंत्रित करेंगे। इस हेतु शीघ्र ही भारत सरकार से उपरोक्त देश के राजदूत संपर्क करेंगे।

स्कूलों का नवीनीकरण कराने में पिछड़ रहे निजी शिक्षण संस्थान

जीतेन्द्र सेन
बैरसिया। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा पहली से आठवी  वीं तक नवीनीकरण की  प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है.जिसमें विभिन्न नियम शर्तों के साथ जांच प्रक्रिया को विभिन्न चरणों में रख कर पारदर्शी कर दिया है.
वही निजी स्कूल शिक्षण संस्थानों द्वारा नवीनीकरण के नए नियमों को लेकर भी  नाराजगी व्यक्त की जा रही है. जिसमे भवन किराया नामा  रजिस्टर्ड करवाने का आदेश प्रमुख समस्या बताई जा रही है. नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्कूलों की बात की जाए तो कई स्कूल ऐसे हैं जिनके पास कई सालों से खेल के मैदान व अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं नही है. न.ही शासन के नियमों का फॉलो हो रहा हैं कागजों मे खेल मैदान है.लेकिन जमीनी स्तर पर खेल मैदान है ही नहीं, ऐसे में खेल से वंचित रखकर बच्चो का मानसिक विकास अवरुद्ध किया जा रहा है. इसके लिए कही न कही स्कूल प्रबंधन तथा मॉनिटरिंग करने बाला अमला जिम्मेदार है।

भौतिक सत्यापन और जियो टेकिंग से हो सकती है ऐसे स्कूलों की अब फजीहत.

मान्यता नवीनीकरण में भौतिक सत्यापन एव जियो टेकिंग की व्यवस्था अनिवार्य कर दी है जिससे मान्यता की पारदर्शिता बनी रहे. मान्यता आवेदन के पश्चात शिक्षा विभाग के अधिकारियों की टीम आवेदन में बताएं गए खेल मैदान पुस्तकें शिक्षक, पानी,शौचालय भवन आदि की जांच करेगी. इसके वाद जानकारी अपडेट होने पर जनशिक्षकों द्वारा मोके पर पहुच पुनः जियो टेकिंग कर भवन, खेल मैदान, ओर सामाग्री के फोटो अपलोड किए जाएंगे. ऐसे मान्यता मापदंड पूरे न करने वाले स्कूलों की मान्यता निरस्त होने की आसंका है.

सुरक्षा निधि के नुकसान की संभावनाएं

निजी स्कूलों को कक्षा 1 से 8 वीं तक मान्यता नवीनीकरण के लिए सुरक्षा निधि, रजिस्टर्ड किराया नामा, एफडी के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा. ऐसे में जियो टेकिंग एव भौतिक सत्यापन के दौरान जांच में मान्यता निरस्त होती है तो उक्त कार्य में किये खर्च वहन का नुकसान स्कूल प्रबंधन का होगा। मान्यता नवीनीकरण के लिए आवेदन करना है. आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी थी. एवं अतिरिक्त शुल्क के साथ 7 फरवरी तक आवेदन किए जा सकेंगे. जो विद्यालय इस सत्र के लिए आवेदन नहीं करेंगे या मापदंडो को पूरा नहीं करेंगे उनकी मान्यता निरस्त हो सकती है।

भोपाल में सीजीएसटी की बड़ी कार्रवाई: 12 करोड़ की सुपारी जब्त

जीतेन्द्र सेन
भोपाल।। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग की टीम ने मंगलवार को राजधानी भोपाल के बैरसिया रोड स्थित एक गोदाम पर छापा मारकर 12 करोड़ रुपये मूल्य की सुपारी जब्त की। यह सुपारी 4,500 बोरियों में भरकर गोदाम में गुप्त रूप से संग्रहित की गई थी। गोपनीय सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में अधिकारियों को 310 टन सुपारी बिना किसी वैध दस्तावेजों के पाई गई, जिससे कर चोरी की आशंका जताई जा रही है।

गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी

सीजीएसटी अधिकारियों के अनुसार, टीम को गुप्त रूप से सूचना मिली थी कि बैरसिया रोड पर स्थित एक अवैध गोदाम में भारी मात्रा में सुपारी संग्रहीत की गई है। जांच के दौरान यह पाया गया कि यह गोदाम रजिस्टर्ड नहीं था और वहां रखी गई सुपारी से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।

