MP News :  खबर कर गई असर… नर्सिंग काउंसिल ने जिन्हें सौंप दी 16 शाखाएं, वह माथुर छोड़ गए संस्था, दिया इस्तीफा, जानें क्या है पूरा मामला

खान आशु
भोपाल। नर्सिंग महा घोटाला प्रदेश के माथे की कालिख बना खड़ा ही है, अब इसके अगुआ नर्सिंग काउंसिल अपनी रोजाना की गोंडोबल के चलते सुर्खियां नहीं छोड़ रहा है। नियम विरुद्ध रजिस्ट्रार की नियुक्ति और रजिस्ट्रार की मनमानी भरी कार्य विभाजन नीति के बाद अब एक नया घटनाक्रम हो गया है। विभाग में आउटसोर्स कर्मचारी को एक साथ 16 शाखाओं की जिम्मेदारी सौंपे को तीन दिन ही गुजरे हैं और इस कर्मचारी ने अपने पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है। न्यूज़ डायरी 24 ने इस नियमविरुद्ध कार्यविभाजन को लेकर विस्तृत समाचार प्रकाशित किया था।
सूत्रों का कहना है कि मप्र नर्सेस  रजिस्ट्रेशन कौंसिल में प्रशासकीय अधिकारी के पद पर कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी मनमोहन माथुर ने अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की है। रजिस्ट्रार को भेजे पत्र में माथुर ने लिखा है कि वे अपनी सेवाएं निरंतर रखने में असमर्थ हैं। उन्होंने 4 नवंबर से कार्यमुक्त रहेंगे। वर्ष 2022 से कौंसिल में निरंतर सेवाएं देने वाले माथुर ने खुद को ईमानदार और सेवाभावी निरूपित करते हुए सेवाएं निरंतर रखने में खुद को असमर्थ बताया है।



मिली थी 16 शाखाओं की जिम्मेदारी
पिछले सप्ताह ही रजिस्ट्रार अनीता चांद द्वारा किए गए विभागीय कार्य विभाजन किया था। इस दौरान प्रशासकीय अधिकारी मनमोहन माथुर को विभाग के करीब 16 विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। नियंविरुद्ध लिए गए इस फैसले को लेकर रजिस्ट्रार अनीता चांद को कई स्तर पर जवाब देना पड़ गया है। संभवतः माथुर का इस्तीफा इसी खींचतान का हिस्सा माना जा रहा है।

नर्सिंग घोटाले की कड़ी हैं माथुर
सूत्रों का कहना है कि मप्र में बड़े घोटाले में एक कड़ी प्रशासकीय अधिकारी मनमोहन माथुर को भी माना जा रहा है। करीब डेढ़ दशक से वे कौंसिल से जुड़े हुए हैं। वैष्णव हाउस कीपिंग के मार्फत कौंसिल से जुड़े माथुर के खिलाफ वर्ष 2016 में गड़बड़ियों की कई शिकायतें हुईं थीं। इन शिकायतों से बचने के लिए माथुर ने कौंसिल से नाता तोड़ लिया। लेकिन वर्ष 2018 में जब यह मामला कुछ शांत हुआ तो वे दोबारा कौंसिल में आ जमे और यहां प्रशासकीय अधिकारी के पद पर आसीन हो गए। यह भी उल्लेखनीय है कि विधि कार्यों की जिम्मेदारी सम्हालने वाले माथुर के पास विधि से जुड़ी कोई शैक्षणिक डिग्री भी नहीं है।

गड़बड़ी की एक और दास्तां
आउटसोर्स कर्मचारी मनमोहन माथुर ने अपने इस्तीफा में उल्लेखित किया है कि कौंसिल के लेखपाल राहुल सक्सेना के खिलाफ एक विभागीय जांच प्रचलन में है। विभाग की स्थापना शाखा का जिम्मा भी वर्तमान में राहुल सक्सेना के पास ही है। ऐसे में उनके खिलाफ चल रही जांच की नस्ती भी उनके पास ही है। किसी व्यक्ति के खिलाफ प्रचलित जांच की फाइल भी उसी कर्मचारी के सुपुर्द होना न तो नियम संगत है और न ही इसको शासकीय प्रावधानों के अनुरूप माना जा सकता है।

MP News : लद्दाख की ठंडक, लखनऊ के नजारे समेटे जब लौट रहे थे भोपाल के पर्यटक, हो गई गड़बड़…

