जीतेन्द्र सेन
बैरसिया। म.प्र.की राजधानी भोपाल के नजदीक बैरसिया तहसील के ग्राम पंचायत गुनगा अंतर्गत आने वाले ईजगिरी गांव में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गांव में पिछले एक महीने से बिजली आपूर्ति ठप है, जिससे ग्रामीणजन भीषण गर्मी,उमस से बेहद परेशान है और अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष अवनीश भार्गव ने गांव का दौरा किया और ग्रामीण जनों की दर्द भरी पीड़ा सुनी। वहीं ग्रामीण जनों का आरोप ग्रामीणों ने अवनीश भार्गव को बताया कि बिजली विभाग की कार्यप्रणाली जमकर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। ग्रामीण जनों का कहना है कि बिजली बंद होने के बाद जब उन्होंने शिकायत की, तो पहले उनसे पुराने बिल जमा करने का दबाव बनाया गया।

बिल जमा करने के बाद विभाग ने यह तर्क देकर पल्ला झाड़ लिया कि ट्रांसफार्मर का तेल (ऑयल) कम है और उसे डालने के लिए 12,000 रुपये की मांग की गई। बाद में लाइनमैन द्वारा राशि घटाकर 11,000 रुपये कर दी गई। भ्रष्टाचार की हदें पार विभाग की इस मनमानी से तंग आकर ग्रामीणों ने खुद चंदा इकट्ठा किया और 25 लीटर तेल के लिए 3,000 रुपये की राशि जुटाई, फिर भी बिजली बहाल नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग न केवल बिल वसूल रहा है, बल्कि अवैध रूप से मेंटेनेंस के नाम पर भी उगाही कर रहा है, जबकि बुनियादी सुविधा बिजली देने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल कांग्रेस सेवादल के प्रदेश अध्यक्षअवनीश भार्गव ने इस स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार बिजली देने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर ईजगिरी जैसे गांवों में ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। बिजली विभाग की यह वसूली और लापरवाही सीधे तौर पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। भार्गव ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से गांव की बिजली बहाल की जाए और अवैध वसूली करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।