कर चोरी की आशंका, जांच जारी

शुरुआती आकलन के अनुसार, जब्त की गई सुपारी की कीमत 10 से 12 करोड़ रुपये आंकी गई है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, इसका मूल्य इससे भी अधिक हो सकता है। अधिकारियों ने जब्त किए गए सामान को कब्जे में लेकर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
विभाग अब यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में सुपारी कहां से आई और इसे गोदाम में किस उद्देश्य से संग्रहीत किया गया था। साथ ही, इस मामले में कर चोरी और अन्य अनियमितताओं की भी जांच की जा रही है।

अधिकारियों की सतर्कता से हुई कार्रवाई

सीजीएसटी की इस कार्रवाई से अवैध व्यापार में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है। विभाग का कहना है कि जब तक सभी दस्तावेजों की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक जब्त की गई सुपारी को विभागीय नियंत्रण में रखा जाएगा।
वर्तमान में जांच जारी है, और अधिकारियों का कहना है कि यदि इसमें कर चोरी या अन्य अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो संबंधित व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नायक… मोहन जी मोह रहे जन का मन…. अब साधारण यात्री बनकर ट्रेन में हुए सवार

भोपाल। कभी वे भुट्टे खाने के लिए काफिला सड़क किनारे रुकवा लेते हैं…. तो कभी किसी चाय की रेहड़ी वाली से जिद करके खुद चाय बनाने लगते हैं….! व्यस्त दौरे के बीच हादसाग्रस्त किसी साधारण परिवार के लिए भी वे चिंतित दिखाई दे जाते हैं…! नायक बनकर जनता के सीएम डॉ मोहन यादव सर्दी की व्यवस्थाएं देखने रैन बसेरे का चक्कर भी लगाने से गुरेज नहीं करते। और कभी कैंसर अस्पताल में आधी रात औचक रूप से पहुंचकर मरीजों की कुशलक्षेम भी जान आते हैं।


एक साल पहले प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा चौथी पंक्ति में बैठे एक गैर सियासी परिवार के व्यक्ति के कंधों पर प्रदेश की बागडोर सौंप दिया जाना शायद इसी दूरदर्शिता का हिस्सा था। डॉ मोहन यादव ने सालभर में खुद को साबित कर दिखाया। जन सरोकार की योजनाओं से लेकर प्रदेश विकास की नई तहरीर लिखने में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वास को बार बार मजबूत किया है।

सरल, सहज, सुलभ कहलाने वाले लोकनायक डॉ मोहन यादव का यही आसान रूप मंगलवार शाम फिर परिलक्षित हुआ। जब अपने शासकीय दौरे से लौटते हुए उन्होंने नर्मदापुरम से भोपाल का सफर सरकारी लवाजमे की बजाए साधारण यात्री के तौर पर करने का ऐलान किया। इंटरसिटी एक्सप्रेस में जब यह यात्रा शुरू हुई तो ट्रेन में मौजूद यात्रियों में आश्चर्य मिश्रित खुशी पसर गई। सीएम डॉ मोहन यादव साधारण यात्री की तरह आमजन के साथ सीट शेयर करते नजर आए। इस स्थिति ने लोगों में हौंसला भरा तो कोई अपने मासूम बच्चे को उनके पास लेकर आने की हिम्मत जुटाता दिखाई दिया तो कोई स्टूडेंट उनकी बगल की सीट पर सुकून से आ बैठी। कुछ युवाओं ने अपने नायक के साथ सेल्फी लेने भी हिचकिचाहट महसूस नहीं की। रानी कमलापति स्टेशन पर जब यह सफर पूरा हुआ तो प्लेटफार्म पर मौजूद लोगों ने भी खुशियों भरी नजरों से अपने जननेता का साथ खड़े होकर स्वागत किया।

मिला 26 ऊर्जस्विताओं को सम्मान, मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा-हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं महिलाएं