फिर मेट्रो प्रबंधन से मिली ताज्जुब भरी खबर, जानें क्या हुआ

खान आशु
भोपाल। अमृतसर में गोल्डन टेंपल के दीदार… श्रीनगर का शिकारा, पहलगाम की बर्फीली पहाड़ियां और कारगिल की ऐतिहासिक चोटियों को निहारते हुए भोपाल का एक पर्यटक दल लद्दाख की ऊंचाई तक जा पहुंचा…! करीब साढ़े 17 हजार फीट की ऊंचाई और न्यूनतम से भी कई डिग्री नीचे सफर करते पारे से दो दो हाथ करते इस दल की वापसी का सफर नवाबों के शहर लखनऊ से तय हुआ। यहां मेट्रो के सफर के दौरान इस पर्यटक दल ने अपनी कुछ कीमती वस्तुएं सफर की हड़बड़ी में मेट्रो में छोड़ दीं। वापसी फ्लाइट के निर्धारित समय ने इतनी मोहलत भी न दी कि वे अपना सामान खोज सकें। इसी कश्मकश में मोबाइल पर एक अननॉन कॉल आया और इस पर्यटक दल के चेहरों पर तसल्ली की लकीरें बिखरती गईं।
एक निजी न्यूज चैनल के रिपोर्टर फरहान खान और उनके भोपाल के एक साथी अपने दो अन्य साथियों के साथ  कश्मीर टूर पर निकले थे। पंजाब में दोस्त के घर की दावत खाकर और अमृतसर में गोल्डन टेंपल के दीदार के बाद काफिला श्रीनगर के लिए बढ़ा। सफर चलते हुए पहलगाम और सोनबर्ग के अलावा चंदनबाड़ी के नजारे देखते हुए कारगिल की तरफ बढ़ा। इसके बाद इनका रुख ऊंचाई की ओर चला और काफिला साढ़े सत्रह हजार फीट ऊंचाई पर लद्दाख जा पहुंचा। न्यूनतम से भी नीचे रहने वाले तापमान से गुजरते हुए यह पर्यटक दल वापसी के लिए चला तो मन ढेर सारी सुनहरी यादों से सराबोर हो चुका था।

और हो गई गड़बड़…
भोपाल के वापसी सफर के लिए पहले अमृतसर आना तय था। लेकिन यहां से भोपाल के लिए सीधी फ्लाइट नहीं थी। सुविधा के लिहाज से लखनऊ होते हुए भोपाल की फ्लाइट तय की गई। लखनऊ पहुंचे इस दल ने नवाबों के शहर के दर्शन को तरजीह दी। शाम 7 बजे की फ्लाइट के लिहाज से इन्होंने ईमामबाड़ा, भूल भुलैया, अमीनाबाद और चौक बाजार की सैर कर डाली। एयरपोर्ट के लिए चारबाग से सीसीएस एयरपोर्ट के इन्होंने मेट्रो ली। सफर की हड़बड़ी में इन पर्यटकों का हैंड बैग मेट्रो में ही छूट गया। फरहान और नसीम जब एयरपोर्ट में दाखिल हो गए, तब उन्हें इस गलती का अहसास हुआ। जरूरी दस्तावेजों और नगद राशि से लैस इस हैंड बैग के छूटने का मलाल लिए फरहान और नसीम पसोपेश में पड गए।

फिर बजी सुकून की घंटी
फरहान और नसीम हैंड बैग को लेकर चिंतित थे ही इतने में उनके मोबाइल पर एक अनजाने नंबर से कॉल घनघनाया। उधर से आई आवाज चारबाग मेट्रो स्टेशन कंट्रोलर शिव सिंह की थी। सिंह ने मेट्रो में मिले बैग की जानकारी देते जरूरी खानापूर्ति करते हुए इसे ले जाने की बात कही। फरहान ने अपने एयरपोर्ट  पहुंच जाने और फ्लाइट का समय हो जाने की बात बताई। स्टेशन कंट्रोलर शिव सिंह ने फरहान को आश्वस्त किया कि उनका सामान सुरक्षित है, जिसे वे फॉर्मेलिटी पूरी कर वापस ले सकते हैं। उसके लिए कोई समय सीमा नहीं है। इस खबर ने फरहान को सुकून दिया और वे अपनी भोपाल यात्रा की तरफ बढ़ गए।

