यूका का कचरा जलाने के दौरान हादसा हुआ तो क्या इंतजाम’…

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश शासन से पूछा

सामाजिक कार्यकर्ता चिन्मय मिश्र की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका में कई तरह की आशंकाएं व्यक्त करते हुए बताया गया है कि सरकारी की तरह की किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम नहीं किए गए हैं।
याचिका पर सरकार को 24 फरवरी से पहले देना है जवाब
जहां कचरा जलाया जाएगा, वहां से 250 मीटर दूरी पर है गांव
याचिकाकर्ता का आरोप- निपटने के लिए अस्पताल तक नहीं
इंदौर : सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश शासन से पूछा है कि धार जिले के पीथमपुर में भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का कचरा जलाने के दौरान अगर कोई घटना होती है तो उसके पास क्या इंतजाम हैं? उसने इसकी आशंका को देखते हुए क्या व्यवस्थाएं की हैं? सुप्रीम कोर्ट ने शासन से यह सवाल उस जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए पूछा है, जिसमें कहा है कि यूनियन कार्बाइड के रासायनिक कचरे को जलाने से पहले शासन ने कोई इंतजाम नहीं किया है। ऐसे में किसी अनहोनी की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।
जहां कचरा जलेगा, वहां से 250 मीटर दूरी पर है गांव
याचिका सामाजिक कार्यकर्ता चिन्मय मिश्र ने दायर की है। उन्होंने बताया कि हमने याचिका में कहा है कि सरकार बगैर पर्यावरण और स्वास्थ्य के नियमों का पालन किए यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को जलाने जा रही है।
कचरा जलाने की प्रक्रिया नौ माह तक चलेगी। जिस जगह पर कचरा जलाया जाना है, उससे 250 मीटर दूरी पर एक गांव है। एक किमी के दायरे में अन्य गांव हैं। इन गांवों के ग्रामीणों को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध नहीं करवाया गया है।
सरकार ने आपदा प्रबंधन के लिए भी काम नहीं किया है। अगर कोई हादसा होता है तो पीथमपुर में अस्पताल तक नहीं है। किसी अनहोनी की स्थिति में बचाव के कोई इंतजाम नहीं हैं। इस तरह के कई मुद्दे हैं, जिन पर बात करना आवश्यक है।
याचिका में कहा है कि शासन को इस मामले में राज्य, जिला और स्थानीय स्तर पर समितियां गठित करनी थी, लेकिन नहीं की गईं। सोमवार को न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति एजी मसीह ने शासन को नोटिस जारी कर 24 फरवरी से पहले जवाब मांगा है।
पीथमपुर की वेस्ट मैनेजमेंट इकाई परिसर में भोपाल यूका क्षेत्र जैसा भूजल
यूनियन कार्बाइड का 337 मीट्रिक टन कचरा धार जिले के पीथमपुर की वेस्ट मैनेजमेंट फैक्ट्री में जलाया जाना है। इस फैक्ट्री को 20 दिसंबर 2024 में मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा एक नोटिस दिया गया है। नोटिस में कई कमियां गिनाकर फैक्ट्री प्रबंधन से जवाब-तलब किया गया है, लेकिन इस नोटिस का जवाब अब तक प्रबंधन द्वारा नहीं दिया गया है।
यह खुलासा भोपाल गैस कांड के पीड़ितों के लिए संघर्ष करने वाले पांच संगठनों ने किया है। संगठन की रचना ढींगरा ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का नोटिस में बता रहा है कि पीथमपुर की वेस्ट मैनेजमेंट इकाई के परिसर में सीवेज का पानी इकट्ठा हो रहा है।
इस पानी में वही केमिकल पाए गए हैं, जो भोपाल में यूका परिसर के आसपास की बस्तियों के भूजल में पाए गए हैं। इससे साफ होता है कि यदि पीथमपुर में 337 मीट्रिक टन कचरा और जलाया गया तो वहां का भूजल अधिक दूषित हो सकता है।
पीथमपुर में कुछ वर्ष पहले ट्रायल के तौर पर यूका का 10 टन कचरा जलाया गया था। इसे जलाने में 80 हजार लीटर डीजल खर्च हुआ था। अब यदि 337 मीट्रिक टन कचरा जलाया गया तो कितने लाख लीटर डीजल खर्च होगा, इसका अंदाजा कोई नहीं लगा सकता। अत्यधिक डीजल के जलने से जो राख उत्पन्न होगी, उससे पूरे पीथमपुर की हवा दूषित हो जाएगी और लोगों को सांस लेना मुश्किल हो जाएगा। – सतीनाथ षडंगी