भोपाल। सामाजिक संस्था अनुनय सोसायटी ने अलग-अलग क्षेत्रों मे आगे बढ़ रही 26 महिलाओं को ऊर्जस्विता सम्मान से सम्मानित किया। आईएचएम ऑडिटोरियम में महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया ने महिलाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। चाहे समाजसेवा हो या व्यापारिक क्षेत्र, नारी शक्ति अपनी पूरी ऊर्जा से काम करती है। इस कारण उन ऊर्जस्विताओं को समय-समय पर सराहा भी जाना चाहिए। देश और समाज को आगे बढ़ाने वाली नारी शक्ति जब सम्मान पाती है तो दूसरी महिलाएं भी प्रेरित होती हैं। इस तरह के आयोजन सार्थक होते हैं। उन्होंने कहा कि मैं खुद वर्षों से प्रदेश के आदिवासी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रही हूं। महिला किसी भी क्षेत्र में अपना मुकाम हासिल करती है तो वह उसे अपने परिश्रम से हासिल करती है। वह लड़ना जानती है। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में पर्यावरण, लोक कला, महिला सशक्तिकरण के लिए कई महिलाएं खामोशी से सार्थक कार्य कर रही है। इसे समाज को सामने लाना, उचित सम्मान देना सभी की जिम्मेदारी है। इसका निर्वहन अनुनय सोसायटी पूरी तन्मयता से कर रही है।

मार्गी वॉट्स कार्टर का लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान
कार्यक्रम में प्रफुल्लित तीर्थ के पीठाधीश स्वामी मनेश्वरानंद , छत्तीसगढ़ के पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) सुधीर अग्रवाल, आईएचएम के प्राचार्य डॉ. रोहित सरीन, रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी डॉ. एके भट्टाचार्य, विभांशु जोशी, अजय देवनानी, ब्रजेश चौहान मौजूद थे।  सोसाइटी की अध्यक्ष माही भजनी ने बताया कि बालाघाट में बैगा समुदाय के विकास में अपना योगदान देने वाली मार्गी वॉट्स कार्टर को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

यह नारी शक्ति को मिला सम्मान
डॉ अनामिका जैन- उच्च शिक्षा ( इंदौर), डॉ पल्लवी तिवारी – विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (यूएस), सुश्री संप्रिया पूजा- लोकनृत्य एवं गायन, (छत्तीसगढ़), डॉ वंदना अग्रवाल -स्कूल शिक्षा ( छत्तीसगढ़), सुश्री ओरियल प्रिज़मैन – संरक्षण (यूके), डॉ आरती सिन्हा- साउंड हीलर एवम वेलनेस कोच, सुश्री चंद्रकला परस्ते-  जनजातीय संस्कृति (डिंडोरी), सुश्री प्रभाकर खलको- प्रशासन (छत्तीसगढ़), सुश्री मेघा मुक्तिबोध- शिक्षा, सुश्री मनीषा आनंद- मिसेज़ इंडिया, सुश्री शोमिता भट्टाचार्य- पर्यावरण, (इंदौर), सुश्री रोली शर्मा, विपणन पेशेवर (नई दिल्ली), सुश्री आशा पठानिया- सत्कार उद्योग (हरियाणा), सुश्री दिव्या अत्रि- समाज सेवा, सुश्री भूमिका कलम- ज्योतिष (इंदौर), सुश्री अंजु तड़ियाल – कौशल विकास, सुश्री दक्षा वैदकर- प्रिंट मीडिया, सुश्री हुमेरा ख़ान – सामाजिक उद्यमी, सुश्री श्रुति सिंह – राजनीति, सुश्री विशाखा कवठेकर- आर्किटेक्ट, सुश्री अर्पणा चेंडके- उद्यमी (इंदौर), सुश्री दीक्षा पाटकर भदौरिया – नवाचार, सुश्री आराधना मालवी – आदिम कल्याण एवं खेलकूद (बैतूल), सुश्री मीरा – इंफ्लुएंसर (चीन), सुश्री पूर्वा त्रिवेदी- इलेक्ट्रॉनिक मीडिया।