शायरों की बड़ी भूमिका
फरहान ने मेट्रो स्टेशन कंट्रोलर से मिली सूचना की जानकारी भोपाल में अपने करीबी वरिष्ठ पत्रकार और शायर डॉ महताब आलम को दी। डॉ आलम ने इस मामले को तत्काल लखनऊ में मौजूद अपने शायर मित्र पपलू लखनवी को दी। पपलू लखनवी ने खासतौर से समय निकाला और चारबाग मेट्रो स्टेशन पहुंचे। कंट्रोलर शिव सिंह ने बड़े सौहाद्र और सम्मान के साथ फरहान का मेट्रो में छूटा हुआ बैग पपलू लखनवी को सौंप दिया। अब लखनऊ से भोपाल तक वापस आने के लिए भी इस सामान को दो अंतरराष्ट्रीय शायरों मंजर भोपाली और डॉ अंजुम बाराबंकवी का सहयोग मिलने वाला है भोपाल के यह दोनों शायर 26 अक्टूबर को लखनऊ में होने वाले एक ऑल इंडिया मुशायरा में शामिल होने के लिए जा रहे हैं। पपलू लखनवी इन शायरों के साथ फरहान का खोया हुआ बैग वापस भेजने वाले हैं।

फरहान बोले, शुक्रिया मेट्रो…
बड़ी नगद राशि से ज्यादा जरूरी वह दस्तावेज थे, जो बैग में मौजूद थे। इनकी वापसी की खबर से फरहान गदगद हैं। उन्होंने लखनऊ मेट्रो, प्रबंधन और स्टेशन कंट्रोलर शिव सिंह को खास शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने सहयोग की कड़ी बने पपलू लखनवी, मंजर भोपाली, डॉ अंजुम बाराबंकवी और डॉ महताब आलम का भी खास आभार जताया है।

पटाखा बाजार पर रहेगी प्रशासन की पैनी नजर।

बनाई निगरानी टीम अलग अलग क्षेत्र के एसडीएम बनाए गए प्रभारी।

जीतेन्द्र सेन
भोपाल! म.प्र.की राजधानी भोपाल में दीपावली पर्व के त्योहार को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जहां पटाखा बाजार पर पैनी नजर रहेगी। इसके लिए भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने पटाखा मार्केट की निगरानी के लिए टीम बनाई है। जो अलग-अलग क्षेत्र के एसडीएम को निगरानी टीम का प्रभारी बनाया गया है। इस दल में पुलिस नगर निगम और विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को शामिल किया गया है। बैरागढ़ एसडीएम आदित्य जैन को बैरागढ़ और बैरसिया वृत्त की जिम्मेदारी दी गई है। वही एसडीएम रवि श्रीवास्तव गोविंदपुरा लक्ष्मीकांत खरे एमपी नगर एसडीएम अर्चना शर्मा टीटीनगर एसडीएम विनोद सोनकिया हुजूर  एसडीएम रविशंकर राय कोलार एसडीएम आशुतोष शर्मा शहर वृत्त की निगरानी करेंगे।_

पैलेस ऑफ़ इंडिया से रूबरू करवायेंगी कोमल पांडेय रिलीज़ हुआ ट्रेलर !

अमित सेन
8085661177

भोपाल! फ़ैशन आइकन और डिजिटल सनसनी कोमल पांडे अपने नवीनतम उद्यम में केंद्र में हैं -मशबले के साथ एक रोमांचक नया शो जिसका शीर्षक है ‘Palaces of India with Komal Panday’. यह शो, जो डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर प्रसारित होगा, कोमल को चार शहरों- भोपाल, ओडिशा, वडोदरा और जयपुर में भारत के कुछ सबसे प्रतिष्ठित महलों की यात्रा करते हुए दिखाया जाएगा, जहाँ वह इन शाही सम्पदाओं के इतिहास, विरासत और वैभव में गहराई से उतरेगी।

करीब 2 मिलियन वफ़ादार फ़ॉलोअर्स के साथ, कोमल पांडे ने भारत के जीवंत पॉप कल्चर सीन में एक अग्रणी प्रभावशाली व्यक्ति, फ़ैशन आइकन और पथप्रदर्शक के रूप में अपनी जगह पक्की कर ली है। एक कंटेंट क्रिएटर के रूप में अपनी विनम्र शुरुआत से लेकर भारत के सबसे ज़्यादा पसंद किए जाने वाले फ़ैशन प्रभावशाली लोगों में से एक बनने तक का उनका सफ़र किसी भी तरह से उल्लेखनीय नहीं रहा है। अपने बोल्ड, प्रयोगात्मक फैशन विकल्पों के लिए जानी जाने वाली कोमल ने डिजिटल फैशन परिदृश्य को फिर से परिभाषित किया है, कुछ सबसे बड़े वैश्विक ब्रांडों के साथ सहयोग किया है और 2023 में पेरिस फैशन वीक जैसे प्रतिष्ठित रनवे पर वॉक किया है।