मध्यप्रदेश के 207 प्राइवेट स्कूल होंगे बंद, अधर में 31 हजार बच्चों का भविष्य |

इंदौर :- इंदौर शहर में 207 निजी स्कूल नए शिक्षा सत्र से बंद हो जाएंगे, जिससे 31,000 से अधिक बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। स्कूलों को मान्यता नवीनीकरण के लिए आवेदन करना था, लेकिन राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा रखी गई नई शर्तों के कारण कई स्कूल आवेदन करने में असफल रहे।
राज्य शिक्षा केंद्र की नई शर्तों ने स्कूलों को मुश्किल में डाला।
1477 स्कूलों ने मान्यता नवीनीकरण के लिए आवेदन किया।
लापरवाही के चलते अब तक 217 आवेदन ही हुए स्वीकृत।
पहली से आठवीं तक के निजी स्कूलों की मान्यता आवेदन करने की तारीख निकल चुकी है। इसमें जिले से 1477 स्कूलों ने ही मान्यता नवीनीकरण के लिए आवेदन किया है, जबकि जिले में 1684 स्कूलों का संचालन हो रहा है। इस तरह नए शिक्षा सत्र में 207 स्कूल बंद हो जाएंगे, जिसके कारण यहां पढ़ने वाले 31 हजार से अधिक बच्चों को नए शिक्षा सत्र में नया स्कूल खोजना होगा। इसके पीछे मुख्य कारण राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा मान्यता में नया नियम रजिस्टर्ड किरायानामा की शर्त को बताया जा रहा है।
मान्यता नवीनीकरण के लिए तारीख 14 फरवरी थी
राज्य शिक्षा केंद्र ने पहली से आठवीं तक के निजी स्कूलों की मान्यता नवीनीकरण आवेदन के लिए 23 दिसबंर से 23 जनवरी की तिथि घोषित की गई थी। इसके बाद आवेदन की तारीख सात फरवरी और विलंब शुल्क के साथ 14 फरवरी तय की थी।
1477 आवेदन ही आए हैं
इस दौरान कुल मान्यता प्राप्त 1684 स्कूलों में से 1477 के ही आवेदन आए हैं। वर्तमान में विकासखंड स्त्रोत समन्वयक (बीआरसी) स्तर पर स्कूलों का निरीक्षण कर आवेदन जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय भेजे जा रहे हैं, लेकिन इसमें भी लापरवाही बरती जा रही है।
1477 आवेदन में 1172 बीआरसी स्तर पर ही लंबित है। इनमें से कई आवेदन 15 से 20 दिन पुराने हो चुके हैं, जबकि बीआरसी को 15 दिन में प्रकरण आगे बढ़ाना है। इसके साथ ही डीपीसी स्तर पर भी 208 प्रकरण लंबित हैं। अब तक 217 प्रकरण ही स्वीकृत हुए हैं।
एक शर्त के कारण पीछे हुए स्कूल
राज्य शिक्षा केंद्र ने इस बार मान्यता नवीनीकरण में नई शर्त रखी है। इसके अनुसार आवेदन के साथ स्कूल संचालक को जिस भवन में स्कूल संचालित हो रहा है, वहां का रजिस्टर्ड किरायानामा प्रस्तुत करना अनिवार्य कर दिया है।
इंदौर जिले में ऐसे कई स्कूल हैं, जो अवैध कॉलोनी, कृषि भूमि आदि जगह संचालित हो रहे हैं। इसी कारण 207 स्कूल संचालकों ने नवीनीकरण का आवेदन नहीं भरा है। हालांकि इनमें से कुछ ऐसे भी हैं, जहां छात्र संख्या कम होने के चलते पहले से ही बंद होने के कगार पर हैं।
संगठन ने किया विरोध
गत माह मान्यता में रजिस्टर्ड किरायानामा की शर्त हटाने को लेकर मप्र बोर्ड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने विरोध कर इस शर्त को निरस्त करने की मांग की थी। कहा था कि पहले की तरह नोटरी किरायानामा लागू किया जाए। मान्यता के लिए 40 हजार रुपये की सुरक्षा निधि लेने पर रोक लगे। इसके बाद एसोसिएशन हाई कोर्ट भी गया था।
लंबित प्रकरणों को निपटाया जाएगा
मान्यता नवीनीकरण के प्रकरण नियमानुसार हल किए जा रहे हैं। जल्द ही लंबित प्रकरणों को निपटा दिया जाएगा। – *संजय कुमार मिश्र, जिला परियोजना समन्वयक*
पहली बार इतनी बड़ी संख्या में बंद होंगे स्कूल
पहली बार नए शिक्षा सत्र से इतनी बड़ी संख्या में स्कूल बंद हो जाएंगे। इसके पीछे मुख्य कारण मान्यता शर्त है। – *गोपाल सोनी, प्रदेश उपाध्यक्ष, मप्र बोर्ड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन*