“सेफ क्लिक” अभियान से जागरूक हो रहे विद्यार्थी, शिक्षकों ने भी की सहभागिता

अमित सेन
8085661177

भोपाल। सायबर सुरक्षा “सेफ क्लिक” अभियान के अंतर्गत मंगलवार को चोपड़ा कलां के एल एस मेमोरियल स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में सूखी सेवनिया थाना प्रभारी रामबाबू चौधरी एवं उपनिरीक्षक स्वाति दुबे द्वारा सेफ क्लिक अभियान में इंटरनेट से होने वाले अपराध की जानकारी तथा सुरक्षित तरीके से इंटरनेट का उपयोग करने की बातें साझा की गई।

फिशिंग की पहचान किस तरह कैसे की जाए इसके संबंध में विस्तार पूर्वक बच्चों को समझाइए दी गई तथा सेफ इंटरनेट डे के लिए स्लोगन तैयार कर सायबर अपराध के संबंध में जानकारी दी ।

इसके साथ ही मोबाइल ऐप डाउनलोड करने से पहले अपने डाटा की अनुमतियो और एक्सेस की जांच करने, कभी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने, केवायसी संबंधी, फर्जी कॉल व एसएमएस से सावधान रहने, सायबर वित्तीय धोखाधडी के संबंध में जानकारी दी साइबर अपराध के संबंध में उदाहरण देकर विद्यार्थियों को समझाया गया।

किसी के साथ सायबर फ्राड होंने पर तुरंत शिकायत करने के लिये  हेल्पलाईन नं. 1930 पर सूचित करने हेतु बताया गया। तथा बच्चों के बीच स्लोगन प्रतियोगिता एवं साइबर सुरक्षा एवं अपराध से संबंधित क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी कराया गया उक्त कार्यक्रम में लगभग 500 बच्चे एवं स्कूल स्टाफ सम्मिलित हुआ ।

“सेफ क्लिक” से मिल रही सायबर सुरक्षा की जानकारी, अभियान से जुड़ रहे छात्र और ग्रामीण


क्विज प्रतियोगिता में बच्चों ने दिए सायबर अपराध से जुड़े सवालों के जबाब

साइबर फ्रॉड से बचने के लिए नागरिकों को जागरूक कर रही देहात पुलिस – एसडीओपी प्रिया सिंधी

अमित सेन
8085661177


भोपाल! इन दिनों पूरे प्रदेश में सायबर सुरक्षा से जुड़ा ” सेफ क्लिक ” अभियान चलाया जा रहा है इस अभियान की शुरुआत मध्यप्रदेश पुलिस के डी.जी.पी कैलाश मकवाना द्वारा की गईं है!इसी के साथ हीं इसमें भोपाल देहात पुलिस भी बड़ चढ़ कर हिस्सा ले रहीं है, इसी क्रम में सोमवार को सूखी सेवानिया पुलिस द्वारा ” सेफ क्लिक  ” अभियान के तहत मंगल पांडे हाई स्कूल में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।

जिसमें ग्रामीणजन, एनसीसी कैडेट, बीएसएस कॉलेज एवं स्कूल के छात्रों ने बड़ी संख्या में भाग लिया । कार्यक्रम में क्विज प्रतियोगिता भी रखी गईं जिसमें बच्चों द्वारा सायबर से जुड़े अपराधों पर खुलकर जबाब दिए।

इसके साथ हीं कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एसडीओपी प्रिया सिंधी ने बताया की किसी भी अनजान नंबर से आने वाली लिंक पर क्लिक नहीं करना है। नए नंबरों से आने वाले मैसेजों से बचना है और UPI का उपयोग सतर्कता के साथ करना है और अगर हमसे गलती से कोई क्लिक हो गया है तो हमें हमारे परिजनों को बता देना है। और नजदीकी थाने को सूचना भी देनी ताकि समय रहते आपकी मदद हो सकें !