यह नया शो, ‘भारत के महलों के साथ कोमल पांडे’, एक सांस्कृतिक प्रभावकार के रूप में उनके निरंतर उदय का एक और उदाहरण है। यह शो भारत के महलों की सुंदरता और भव्यता को उजागर करेगा, साथ ही उनके द्वारा देखे जाने वाले प्रत्येक शहर की समृद्ध विरासत की खोज भी करेगा। प्रत्येक एपिसोड में, कोमल शहर के सांस्कृतिक सार में खुद को डुबोएगी, क्षेत्र की फैशन विरासत का सम्मान करने के लिए पारंपरिक, विरासत पोशाक पहनेगी, साथ ही महलों की वास्तुकला, इतिहास और संस्कृति की आकर्षक कहानियों को उजागर करेगी।

कोमल पांडे कहती हैं, “मैं हमेशा से भारत के समृद्ध इतिहास और विरासत से बहुत प्रभावित रही हूँ, और ‘भारत के महलों’ के साथ, मैं अपने अनुयायियों को समय के माध्यम से एक दृश्य यात्रा पर ले जाने के लिए उत्साहित हूँ। यह शो मुझे अपने दो सबसे बड़े जुनून- फैशन और इतिहास को एक साथ लाने का मौका देता है, साथ ही भारत के सबसे प्रतिष्ठित महलों की भव्यता को भी दिखाता है।

यह शो दर्शकों को एक अनोखी यात्रा पर ले जाएगा, जिसमें फैशन को संस्कृति के साथ जोड़ा जाएगा और उन्हें इन शानदार महलों के पीछे की कम-ज्ञात कहानियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। कोमल द्वारा पहने जाने वाले हेरिटेज परिधानों के जटिल डिजाइन से लेकर समय की कसौटी पर खरे उतरे वास्तुशिल्प चमत्कारों तक, यह श्रृंखला इतिहास के शौकीनों, फैशन के प्रति उत्साही और संस्कृति के शौकीनों के लिए एक शानदार अनुभव होने का वादा करती है।
कोमल पांडे इस रोमांचक प्रोजेक्ट के साथ नई राह पर आगे बढ़ रही हैं, और एक बार फिर साबित कर रही हैं कि वह भारत की फैशन कहानी का एक अभिन्न हिस्सा क्यों हैं। कुछ सबसे बड़े ब्रांड से लेकर अब अपने खुद के शो की मेजबानी करने तक, कोमल पांडे की यात्रा प्रेरणादायक से कम नहीं है।

MP News : प्रदेश की कला फिर अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर, जापान में सराही गई बाग प्रिंट कला, जानिए क्या है नई उपलब्धि

खान आशु
भोपाल। आदिवासी अंचल से जुड़ा एक छोटा सा कस्बा बाग…! पांडव गुफाओं वाले इस ऐतिहासिक गांव से निकली प्रिंट कला प्रदेश के मंचों को नापते हुए देशव्यापी हुई। फिर इसने अंतरराष्ट्रीय छलांग लगाई। बरसों का यह सिलसिला अब भी कायम रहते हुए और अधिक निखार की तरफ बढ़ा हुआ है। नई उपलब्धि इसके हिस्से समंदरों के पार जापान में मिली है। जहां इस बाग प्रिंट को दिल से लगाया जा रहा है और मन से सराहा भी जा रहा है। मध्य प्रदेश के धार जिले की पारंपरिक बाग प्रिंट हस्तकला इन दिनों जापान में आयोजित “इंडिया मेला-2024” में अपनी छाप छोड़ रही है। कुशल कारीगर मोहम्मद यूसुफ खत्री यहां जापानी दर्शकों को बाग प्रिंट की कला से रूबरू करा रहे हैं।

प्राकृतिक रंगों की रंगत बाग प्रिंट की अनूठी कलाकारी
बाग प्रिंट की खासियत इसकी जटिल पैटर्न और प्राकृतिक रंगों में है। खत्री ने जापान के विभिन्न शहरों, जैसे ओसाका, क्योटो और साकाई में, वर्कशॉप और प्रदर्शन आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में उन्होंने स्थानीय लोगों को बाग प्रिंट की बारीकियों को सिखाया और उन्हें स्वयं रूमाल बनाने का अवसर दिया।

जापान वासियों ने दिखाई गहरी रुचि
जापानी लोग बाग प्रिंट की कला से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने न केवल इसकी सुंदरता की प्रशंसा की, बल्कि इसके पीछे की परंपरा और कारीगरी में भी गहरी रुचि दिखाई। कई लोगों ने बाग प्रिंट के उत्पाद खरीदे और सीखने के लिए वर्कशॉप में भाग लिया।