“आखिर क्यों न मोहे मोहन…”

भाग – ०१

भारत भूषण विश्वकर्मा
7400794801

बहुत पहले कभी बीमारू और पिछड़ा राज्य कहलाने वाले मध्यप्रदेश के दिन तब बदलना शुरू हो गए थे जब तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्गी राजा के दिग्विजयी अभियान को एक साध्वी ने रोक भाजपा की सरकार बना दी… हिंदुत्व का प्रखर चेहरा रहीं उमा भारती ने मध्यप्रदेश के नवनिर्माण की परिकल्पनाओं पर काम चालू कर दिया… दीगर बात है कि उमा भारती ज्यादा लंबे समय तक टिक नहीं सकीं और सत्ता की बागडोर भाजपा के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं में शुमार रहे स्वर्गीय बाबूलाल गौर के हाथों में आ गई… भोपाल को दिल में बसाने वाले और भोपालियों के दिल में बसने वाले गौर ने भी मध्यप्रदेश को पटरी पर लाने के हर संभव प्रयास किए… तमाम जिम्मेदारियों को अनुभवी कंधों पर उठाकर चलने वाले बाबूलाल गौर की कार्यशैली युवाओं को भी अचंभित कर देने वाली रही… समय का पहिया अपनी दिशा में बढ़ता रहा और वो दिन भी आ गया जब जगत मामा शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पारी शुरू की… किसी विस्फोटक बल्लेबाज की भांति धुआंधार प्रदर्शन करते चौहान किसी भी मोर्चे पर कभी नहीं चूके… अपने देसी अंदाज और सहजता के लिए पहचाने जाने वाले शिवराज एक सफल मुख्यमंत्री से ज्यादा मामा और भाई के रूप में प्रसिद्ध होते गए… मध्यप्रदेश के साथ देश भर में जहां शिवराज सिंह चौहान की छवि परवान चढ़ रही थी वहीं प्रदेश की छवि भी अब विकासशील प्रदेश में तब्दील हो चुकी थी… मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज ने हर वर्ग, आयु, समाज, धर्म के हितग्राहियों के लिए योजनाओं का पिटारा खोल दिया… सरल शब्दों में कहा जाए तो लब्बोलुआब यह कि स्वर्णिम मध्यप्रदेश की कल्पना को मूर्तरूप शिवराज सिंह चौहान ने दिया… लेकिन समय चक्र कहां रुकता है आज शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय मंत्री हैं और मध्यप्रदेश की कमान संभाल रहे हैं डॉ मोहन यादव… शिवराज सरकार में मंत्री रहे डॉ मोहन यादव प्रदेश को उस शिखर पर ले जाने हेतु प्रतिबद्ध नजर आ रहे हैं जिसका सपना भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्रियों ने देखा था… हालांकि डॉ मोहन यादव के विषय में कभी शिवराज विरोधी होने की अफवाहें उड़ाई जाती हैं, तो कभी उनकी सख्ती पर सवाल उठाए जाते हैं… लेकिन संगठन के अखाड़े में पके मजबूत पहलवान मोहन यादव इन सब को अनदेखा कर लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं… विपक्षी और बाजार जो भी कहे लेकिन डॉ मोहन यादव की कार्यशैली में तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों की झलक और उनके शब्दों में सभी के प्रति सम्मान हमेशा देखने को मिलता है… प्रदेश को लेकर बड़ा विजन और अलग रोडमैप रखने वाले मोहन यादव का आज तक ऐसा कोई बयान सामने नहीं आया है जिसमें वे किसी भी सीनियर नेता पर कटाक्ष करते दिखाई देते हों… उनकी कार्यशैली में एक तरफ उमा भारती की तरह हिंदुत्व और मातृ संगठन के प्रति समर्पण नजर आता है, तो दूसरी ओर उनके निर्णय बाबूलाल गौर की भांति साहसी और आत्मविश्वासी दिखाई पड़ते हैं… वहीं जनता से सीधे जुड़ जाने की आदत और हमेशा मुस्कुराते हुए अभिवादन स्वीकार कर लेने की उदारता से शिवराज सिंह चौहान की याद आना स्वाभाविक है… दरअसल संघ की अनुशासित जीवनशैली मोहन यादव के सार्वजनिक जीवन में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जिसके अनेकों उदाहरण प्रदेश वासियों के सामने मौजूद हैं… मध्यप्रदेश में भाजपा के प्रमुख चेहरे और पूर्व मुख्यमंत्री रहे तीन दिग्गजों के अनुभव हासिल कर स्वर्णिम मध्यप्रदेश की अलग तस्वीर बनाने वाले डॉ मोहन यादव के लिए इतना ही कहेंगे “आखिर क्यों न मोहे मोहन…”