वहीं सूखी सेवानिया थाना प्रभारी रामबाबू चौधरी ने बच्चों और ग्रामीणों को बताया की फोन पे, इंस्टाग्राम, व्हाटसएप, फेसबुक, डिजिटल अरेस्ट एवं अन्य तरह से हमारे साथ सायबर फ्राड हो सकता है।
हमें सायबर फ्रॉड से बचने के लिए सतर्क रहना चाहिए और और मोबाईल पर आने वाले अनजान विदेशी नंबरों या अनजान वीडियो कॉल को नहीं उठाना है और हमें नजदीकी थाने को समय पर सूचना देनी है!
सब.इंस्पेक्टर स्वाति दुबे ने कहा मोबाइल ऐप डाउनलोड करने से पहले अपने डाटा की अनुमतियो और एक्सेस की जांच करने, कभी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने, केवायसी संबंधी, फर्जी कॉल व एसएमएस से साबधान रहने, सायबर वित्तीय धोखाधडी के संबंध में जानकारी दी वहीं अगर आपके साथ किसी भी तरह का कोई भी सायबर फ्राड होता है तो 1930 सायबर हेल्पलाइन नंबर पर उसकी शिकायत दर्ज कर सकते है!

बसंत पंचमी पर घोषित हुई तिथि, चार मई को खुलेंगे बदरीनाथ धाम के कपाट।

भोपाल! धार्मिक परंपरा के अनुसार, अक्षय तृतीया पर दिन गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने से यात्रा का आगाज होता है। वहीं, आज वसंत पंचमी के पावन पर्व पर टिहरी के नरेंद्रनगर राज दरबार में बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित हुई। प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का शुभारंभ इस बार 30 अप्रैल को होगा। वहीं बदरीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष चार मई को सुबह छह बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।

MP News : प्रदेश की प्रो अस्मिता बनीं सीसीएसईए सदस्य, तीसरी बार मिला मौका

भोपाल। भैषजिक विज्ञान विभाग, डॉ हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर (एमपी) की प्रोफेसर एवं डीन डॉ अस्मिता गजभिये पाटिल को राजीव रंजन सिंह केबिनेट मंत्री भारत सरकार द्वारा जानवरों पर प्रयोगों के नियंत्रण और पर्यवेक्षण के उद्देश्य (सीसीएसईए) के लिए समिति के सदस्य के रूप में नामित किया गया है। उन्हें इस समिति का लगातार तीसरी बार सदस्य नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत पशुपालन और डेयरी विभाग, भारत सरकार द्वारा की गई है। वे मध्य प्रदेश की पहली महिला हैं, जिन्हें  सीसीएसईए में सदस्य नामित किया गया है। यह समिति ऐसे सभी उपाय करने के लिए जिम्मेदार होगी, जो यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हो कि जानवरों पर प्रयोगों के प्रदर्शन से पहले, दौरान या बाद में अनावश्यक दर्द या पीड़ा न हो। ज्ञात हो कि  प्रो अस्मिता वर्तमान में कई अन्य राष्ट्रीय समितियों की मेम्बर की हैसियत से कार्य कर रही जिन्हें मंत्रालय द्वारा नियुक्त किया गया है।
प्रो अस्मिता पाटिल की इस नियुक्त पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता ने बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि फार्मेसी विभाग ऐसे ही कार्य करते हुए आगे बढ़ता रहे, विभाग तथा यूनिवर्सिटी के लिए यह गौरव की बात है। विवि के अन्य वरिष्ठ प्रोफेसर्स एवं फार्मेसी विभाग के  विभागाध्यक्ष प्रो पाटिल, प्रो जैन, प्रो वंदना सोनी, डॉ धर्मेन्द्र जैन तथा डॉ सुशील काशव सहित विभाग के ऑफिस के समस्त कर्मचारियों द्वारा बधाई दी गई है।

भोपाल में एक करोड़ की नशीली दवाएं बरामद:इंदौर पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा, जल्द अमीर बनने नशे के रूप में कर रहे थे सप्लाई