भारत और मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि का प्रदर्शन
बाग प्रिंट की जापान में सफलता मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि का एक जीवंत प्रदर्शन है। यह हस्तकला पीढ़ियों से चली आ रही है और स्थानीय कारीगरों के लिए रोज़गार का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। मोहम्मद यूसुफ खत्री की जापान यात्रा ने न केवल बाग प्रिंट हस्तकला को वैश्विक मंच पर प्रमोट किया, बल्कि भारत और मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को भी सम्मान दिलाया। उन्होंने जापान के भौगोलिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक और परंपरागत परिधानों को डिजाइन किया, जिन्हें जापान वासियों ने ख़ूब सराहा। मोहम्मद यूसुफ खत्री का जापान दौरा न केवल बाग प्रिंट को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर लाया, बल्कि भारत और मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को भी वैश्विक स्तर पर बढ़ावा दिया। यह प्रदर्शन भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा देगा।

Bhopal News : दुष्यंत के आंगन में महकेंगे गीत गजल, युवा कवि शायर दिखाएंगे फन, जानें क्या है प्रोग्राम

खान आशु
भोपाल। साहित्यिक, सांस्कृतिक, सामाजिक गतिविधियों से आबाद रहने वाला दुष्यंत संग्रहालय बुधवारी अक्टूबर को एक नई तहरीर लिखने वाला है। युवा और बुजुर्गों की जुगलबंदी, कवियों और शायरों का साझा मंच और सिपाहियों से लेकर साहित्य सैनिकों तक की मौजूदगी एक मंच पर होने वाली है। संस्था ब जोक यह सुहानी महफिल सजाने वाली है।
सांस्कृतिक संस्था ब =जोक बुधवार शाम को राजधानी के दुष्यंत संग्रहालय में एक यादगार महफिल सजाने वाली है। इस मुशायरा और कवि सम्मेलन का केंद्र बिंदु नए और युवा शायर एवं कवि रखे गए हैं। कार्यक्रम के संयोजक शशांक त्यागी ने बताया कि कार्यक्रम शाम साढ़े पांच बजे अपनी रौनक बिखेरना शुरू करेगा। श्रोताओं का काव्य मन तृप्त होने तक यहां गजलों और कविताओं की गंगोत्री बहती रहेगी। त्यागी ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के तौर पर अंतरराष्ट्रीय शायर डॉ अंजुम बाराबंकवी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में डॉ रज़ा एस दुर्रानी भी विशेष अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे।

युवा और बुजुर्गों की जुगलबंदी
संस्था अध्यक्ष डॉ एके अनवर ने बताया कि अदब की यह महफिल नए आयाम स्थापित करने की कोशिश के साथ की जा रही। इस बात पर पूरा यकीन किया जा सकता है कि राजधानी से यह नई तहरीर जरूर लिखी जाएगी। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम में कर्नल मनीष बहुगुणा, प्रदीप वैश्य, शिक्षा विश्वकर्मा, औरंगजेब आलम, मोहम्मद इंसाफ, शोएब अली खान, सैयद इनायत अब्बास, आदित्य जैन, शशांक त्यागी, लोकेश गुलयानी, कुलदीप कनौजिया, Lt Cdr दीपिका सिंह, इमरान खान, डॉ एके अनवर आदि अपने कलाम से महफिल रौशन करेंगे।

म.प्र.में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी कैबिनेट की बैठक में लिया फैसला।

12670 मिनी आंगनवाड़ी को पूर्ण आंगनवाड़ी बनाया जाएगा।
जीतेन्द्र सेन
भोपाल:-मध्यप्रदेश में एक लाख पदों पर युवाओं को सरकारी नौकरी मिलेगी। इसकी प्रक्रिया आगामी दिसंबर 2024 तक शुरू कर दी जाएगी। यह निर्णय मंगलवार को हुई सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में लिया गया। बैठक में सरकारी कर्मचारियों को इस माह 28 तारीख को वेतन दिए जाने पर भी मुहर लगी। उधर नाबालिग रेप पीड़िताओं के गर्भवती होने की स्थिति में उसके और उनके बच्चे को सहायता देने के लिए हर जिले के कलेक्टर काे 10 लाख रुपए का फंड दिया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग के 7900 पद भरे जाएंगे विटामिन और फ़ूड सप्लीमेंट खरीदें।

कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री और लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा एक लाख पदों को भरने के फैसले में स्वास्थ्य विभाग के 7900 पद शामिल हैं। भर्तियां पीएससी और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से की जाएंगी। शुक्ला ने बताया कि कैबिनेट में मुख्यमंत्री यादव के उज्जैन सिंहस्थ 2028 को लेकर किए गए फैसले का समर्थन किया गया है।

12670 आंगनवाड़ी को मंजूरी, नए पद

शुक्ल ने बताया कि प्रदेश की 12670 मिनी आंगनवाड़ी को पूर्ण आंगनवाड़ी बनाया जाएगा। इन केंद्रों के लिए 12670 सहायक और 476 सुपरवाइजर के पद स्वीकृत किए गए हैं। इस पर 213 करोड़ का वार्षिक खर्च आएगा। इसमें 179 करोड़ राज्य सरकार देगी और 34 करोड़ केंद्र सरकार देगी।

रिलायंस, हिंडाल्को, पतंजलि करेंगे निवेश

शुक्ल ने कहा कि रीवा में 23 अक्टूबर को रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होने जा रहा है। रीवा में सीमेंट, पावर, सोलर एनर्जी और पर्यटन क्षेत्र में वृहद संभावनाएं हैं। रीवा एयरपोर्ट के परिचालन को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा हुई। यहां से चलने वाले विमान का प्रति यात्री किराया रेलवे के एसी थ्री-टीयर के किराए से कम है। कॉन्क्लेव के लिए 4 हजार रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। रिलायंस, हिंडाल्को, पतंजलि, डालमिया ग्रुप समेत सीमेंट ग्रुप के अन्य बड़े उद्योगपति आ रहे हैं।वही नवंबर से तेज होगा पुनर्गठन आयोग का काम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मार्च 2024 में प्रदेश की प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन का प्रस्ताव किया गया था। इस क्रम में प्रदेश के संभाग, उप संभाग, जिले, तहसील, विकासखंडों के पुनर्गठन की प्रक्रिया आरंभ की जा रही है। इसके लिए आम जन व जनप्रतिनिधि अपने सुझाव, आवेदन और अभ्यावेदन के रूप में पुनर्गठन आयोग को प्रस्तुत कर सकेंगे। पुनर्गठन आयोग द्वारा आवेदनों पर विचार के बाद राज्य शासन को अनुशंसा की जाएगी। नगरीय क्षेत्र की सीमाओं के प्रस्ताव भी आयोग को आवेदन तथा अभ्यावेदन के माध्यम से दिए जा सकेंगे। आयोग नवंबर माह से विभिन्न संभाग में दौरा प्रारंभ करेगा। आवेदन अभ्यावेदन के लिए 4 से 6 माह तक का समय रहेगा।

नाबालिग रेप पीड़िताओं को फंड देने पर कांग्रेस ने किया पलटवार


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि मुझे पता चला कि सरकार हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद फैसले ले रही है। ऐसा पता चला है कि जिन बेटियों का बलात्कार होता और उनका बच्चा पैदा होगा, उसकी रक्षा करेंगे। यह कैसी सरकार है? बलात्कार रुकेंगे कैसे, सरकार इसकी बात नहीं कर रही है।
पीसीसी चीफ जीतू ने कहा, मोहन सरकार और बीजेपी की यह सरकार बेटियों की रक्षा सुरक्षा कैसे हो, इसकी बात नहीं करती। न उनके पास इक्विपमेंट हैं न आधुनिक संसाधन हैं न पुलिस है, न महिलाओं की पुलिस की भर्ती हो रही है, जितने पुलिस बल की जरूरत है उससे 50% ही पुलिसकर्मी हैं। महिला पुलिसकर्मी, एसआई, इंस्पेक्टर्स में भी यही स्थिति है।

Hajj News : मुश्किल हुई आसान, अब 31 तक जमा कर पाएंगे हज की पहली किस्त, जानिए क्या है नया आदेश

खान आशु
भोपाल। हज कमेटी के मार्फत सफर पर जाने वाले अकीदतमंदों को रियायत दी गई है। अब वे अपनी हज खर्च की पहली किस्त 31 अक्टूबर तक जमा कर पाएंगे। यह राशि जमा करने की सोमवार को आखिरी तारीख थी। बड़ी संख्या में बाकी रह गए लोगों को देखते हुए हज कमेटी ऑफ इंडिया से तारीख में इजाफा करने की गुजारिश कई सामाजिक संगठनों ने की थी। जिसके बाद यह आदेश जारी किए गए हैं।
सेंट्रल हज कमेटी ने सोमवार देर शाम जारी किए आदेश में हज खर्च की पहली किस्त जमा करने की नई तारीख घोषित कर दी है। पहले इसके लिए 21 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई थी। इस तारीख तक चुने गए हाजियों को अपने सफर के खर्च की पहली किस्त के रूप में एक लाख, 30 हजार, 300 रुपए जमा करने थे। इसके साथ ही पासपोर्ट, मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट समेत अन्य जरूरी दस्तावेज भी इसी दिन जमा कराने थे। सोमवार शाम को जारी किए गए आदेश के अनुसार अब हज आवेदक अपनी राशि और दस्तावेज 31 अक्टूबर तक जमा कर सकेंगे।