दूसरे भाग में जल्द पढ़िए –
और कितना मोहोगे मोहन…

हरीश चौधरी को म.प्र.काग्रेस कमेटी के प्रभारी नियुक्त होने पर राजकुमारी सुंदरलाल केवट ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं |


जीतेन्द्र सेन
बैरसिया।। 14 फरवरी 2025 को ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के जनरल सेक्रेटरी के.सी.वेणुगोपाल (म.प्र) द्वारा लेटर जारी कर विभिन्न पदअधिकारियों की नियुक्ति की गई जिसमें पूर्व मंत्री हरीश चौधरी को मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी का प्रभारी नियुक्त किया गया चौधरी को म.प्र.कांग्रेस का प्रभारी नियुक्त होने पर बैरसिया से महिला कांग्रेस की पूर्व जिला अध्यक्ष एवं पूर्व शमशाबाद विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रही राजकुमारी सुंदरलाल केवट द्वारा हाल ही में हरीश चौधरी को म.प्र. कांग्रेस प्रभारी बनाए जाने पर वरिष्ठ नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी साथ ही उनके उज्जवल भविष्य की कामना की वही राजकुमारी सुंदरलाल केवट ने बताया कि चौधरी के  विशाल जमीनी अनुभव और कुशल नेतृत्व से कांग्रेस संगठन को एक नई ऊर्जा मिलेगी और मुझे पूरा विश्वास है कि आपके मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश कांग्रेस और भी  अधिक सशक्त होकर जनता की आवाज बनेगी हम सब मिलकर कांग्रेस की विचारधारा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए संकल्पित रहेंगे।

पुलिस से बचने “शैतान” ने बनाया “साधु” का वेश, फिल्मी अंदाज में बिहार से दबोचा गया

नाबालिक लडकी के साथ छेड़खानी और आत्महत्या के लिए उकसाने वाले आरोपित पर है दस हजार था इनाम

भोपाल। जुर्म को अंजाम देकर भागने वाले कई मुजरिमों दास्तां आपने देखी और सुनी होगी लेकिन बिहार से गिरफ्तार किए गए बदनीयती और खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोपी नीतेश कुमार दुबे की कहानी फिल्मों से प्रेरित नजर आती है। फिल्मी अंदाज में पुलिस को चकमा देने की नाकाम कोशिश करने वाले आरोपी नीतेश कुमार दुबे की असल कहानी तब सामने आना शुरू हुई जब सूखी सेवनिया पुलिस ने बीते जनवरी की 31 तारीख को दर्ज हुए मर्ग को खंगालना शुरू किया। मामले में नाबालिग मृतका की जांच पड़ताल से ही पुलिस के शक की सुई आरोपी नीतेश कुमार दुबे पर आकर थम गई।

छानबीन में तसल्ली देने लायक तथ्यों तक पहुंचते ही पुलिस ने आरोपी नीतेश के विरुद्ध धारा 107,74 बीएनएस 9/10 पास्को एक्ट में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। मामले की गंभीरता देखते हुए एसपी देहात प्रमोद सिन्हा ने आवश्यक निर्देश जारी कर आरोपी पर दस हजार का इनाम घोषित कर दिया और खुद पूरे प्रकरण पर लगातार नजर बनाए रखी। गठित जांच दल जब आरोपी नीतेश कुमार दुबे की तलाश में बिहार के कैमूर जिले के गांव अलीपुर पहुंचा तो आरोपी के प्रयागराज कुंम्भ में जाने की जानकारी सामने आई। वहीं जब पुलिस टीम प्रयागराज पहुंची तो तकनीकी मदद एवं मुखबिर की सूचना मिली की आरोपी नीतेश कुमार दुबे प्रयागराज कुंम्भ मेला में साधु का छदम भेष बनाकर रह रहा था। आरोपी फिल्मी अंदाज में लगातार पुलिस को चकमा देता रहा और भीड भाड का फायदा उठा रहा था। तब जैसे को तैसा के अनुसार पुलिस दल ने भी साधुओं के वेश बनाकर आरोपी की निगरानी शुरू कर दी। इसी बीच आरोपी नीतेश कुमार दुबे कुंभ क्षेत्र से निकलकर घर की ओर भाग निकला जिसका पीछा करते हुए पुलिस दल ने आरोपी नीतेश कुमार दुबे को उसके घर अलीपुर जिला कैमूर बिहार से बीते गुरुवार को अभिरक्षा में लिया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी नीतेश कुमार दुबे से घटना के संबध में पूछताछ करने पर अपना जुर्म कुबूल कर लिया।