भोपाल! में अल्प्राजोलम टैबलेट और कोडीन सिरप की बड़ी खेप पकड़ी गई है। खास बात यह है कि ये कार्रवाई इंदौर क्राइम ब्रांच पुलिस ने की है। पकड़ी गई इन दवाओं की ब्लैक मार्केट में कीमत करीब 1 करोड़ रुपए से ज्यादा आंकी जा रही है। इंदौर की क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार रात को ये कार्रवाई की। जिसकी जानकारी शनिवार को मीडिया को दी गई। क्राइम ब्रांच ने तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। आरोपी जल्द अमीर बनने के मंशा से कोरोना काल के बाद से ही अवैध मादक पदार्थ की तस्करी कर रहे थे।
डीसीपी क्राइम ब्रांच इंदौर राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कुछ दिनों पहले इंदौर निवासी मोइनुद्दीन उर्फ मोना और शावेज को 360 नग कोडीन सिरप बोतल के साथ गिरफ्तार किया था। दूसरी कार्रवाई में इंदौर निवासी जितेंद्र उर्फ जीतू यादव को 1950 नग अल्प्राजोलम टैबलेट के साथ पकड़ा था।
डीसीपी ने बताया कि दोनों ही मामलों में आरोपियों से सप्लाई करने वाली चेन की जानकारी निकाली थी। टीम को भोपाल में इसकी लिंक मिली। इसके बाद दबिश देकर बड़ी मात्रा में कोडीन सिरप और अल्प्राजोलम टैबलेट जब्त की है।
सतना और भोपाल के निवासी हैं आरोपी
क्राइम ब्रांच की टीम ने सतना निवासी अमर सिंह और भोपाल निवासी अमन रावत, आकाश जैन को गिरफ्तार किया है।
अमर सिंह, आरोपी: बीएससी की पढ़ाई की है। पूर्व में गिरफ्तार हुए आरोपियों को यही कोडीन सिरप और अल्प्राजोलम टैबलेट कई गुना ज्यादा दामों पर सप्लाई करता था। सप्लाई के लिए उसे दवाइयां अमन रावत उपलब्ध कराता था।
अमन, आरोपी: इसने बीकॉम की पढ़ाई की है और मेडिकल दवाईयों की मार्केटिंग का काम पिछले 9 सालों से कर रहा है। जल्दी पैसा कमाने के लिए ये होलसेल व्यापारी आकाश से अवैध मादक पदार्थ लाकर अमर के माध्यम से सप्लाई करता था।
आकाश, आरोपी: स्वस्तिक इंटरप्राइजेस के नाम से संचालित मेडिकल ड्रग्स का होलसेल व्यापारी है। एमबीए की पढ़ाई की है। व्यापार की आड़ में कोविड के बाद से ही जल्दी पैसा कमाने की नीयत से प्रतिबंधित अल्प्राजोलम टैबलेट और कोडीन सिरप अवैध रूप से सप्लाई करता था। नशा करने वालों को कई गुना दाम में अवैध मादक पदार्थ की सप्लाई करता था।
9 लाख से ज्यादा टैबलेट और 5 हजार से ज्यादा सिरप बरामद
सीपी क्राइम ब्रांच राजेश त्रिपाठी ने बताया – भोपाल के हनुमानगंज थाने से 100 से 200 मीटर दूर ही एक गोडाउन था। जहां पर उसने माल छिपा रखा था। क्राइम ब्रांच की टीम ने गोडाउन से 12 कार्टून बॉक्स अल्प्राजोलम टैबलेट (9 लाख 30 हजार नग) और 40 कार्टून बॉक्स कोडीन सिरप (5240 नग बोतल) बरामद की है।
इंदौर से क्राइम ब्रांच की टीम शुक्रवार रात में 10 से 10.30 के बीच मौके पर पहुंची और कार्रवाई की। शनिवार सुबह 7 बजे तक टीम ने यहां वीडियो ग्राफी और जब्ती की कार्रवाई की। इसके बाद आरोपियों को लेकर टीम दोपहर करीब 12 बजे इंदौर पहुंची। दोपहर में करीब 3.30 बजे पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा किया। इंदौर क्राइम ब्रांच ने भोपाल के हनुमानगंज थाने में सूचना दी थी। भोपाल पुलिस भी क्राइम ब्रांच की टीम के साथ थी।
सुबह और रात में करते थे व्यापार
पूछताछ में ये बात निकलकर सामने आई है कि अगर कोई बड़ी मात्रा में माल लेने आता था तो उसे सुबह 9 बजे के पहले या रात को 9 बजे के बाद ही माल दिया करते थे। दिन में इस काम को पूरी तरह से गोपनीय रखते थे, ताकि किसी को पता न चल सके। आरोपी सतना-रीवा सहित प्रदेश के अन्य जगह पर भी अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई करते थे। फिलहाल तीनों से पूछताछ कर ओर भी जानकारी निकाली जा रही है।

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