छुट्टी के दिन भी मुस्तैद कमेटी
हाजियों की पहली किस्त की पे इन स्लिप और दस्तावेजों की प्रति मप्र राज्य हज कमेटी के कार्यालय में जमा की जा रही हैं। यहां से प्रदेश के सभी हाजियों के दस्तावेज, पासपोर्ट आदि सामग्री जमा होकर एकसाथ सेंट्रल हज कमेटी को भेजी जाएगी। इसके लिए प्रदेश हज कमेटी कार्यालय में छुट्टी वाले दिन भी सतत काम किया जा रहा है। हज कमेटी अध्यक्ष रफत वारसी और कमेटी की कार्यपालन अधिकारी डॉ फरजाना गजाल के निर्देशानुसार पिछले दिनों छुट्टी वाले दिनों में भी स्टॉफ ने मोर्चा संभाल रखा। कमेटी अध्यक्ष मसूद अख्तर और अन्य कर्मचारियों फाजिल कैफ, अजहर खान, मोहम्मद कलाम समेत पूरी टीम मुस्तैद दिखाई दी।

5 नवंबर से पहले निकलेगा पासपोर्ट जखीरा
प्रदेश से चुने गए 7107 हाजियों के पासपोर्ट, मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और आवेदन फॉर्म की मूल प्रति सेंट्रल हज कमेटी को 5 नवंबर से पहले पहुंचना है। इसके लिए हज कमेटी द्वारा यह सारी सामग्री बड़े बॉक्स में जमा कर मुंबई रवाना करेगी। हज कमेटी अधिकारियों की देखरेख में यहां के कर्मचारी इसको लेकर जाएंगे।

MP News : बारिश ने रोके कार्यक्रम के कदम, गुरु रंधावा पहुंच गए चटोरो के मुहल्ले में, फिर ऐसे बने हालात…

खान आशु
भोपाल। प्रसिद्ध गायक गुरु रंधावा अपने प्रशंसकों से मिलने इंदौर आए हैं, क्योंकि बारिश के कारण इंदौर में उनका मूनराइज इंडिया टूर शो स्थगित हो गया था। शहर में पहुंचने पर गुरु ने कुछ स्थानीय व्यंजनों को आजमाने का फैसला किया और उनके उत्साही प्रशंसकों ने उन्हें घेर लिया। यह घटना तब हुई जब रंधावा शहर के प्रसिद्ध व्यंजनों का लुत्फ उठाने के लिए एक स्थानीय मिठाई की दुकान पर रुके।
गायक के मिठाई की दुकान पर पहुंचने पर उनके प्रशंसकों में उत्साह भर गया, जो अपने आदर्श की एक झलक पाने के लिए दुकान के बाहर इकट्ठा हो गए। जैसे ही रंधावा की मौजूदगी की खबर जंगल में आग की तरह फैली, भीड़ में तेजी से वृद्धि हुई और हर उम्र के प्रशंसक वहां उमड़ पड़े। अपने प्रशंसकों की इस अद्भुत प्रतिक्रिया से गुरु काफी खुश नजर आए।
गायक की सुरक्षा टीम के बेहतरीन प्रयासों के बावजूद, प्रशंसक रंधावा के करीब पहुंचने की कोशिश में आगे बढ़ गए।

यह घटना रंधावा की अपार लोकप्रियता और उनके प्रशंसकों की भक्ति का प्रमाण है। लाहौर और हाई रेटेड गबरू जैसे हिट गानों के लिए मशहूर इस गायक ने खुद को भारत की अग्रणी संगीत प्रतिभाओं में से एक के रूप में स्थापित किया है। उनका मूनराइज इंडिया टूर आज से शुरू होना था और दिसंबर में खत्म होगा। हालांकि, खराब मौसम की वजह से इंदौर में होने वाला कॉन्सर्ट स्थगित कर दिया गया। लेकिन गुरु ने अपने प्रशंसकों से बातचीत करना सुनिश्चित किया। यह पहली बार था जब गुरु इंदौर में परफॉर्म करने जा रहे थे। वह पटना, जयपुर, लखनऊ, दिल्ली एनसीआर, कोलकाता, हैदराबाद, नासिक, रायपुर और देहरादून में भी शो करेंगे।