जेल में विराजेंगे न्याय के देवता  |

रतलाम जिला जेल में शनिदेव की प्राण प्रतिष्ठा 15 फरवरी को

इंदौर। रतलाम जिला जेल में कल  शनिवार को न्याय के देवता भगवान शनिदेव के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस शुभ कार्य को प्रसिद्ध शनि साधक महामंडलेश्वर दादू महाराज के पावन हस्तों से संपन्न किया जाएगा।
जेल अधीक्षक लक्ष्मण सिंह भदौरिया ने बताया कि वह इंदौर स्थित गजासीन शनि धाम के कई बार दर्शन कर चुके हैं और वहां की शांति और सुकून को महसूस किया है। उन्होंने इच्छा जताई कि कैदी भी उसी आध्यात्मिक शांति का अनुभव कर सकें, जिससे उनके जीवन में सकारात्मकता आए और लंबित न्याय कार्यों में भी गति मिले। इसी भावना से महामंडलेश्वर दादू महाराज से प्रार्थना की गई, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया और शनिदेव की प्रतिमा की स्थापना का निर्णय लिया।
यह ऐतिहासिक पहल से न केवल जेल में बंद कैदियों के आध्यात्मिक उत्थान का माध्यम बनेगी, बल्कि न्याय और शांति की नई ऊर्जा का संचार भी करेगी। शनिवार अभिजीत मुहूर्त में शनि देव की प्रतिमा की स्थापना,आरती,हवन करने पश्चात की जायेगी शुक्रवार को अन्नाधिवास,पुष्पाधिवास,जलाधिवास,घृताधिवास, शयन आदि किए गए,,शनिवार प्रातः से ही अन्य वास और प्राण प्रतिष्ठा की विधियां डॉ दादू महाराज के पावन हस्ते संपन्न की जायेगी,,शनि देव के विभिन्न मंत्रो से हवन यज्ञ भी चुनींदा कैदी कर सकेंगे,इस अवसर पर महापौर प्रहलाद पटेल,बीजेपी जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, पूर्व विकास प्राधिकरण अध्यक्ष अशोक पोरवाल, पार्षद मनीषा व्यास  के साथ गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।

हम शराबियों की पीड़ा भी सुनो “महाराज”…

पटियेबाजी

भारत भूषण विश्वकर्मा
7400794801

कहा जाता है कि पीने वालों को पीने का बहाना चाहिए, और यहां तो सुरापान के अनगिनत बहाने मौजूद हैं… सोम पान के ये बहाने कभी ख़ुशी के मौके की आड़ लेते नजर आते हैं, तो कहीं इन बहानों को ग़मों की ओट लेते भी देखा जा सकता है… ख़ांटी शराबियों का ऐसा ही एक ताजा और नायाब मामला तब सामने आया जब “श्रीमंत” को संबोधित एक आवेदन पत्र सोशल मीडिया में तूफानी रफ़्तार से तैरने लगा… “सिंधिया” को लिखे इस अनुरोध पत्र में कोलारस के शराब प्रेमियों ने शराब की कीमत को कम कराने की गुज़ारिश की है… गौर से देखा जाए तो शराबियों ने इस खत के ज़रिए अपनी मज़बूरी और शराब आवश्यकता को बखूबी बखान किया है… मजदूरी कर परिवार पालने वाले मजदूरों ने अपनी व्यथा में लिखा है कि हाड़तोड़ मजदूरी के कारण उपजी थकान को मिटाने के लिए उन्हें शराब का “सहारा” लेना पड़ता है… यदि वे मदिरापान न करें तो उनकी थकान नहीं उतरती और दूसरे दिन वे काम पर जाने लायक नहीं बचते हैं… इसके साथ ही दारू की कीमतों पर चिंता जताते हुए कीमत घटाने की मांग यह कहकर की गई है कि उनकी आधी “मजूरी” पीने में निपट जाती है… यही नहीं अपने परिवार और भविष्य की चिंता में आकंठ डूबे इस शराबी मजदूर वर्ग का दावा है कि शराब की बड़ी कीमत से न सिर्फ उन्हें “भविष्य निधि” जोड़ने में भारी अड़चन आ रही है बल्कि आधी कमाई शराबखोरी में निपट जाने के चलते परिवार का “उदरपोषण” भी खतरे में पड़ गया है… कुछ ज्ञानियों के अनुसार तो कोलारस के समस्त निवासियों के नाम से लिखे इस आवेदन को पूरी गंभीरता से तवज्जो मिलनी चाहिए… इसके पीछे उनके अपने तर्क हैं, लेकिन खास यह कि हर उपभोक्ता को अधिकार है कि वह अपनी मनपसंद वस्तु के आसमान चढ़ते दामों पर असहमति दर्ज करा सकता है… वहीं कुछ युवा विश्लेषकों की मानें तो सिर्फ खबरिया सुर्खियां बटोरना और सोशल मीडिया पर चर्चा पाना ही ऐसे बेतुके आवेदन का एकमात्र आधार हो सकता है, वरना पूरे कोलारस में कुछ लोग तो ऐसे भी होंगे ही जो शराब को छूते भी न हों… खैर। शराबियों के पास अपनी जरूरत और मजबूरी है जिसे वो अपने “महाराज” को बयां कर चुके हैं, वहीं इस आवेदन को अलग अलग नजरिए से देखने वाले ज्ञानियों की अपनी राय है…
शराबियों ने अपना दुख व्यक्त कर लिया है जो अब इस आवेदन पर होने वाली हलचल से कुछ आस लगाए बैठे हैं, उन्हें आशा से अधिक विश्वास है कि “महाराज” हर हाल उनके साथ न्याय करेंगे और आसमान चढ़ते शराब के दामों को ज़मीन दिखा देंगे…

आवेदन

11-02-2024

बढ़ रहा खुशबू का दायरा, हाजी युनुस की चौथी पीढ़ी ने भी सम्हाली विरासत ए इत्र

भोपाल। रूह की गिजा इत्र को माना जाता है। इबादत से लेकर पूजा तक और खुशनुमा माहौल से लेकर खूबसूरती में इजाफे के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा। राजधानी भोपाल में इत्र का बड़ा कारोबार मौजूद है। इसमें एक बड़ी जिम्मेदारी इत्र फ़रोश हाजी मोहम्मद युनुस अहमद ने भी बखूबी निभाई है। वर्ष 1935 से लगातार खुशबू की खिदमत दे रहे हाजी साहब की चौथी पीढ़ी ने भी अब इसी कारोबार में अपना कदम रखा है। रविवार को अल युनुस अत्तार और परफ्यूम की शुरुआत हुई, जिसमें शहर के खुशबू पसंद लोगों ने पहुंचकर मुबारकबाद दीं।
इत्र कारोबार की भोपाल यात्रा को भोपाल में पोषित करने वाला बड़ा शहर कन्नौज माना जाता है। उत्तर प्रदेश के इसी शहर से हाजी इनायत उल्लाह खान ने भोपाल आमद दी। शहर के पुराने इलाके जुमेराती से उन्होंने इत्र और खुशबु वाले तेल का कारोबार शुरू किया। सिलसिला आगे बढ़ा तो हाजी इनायत के सबसे छोटे बेटे अल्हाज मोहम्मद युनुस ने अपनी खुशबुभरी शुरुआत इब्राहिमपुरा में की। वीनस परफ्यूम्स नामक दुकान का इतिहास इतना ही पुराना कहा जा सकता है, जितना पुराना यह बाजार है। बरसों पुरानी यह छोटी सी दुकान अब अपने पुराने वजूद की बरकरारी के साथ एक बड़े शोरूम का रूप ले चुकी है। हाजी मोहम्मद युनुस के छोटे बेटे हाजी रफीक अहमद इस कारोबार को आगे बढ़ा रहे हैं।



सिलसिला इन्होंने भी बढ़ाया
हाजी मोहम्मद युनुस के बड़े बेटे मोहम्मद अहमद ने अपने पिता की विरासत को सहेजते हुए खुशबू कारोबार को जिंदा रखा। उनका कारोबारी सफर इब्राहिमपुरा से शुरू होकर नवबहार सब्जी मंडी होता हुआ लक्ष्मी टॉकीज तक पहुंचा। तीन दशक से ज्यादा समय से अब वे इसी पेशे को खुद में समाए हुए हैं। उनका साथ देने के लिए उनका छोटा बेटा नौमान अहमद भी उनके साथ कदमताल कर रहा है।