MP News : दिल्ली से आया एक फैसला, प्रदेश के मदरसों में खुशियों की लहर, जारी रहेगी  फंडिंग, सरकारी स्कूलों में नहीं ट्रांसफर होंगे बच्चे, जानें क्या है आदेश

खान आशु
भोपाल। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की सिफारिशों पर सोमवार को रोक लगा दी। इस फैसले के बाद देश भर के मदरसों को भी सरकार की ओर से मिलने वाली फंडिंग जारी रहेगी। एनसीपीसीआर ने शिक्षा के अधिकार कानून का पालन नहीं करने पर सरकारी वित्त पोषित और सहायता प्राप्त मदरसों को मिलने वाली धनराशि रोकने की मांग की थी।
अदालत के इस फैसले से प्रदेश के वे 6 हजार से ज्यादा मदरसा भी राहत महसूस कर रहे हैं, जिनपर बंद होने की तलवार लटकी हुई थी।
जानकारी के मुताबिक एससी ने गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों के छात्रों को सरकारी स्कूलों में भेजने के संबंध में NCPCR की सिफारिश भी खारिज कर दी। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने  सोमवार को इस मामले पर फैसला सुनाया। मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद के वकील की दलीलों को पीठ ने सुना, जिसमें कहा गया कि एनसीपीसीआर और कुछ राज्यों की कार्रवाइयों पर रोक लगाने की जरूरत है।
मुस्लिम संगठन ने उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा सरकारों के उस निर्देश को चुनौती दी है, जिसमें कहा गया कि गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों के छात्रों को सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित कर दिया जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने आदेश दिया कि इस वर्ष 7 जून और 25 जून को जारी एनसीपीसीआर के सिफारिश पर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि इसके चलते किए गए राज्यों के आदेश भी स्थगित रहेंगे। न्यायालय ने मुस्लिम संस्था को उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा के अलावा अन्य राज्यों को भी अपनी याचिका में पक्षकार बनाने की अनुमति दी।

मप्र में लड़ रहा था आधुनिक मदरसा कल्याण संघ
मदरसों पर तालाबंदी के हालात को लेकर आधुनिक मदरसा कल्याण संघ लंबे अरसे से लड़ाई लड़ रहा था। संघ के मौहम्मद सुहैब कुरैशी, हाफिज जुनैद अहमद, कफिल अहमद आदि इस मामले को लेकर सरकार से लेकर प्रशासन तक गुहार लगा रहे हैं। इस मामले को लेकर अदालत में भी याचिका दाखिल की गई हैं।

NCPCR का क्या है इस मामले पर तर्क
एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने बीते दिनों कहा था कि उन्होंने मदरसों को बंद करने के लिए कभी नहीं कहा। बल्कि, उन्होंने इन संस्थानों को सरकार की ओर से दी जाने वाली धनराशि पर रोक लगाने की सिफारिश की क्योंकि ये संस्थान गरीब मुस्लिम बच्चों को शिक्षा से वंचित कर रहे हैं। कानूनगो ने कहा कि गरीब पृष्ठभूमि के मुस्लिम बच्चों पर अक्सर धर्मनिरपेक्ष शिक्षा के बजाय धार्मिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए दबाव डाला जाता है। उन्होंने कहा कि वह सभी बच्चों के लिए शिक्षा के समान अवसरों की वकालत करते हैं। दरअसल, एनसीपीसीआर ने एक हालिया रिपोर्ट में मदरसों की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता जताई थी। इस आधार पर ऐक्शन लेने की मांग की गई। हालांकि, इस रिपोर्ट पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। सत्तारूढ़ भाजपा पर अल्पसंख्यक संस्थानों को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाने का आरोप लगाया गया।

शिक्षा से जुड़े रहेंगे बच्चे
आधुनिक मदरसा कल्याण संघ के मौहम्मद सुहैब कुरैशी, हाफिज जुनैद अहमद, कफिल अहमद ने कहा कि आमतौर पर मदरसों में गरीब और पिछड़े तबके के बच्चे शिक्षा हासिल कर रहे हैं। अदालत का यह फैसला प्रदेश के हजारों मदरसा स्टूडेंट्स के लिए बड़ी राहत साबित होगा।

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