अब चौथी पीढ़ी के खुशबू भरे कदम
हाजी इनायत उल्लाह खान की चौथी पीढ़ी के दो बेटों अमीन शेख और जुनेद अहमद ने एक नए संस्थान का आगाज रविवार को किया है। हाजी मोहम्मद युनुस के दो बेटों इकबाल अहमद और इनायत अहमद से आगे बढ़ी नस्ल के दोनों बेटों ने इब्राहिमपुरा क्षेत्र के जहांगीरिया स्कूल के सामने अल युनुस अत्तार और परफ्यूम नामक दुकान की शुरुआत की है।

यह भी रहे कारोबार के साथी
हाजी मोहम्मद युनुस के पोते फैजान अहमद और अमान अहमद भी इत्र कारोबार से जुड़े रहे हैं। हाजी इनायत उल्लाह खान के फैलाए हुए खुशबू वृक्ष से हाजी मोहम्मद युनुस ने दुनिया से विदा ले ली है। लेकिन उनके परिवार से मोहम्मद अहमद (लक्ष्मी टॉकीज से) रफीक अहमद (इब्राहिमपुरा से) फैजान अहमद (इब्राहिमपुरा से) और अमीन शेख और जुनेद अहमद ( नए संस्थान जहांगीरिया स्कूल के सामने से) खुशबू कारोबार की विरासत को सहेजे हुए हैं।

राजधानी में इत्र शौकीनों की बड़ी तादाद
राजधानी भोपाल में इत्र शौकीनों और कद्रदानों की बड़ी तादाद है। यही वजह है कि पुराने शहर के बाजारों से लेकर न्यू मार्केट के पाश बाजार तक इत्र और परफ्यूम की बड़ी दुकानें मौजूद हैं। इब्राहिमपुरा बाजार में एक गली खास तो इत्र दुकानों से ही लबरेज हो गई है। इसके अलावा जहांगीराबाद, इतवारा, बुधवारा, जुमेराती, काजी कैंप, लक्ष्मी टॉकीज जैसे अधिकांश इलाकों में इत्र दुकानें फैली हुई हैं। जहां हर दिन बड़ा खुशबू कारोबार हो रहा है।

“सेफ क्लिक” अभियान सिखा रहा सायबर फ्रॉड से बचने के तरीके, अभिभावको और शिक्षकों ने की पुलिस की प्रशंसा

सात कार्यक्रमों में लगभग 2500 विद्यार्थियों व 1000 आमजनों से हुआ पुलिस का सीधा संवाद

अमित सेन
8085661177

भोपाल। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सायबर फ्राड से बचने के लिए पुलिस द्वारा “सेफ क्लिक’ जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है । सूखी सेवनिया थाना पुलिस द्वारा अब तक एकता नगर, मंगल पांडे स्कूल, पिपलिया जाहिर पीर पंचायत भवन, एल एस मेमोरियल स्कूल चोपड़ा , शासकीय हाई स्कूल बालमपुर, सिटी कॉन्वेंट स्कूल अमोनी और अटल बिहारी विश्वविद्यालय में सात कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। आपको बता दें कि इन साथ कार्यक्रमों के माध्यम से थाना पुलिस अब तक लगभग 2500 छात्र छात्राओं तथा लगभग 1000 रहवासियों से संवाद कर चुकी है।

इसी क्रम में “सेफ क्लिक” अभियान के तहत गुरुवार को थाना सूखी सेवानिया पुलिस द्वारा सिटी कान्वेंट हाई स्कूल अमोनी में सेफ क्लिक अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जागरूकता कार्यक्रम में सूखी सेवानिया थाना प्रभारी रामबाबू चौधरी ने विद्यार्थियों को सायबर अपराधियों व सायबर अपराध का शिकार होने से बचने के लिए कई अहम जानकारी साझा की । उन्होंने बताया की इलेक्ट्रानिक गैजेट्स का इस्तेमाल करते समय बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।  सायबर अपराध करने वाले अपराधी आपके साथ फ्राड करने के लिए आपको OTP भेजते है कभी आपका एटीएम बंद होने की बात करते है तो कभी आपको लिंक या APK फाइल भेजकर आपको ठगने का प्रयास करते हैं। टी आई रामबाबू चौधरी ने कहा कि हमारा अधिकांश निजी डेटा भी मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर से जुड़ा होता है इसलिए भी हमें हमेशा सावधान  रहना चाहिए। थाना प्रभारी ने कहा कि स्क्रीन पर हमारा हर क्लिक “सेफ क्लिक” होना चाहिए, तभी हम सायबर फ्रॉड से बच सकते हैं।

रैली के माध्यम से जागरूक कर रहे विद्यार्थी
पुलिस द्वारा ” सेफ क्लिक ” अभियान के तहत सिटी कान्वेंट हाई स्कूल में जनसंवाद कार्यक्रम के बाद रैली निकाली गई, जिसमें सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930 चक्षु पोर्टल जैसे अहम संदेश देते हुए बोर्ड लिए कई छात्र छात्राएं सिटी कान्वेंट स्कूल से लेकर सूखी सेवानिया थाने के सामने से बरखेड़ी जोड़ तक पहुँचे। रैली में सिटी कान्वेंट हाई स्कूल शिक्षकगण बच्चे, ग्रामीणजन, बी.एस.एस कॉलेज के छात्र छात्राओं सहित पुलिस टीम ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया ।

सिटी कान्वेंट स्कूल के बच्चों ने सीखे सायबर सुरक्षा के गुर



सूखी सेवानिया थाना क्षेत्र के अमोनी स्थित सिटी कान्वेंट स्कूल के बच्चों ने सायबर फ्राड से बचने के लिए कई तरह के कानूनी पहलुओं को जाना और समझा। सब इंस्पेक्टर स्वाति दुबे ने बताया की इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सप्प पर कई तरह के फ्राड हो रहें है तथा आजकल सायबर अपराध निरंतर बड़ रहें है और हमें अनजाने नंबरों से आने वाले लिंक पर क्लिक करने से बचना है। अगर हम कभी गलती से इनका शिकार हो जाते है तो हमें तुरंत नजदीकी थाने में या सायबर थाने पहुँच कर संपर्क करना चाहिए जिससे हमें सही समय पर मदद मिल सके !

BSS कॉलेज के बच्चों ने नुक्कड़  के माध्यम से दिए कई संदेश

BSS कॉलेज के बच्चों द्वारा देहात पुलिस के साथ मिलकर थाना सूखी सेवानिया क्षेत्र के अमोनी चौराहे पर नुक्कड़ नाटक आयोजित किया गया जिसमें छात्र-छात्राओं द्वारा नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति के दौरान नारी सशक्तिकरण, सायबर फ्राड, बेटी बचाओ जैसे अहम संदेश दिए और BSS कॉलेज से आई डॉ. नैना ने बताया की इस तरह के आयोजनो में हम निरंतर बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते है और देहात पुलिस के साथ हम निरंतर “सेफ क्लिक’ अभियान में सहयोग कर रहें है और आगे भी लोगों को जागरूक करने में सहयोग करेंगे !

अयोध्या में श्रीराम मंदिर ट्रस्ट ने राम मंदिर के दर्शन और आरती में किया बदलाव

अयोध्या! सुबह 6 बजे रात 10 बजे तक चलेगा रामलला का दर्शन,सुबह 4:00 बजे होगी मंगला आरती। मंगला आरती के बाद भगवान के पट को किया जाएगा बंद। सुबह 6:00 होगी श्रंगार आरती, श्रंगार आरती के साथ ही रामलला का मंदिर आम जन के लिए दिया जाएगा खोल। दोपहर 12:00 लगेगा राज भोग। भोग के पश्चात पुनः श्रद्धालु कर सकेंगे रामलला का अनवरत दर्शन। शाम 7:00 बजे होगी संध्या आरती। संध्या आरती में 15 मिनट के लिए भगवान का पट किया जाएगा बंद। रात्रि 10:00 बजे होगी शयन आरती। शयन आरती के बाद भगवान का पट किया जाएगा बंद। पूर्व में 9:30 बजे होती थी शयन आरती और 7:00 बजे सुबह खुलता था श्रद्धालुओं के लिए भगवान का पट। बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए राम मंदिर ट्रस्ट ने लिया निर्णय। ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालुओं को मिले सुगम दर्शन इसलिए बढ़ाया गया दर्शन अवधि। लगभग आधे घंटे शाम को और 1 घंटे सुबह डेढ़ घंटे के दर्शन और आरती में किया गया बदलाव,भगवान के भोग के समय भी श्रद्धालुओं को मिलता रहेगा दर्शन !!

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